Solution:सिद्धान्त पद्धति के लेखक गुरू गोरखनाथ हैं। नौ चक्रों के नाम -
1. ब्रह्मचर्य - मूलाधार में स्थित है, कामनाओं की पूर्ति होती है।
2. स्वाधिष्ठान चक्र इसमें हम चीजों को आकर्षित कर सकते हैं।
3. नाभी चक्र - सिद्धि की प्राप्ति होती है।
4. अनाहत चक्र हृदय में स्थित होता है।
5. कण्ठचक्र - विशुद्धि संकल्प पूर्ति, आवाज मधुर होती है।
6. तालुचक्र घटिका में, जिह्वा के मूल भाग में, लय सिद्धि प्राप्त होती है।
7. भुचक्र - आज्ञा चक्र वाणी की सिद्धि प्राप्त होती है।
8. निर्वाण चक्र ब्रह्मरन्ध्र, सहस्तार चक्र, मोक्ष प्राप्ति ।
9. आकाश चक्र सहस्त्राएँ चक्र के ऊपर, भय द्वेष की समाप्ति होती है।