यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 योग (YOGA)

Total Questions: 100

81. मैसलो के अनुसार मानव व्यक्तित्व के आवश्यकताओं को आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A. संबद्धता एवं स्नेह की आवश्यकता
B. सुरक्षा की आवश्यकता
C. आत्मसिद्धि की आवश्यकता
D. सम्मान की आवश्यकता
E. शारीरिक या जैविक आवश्यकता

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) E, B, A, D, C
Solution:

मास्लो की पिरामिड में 5 स्तरो की जरूरत है -

1. शारीरिक जरूरते
2. सुरक्षा की जरूरते
3.संवद्धता एवं स्नेह की जरूरते
4. पहचान या सम्मान की आवश्यकता
5. आत्मवोध या आत्यसिद्धि की आवश्यकता या जरूरते

82. प्रकार्यों को मूलाधार से चक्रों के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A. निद्रालुता और निद्रा से संबद्ध
B. जीवन के विषाक्त एवं नकारात्मक अनुभवों को उदासीन करना
C. आदिम एवं गहन मूल प्रवृत्ति तथा भय की आशंका
D. परिष्कृत भाव, सार्वभौमिक प्रेम की भावना
E. ऊष्मा, ओजस्विता, गतिशीलता, उत्पत्ति और संरक्षण

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) C, A, E, D, B
Solution:

संवेगो को मूलाधार से चक्रो के क्रम में व्यवस्थित है-

1.आदिम एवं गहन मूल प्रवृन्ति तथा भय की आशंका।
2. निद्रालुता और निद्रा से संबंद्ध ।
3. उष्मा, ओजस्विता, गतिशीलता, उत्पत्ति और संरक्षण ।
4. परिष्कृत भाव, सार्वभौमिक प्रेम की भावना।
5. जीवन के विषाक्त एवं नाकारात्मक अनुभवो को उदासीन करना।

83. चक्रों में स्थित दलों के अनुसार मूलाधार चक्र से सहस्रार चक्र के क्रम में सही अनुक्रम को चुनिए।

A. 2 दल
B. 4 दल
C. 6 दल
D. 12 दल
E. 16 दल

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) B, C, D, E, A
Solution:

मूलाधार चक्र से सहस्त्रार चक्र के क्रम सही अनुक्रम निम्न है-

1. 4 दल (Petats)
2. 6 दल (Petats)
3. 12 दल (Petats)
4. 16 दल (Petats)
5. 2 दल (Petats)

84. निद्रा निम्नांकित में से किन चरणों में क्रमिक रूप से घटित होती है।

A. अचेतन मनोदशा की स्थिति ।
B. बड़ी पेशियाँ, पैर, बाह इत्यादि की विश्रांति
C. घाण स्पर्श, श्रवण इत्यादि का अभाव
D. ओष्ठ, भृकुटी, नेत्रपलकों की लघुतम पेशियों की विश्रांति
E. हस्तः अंगुली, पादांगुलि को नियंत्रित करने वाली लघु पेशियों की विश्रांति

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) B, E, D, C, A
Solution:

निद्रा निम्न चरणो में क्रमिकरूप से घटित होती है-

1.बड़ी पेशीया, पैर, बांह इत्यादि की विश्रांति ।
2. हस्तः अंगुली, पादांगुलि को नियंत्रित करने वाली लघु पेशियों की विश्रांति ।
3. ओष्ठ भृकुटी, नेत्रपलकों की लघुतम पेशियों की विश्रांति ।
4. प्राण स्पर्श, श्रवण इत्यादि का अभाव ।
5. अचेतन भनोदशा की स्थिति ।

85. महर्षि घेरण्ड द्वारा संप्रेषित धौति अभ्यास का सही अनुक्रम चुनिए।

A. दंत मूल
B. कपाल रंघ
C. अंत धौति
D. वमन धौति
E. दंड धौति

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) C, A, B, E, D
Solution:

महर्षि घेरण्ड द्वारा संप्रेषित धौति अभ्यास का सही क्रम निम्न है-

1.अंत धौति
2. दंत मूल
3. कपाल रंघ
4. दंड धौति
5. वमन धौति

86. .नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है, तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: श्रुत और श्रोत सभी भोगों से (परे) निर्वेद को प्राप्त हो जाएगा।
कारण R: जब बुद्धि मोहकलिल के पार जाएगी।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, Aकी सही व्याख्या है।
Solution:A और R दोनो सत्य है और R, Aकी सही व्याख्या है।

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं।

कथन I : प्राचीन काल के विद्वान इस सरस्वती को अरून्धती भी कहते हैं।
कथन II : योग कुंडल्युपनिषद् में सरस्वती चालन के बारे में चर्चा की गई है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सत्य है।
Solution:कथन I और II दोनो सत्य है।

88. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: यदि नाड़ियाँ मल से भरी हुई हों तो प्राण मध्यमार्ग (सुषुम्ना) में नहीं चल सकता।
कारण R: मलों से व्याप्त नाड़ियाँ जब निर्मल हो जाती हैं तभी साधक समुचित रूप से प्राण को नियंत्रित करने में समर्थ हो पाता है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A और R दोनों सत्य है, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:A और R दोनो सत्य है, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है क्योकि कथन R में साधक द्वारा प्राण को नियंत्रित करने का उपाय बताया गया है जब कि कथन Aमें साधक की कोई चर्चा नहीं है।

89. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन : A योगनिद्रा में चेतना का उत्तरोत्तर प्रत्याहार किया जाता है और इसे इसके स्रोत की ओर पुनर्निर्देशित किया जाता है।
कारण R : जब चेतना स्वयं को संवेदी एवं प्रेरक अंगों से वियोजित कर लेती है तो मस्तिष्क के संवेदी प्रेरक प्रांतस्था (कॉर्टेक्स) और बाह्य जगत के मध्य संपर्क धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:Aऔर R दोनो सत्य है और R, A की सही व्याख्या है।

90. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है, तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: योग कार्यक्रम में प्रदर्शन विधि अभिप्रेरण और उच्च शिक्षा अंतर्भूत होती है।
कारण R: इसमें "द्रष्टव्य चीजें ही विश्वसनीय है" और 'कार्य निष्पादन के क्रम में अधिगम' प्राप्त करने के सिद्धांत को मान्यता दी गई है और यह सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक शिक्षण का संगम है।'

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:A और R दोनो सत्य है R, A की सही व्याख्या है।