यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 योग (YOGA)

Total Questions: 100

1. महोपनिषद में 'मनः प्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते' योग की परिभाषा कहां पर दी गयी हैं?

Correct Answer: (d) महोपनिषद् 5/42
Solution:महोपनिषद के अनुसार 'मनः प्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते” महोपनिषद 5/42 में है अर्थात मन के प्रशमन के उपाय को योग कहते है।

2. 'असदकरणादुपानग्रहणात् सर्वसम्भवाऽभावत्' ।

शक्तस्य शक्यकरणात् कारणभावाच्च सत्कार्यम् ॥
"यह किस दर्शन से संबंधित है?

Correct Answer: (c) सांख्य दर्शन से
Solution:

वैदिक दर्शनों में छः दर्शन अधिक प्रसिध्द और प्राचीन है। ये सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदान्त है। उपरोक्त श्लोक वैशेषिक दर्शन से उद्धृत है। शंकराचार्य को भारतीय दर्शन का जनक कहा जाता है।

3. याज्ञवल्क्यस्मृति के किस प्रकरण में कर्मेन्द्रियों प्राणों का स्थान एवं आत्मा के ध्यान की विधि का वर्णन किया गया है?

Correct Answer: (d) यतिधर्म प्रकरण
Solution:

याज्ञवल्क्यस्मृति के यतिधर्म प्रकरण में कर्मन्द्रियों प्राणों का स्थान एवं आत्मा के ध्यान की विधि का वर्णन किया गया है।

4. मुमुक्षत्व किस योग साधना का अंग है-

Correct Answer: (c) ज्ञान योग
Solution:

मुमुक्षत्व ज्ञान योग साधना का अंग है। मुमुक्षत्व एक संस्कृत शब्द है जो हिन्दू धर्म में जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति की इच्छा को संदर्भित करता है। भारतीय आध्यात्मिक चिंतन परम्परा में मानव की मुक्ति के लिए मुमुक्षत्व को प्रथम अनिवार्य सीढ़ी माना गया है।

5. ऐतरेय उपनिषद् संबधित है-

Correct Answer: (d) ऋग्वेद से
Solution:ऐतरेय उपनिषद ऋग्वेद से संबंधित हैं आइए उन तीन दार्शनिक विषयों पर चर्चा करें, जिसके चारों ओर ऐतरेय उपनिषद घूमता है। प्रथम, मनुष्य और संसार आत्मा की रचना है। दूसरा, आत्मा तीन बार जन्म लेती है और तीसरा, आत्मा का सार चेतना है।

6. छान्दोग्य उपनिषद् के अनुसार उदीथ है-

Correct Answer: (b) नेत्र
Solution:

छन्दोग्य के प्रारंभ में ओम् की उदीथ के रूप में उपासना करने का उपदेश है। जल का रस औषधियाँ है, औषधियों का रस पुरूष है, पुरूष का रस वाक् है, वाक् का रस ऋक् है।

ऋक का रस साम है और साम का रस उदीथ है। यह जो उदीथ है, वह सम्पूर्ण रसों का रसतम उत्कृष्ठ, पर का प्रतीक होने योग्य और पृथ्वी आदि रसों में आठवाँ है।

7. ऐतरेय उपनिषद्के अनुसार 'अग्नि' किससे प्रकट हुई?

Correct Answer: (b) वाक् से
Solution:

सर्वप्रथम हिरण्यगर्भ से अण्डे के रूप का एक मुख प्रकट हुआ। मुख से वाक् इन्द्री, वाक् इन्द्री से 'अग्नि' उत्पन्न हुई।

8. भगवद्गीता के अनुसार 'समः सर्वेषु भूतेषु मद्भक्ति लभतेपराम' का सही संदर्भ है।

Correct Answer: (a) 18/54
Solution:मूल श्लोकः

ब्रह्माभूतः प्रसन्नात्मा न शोचति न काङ्क्षति ।
समःसर्वेषु भूतेषु मद्भक्ति लभतेपराम् ।।18.54।।

उपरोक्त श्लोक अध्याय 18 के छंद 54 है जिसका अर्थ है- परम ब्रह्म की अनुभूति में स्थित मनुष्य मानसिक शांति प्राप्त करता है, वह न तो शोक करता है और नहि कोई कामना करता है। क्योंकि वह सभी के प्रति समभाव रखता है, ऐसा परम योगी मेरी भक्ति को प्राप्त करता है।

9. योग तत्वोपनिषद के अनुसार हृदय क्षेत्र से भृकुटियों तक के स्थान को किसका क्षेत्र कहा गया है?

Correct Answer: (b) वायु
Solution:योग तत्वोपनिषद के अनुसार हृदय क्षेत्र से भृकुटियों तक के स्थान को वायु क्षेत्र कहा गया है।

10. योग चूड़ामणि उपनिषद के अनुसार ऊँकार का अकार समस्त जीवधारियों के जाग्रत अवस्था में कहां निवास करता है?

Correct Answer: (a) नेत्र
Solution:योग चूडामणि उपनिषद के अनुसार ॐकार का आकार समस्त जीवधारियों के जायत अवस्था में नेत्र में निवास करता है।