यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 योग (YOGA)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

आसनों के अभ्यास से नाड़ियों में ऊर्जा के प्रवाह को निर्वाध बनाया जा सकता है। साथ ही चक्रों को जाग्रत कर सकते है। शारीरिक नियंत्रण प्राप्ति के साथ मन और ऊर्जा पर नियंत्रण प्राप्त करने की क्षमता विकसित हो जाती है। सजगता की उच्च अवस्था का प्रमुख साधन है योगासनों का अभ्यास ।

पवनमुक्तासन अभ्यासों की श्रृंखला में महत्वपूर्ण अभ्यास है। जिसका शरीर और मन पर गहरा सकारात्मक प्रभाव के साथ-साथ शारीरिक मानसिक रोगोपचार एवं स्वास्थ संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान में अधिकांश रोग मनोकायिक है। आसन के अभ्यास में श्वास और सजगता को जोड़कर मन का सतर्क किया जाता है।

योगासन का सही अभ्यास मन की विश्रान्ति हार्मोस का स्त्राव और आंतरिक अवयवों में सकारात्मक सामंजस्य स्थापित करता है। पवन मुक्तासन को तीन समूह में बाँटा गया है। 1. गठिया निरोधक 2. पाचक उदर अभ्यास 3. शक्ति बंध, तीनों एक दूसरे के पूरक है। जिनका अभ्यास ऊर्जा के स्वतंत्र प्रभाव को तीव्रता प्रदान करता है।

आसन का अभ्यास नाड़ियों में ऊर्जा के निर्वाध प्रवाह के साथ किसे जाग्रत करने में समर्थ है

Correct Answer: (b) चक्र
Solution:आसन का अभ्यास नाड़ियों में ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह के साथ चक्र को भी जाग्रत करने मे समर्थ है।

92. स्वास्थ्य संरक्षण के साथ शारीरिक मानसिक रोगोपचार में लाभदायक है।

Correct Answer: (b) पवनमुक्तासन का अभ्यास
Solution:स्वास्थ्य संरक्षण के साथ शारीरिक मानसिक रोगोपचार मे पवनमुक्तासन का अभ्यास लाभदायक है।

93. आसन के अभ्यास से किसे सतर्क और सहज किया जाता है

Correct Answer: (a) मन
Solution:आसन के अभ्यास से मन सतर्क और सहज किया जाता है।

94. पवन मुक्तासन के दूसरे समूह को क्या कहते है

Correct Answer: (b) पाचक उदार अभ्यास
Solution:पवन मुक्तासन के दूसरे समूह को पाचन/ उदर अभ्यास कहते है।

95. किसका अभ्यास ऊर्जा के स्वतंत्र प्रवाह को तीव्रता प्रदान करता है

Correct Answer: (d) पवन मुक्तासन के सभी समूह
Solution:पवन मुक्तासन के सभी समूह का अभ्यास ऊर्जा के स्वतंत्र प्रवाह को तीव्रता प्रदान करता है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए

वर्तमान समय में सभी स्वास्थ्य के प्रति सजग है। समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने का एक मात्र साधन योग है ऐसी समाज की अवधारणा है। परिणाम स्वरूप सभी योग को अपनी जीवन शैली का अंग बनाना चाहते है, किंतु योग अभ्यास में आहार का विशेष महत्व है जिसका ध्यान हर अभ्यासी को रखना चाहिए।

आहार जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। आहार के रूप में लिये गए भोज्य पदार्थों को पाचन के उपरान्त जो रस शरीर को प्राप्त होता है उसी से हमारी  दिनचर्या पूर्ण होने हेतु ऊर्जा प्राप्त होती है यदि आहार संतुलित न हो तो शरीर में विसंगतियां उत्पन्न होने लगती है जैसे पोषक पदार्थों के भोजन में कमी हो तो कुपोषण पाया जाता है।

वही यदि भोजन में पोषक तत्व शरीर की आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप न हो तो अपोषण पाया जाता है। पोषण के महत्व को देखते हुए पोषण में मोटे अनाजों का समावेश करने हेतु सरकार भी काफी जोर दे रही है, परिणाम स्वरूप वर्ष 2023 को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 'इयर ऑफ मिलेट' की संज्ञा दी गयी है।

समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने का एक मात्र साधन क्या है?

Correct Answer: (a) योग
Solution:योग, समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने का एक मात्र साधन है।

97. प्रत्येक योगअभ्यासी को विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए

Correct Answer: (c) आहार का
Solution:प्रत्येक योग अभ्यासी को आहार का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

98. वर्ष 2023 को कौन-सी संज्ञा दी गयी है

Correct Answer: (c) इयर ऑफ मिलेट
Solution:वर्ष 2023 को 'इयर ऑफ मिलेट' संज्ञा दी गयी है

99. यदि आहार में पोषक पदार्थ व्यक्ति की आयु एवं आवश्यकता के अनुसार न हो तो कौन-सी स्थिति पायी जा सकती है

Correct Answer: (d) अपोषण
Solution:

आहार में यदि पोषक पदार्थ व्यक्ति की आयु एवं आवश्यकता के अनुसार न हो तो 'अपोषण' की स्थिति पायी जा सकती है।

100. आहार में किन पदार्थों के समावेश हेतु सरकार जोर दे रही है

Correct Answer: (a) मोटे आनाज का
Solution:आहार में मोटे आनाज के समावेश हेतु सरकार जोर दे रही है।