वर्तमान समय में सभी स्वास्थ्य के प्रति सजग है। समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने का एक मात्र साधन योग है ऐसी समाज की अवधारणा है। परिणाम स्वरूप सभी योग को अपनी जीवन शैली का अंग बनाना चाहते है, किंतु योग अभ्यास में आहार का विशेष महत्व है जिसका ध्यान हर अभ्यासी को रखना चाहिए।
आहार जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। आहार के रूप में लिये गए भोज्य पदार्थों को पाचन के उपरान्त जो रस शरीर को प्राप्त होता है उसी से हमारी दिनचर्या पूर्ण होने हेतु ऊर्जा प्राप्त होती है यदि आहार संतुलित न हो तो शरीर में विसंगतियां उत्पन्न होने लगती है जैसे पोषक पदार्थों के भोजन में कमी हो तो कुपोषण पाया जाता है।
वही यदि भोजन में पोषक तत्व शरीर की आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप न हो तो अपोषण पाया जाता है। पोषण के महत्व को देखते हुए पोषण में मोटे अनाजों का समावेश करने हेतु सरकार भी काफी जोर दे रही है, परिणाम स्वरूप वर्ष 2023 को माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 'इयर ऑफ मिलेट' की संज्ञा दी गयी है।
समग्र स्वास्थ्य को प्राप्त करने का एक मात्र साधन क्या है?