यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 योग (YOGA)Total Questions: 10011. योगतत्वोपनिषद् के अनुसार किस मुद्रा का नियमित अभ्यास जठराग्नि प्रदीप्त करता है?(a) महामुद्रा(b) विपरीतकरणी(c) खेचरी(d) तड़ागीCorrect Answer: (b) विपरीतकरणीSolution:जठराग्नि आयुर्वेद द्वारा दिया गया नाम है जो संस्कृत में जठर और अग्नि से मिलकर बना है जठर का अर्थ पेट तथा अग्नि का अर्थ-आग है प्रत्येक जीव में एक जठराग्नि होती है।आप के पेट और डियोडेनम मे मौजूद सभी पाचक एंजाइम और गैस्ट्रिक रस जठराग्नि का प्रतिनिधित्व करते है। विपरीतकरणी, वज्रासन, मयुरासन तथा अग्निसार क्रिया विधि जठराग्नि प्रदीप्त करने हेतु आसन एवं क्रियाएं है।12. योगसूत्र के अनुसार, सुने और अनुमान से प्राप्त बुद्धि की अपेक्षा किस बुद्धि का विषय भिन्न है?(a) अध्यात्म प्रसाद(b) ऋतम्भरा प्रज्ञा(c) सविचार(d) एक्राग अवस्थाCorrect Answer: (b) ऋतम्भरा प्रज्ञाSolution:श्रवण और अनुमान से प्राप्त होने वाली बुद्धि से ऋतम्भरा प्रज्ञा का विषय भिन्न हैं क्योकि यह विशेष रूप से अर्थ को साक्षात्कार करने के सन्दर्भ में हैं।13. दृश्य का वर्णन योग सूत्र में कहाँ मिलता है?(a) 1/17(b) 2/18(c) 3/21(d) 4/12Correct Answer: (b) 2/18Solution:दृश्य का वर्णन योग सूत्र के अध्याय 2 के छन्द 18 में किया गया है।14. योगसूत्र के अनुसार, अविद्या का अभाव होने पर संयोग का अभाव होता है, जिसे कहा गया है-(a) कैवल्य(b) समाधि(c) विवेकख्याति(d) धर्ममेघ समाधिCorrect Answer: (a) कैवल्यSolution:उस अविद्या के अभाव से, संयोग का भी अभाव हो जाता है। जिसे कैवल्य मुक्ति कहा जाता है।15. पातञ्जल योग सूत्र में निर्माणचित्त केवल अस्मिता से उत्पन्न होता है, वर्णित है-(a) 1/30(b) 2/15(c) 3/9(d) 4/4Correct Answer: (d) 4/4Solution:निर्माणचित्त केवल अस्मिता से उत्पन्न होता है यह अध्याय 4 के छंद 4 में वर्णित है।16. हठयोग प्रदीपिका के अनुसार नादानुसंधान की परिचयावस्था में किस वाद्ययंत्र की ध्वनि सुनाई देती है?(a) वीणा(b) मर्दल (ढोल)(c) भेरी(d) क्वणकCorrect Answer: (b) मर्दल (ढोल)Solution:हठयोग प्रदीपिका के अनुसार नादानुसंधान की परिचयावस्था में मर्दल (ढोल) वाद्ययंत्र की ध्वनि सुनाई देती है।17. वसिष्ठसंहिता में कितने मर्म स्थानों का वर्णन किया गया है?(a) पन्द्रह(b) अट्ठारह(c) पच्चीस(d) चौतीसCorrect Answer: (b) अट्ठारहSolution:शरीर के वे बिन्दु जहाँ पर मांस, सिरा स्नायु, अस्थि व संधि का संगम होता है, वे मर्म स्थान कहलाते है। वसिष्ठ संहिता में 18 मर्म स्थानों का वर्णन किया गया है।18. निम्न में से कौन-सा प्राणायाम हठरत्नावली में नहीं है?(a) केवली(b) मूर्छा(c) प्लाविनी(d) सीत्कारीCorrect Answer: (c) प्लाविनीSolution:प्लाविनी प्राणायाम हठ रत्नावली में नहीं है हठ रत्नावली में इसे भुजंगीमुद्रा कहा जाता है। संस्कृत भाषा में प्लाविनी का अर्थ है- तैरना। इस प्राणायाम के अभ्यास से व्यक्ति जल मे कमल के पत्तो की तरह तैर सकता है।19. हठ प्रदीपिका में पूरक के अन्त में कौन-सा बन्ध लगाने के लिए कहा है?(a) जालन्धर बन्ध(b) उड्डियान बन्ध(c) मूल बन्ध(d) महा बन्धCorrect Answer: (a) जालन्धर बन्धSolution:हठ प्रदीपिका में पूरक के अन्त में जालन्धर बन्ध लगाने के लिए कहा है कुंभक के अंत मे और रेचक के आरम्भ मे उड्डीयान बन्ध लगाना चाहिए।20. निम्नलिखित में से कौन-सा आवश्यक ऐमीनो एसिड नहीं है?(a) ट्रिप्टोफेन(b) वेलीन(c) ऐग्रीनाइन(d) जाइलीन(e) c और dCorrect Answer: (e) c और dSolution:आवश्यक अमीनो एसिड हिस्टिडाइन, आइसोल्यूसिन, ल्यूसीन, लाइसिन मेथिओनिन, फेनिलएलनिन, थ्रोओनीन, ट्रिप्टोफेन और वेलिन है। प्रकृति में लगभग बीस (20) अमीनों अम्ल का अस्तित्व है।Submit Quiz« Previous12345678910Next »