Solution:'धर्म जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः' इति मनुस्मृती प्रन्थे वर्तते अर्थात् जो धर्म को जानने की इच्छा करें उनके लिए वेद ही परम प्रमाण हैं यह सूक्ति मनुस्मृति ग्रन्थ में वर्णित है।
अर्थकामेष्व सक्तानां धर्मज्ञानं विधीयते ।
धर्म जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः ।
मनुस्मृति में कुल 12 अध्याय हैं जिसमें लगभग 2684 श्लोक हैं।
1.जगत की उत्पत्ति
2. संस्कारविधि, व्रतचर्या उपचार
3. स्नान, दाराधिगमन, विवाहलक्षण, महायज्ञ
4. वृत्तिलक्षण, स्नातक व्रत
5. भक्ष्याभक्ष्य, शौच, अशुद्धि, स्त्रीधर्म
6. गृहस्थाश्रम, वानप्रस्थ, मोक्ष, सन्यास
7. राजधर्म
8. कार्यविनिर्णय
9. स्त्रीपुंसधर्म, विभाग धर्म, कंटकशोधन
10. संकीर्णजाति
11. प्रायश्चित्त
12. संसारगति, कर्म, कर्मगुणदोष, कुलधर्म, ।