यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 (संस्कृत)

Total Questions: 100

61. सत्यकथनम् अस्ति-

(A) दुरः षत्वणत्वयोः उपसर्गत्वं न भवति
(B) 'ङसिङसोश्च' इति सूत्रं पररूपमेकादेशं करोति
(C) 'अन्तर' इति शब्दस्य अप्रत्ययस्य विधाने किविधाने णत्वविधाने न उपसर्गत्वं भवति
(D) 'लिङ्निमित्ते लृङ् क्रियातिपत्तौ' इत्येतत् सूत्र वर्तमानकालेऽर्थे प्रत्ययं विदधाति
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (d) A, C केवलम्
Solution:

उपरि उक्त कथनस्थालोके उचितमुत्तरम् A तथा C केवलम् अस्ति अर्थात् उपरोक्त कथन के अनुसार उचित उत्तर A तथा C
A. दुरः  षत्वणत्वयोः उपसर्गत्वं न भवति । अर्थात् 'दुर' की षत्व तथा णत्व के विषय में उपसर्ग संज्ञा नहीं होती।
"दुरः षत्वणत्वयोरच्य सर्गत्वप्रतिषेधो वक्तव्यःणत्व तथा षत्व के विषय में "दुर्" के उपसर्गत्व का निषेध कहना चाहिए। अतः यह कथन सत्य है।"
B: ङसिङसोश्च इति सूत्रं पररूपमेका देश करोति। अर्थात् ङसिङसोश्च" यह सूत्र पररुपमेकादेश करता है यह कथन असत्य है। यह सूत्र पूर्वरूप एका देश करता है।
"ङसिङसोश्च" 6/1/110
एडो ङसिङसोरति पूर्वरूमेका देशः एड (ए, ओ) के बाद डसि अथवा इस का अ हो तो पूर्व रूप एका देश होता है। इस सूत्र से पूर्वरूप होता है।

C. अन्तर इतिशब्दस्य अप्रत्ययस्य विधाने, कि विधाने, णत्व विधाने उपसर्गत्वं भवति।
'अन्तर' शब्द के अङ्गप्रत्यय के विधान में, कि प्रत्यय के विधान में उपसर्ग संज्ञा होती है।
'अन्तः शब्दस्याऽङ्किविधिणत्वेषूपसर्गत्वं वाच्यम्।

अन्तर शब्द की अङ्विधि, कि विधि, और णत्व विधि के विषय में उपसर्ग संज्ञा होती है।
अतः यह विकल्प सही है।
D: लिनिमित्ते लङ् क्रियातिपत्तौ "इत्येतत् सूत्रं वर्तमानकालेऽर्थे प्रत्यय विदधाति- असत्यकथनम्। अर्थात् 'लिनिमित्तेलक्रियातिपत्तौ” यह सूत्र वर्तमान काल अर्थ में प्रत्यय करता है नहीं, यह सूत्र हेतुमत् भाव भविष्य अर्थ में प्रत्यय का विधान करता है।"

62. समाक्षरलोपस्य उदाहरणम् अस्ति-

(A) खरीददार - खरीदार (B) वानर बन्दर (C) नाककटा-नकटा (D) प्रसाद परसाद
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) A,C केवलम्
Solution:

समाक्षर लोपस्योदाहरणम् A, C केवलम् अस्ति अर्थात् समाक्षर लोप का उदाहरण A तथा C विकल्प से
A- खरीददार-खरीदार
C- नाककटा-नकटा
जब किसी शब्द में एक ही ध्वनि या एक ही अक्षर अथवा अक्षर समूह दो बार आये तो एक का लोप होता है उसे समाक्षर लोप कहा जाता है।

63. अर्थशास्त्रानुसारं पञ्चाङ्गे मन्त्रे परिगणितम्-

(A) विनयमूलो दण्डः (B) द्वैधीभावः (C) पुरुषद्रव्यसंपद् (D) विनिपातप्रतीकारः (E) असिद्धव्यवहारः
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) C, D केवलम्
Solution:

अर्थशास्त्रानुसारं पञ्चाङ्गमन्त्रे "पुरूष द्रव्यसंपद्” विनिपात प्रतीकारः”, परिगणितम् आसीत्। अतः C,D उचितमुत्तरम् अस्ति।
अर्थात्- अर्थशास्त्र के अनुसार पञ्चाङ्गमन्त्र मे "पुरूषद्रव्य संपद, विनिपात प्रतीकार गिने गये है। अतः C, तथा D विकल्प सही है।

64. मनुस्मृतौ वर्णितम्-

(A) अहिंसयैव भूतानां कार्य श्रेयोऽनुशासनम्
(B) धर्म जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः
(C) आवेदयति चेत् राज्ञे व्यवहारपदं हि तत्
(D) धर्मेण हीनाः पशुभिः समानाः
(E) उभयोः प्रतिभूः ग्राह्यः समर्थः कार्यनिर्णये
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (a) A, B केवलम्
Solution:

प्रश्नानुसारं मनुस्मृतौ (A) अहिंसयैव भूतानां कार्य श्रेयोऽनुशासनम्
B. धर्म जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः । अस्ति
A. अहिंसयैव भूतानां कार्य श्रेयोऽनुशासनम्।
वाक्चैव मुधरा श्लक्ष्णा प्रयोज्या धर्ममिच्छता।।
धर्म की इच्छा करने वाला मनुष्य प्राणियों को अहिंसा से ही कल्याण के लिए शिक्षा दे और मीठी तथा कोमल वाणी बोले ।।1/159
B. अर्थकामेष्वसक्तानां धर्मज्ञानं विधीयते ।
धर्मे जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः ।।
अर्थ और काम में जो आसक्त नहीं है। उनको धर्म ज्ञान उपदेश किया जाता है। और धर्म को जानने की इच्छा करने वालों को वेद ही उत्तम प्रमाण है।
ये दोनों मनुस्मृति में प्राप्त होते है।

65. याज्ञवल्क्यस्मृते टीकाकारी स्तः-

(A) मल्लिनाथः (B) विश्वेश्वरः (C) शान्तरक्षितः (D) शूलपाणिः (E) अपरादित्यः
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषुस मुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (d) B, E केवलम्
Solution:उपरि उक्त कथनस्थालोके याज्ञवल्क्य स्मृते टीका कारः B विश्वेश्वरः E. अपरादित्यः स्तः
प्रश्नानुसार उक्त कथन को देखकर विकल्प में से समुचित उत्तर है।
टीकाकार B. विश्वेश्वर E अपरादित्य है।
नोट- इस प्रश्न को आयोग ने निरस्त कर दिया है। क्योंकि याज्ञवल्क्य स्मृति के प्रथम टीकाकार अपरादित्य है।

66. समुद्रगुप्तस्य अभिलेखः अस्ति-

(A) नासिक गुहाभिलेखः (B) प्रयागस्तम्भ अभिलेखः  (C) एरणस्तम्भः अभिलेखः (D) मन्दसौर अभिलेखः (E) रुम्मिनदेई स्तम्भ अभिलेखः
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (b) B, C केवलम्
Solution:

प्रश्नानुसारं समुद्र गुप्तस्य अभिलेखः
B प्रयागस्तम्भः C. एरणस्तम्भः अभिलेखौ स्तः प्रश्नानुसार समुद्रगुप्त के अभिलेख (1) प्रयागस्तम्भ (2) एरणस्तम्भ है।

67. मन्वन्तरेषु परिगणितम् अस्ति-

(A) कुर्ममन्वन्तरम्  (B) लोमसमन्वन्तरम्  (C) तामसमन्वन्तरम्  (D) उत्तममन्वन्तरम् (E) वराहमन्वन्तरम्
उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) C, D केवलम्
Solution:

मन्वन्तरेषु परिगणितम् तामसमन्वन्तरम् तथा उत्तम मन्वन्तरश्च अस्ति अर्थात प्रश्न के अनुसार तामसमन्वन्तर तथा उत्तममन्वन्तरम् है। मनु ने अपनी मनुस्मृति में मन्वन्तर गिनाये है।

स्वारोचिषश्चोत्तमश्च तामसो रैवतस्तथा ।।
चाक्षुषश्च महा तेजा विवस्वत्सुत एव च ।।
1. स्वारोचिष 2. उत्तम 3. तामस 4. रैवत 5. चाक्षुष 6. महातेजस्वी

68. समुचितं योजयत-

सूची-Iसूची-II 
A.तवलकार-ब्राह्मणम्I.ऋग्वेदः
B.ऐतरेयोपनिषद्II.यजुर्वेदः
C.कालसूक्तम्III.सामवेदः
D.प्रजापतिसूक्तम्IV.अथर्ववेद

उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चित

Correct Answer: (a) A-II, B-I, C-IV, D-II
Solution:

उपरि उक्त कथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेष् उचित्तम् उत्तरम् 1. अस्ति अर्थात् उपरोक्त कथन के आलोक में समुचित उत्तर 1 अस्ति

A.तवलकार ब्राह्मणसामवेद
B.ऐतरेयोपनिषद्ऋग्वेद
C.कालसूक्तअथर्ववेद
D.प्रजापति सूक्तम्यजुर्वेद

69. यास्कानुसारं यथोचितं मेलयत

सूची-I सूची-II 
A.अनु इति उपसर्गःI.सर्वतोभावं ब्रूते
B.अपि इति उपसर्गःII.उपजनं ब्रूते
C.उप इति उपसर्गःIII.संसर्गं ब्रूते
D.परि इति उपसर्गःIV.सादृश्यापरभावं ब्रूते

उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (c) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:

उपरि उक्त कथनस्यालोके समुचितमुत्तरं c अस्ति। अर्थात् उपरोक्त कथन के आलोक में समुचित उत्तर c हैं

A.अनु इति उपसर्गःIV.सादृश्य पर भावं ब्रूते
B.अपि इति उपसर्गःIII.सादृश्यं ब्रूते
C.उप इति उपसर्गःII.उपजनं ब्रूते
D.परि इति उपसर्गःI.सर्वतोभावं ब्रूते

70. यथोचितं मेलयत -

सूची-Iसूची-II 
A.नाममात्रेण वस्तुसंकीर्तनम्I.निर्विकल्पकम्
B.असाधारणधर्मवचनम्II.परीक्षा
C.लक्षितस्य लक्षणमुपपद्यते न वेति विचारःIII.लक्षणम्
D.नामजात्यादियोजनाविहीनं ज्ञानम्IV.उद्देशः

उपरि उक्तकथनस्यालोके अधोलिखितेषु विकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-

Correct Answer: (d) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:

प्रश्नानुसारं उचितं उत्तरम
4. अस्ति अर्थात् प्रश्नानुसारं उत्तर त है।
A. नाममात्रेण वस्तु संकीर्तन उद्देशः
B. असाधारणधर्म वचनम् लक्षणम्
C. लक्षितस्य लक्षणमुपद्यते न वेति विचारः परीक्षा
D. नाम जात्यादियोजना विहिन ज्ञानम् - निर्विकल्पकम्
A. नाम मात्र से वस्तु का संकीर्तन उद्देश्य कहलाता है,
B. असाधारण धर्मवचन को लक्षण कहा जाता है यला-गोः सास्नादिमत्वम्
C. लक्षितस्य लक्षणमुपपद्यते न वा इति विचारः लक्ष्य का लक्षण लक्षित में उत्पन्न होता है अथवा नहीं यह विचार परीक्षा कहलाता है।
D. नाम जात्यादि योजनाविहिनं ज्ञानम् निर्विकल्पज्ञानम् भवति नाम जाति आदि योजना विहिन ज्ञान को निर्विकल्पक ज्ञान होता है।