Solution:प्रायोगिक शोध में प्रयुक्त अभिकल्प जिसमें रेण्डम रुप से समूहों का गठन किया जाता है और जो आवश्यकता के अधिकांश नियन्त्रित करता है को सही प्रायोगिक अभिकल्प के रूप में जाना जाता है। प्रायोगिक अभिकल्प में प्रायोगिक समूह तथा वास्तविक या सही नियन्त्रित समूह का यादृच्छिक आबंटन के द्वारा समतुल्य बनाया जाता है।
इसी कारण इस अभिकल्प में आन्तरिक वैधता के सभी कारकों को नियन्त्रित किया जाता है। वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में वास्तविक प्रायोगिक अभिकल्प का प्रयोग एक कठिन कार्य है, क्योंकि इन परिस्थितियों में सभी चरों का नियन्त्रण संभव नहीं होता तथा यादृच्छिक आबंटन भी संभव नहीं हो पाता।
इस अभिकल्प का प्रयोग एक कठिन कार्य है, लेकिन जहाँ तक संभव हो, इसी प्रकार के अभिकल्प का प्रयोग किया जाना चाहिए क्योंकि