यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 (भूगोल)

Total Questions: 100

1. इंटिंगटन के अनुसार भविष्य के लिए भौगोलिक विचार के दिशा-निर्देश को किसने निर्धारित किया?

Correct Answer: (d) वान रिचथोफेन
Solution:

रिचथोफेन एक जर्मन विद्वान था जिसने सामान्य और प्रादेशिक भूगोल के अन्तर को स्पष्ट किया। प्रादेशिक अध्ययन के लिए उसने वितरण विज्ञान (Chorology) नाम दिया था।

प्रादेशिक भूगोल में रिचयोफेन विभिन्न आकार के क्षेत्रों का अध्ययन के लिए भिन्न-भिन्न नाम दिया। इंटिंगटन के अनुसार रिचयोफेन को भविष्य के लिए भौगोलिक विचार के दिशा निर्देश को निर्धारित किया

2. जीआईएस में वेक्टर डेटा माडल्स के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

(A) यह एक साधारण डेटा, मॉडल है और इसकी निम्न कार्टोग्राफिक (मानचित्रण) निर्गम (आउटपुट) गुणवत्ता है|
(B) यह एक सुसंबद्ध (कॉम्पैक्ट) डेटा संरचना है जिसकी उच्च मानचित्रण निर्गम गुणवत्ता है|
(C) यह सरल डेटा प्रसंस्करण की विशेषतायुक्त है
(D) प्रौद्योगिकी का उपयोग होता है
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल (B)
Solution:

भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) में कंम्प्यूटर के. हार्डवेयर और सॉफ्टेवयर के माध्यम से भौगोलिक सूचनाओं को एकत्रित कर के उनका 'विश्लेषण करते है। जी आई एस के वेक्टर डेटा माडल्स एक सुसंबद्ध (कॉम्पैक्ट) डेटा संरचना है जिसकी उच्च मानचित्रण निर्गम गुणवत्ता होती है।

विक्टर विधि के निम्नलिखित लाभ है-
1. दृश्य पंचशास्त्र आँकड़ा संरचना का उपयुक्त प्रदर्शन करता है।
2. शुद्ध सुचित्रों का निर्माण करना
3. यह एक सघन आँकड़ा संरचना है।
4. सचित्रों तथा लक्षणों की पुनप्राप्ति, नवीकरण तथा सामान्यीकरण सम्भव है।

3. जीवन निर्वाह खेती के कार्य में संलग्न देशों की विशेषताओं में निम्नलिखित तथ्य शामिल हैं:

(A) विकासशील अर्थव्यवस्था
(B) जनसंख्या का उच्च घनत्व
(C) प्रौद्योगिकी का न्यून स्तर
(D) उच्च विकसित अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः 

Correct Answer: (d) (A), (B) और (C)
Solution:

गहन निर्वाहन कृषि में मुख्यतः खाद्य : फसलों का उत्पादन स्थानीय उपभोग के लिए किया जाता है। इस कृषि की विशेषताएँ हैं- विकासशील अर्थव्यवस्था, जनसंख्या का उच्च घनत्व, प्रौद्योगिकी का न्यून स्तर, अधिक श्रम एवं कम पूंजी ।

4. किसने प्रदूषण को इस रूप में परिभाषित किया? "पदार्थो अथवा ऊर्जा प्रारूपों की बृहत उपस्थिति जो अनिच्छा पूर्वक उत्पन्न की गयी हो, अपने उद्देश्य से अधिक समय तक टिकी हो, दुर्घटना द्वारा बची हो अथवा अनदेखे प्रभावों से पूर्व हो, मात्रात्मक रूप में जो उसके (आदमी के) स्वास्थ्य को नुकसान देती हो अथवा उसको सुरक्षित करती हो।"

Correct Answer: (a) लार्ड केनेट
Solution:

लार्ड केनेट ने प्रदूषण को इस प्रकार, परिभाषित किया है- "पदार्थों अथवा ऊर्जा प्रारूपों की बृहत उपस्थिति जो अनिच्छापूर्वक उत्पन्न की गयी हो अपने उद्देश्य से अधिक समय तक टिकी हो, दुर्घटना द्वारा बची हो अथवा अनदेखे प्रभावों से पूर्व हो, मात्रात्मक रूप में जो उसके (आदमी के) स्वास्थ्य को नुकसान देती हो अथवा उसको सुरक्षित करती है"।

1972 में डिक्सन ने प्रदूषण को परिभाषित करते हुए कहा कि, "प्रदूषण के अन्तर्गत मनुष्य एवं उसके पालतू मवेशियों के उन समस्त इच्छित एवं अनिच्छित कार्यों तथा उनसे उत्पन्न प्रभाव एवं परिणामों को शामिल किया जाता है जो मनुष्य को अपने पर्यावरण से आनन्द एवं पूर्ण लाभ प्राप्त करने की उसकी क्षमता को कम करते हैं।

1975 में दासमान (R. E. Dasman) ने प्रदूषण को परिभाषित करते हुए बताया, " उस दशा या स्थिति को प्रदूषण कहते हैं, जब मानव द्वारा पर्यावरण में विभिन्न तत्वों एवं ऊर्जा का इतनी अधिक मात्रा में संचय हो जाता है कि वे पारितन्त्र द्वारा आत्मसात करने की क्षमता से अधिक हो जाते हैं।"

5. निम्नलिखित में से कौन सा एक ऑक्सीजन के पुनर्चक्रण अवधि के लिए सही है?

Correct Answer: (b) 2000 वर्ष
Solution:

वायुमण्डल के विकास के प्रारम्भिक चरण में आणविक ऑक्सीजन नहीं थी। जीव विकास के बाद प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधों द्वारा जलीय अणुओं के वियोजन के फलस्वरूप ऑक्सीजन तत्व का सृजन प्रारम्भ हुआ।

लगभग 20,00,000 वर्षों - में पौधों तथा प्राणियों की कोशिकाओं द्वारा पुनः संयुक हुआ इस प्रक्रिया के दौरान निर्मित ऑक्सीजन वायुमण्डल में पहुँची तथा इसका पुनः चक्रण लगभग 2000 वर्षों में हो जाता है।

नोट- ऑक्सीजन का एक चक्र लगभग 2000 वर्षों में जबकि कार्बन चक्र लगभग 300 वर्षों में पूर्ण होता है।

6. निम्नलिखित में कौन सा एक ग्रीक भूगोल के विकासमें योगदानकर्ताओं का सही क्रम है?

Correct Answer: (c) एनेक्जीमेंडर, हेरोडोटस, इटोस्थनीज, हिप्पारकस
Solution:

ग्रीक (यूनान) भूगोलविदों का सही अनुक्रम इस प्रकार है। भूगोल में 600 ई.पू. से लेकर 300 ई. तक का समय यूनान का स्वर्णकाल कहलाता है।

1. एनेक्जीमेंडर (611-547 ई. पू.)
2. हेरोडोटस (485-425 ई. पू.)
3. इरेटोस्थनीज (276-194 ई. पू.)
4. हिप्पारकस (190-120 ई. पू.)

7. निम्नलिखित में से किस उन्नयन तक कोपेन (Af) प्रकार के जलवायु क्षेत्र का विस्तार मध्य समुद्री स्तर तक होता है?

Correct Answer: (a) 1000 मी.
Solution:

मेगाथर्म आर्द्र उष्ण कटिबंधीय जलवायु को कोपेन ने जलवायु वर्गीकरण तीन उपसमूह में किया है- (1) Af (उष्ण कटि.वर्षा वन या विषुवतीय (2) Aw (उष्ण सदाना जलवायु) (3) Am (उष्ण मानसूनी जलवायु । Af जलवायु विषुवत रेखा के दोनों ओर 5° से 10° अक्षांश तक। महाद्वीपों के पवनाभिमुख तटों पर यह जलवायु 15° से 250 अक्षांश तक भी पाया जाता है।

Af जलवायु क्षेत्र का समुद्री विस्तार 1000 मीटर तक होता है। इस जलवायु का प्रमुख क्षेत्र दक्षिण अमेरिका की अमेजन बेसिन, पश्चिमी विषुवतीय अफ्रीका तथा दक्षिणी पूर्व एशिया के द्वीप है। यहाँ तापमान सामान्य रूप से ऊँचा और वार्षिक तापमान लगभग नगण्य होता है। इस जलवायु में उष्णकटिबंधीय सदाहरित वन पाये जाते है।

8. 0 से 1.00 (0) के बीच मानक विचलन के आवृत्तियों की प्रतिशतता निम्नलिखित में से कौन-सी है?

Correct Answer: (a) 34.13%
Solution:

9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए।

सूची Iसूची II
(A) केन्द्र स्थल(I) वैन वाल्केनबर्ग
(B) परिमास्थल (रिमलैंड)(II) रैटजेल
(C) राज्य का वर्गीकरण(III) स्पाइकमैन
(D) राज्यों के क्षेत्रीय विकास का सिद्धांत(IV) मैकिन्डर

दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A)-(IV), (B)-(III), (C)-(I), (D)-(II)
Solution:

सही सुमेलित क्रम इस प्रकार हैं-

सूची Iसूची II भूगोलवेत्ता
केन्द्र स्थलमैकिण्डर
परिमास्थल (रिमलैंड)स्पाइकमैन
राज्य का वर्गीकरणवैन वाल्केनबर्ग
राज्यों के क्षेत्रीय विकास का सिद्धांतरैटजेल

अतः स्पष्ट है कि विकल्प (a) सही सुमेलित है।

10. निम्नलिखित मानचित्रों में से कौन-से मानचित्र एक ही समय में औसत ढाल और आपेक्षिक भू-आकृति दर्शाते हैं-

Correct Answer: (a) ट्रैकोग्राफिक मानचित्र
Solution:

ट्रैकोग्राफिक मानचित्र में मानचित्र एक ही समय में औसत ढाल और आपेक्षिक भू-आकृति को दर्शाते हैं। आकृतिकारक मानचित्र में स्थलाकृतिक लक्षणों से मिलते-जुलते प्रतीकों के द्वारा मानचित्र में दृश्य भूमि का प्रदर्शन किया जाता है।

क्षेत्रफल मापी मानचित्र के द्वारा किसी भी आकार के समतल द्विवीमीय क्षेत्र का क्षेत्रफल मापा जाता है। उच्चतादर्शी मानचित्र में मानचित्र के आधार तल से ऊपर या नीचे की ओर स्थित विभिन्न ऊँचाई वाले भागों के वर्ग किमी. अथवा प्रतिशत में क्षेत्रफल प्रकट किये जाते है।