यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 (भूगोल)

Total Questions: 100

51. सौर विकिरण का निम्नलिखित में से कितना प्रतिशत वापस परावर्तित होता है और अन्तरिक्ष में बिखर जाता है?

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

सूर्य से जितनी ऊर्जा विकीर्ण होती है उसका कुछ भाग ही पृथ्वी को प्राप्त होता है, क्योंकि वायुमण्डल द्वारा प्रकीर्णन, परावर्तन तथा अवशोषण के कारण कुछ भाग शून्य में लौटा दिया जाता है, जबकि कुछ भाग वायुमण्डल में बिखेर दिया जाता है।

सूर्य से विकीर्ण ऊर्जा का 35 प्रतिशत भाग मौलिक रूप से शून्य में वापस लौटा दिया जाता है। इनमें से 6 प्रतिशत वायुमण्डल से प्रकीर्णन द्वारा, 27 प्रतिशत वायुमण्डल में स्थित बादलों से परावर्तन द्वारा तथा 2 प्रतिशत पृथ्वी की सतह से परावर्तन द्वारा शून्य में वापस लौट जाता है। सौर विकिरण की इस परावर्तित मात्र को पृथ्वी का एल्बिडो कहते हैं।

नोट- U.G.C ने इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (c) माना है जो कि गलत है।

52. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।

सूची-I (समुद्री जल में नमक)सूची-II (मात्रा %)
(A) सोडियम क्लोराइड(1) 3.807%
(B) मैग्नीशियम क्लोराइड(II) 27.213%
(C) मैग्नीशियम सल्फेट(III) 1.260%
(D) कैल्शियम सल्फेट(IV) 1.658%

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) (A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(IІ)
Solution:सही. सुमेलित युग्म इस प्रकार है-
सूची-I (समुद्री जल में नमक)सूची-II (मात्रा %)
सोडियम क्लोराइड27.213%
मैग्नीशियम क्लोराइड3.807%
मैग्नीशियम सल्फेट1.658%
कैल्शियम सल्फेट1.260%

अतः विकल्प (a) सही सुमेलित है।

53. यदि किसी वायु द्रव्यमान का 25⁰ सेंटीग्रेट पर सांद्रण मिश्रण अनुपात 20 ग्रा. है और H₂O वाष्प 5 ग्राम है तो सही सापेक्षिक आर्द्रता (%) को चिह्नित करें:

Correct Answer: (c) 25%
Solution:

किसी निश्चित तापमान पर निश्चित आयतन वाली हवा की आर्द्रता सामर्थ्य (अत्यधिक नमी धारण करने की क्षमता) तथा उसमें मौजूद आर्द्रता की वास्तविक मात्रा (निरपेक्ष आर्द्रता) के अनुपात को सापेक्षिक आर्द्रता कहते है।

सापेक्षिक आर्द्रता =  (निरपेक्ष आर्द्रतां/आर्द्रता सामर्थ्य) × 100
= (5/20) ×100 = 25%

54. वह अरब विद्वान कौन था जिसने टॉलमी की पुस्तक में सुधार किया था?

Correct Answer: (c) अल-मसूदी
Solution:

अल-इदरीसी (Al-Idrisi) एक प्रसिद्ध अरब भूगोलवेत्ता और मानचित्रकार थे, जिन्होंने 12वीं शताब्दी में टॉलेमी के भौगोलिक कार्यों का अध्ययन किया और उनमें सुधार किए। उन्होंने न केवल टॉलेमी की पुस्तक "भूगोल" की कमियों को दूर किया,

बल्कि अपने स्वयं के व्यापक ज्ञान, अन्वेषणों और मापों के आधार पर एक विस्तृत विश्व मानचित्र और भौगोलिक ग्रंथ भी तैयार किया। उनके योगदान ने प्राचीन भौगोलिक ज्ञान और मध्यकालीन इस्लामी दुनिया की प्रगति के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी का काम किया।

55. निम्नलिखित दो कथन है: एक अभिकथन (A) व दूसरा तर्क (R) है।

अभिकथन (A) : उत्पादन का वैश्विकरण व्यापार के वैश्विकरण का सहवर्ती है क्योंकि एक दूसरे के बिना कार्य नहीं कर सकते।
तर्क (R) : 1970 के दशक से जारी वैश्विक अन्तराल समय के अभिसरण की प्रक्रिया के कारण अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का स्तर परिमाण व दक्षता में निरन्तर वृद्धि हुई है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

उत्पादन का वैश्वीकरण व्यापार के वैश्वीकरण का सहवर्ती है क्योंकि एक-दूसरे के बिना कार्य नही कर सकते है। इसलिए 1970 के दशक से जारी वैश्विक अन्तराल समय के अभिसरण की प्रक्रिया के कारण अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का स्तर परिमाण व दक्षता में निरन्तर वृद्धि हुई है। अतः स्पष्ट है कि कथन (A)और कारण (R) दोनों सही है तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या कर रहा है।

56. 'हाइपर मार्केट्स' विपणन केन्द्र कहाँ अवस्थित हैं?

Correct Answer: (c) शहर के बाहर
Solution:

हाइपर मार्केट्स विपणन केन्द्र होते है जिसमें लगभग हर तरह के जमाव मिलते है। ये शहर के बाहर स्थापित होते हैं। हाइपर मार्केट एक खुदरा स्टोर है जो एक डिपार्टमेंटल स्टोर और एक किराना सुपरमार्केट को जोड़ता है।

हाइपर मार्केट खरीदारों को वनस्पॉट खरीदारी का अनुभव प्रदान करते है। इस बड़े स्टोरे के पीछे का विचार उपभोक्ताओं को एक छत के नीचे उनकी जरूरत का सारा सामान उपलब्ध शॉपिंग सेंटर उपनगरों से परे स्थित हैं। और उन्हें शहर से 'बाहर शॉपिंग सेंटर' कहा जाता है।

57. 'स्वांगीकरण क्षेत्र' और 'डिस्कार्ड क्षेत्र' ये पद निम्नलिखित क परिसीमन से संबंधित है:

Correct Answer: (c) शहर का सी बी डी
Solution:

स्वांगीकरण क्षेत्र और डिस्कार्ड क्षेत्र में पद नगरीकरण से संबंधित है। ये नगरीकरण के स्तर के रूप में क्रमबद्ध होते है। ये दोनों शहर के आंतरिक केन्द्रीय व्यापारिक क्षेत्र के अन्तर्गत होते है।

58. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।

सूची-I (सिद्धांत)सूची-II (प्रस्तावक)
(A) तापीय संकुचन सिद्धांत (थर्मल कंट्रैक्शन थ्यूरी)(II) जेफ्रीज
(B) थ्यूरी ऑफ जियोसिंक्लायन(III) हाल एवं डाना
(C) थ्यूरी ऑफ सीफ्लोर स्प्रेडिंग(IV) हैरी हेस
(D) डाक्ट्रिन ऑफ यूनीफार्मेटेरेनिज्म(I) जेम्स हट्टन

दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A)-(II), (B)-(III), (C)-(IV), (D)-(I)
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-
सूची-I (सिद्धांत)सूची-II (प्रस्तावक)
तापीय संकुचन सिद्धांत (थर्मल कंट्रैक्शन थ्यूरी)जेफ्रीज
थ्यूरी ऑफ जियोसिंक्लायनहाल एवं डाना
थ्यूरी ऑफ सीफ्लोर स्प्रेडिंगहैरी हेस
डाक्ट्रिन ऑफ यूनीफार्मेटेरेनिज्मजेम्स हट्टन

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

59. नीचे दो कथन दिए हैं

कथन (I) : आक्सीजन के उपभोग में 1860 में हुई औद्योगिक क्रांति के बाद वृद्धि हो गयी है।
कथन (II): ब्राजील और भारत विश्व के दूसरे देशों से अधिक सालाना ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं।
उपर्युक्त कथनों को आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) कथन (I) सही है, किंतु कथन (II) सही नहीं है।
Solution:

ऑक्सीजन के उपभोग में 1860 ई.हुई औद्योगिक क्रांति के बाद वृद्धि हो गयी थी। लेकिन प्रश्नानुसार ब्राजील और भारत विश्व के दूसरे देशों से अधिक सालाना आक्सीजन का उपयोग करते है। अतः कथन (I) सही है, किंतु कथन (II) सही नहीं है।

60. निम्नलिखित घटकों में कौन सा एक डार्विन के सिद्धान्त जीवों की उत्पत्ति के साथ सुमेलित नहीं है?

Correct Answer: (a) प्राकृतिक खतरा
Solution:

डार्विन की प्रसिद्ध पुस्तक 'आंरिजिन ऑफ स्पीसीज' में जीवों की उत्पत्ति का सिद्धांत दिया। इस सिद्धान्त में प्राकृतिक चयन योग्यतम की उत्तर जीविता तथा अनुकूलन के आधार पर प्रतिपादित किया गया है। प्रजातियों की उत्पत्ति से संबंधित डार्विन का सिद्धान्त उल्लेखनीय है।

डार्विन का सिद्धान्त प्रजातियों के क्रमिक प्रगामी विकास की संकल्पना से संबंधित है। डार्विन ने अपने सिद्धान्त का प्रस्तुतीकरण सर्वप्रथम एक शोधपत्र के रूप में 1 जुलाई, 1858 को लंदन में Linean Society की सभा में किया था।

डार्विन ने प्राकृतिक चयन तथा योग्यतम की उत्तरजीविता द्वारा प्रजातियों का उद्भव तथा विकास बताया है। डार्विन के सिद्धान्त के मुख्य पहलु निम्न है:-

1. एक प्रजाति के कुछ सदस्यों में कुछ ऐसे खास या विशिष्ट गुण होते हैं जो उन्हें जीवन के संघर्ष में विभिन्न पारिस्थितियों का मुकाबला करने तथा उन्हें सहन करने में सक्षम बना देती हैं।

2. इस तरह किसी जीव में अतिरिक्त अनुकूल विशिष्ट गुण उसे उत्तरजीविता तथा जनन के अच्छे एवं अनुकूल अवसर प्रदान करते हैं।

3. इन विशिष्ट गुणों का जब जनक द्वारा उसकी सन्ततियों में स्थानान्तरण होता है तो आने वाली क्रमिक पीढ़ियों में अस्तित्व में संघर्ष के लिए श्रेष्ठतम आ जाता है।

4. इस तरह यदि जनक द्वारा अपनी सन्ततियों में प्रतिकूल गुणों का स्थानान्तरण होता है तो ऐसे जीव अपनी ही प्रजाति के विशिष्ट अनुकूल गुणों वाले जीव की तुलना में कमजोर हो जाते हैं तथा अस्तित्व और जीवन के संघर्ष में पिछड़ जाते हैं।