यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 (भूगोल)

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित में से किस विद्वान ने सोद्देश्य असंतुलित विकास की नीति का अनुसमर्थन किया?

(A) जी. मिर्डाल, (B) ए. ओ. हिर्चमैन, (C) ए. जी. फ्रेंक, (D) आर. नुर्के
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनियेः

Correct Answer: (b) केवल (B)
Solution:

सोद्देश्य असंतुलित विकास की नीति का अनुसमर्थन ए. ओ. हि मैन ने किया। ए. ओ. हि मैन के अनुसार "विकास असमानता की एक श्रृंखला है जिसे असमानता को खत्म करने के बजाय जीवित रखा जाना चाहिए।" उनके अनुसार अविकसित देशों में गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए असंतुलित विकास की रणनीति सबसे उपयुक्त है।

प्रो. हिर्चमैन का मानना है कि असंतुलित विकास से उत्पन्न कमी आविष्कारों और नवाचारों के लिए काफी प्रोत्साहन प्रदान करती है। असंतुलन गहन आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देता है और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाता है।

82. निम्नलिखित विधियों में से कौन सी विधि का प्रयोग सामान्यतः एक क्षेत्र या उद्योग में होने वाले परिवर्तन के कारण अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन का संख्यात्मक रूप से अनुमान लगाने के लिए किया जाता है?

(A) ढेरी विश्लेषण (B) अर्थमिति (C) आगत निर्गत विश्लेषण (D) प्रधान घटक विश्लेषण
नीचे दिये गये विकल्पों में से सर्वाधिक सही उत्तर चुनियेः

Correct Answer: (c) केवल (C)
Solution:

आर्थिक आकड़ों के विश्लेषण के लिए गणित एवं सांख्यिकी की विधियों का अनुप्रयोग आगत निर्गत विश्लेषण द्वारा अंकन किया जाता है। इनपुट आउटपुट विश्लेषण विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों या उद्योगों के बीच परस्पर निर्भरता पर आधारित व्यापक आर्थिक विश्लेषण का एक रूप है।

इस पद्धति का प्रयोग सकारात्मक और नकारात्मक आर्थिक झटकों के प्रभावों का अनुमान लगाने और सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था में तरंग प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है। इस सिद्धान्त का विकास वासिली लिओन्टिफ द्वारा किया गया था।

83. निम्नलिखित में से कौन सी भूकंप तरंगें अधिकेंद्र पर अधिक विध्वंसात्मक होती है?

Correct Answer: (d) एल-तरंगे
Solution:

भूकम्प के दौरान पृथ्वी में कई प्रकार की लहरें उत्पन्न होती है। इन लहरों को भूकम्पीय लहर कहते है। एल तरंगें में लंबी अवधि वाली तरंगें हैं। इनका संचरण धरातलीय भाग में होता है, अतः इन्हें धरातलीय तरंगें भी कहते है। ये तरंगें सर्वाधिक विनाशकारी होती है।

84. निम्नलिखित संयोजकता मैट्रिक्स में से कौन सा मैट्रिक्स छः नोडल के दिए गए नेटवर्क को दिखाने के लिए सही है?

Correct Answer: (b)
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न में विकल्प (b) संयोजकता मैट्रिक्स छः नोडल के दिये गये नेटवर्क को सही दिखाने के लिए सही है |

85. निम्नलिखित सतह क्षेत्र में कौन सा एक उर्ध्वाधर धूप के साथ दोपहर में 1 मी. चौड़ाई की सौर किरण द्वारा आच्छादित होता है?

Correct Answer: (a) 1 मी. चौड़ाई
Solution:

जब सौर किरण सीधे उर्ध्वाधर होगी तो किसी भी वस्तु के क्षेत्रफल के बराबर ही छाया से आच्छादित करेगी।

86. नीचे दो कथन दिये गये हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): स्थानिक जलवायु संबंधी घटकों ने मैकिन्डर के केन्द्र स्थल को विश्व के कतिपय अन्य बड़े और संपन्न क्षेत्रों की अपेक्षा तुलनात्मक हानि पहुंचाई है।
तर्क (R): केन्द्र स्थल अनने स्थानिक और परिणामी विषय जलवायु के कारण,एक स्थायी कठिनाईयों का क्षेत्र है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही है और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

मैकिण्डर की पुस्तक 'लोकतंत्रीय आदर्श एवं यथार्थता में उन्होंने सर्वप्रथम 'हृदय स्थल' (Heart land) शब्द का प्रयोग किया। इसमें आधार क्षेत्र के अलावा मध्य एवं निचला डेन्यूब क्षेत्र, एशिया माइनर, तिब्बत, मंगोलिया आदि के कुछ क्षेत्र शामिल है

जो विषम जलवायु के कारण शेष विश्व से सुरक्षित है। जिससे शक्ति सम्पन्न देश उसे हानि आक्रमण नहीं कर सकते है। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) और कारण (R) दोनों सही है और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या कर रहा है।

87. उत्तक चित्र (हिस्टोग्राम) निम्नलिखित आँकड़ा (डेटा) वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) में से किससे संबद्ध है?

Correct Answer: (b) सतत आवृत्ति वितरण
Solution:

सांख्यिकी में आवृत्ति वितरण एक तालिका होती है, जो किसी नमूने में विभिन्न परिणामों की आवृत्ति को दर्शाती है। सतत आवृत्ति वितरण हिस्टोग्राम से संबंधित है। सांख्यिकी में हिस्टोग्राम ऑकड़े वितरण का ग्राफीय निरूपण है।

हिस्टोग्राम का उपयोग आम तौर पर आंकड़ों में यह प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है कि एक विशिष्ट सीमा के भीतर कितने निश्चित प्रकार के चर हैं। उदाहरण किसी शहर की जनसंख्या की जनगणना दिखाने के लिए कर सकते हैं कि 0-10, 11-20, 21-30 या अन्यं के बीच कितने लोग हैं।

88. नीचे दो कथन दिए गए है: एक को अभिकन (A) और दूसरे का तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): वान थ्यूनेन ने तर्क दिया कि सेक्टरीय खेतों सर्वाधिक अतार्किक होते हैं और किसान द्वारा खेत के इर्द-गिर्द आवागमन में बिताए जाने वाले समय को घटाता है।

तर्क (R): सेक्टरीय खेत सामान्य नहीं होते, बल्कि उनका भिन्न-भिन्न कृषि प्रणालियों और पर्यावरण में उपयोग किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें

Correct Answer: (d) (A) सही नहीं है, परंतु (R) सही है।
Solution:

वान थ्यूनेन एक जर्मन अर्थशास्त्री थे। उन्होंने अपना सिद्धांत 1826 में प्रतिपादित किया। वान थ्यूनेन के अनुसार बाजार क्षेत्र से बढ़ती दूरी के अनुसार फसलों के उत्पादन क्षेत्र का लाभ अनवरत घटता जाएगा। वान थ्यूनेन ने केन्द्रीय नगर के चारों ओर विकसित होने वाली छः पेटियों का उल्लेख किया। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) सही नहीं है, परंतु कारण (R) सही है।

89. निम्नलिखित में से कौनसा कौनसे कथन भारत में हरित क्रांति के बारे में सही नहीं है?

Correct Answer: (b) केवल (A)
Solution:

भारत में हरित क्रांति की शुरुआत 1966-67 में मैक्सिको में विकसित नवीन उर्वरक प्रतिचारी गेहूँ की बनी प्रजातियों के प्रयोग से हुई। हरित क्रांति के कुछ लाभ तो कुछ नुकसान भी हुए।

जैसे-आय की असमानता में वृद्धि पूँजीवादी कृषि के विकास की संभावना बढ़ी, तथा प्रमुख ऋणात्मक पक्ष क्षेत्रीय विषमता को बढ़ावा मिला। भारत में हरित क्रान्ति की शुरुआत पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में गेहूँ की कृषि से हुई परन्तु 1983 के बाद इसका प्रसार चावल की कृषि में हुआ जिससे बिहार, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु के भाग लाभान्वित हुए।

हरित क्रांति के निम्नलिखित लाभ है- (1) हरित क्रान्ति के कारण भारतीय कृषि अपने जीवन-निर्वाहक स्वरूप के बजाय व्यापारिक तथा बाजारोन्मुख रूप ग्रहण करती जा रही है। (2) हरित क्रान्ति के कारण कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की वृद्धि हुई है। (3) इससे कृषि उद्योग संबंधित उद्योगों में मजबूती आयी है।

उपरोक्त लाभों के अतरिक्त हरित क्रान्ति के ऋणात्मक पक्ष भी है जो निम्न प्रकार हैं- (1) हरित क्रान्ति के प्रसार से पूँजीवादी कृषि के विकास की संभावना है। (2) हरित क्रान्ति के कारण आय की असमानता में वृद्धि हुई है। (3) हरित क्रान्ति का प्रभाव कुछ खाद्यान्न फसलों तक ही सीमित रहा है।

90. निम्नलिखित किस समूह की स्थल आकृति का निर्माण अपरदन के कारण होता है?

Correct Answer: (a) प्लाया, शिखरिका, जलजक गर्तिका
Solution:

प्लाया, शिखरिका, जलजक गर्तिका इन सभी स्थल आकृतियों का निर्माण अपरदन के कारण होता है। ड्रमलिन हिमनद के निक्षेप द्वारा निर्मित स्थल राज्यों में ड्रमलिन गोलाश्म, मृतिका द्वारा निर्मित एक प्रकार के ढेर या टीले होते है,

जिनका आकार उल्टी नौका या कटे हुए उल्टे अण्डे के समान होता है। केम-हिमनद के अग्रभाग पर हिम के पिघलने के कारण कुछ मलवा का निक्षेप ढेर के रूप में या टीले के रूप में हो जाता है। इस तरह के टीले को केम कहा जाता है।

जलगर्तिका पहाड़ी क्षेत्रों में नदी तल में अपरदित छोटे चट्टानी टुकड़े छोटे गर्तों में फंसकर वृताकार रूप में घूमते हैं जिन्हें जलगर्तिका कहते हैं। शिखरिका भूमिगत जल के अपरदन से निर्मित होने वाली स्थलाकृतिहै।

लाइमस्टोन की खुली सतह पर जल चट्टान की संधियों को अपनी घुलन क्रिया द्वारा विस्तृत करने लगती है, जिस कारण छोटी- छोटी शिखरिकाओं का निर्माण हो जाता है। प्लाया- इसका निर्माण पवनों द्वारा अपरदन से होता है।

मरुस्थलीय भूमि में मैदान प्रमुख स्थलरूप हैं। पर्वतों व पहाड़ियों से घिरे बेसिन में अपवाह मुख्यतः बेसिन के मध्य में होता है तथा बेसिन के मध्य में लगभग समतल मैदान की रचना हो जाती है। पर्याप्त जल उपलब्ध होने पर यह मैदान उथले जल क्षेत्र में परिवर्तित हो जाता है। इस प्रकार की उथली जल झील को प्लाया कहते हैं।