एक शारीरिक शिक्षा के अध्यापक को महाविद्यालय के एथलीटों का हृद्-वाहिनी (कार्डियो वॉस्क्यूलर) का कार्य सौंपा गया था। इसके लिए उन्होंने हार्वार्ड स्टेप और कूपर-12 मिनट वॉक रनिंग जाँच आयोजित की। इसके लिए उन्होंने 20 - इंच ऊँची बेंच ली और छात्रों को एक मिनट में 30 बार करते हुए 5 मिनट तक स्टेपिंग डाउन करने को कहा।
व्यायाम के समाप्त होने के ठीक एक मिनट बाद टेस्टर द्वारा नाड़ी स्पंद की गति की माप 1 से 1:30, 2 से 2:30 और 3:30 मिनट तक (तीन बार गिनते हुए) की गई। लेकिन उसी पद्धति से 1:30 मिनट तक एकल नाड़ी गति की गणना विधि को अपनाया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कूपर (1977 और 1982) 12 मिनटों तक टहलने और दौड़ने की जाँच की और VO₂ max. (मिलि/कि.ग्रा./न्यूनतम) का मूल्यों को एथलीटों द्वारा तय की गई कुल दूरी का उपयोग करते हुए किया।
अपने मूल्यांकन में उन्होंने पाया कि रमेश की गणना क्रमशः 92, 73 और 62 तथा सुरेश की 80, 72 और 66 रही। जबकि मनोज की एक नाड़ी 88 पीटर की 84 थी। इसके अतिरिक्त, रमेश, सुरेश, मनोज और पीटर ने 12 मिनटों में क्रमशः 1.750 मील, 1.5 मील और 2.0 मीलों की दूरी तय की।
रमेश और मनोज के स्वस्थता (फिटनेस) सूचकांक होंगे :