Solution:यारडांग पवन (वातोढ़) द्वारा निर्मित अपरदनात्मक स्थलाकृति है। यारडांग की रचना ज्यूजेन के विपरीत होती है। यारडांग का निर्माण प्रायः पवन की दिशा के समानान्तर रूप में बनते हैं। इनकी ऊँचाई 20 फीट तक तथा चौड़ाई 30 से 120 फीट तक होती है।
यारडांग का निर्माण निश्चित रूप से पवन के अपघर्षण द्वारा होता है। पवन द्वारा निर्मित अन्य स्थलाकृति अपवाहन बेसिन या वातगर्त, इन्सेलबर्ग, छत्रकशिला, भूस्तम्भ, ज्यूजेन, यारडंग, ड्राइकान्टर, जालीदार शिला, पुल इत्यादि । कुछ अन्य अपरदनात्मक स्थलाकृतियाँ इस प्रकार हैं
नदीय अपरदन द्वारा उत्पन्न स्थल रूप - गार्ज, कैनियन, नदी विसर्प, नदी वेदिका, समप्राय मैदान तथा संरचनात्मक सोपान आदि हैं।
हिमनदीय अपरदन द्वारा निर्मित स्थलरूप - U आकार की घाटी, लटकती घाटी, सर्क, अरेत तथा हार्न या गिरिश्रृंग आदि हैं।
कार्स्ट द्वारा अपरदनात्मक स्थलरूप - लैपीज, का खिड़की, युवाला, पोलिये तथा धंसती निवेशिका अन्धी घाटी आदि हैं।