जिसमें मानव सभ्यता के विकास हेतु प्रकृति संभावनाएँ और सीमाएँ प्रदान करती हैं। 'जियोग्रफी' (भूगोल) शब्द का प्रयोग सबसे पहले यूनानी विद्वान इटोस्थनीज ने तीसरी शताब्दी में किया। हार्दशोर्न के कथनानुसार टेक्नोलॉजी की प्रगति के आधार पर भूगोल भू-तल के पर और नीचे का तर्कसंगत वर्णन प्रदान करता है। जहाँ एक ओर मानविकी विज्ञान अपने अध्ययन मनुष्य पर केन्द्रित करते हैं, दूसरी ओर प्राकृतिक विज्ञान प्रकृति के अध्ययन पर केन्द्रित होता है। भूगोल दोनों का साथ-साथ अध्ययन करता है।
हालांकि भूगोल का विश्वविद्यालयस्तरीय अध्ययन उन्नीसवीं सदी में जाकर ही प्रारम्भ हुआ। हम्बोल्ट और रिटर ने वैश्विक विज्ञान के रूप में भूगोल की उपयोगिता सिद्ध की। इस काल के बाद कई विद्वानों ने, जैसे जर्मनी में रैट्जेल और रिच्योफेन और फ्रांस में ब्लाश और रेक्लुस ने, इसे एकीकृत अध्ययन के रूप में प्रस्तुत किया। मनुष्य प्रकृति सम्बन्ध और प्रकृति के
साथ समन्वय से निश्चयवाद और सम्भावनावाद की अवधारणाओं का विकास हुआ। हालांकि कांटे ने इस भ्रम को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया।
विभिन्न विचारधाराओं के उद्भव से भूगोल में द्वैतवाद और द्विभाजनों का पदार्पण हुआ, जैसे सामान्य बनाम क्षेत्रीय, भौतिक बनाम मानव, ऐतिहासिक बनाम समसामयिक, नोडल बनाम क्षेत्रीय अवधारणाएँ विकसित और प्रचलित हुई। मात्रात्मक क्रांति के आगमन से इस विषय का और विस्तार हुआ। प्रतिमान, निकाय पद्धति और भौगोलिक मॉडल आधुनिक भौगोलिक विचार के प्रस्तावितं प्रतिमान में महत्त्वपूर्ण पहलू बन गए।
कुहन द्वारा क्षेत्रीय विभेदीकरण, अपवादिकवाद और स्थानिक विश्लेषण के सन्दर्भ थे। भौगोलिक मॉडलों से काफी प्रगति हुई। भौगालिक विचार में प्रत्यक्षवाद, उपयोगितावाद और प्रकार्यवाद जैसे आधुनिक विषयों को लाया गया।
वर्तमान में भौगोलिक अध्ययन के क्षेत्र में हुआ कौन प्रमुख विकास है जिसने इसकी दिशा बदल दी?
Correct Answer: (c) मात्रात्मक क्रांति
Solution:मात्रात्मक क्रांति ने भौगोलिक अध्ययन के क्षेत्र में हुए विकास से दिशा बदल दी। भूगोल में मात्रात्मक विधियों के व्यावहारिक प्रयोग का प्रथम महत्त्वपूर्ण कार्य मैकार्टी (1956) का माना जाता है, जबकि इसके प्रचार-प्रसार में पीटर हैगेट और शोलें का विशेष योगदान है।
चिंतनफलक या पैराडाइम शब्दावली को विकसित करने का श्रेय थामस कुंहन को जाता है, जिन्होंने 1962 में प्रकाशित अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक "The Structure of Scientific Revolutions' में इसकी विस्तृत व्याख्या की है।