यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 भूगोल (Shift-I)

Total Questions: 100

91. क्षेत्र का औसत तापमान है-

दिये गये प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त सारणी के आधार पर दीजिये।

क्र.सं.तापमान (°सें.)केन्द्रों की संख्या
1.0–101
2.10–202
3.20–303
4.30–404
5.40–505
6.50–604
7.60–703
8.70–802
9.80–901
Correct Answer: (b) 45° से.
Solution:

औसत तापमान =

92. उपर्युक्त आंकड़ों की माध्यिका कौन-सी है?

दिये गये प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त सारणी के आधार पर दीजिये।

क्र.सं.तापमान (°सें.)केन्द्रों की संख्या
1.0–101
2.10–202
3.20–303
4.30–404
5.40–505
6.50–604
7.60–703
8.70–802
9.80–901
Correct Answer: (a) 45° सें.
Solution:

माध्यिका =

93. वितरण का तृतीय चतुर्थक (Q₃) है-

दिये गये प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त सारणी के आधार पर दीजिये।

क्र.सं.तापमान (°सें.)केन्द्रों की संख्या
1.0–101
2.10–202
3.20–303
4.30–404
5.40–505
6.50–604
7.60–703
8.70–802
9.80–901
Correct Answer: (d) 59.375° से.
Solution:

वितरण का तृतीय चतुर्थक (Q₃) 59.375° सेन्टीग्रेट है।

94. 40° से. से कम तापमान अनुलेखन करने वाले केन्द्रों की संख्या-

दिये गये प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त सारणी के आधार पर दीजिये।

क्र.सं.तापमान (°सें.)केन्द्रों की संख्या
1.0–101
2.10–202
3.20–303
4.30–404
5.40–505
6.50–604
7.60–703
8.70–802
9.80–901
Correct Answer: (c) 10
Solution:

40°C से कम तापमान अनुलेखन करने वाले केन्द्रों की संख्या 10 है।

95. कितने प्रतिशत केन्द्रों पर तापमान 30°C से 70°C अनुलेखन किया गया?

दिये गये प्रश्नों के उत्तर उपर्युक्त सारणी के आधार पर दीजिये।

क्र.सं.तापमान (°सें.)केन्द्रों की संख्या
1.0–101
2.10–202
3.20–303
4.30–404
5.40–505
6.50–604
7.60–703
8.70–802
9.80–901
Correct Answer: (d) 64
Solution:

प्रतिशत = 30°-70° के तापमान के
(बारम्बारता के बीच का योग/ कुल बारम्बारता) × 100
⇒ (16/25) × 100 = 64

96. एक विषय के रूप में भूगोल का केन्द्रबिन्दु मनुष्य और प्रकृति के बीच के सम्बन्धों को समझना है। यह विचार पीढ़ी दर पीढ़ी अनुभवों के आधार पर बना है। भूगोल के इतिहास का मूल सम्बन्ध उस मानव चेतना के विकास से है

जिसमें मानव सभ्यता के विकास हेतु प्रकृति संभावनाएँ और सीमाएँ प्रदान करती हैं। 'जियोग्रफी' (भूगोल) शब्द का प्रयोग सबसे पहले यूनानी विद्वान इटोस्थनीज ने तीसरी शताब्दी में किया। हार्दशोर्न के कथनानुसार टेक्नोलॉजी की प्रगति के आधार पर भूगोल भू-तल के पर और नीचे का तर्कसंगत वर्णन प्रदान करता है। जहाँ एक ओर मानविकी विज्ञान अपने अध्ययन मनुष्य पर केन्द्रित करते हैं, दूसरी ओर प्राकृतिक विज्ञान प्रकृति के अध्ययन पर केन्द्रित होता है। भूगोल दोनों का साथ-साथ अध्ययन करता है।

हालांकि भूगोल का विश्वविद्यालयस्तरीय अध्ययन उन्नीसवीं सदी में जाकर ही प्रारम्भ हुआ। हम्बोल्ट और रिटर ने वैश्विक विज्ञान के रूप में भूगोल की उपयोगिता सिद्ध की। इस काल के बाद कई विद्वानों ने, जैसे जर्मनी में रैट्जेल और रिच्योफेन और फ्रांस में ब्लाश और रेक्लुस ने, इसे एकीकृत अध्ययन के रूप में प्रस्तुत किया। मनुष्य प्रकृति सम्बन्ध और प्रकृति के
साथ समन्वय से निश्चयवाद और सम्भावनावाद की अवधारणाओं का विकास हुआ। हालांकि कांटे ने इस भ्रम को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया।

विभिन्न विचारधाराओं के उद्भव से भूगोल में द्वैतवाद और द्विभाजनों का पदार्पण हुआ, जैसे सामान्य बनाम क्षेत्रीय, भौतिक बनाम मानव, ऐतिहासिक बनाम समसामयिक, नोडल बनाम क्षेत्रीय अवधारणाएँ विकसित और प्रचलित हुई। मात्रात्मक क्रांति के आगमन से इस विषय का और विस्तार हुआ। प्रतिमान, निकाय पद्धति और भौगोलिक मॉडल आधुनिक भौगोलिक विचार के प्रस्तावितं प्रतिमान में महत्त्वपूर्ण पहलू बन गए।

कुहन द्वारा क्षेत्रीय विभेदीकरण, अपवादिकवाद और स्थानिक विश्लेषण के सन्दर्भ थे। भौगोलिक मॉडलों से काफी प्रगति हुई। भौगालिक विचार में प्रत्यक्षवाद, उपयोगितावाद और प्रकार्यवाद जैसे आधुनिक विषयों को लाया गया।

वर्तमान में भौगोलिक अध्ययन के क्षेत्र में हुआ कौन प्रमुख विकास है जिसने इसकी दिशा बदल दी?

Correct Answer: (c) मात्रात्मक क्रांति
Solution:

मात्रात्मक क्रांति ने भौगोलिक अध्ययन के क्षेत्र में हुए विकास से दिशा बदल दी। भूगोल में मात्रात्मक विधियों के व्यावहारिक प्रयोग का प्रथम महत्त्वपूर्ण कार्य मैकार्टी (1956) का माना जाता है, जबकि इसके प्रचार-प्रसार में पीटर हैगेट और शोलें का विशेष योगदान है।

चिंतनफलक या पैराडाइम शब्दावली को विकसित करने का श्रेय थामस कुंहन को जाता है, जिन्होंने 1962 में प्रकाशित अपनी प्रतिष्ठित पुस्तक "The Structure of Scientific Revolutions' में इसकी विस्तृत व्याख्या की है।

97. निश्चयवाद,और सम्भावनावाद की अवधारणाओं का "विकास किनके एकीकृत अध्ययन का परिणाम था?

Correct Answer: (d) जर्मन और फ्रांसीसी
Solution:

जर्मन और फ्रांसीसी भूगोलवेत्ताओं, ने. क्रमशः निश्चयवाद और सम्भववाद की अवधारणाओं का विकास किया। निश्चयवाद विचारधारा के समर्थक प्राकृतिक पर्यावरण के तत्वों को सर्वाधिक सशक्त तथा प्रभावशाली मानते हैं

जबकि संभववाद में मनुष्य एक निष्क्रिय प्राणी नहीं बल्कि एक क्रियाशील शक्ति है, जो पर्यावरण को परिवर्तित करने में सतत् प्रयत्नशील रहता है तथा फ्रांसीसी विद्वान लूसियन फैब्रे ने 'सम्भववाद' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किया था।

98. 'जियोग्रफी' शब्द का प्रयोग सबसे पहले किनके द्वारा किया गया?

Correct Answer: (c) यूनानी
Solution:

'ज्योग्राफी' (भूगोल) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग इरेटोस्थनीज (यूनान में) ने किया था, जिसका अर्थ है पृथ्वी का वर्णनात्मक अध्ययन। उन्होंने 'ज्योग्राफिका' नामक पुस्तक लिखी थी,

जो प्रथम शास्त्रीय पुस्तक मानी जाती है। इसी प्रकार थेल्स, एनेक्जीमेंडर, हिकेटियस, अरस्तू, थियोफ्रेस्टस, पोलिबियस तथा पोसिडोनियस आदि प्रमुख यूनानी विद्वानों ने भौगोलिक ज्ञान को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

99. निम्नलिखित में से भौगोलिक अध्ययन के क्षेत्र में हाल में होनेवाला कौन-सा नया विकास कहलायेगा?

Correct Answer: (d) प्रत्यक्षवाद
Solution:

प्रत्यक्षवाद का प्रतिपादन फ्रांसीसी गणितज्ञ एवं दार्शनिक आगस्ट काम्टे ने किया था, जो इस मान्यता पर आधारित है कि वास्तविक ज्ञान वैज्ञानिक होता है और यह तथ्यों तथा अनुभव पर आधारित है। निश्चयवाद 'मानव भूगोल की प्रमुख जर्मन विचारधारा है, जिसके अनुसार मनुष्य पर्यावरण की विशिष्ट देन है और समस्त मानवीय क्रियाएँ भौतिक दशाओं (पर्यावरण) द्वारा नियंत्रित होती हैं।

100. वैश्विक विज्ञान के रूप में भूगोल की उपयोगिता किस विद्वान द्वारा सिद्ध की गई?

Correct Answer: (c) हम्बोल्ड्ट और रिटर
Solution:

इरैटॉस्थिनीज को व्यापक रूप से "भूगोल का जनक" माना जाता है। उन्होंने "भूगोल" शब्द गढ़ा, जिसका अर्थ है "पृथ्वी का वर्णन"। स्ट्रैबो ने भी भूगोल को एक व्यवस्थित विज्ञान के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन विद्वानों ने भूगोल को एक सार्वभौमिक विज्ञान के रूप में उसकी उपयोगिता को सिद्ध किया।