यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 भूगोल (Shift-I)

Total Questions: 100

11. नीचे दो कथन दिये गये हैं-

कथन (I): फोटोग्राफ मूलतः एनालॉग रूप में तैयार होते हैं।
कथन (II): इमेज डिजीटल रूप में तैयार होता है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये -

Correct Answer: (a) कथन I और कथन II दोनों सही हैं।
Solution:

फोटोग्राफ मूलतः एनालग रूप में तैयार होते हैं तथा इमेज डिजीटल रूप में तैयार होता है। स्त्रोत के आधार पर इमेज दो प्रकार की होती है-
(I) फोटोग्राफिक फिल्म आकार - फोटोग्राफिक संवेदक, फोटोग्राफिक फिल्म पर इमेज को दर्शाता है।

विभिन्न धरातलीय दृश्य विशेषताओं को सुदूर संवेदन तकनीक की सहायता से फोटोग्राफिक फिल्म पर धरातलीय विवरणों की चमक के आधार पर बिम्बों को प्रदर्शित किया जाता है।

(II) डिजिटल आकार डिजिटल इमेज विद्युत चुम्बकीय ऑप्टिकल संवेदक द्वारा निर्मित की जाती है। डिजिटल इमेज लघु आकार के समक्षेत्र पिक्चर तत्वों के क्रम में व्यवस्थित की जाती है। डिजिटल इमेज में प्रत्येक छोटे से छोटे तत्व (Element) को पिक्सल कहते हैं।
अतः कथन I और कथन II दोनों सही हैं।

12. हिन्द महासागर की धाराओं से सम्बन्धित कथनों पर विचार करें -

(A) विषुवत रेखा के उत्तर में समुद्री धाराओं के बनने पर मानसून पवन प्रणाली के बदलते स्वरूप का प्रभाव नहीं पड़ता।
(B) सोमाली धारा हिन्द महासागर की उष्ण धारा है।
(C) सोमाली धारा हिन्द महासागर की शीत धारा है।
(D) पेरू धारा हिन्द महासागर की शीत धारा है।
(E) हिन्द महासागर की उत्तर विषुवतीय धारा अगस्त और सितम्बर के महीने में अदृश्य हो जाती है।
नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिये-

Correct Answer: (b) केवल (A) और (B)
Solution:

हिन्द महासागर की धाराओं पर स्थलमण्डल तथा मानसूनी हवाओं का पर्याप्त प्रभाव होता है। हिन्द महासागर उत्तर में भारतीय उपमहाद्वीप, पश्चिम अफ्रीका तथा दक्षिण में ऑस्ट्रेलिया से घिरा होने के कारण धाराओं के स्थाई क्रम को जन्म नहीं दे पाता है।

उत्तरी हिन्द महासागर में उत्तर-पूर्व तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून हवाओं के कारण धाराओं की दिशाओं में साल में दो बार परिवर्तन हो जाया करता है। सोमाली धारा हिन्द महासागर की शीत धारा है।

हिन्द महासागर की उत्तरी विषुवतीय धारा अगस्त और सितम्बर के महीने में अदृश्य हो जाती है। दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर दिशा में प्रवाहित होने वाली ठंडी धारा को पेरू धारा या हम्बोल्ट धारा कहते हैं। विषुवत रेखा के उत्तर में समुद्री धाराओं के बनने पर मानसून पवन प्रणाली के बदलते स्वरूप का प्रभाव पड़ता है।
अतः स्पष्ट है कि (C) और (E) सत्य हैं।

13. 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार साक्षरता दर के अवरोही क्रम में निम्नलिखित राज्यों को लिखें।

(A) केरल
(B) हिमाचल प्रदेश
(C) हरियाणा
(D) ओडिशा
नीचे दिये गये विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिय-

Correct Answer: (c) (A), (B), (C), (D)
Solution:

2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार राज्यों का साक्षरता दर में अवरोही क्रम केरल 94.0 →हिमाचल प्रदेश 82.8% →हरियाणा 75.6 →ओडिशा 72.9

शीर्ष पाँच साक्षरता दर वाले राज्य-
(1) केरल - 94.0%
(2) मिजोरम - 91.3%
(3).गोवा - 88.7%
(4) त्रिपुरा - 87.2%
(5) हिमाचल प्रदेश - 82.8%
अतः विकल्प (c) सही सुमेलित है।

14. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिये -

सूची-I (परिवहन नेटवर्क मापक)सूची-II (परिभाषा)
(A) नेटवर्क घनत्व(I) प्रति भुजा (लिंक) औसत लम्बाई
(B) पी आई सूचकांक(II) सतह के प्रति वर्ग किलोमीटर भुजा का किमी. के सम्बन्ध में परिवहन नेटवर्क
(C) इटा सूचकांक(III) ग्राफ की कुल लम्बाई और इसकी व्यास के साथ दूरी के बीच सम्बन्ध
(D) थीटा सूचकांक(IV) प्रति प्रतिच्छेदित औसत यातायात की मात्रा

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIVIII
(c)IIIIIVII
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (d)
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (परिवहन नेटवर्क मापक)सूची-II (परिभाषा)
नेटवर्क घनत्वसतह के प्रति वर्ग किलोमीटर भुजा का किमी. के सम्बन्ध में परिवहन नेटवर्क
पी आई सूचकांकग्राफ की कुल लम्बाई और इसकी व्यास
के साथ दूरी के बीच सम्बन्ध
इटा सूचकांकप्रति भुजा (लिंक) औसत लम्बाई
थीटा सूचकांकप्रति प्रतिच्छेदित औसत यातायात की मात्रा

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

15. निम्नलिखित में से किस विद्वान ने पेरोक्स द्वारा पूर्व में प्रतिपादित 'विकास ध्रुव सिद्धान्त' के प्रादेशिक और भौगोलिक प्रभावों का अध्ययन किया?

Correct Answer: (d) जे. बाउडेलिए
Solution:

विकास ध्रुव केन्द्र सिद्धान्त का सूत्रपात 1955 ई.में पेराक्स ने किया, जो एक फाँसीसी अर्थशास्त्री थे। पेराक्स का विकास ध्रुव सिद्धान्त गणितीय विधि पर आधारित था, जिसकी कमियों को जे. बाउड़ेलिए ने दूर करते हुए आर्थिक एवं सामाजिक विकास पर आधारित सिद्धान्त को प्रस्तुत करते हुए भौगोलिक विशेषताओं को प्राथमिकता दी है।

पेराक्स के अतिरिक्त अन्य कुछ अर्थशास्त्री एवं भूगोलवेत्ता, जैसे- मिर्डाल, हार्समैन एवं फ्रीडमैन आदि ने विकास ध्रुव की संकल्पना में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

16. नीचे दो कथन दिये गये हैं एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में-

अभिकथन (A): मूल्य पद्धति विश्वासों, सहानुभूतियों और नियंत्रणों का वह सामान्य समूह है, जो किसी सांस्कृतिक समूह के सदस्यों को एक सूत्र बाँधता है।

कारण (R): 'बहुदेववाद' में लोग कई धार्मिक आस्थाओं में विश्वास रखते हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये -

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनोंसत्य हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

मूल्य पद्धति विश्वासों, सहानुभूतियों और नियंत्रणों का वह सामान्य समूह है, जो किसी सांस्कृतिक समूह के सदस्यों को एक सूत्र में बाँधता है तथा 'बहुदेववाद' में लोग कई धार्मिक आस्थाओं में विश्वास रखते हैं। (A) और (R) दोनों सत्य हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

17. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिये -

सूची-I (ज्वारों के उद्भव के सिद्धान्त)सूची-II (प्रतिपादक)
(A) साम्य सिद्धान्त(I) न्यूटन
(B) गतिकीय सिद्धान्त(II) लाप्लासे
(C) प्रगामी तरंग सिद्धान्त(III) व्हेवेल
(D) अप्रगामी तरंग सिद्धान्त(IV) हैरिस

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

ABCD
(a)IVIIIIII
(b)IIIIIIVI
(c)IIIVIIII
(d)IIIIIIIV
Correct Answer: (d)
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं-

सूची-I (ज्वारों के उद्भव के सिद्धान्त)सूची-II (प्रतिपादक)
(A) साम्य सिद्धान्तन्यूटन
(B) गतिकीय सिद्धान्तलाप्लासे
(C) प्रगामी तरंग सिद्धान्तव्हेवेल
(D) अप्रगामी तरंग सिद्धान्तहैरिस

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

18. पुराजलवायु के क्रायोजेनिक संसूचकों की पहचान करें-

(A) इ पोराइट निक्षेपण
(B) आइस कोर्स
(C) दृढ़ पर्पटी
(D) वार्स
(E) बर्फ चादर
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (b) केवल (B) और (E)
Solution:

पुराजलवायु के क्रायोजेनिक संसूचकों में 'आइसकोर्स' तथा 'बर्फ चादर' को सम्मिलित किया जाता है, क्योंकि यह वायुमण्डलीय परिवर्तनों पर प्रतिक्रिया करते हैं तथा वैश्विक जलवायु में परिवर्तन के बारे में स्पष्ट संकेत देते हैं। तापमान में वृद्धि तथा कमी इसके परिवर्तन के प्रमुख कारण है।

19. निम्नलिखित में से किस जलवायु वैज्ञानिक ने अपने जलवायु सम्बन्धी वर्गीकरण में हेकिसटोथर्मल अवधारणा की वकालत की?

(A) मिलर
(B) कोप्पन
(C) केंडोले
(D) ट्रेवार्था
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (b) केवल (B) और (C)
Solution:

कोपेन तथा कैण्डोल जलवायु वैज्ञानिकों ने अपने जलवायु सम्बन्धी वर्गीकरण में हेकिस्टोथर्मल अवधारणा की वकालत की। कोपेन ने कैण्डोल द्वारा 1874 में प्रस्तावित विश्व के निम्न 5 वनस्पति मण्डलों को विश्व की जलवायु के विभाजन का आधार बनाया है

इन्हीं के आधार पर विश्व की जलवायु को भी प्रमुख समूहों में विभक्त किया गया है जिनका नामकरण A, B, C, D तथा E अक्षरों से किया गया है। कैण्डोल ने विश्व की वनस्पतियों को निम्न पाँच वनस्पति मण्डलों में विभक्त किया,
जो इस प्रकार हैं- 
(1) मेगाथर्मल मण्डल
(2) जेरोफाइट (मरुद्भिदी) मण्डल
(3) मेसोथर्मल मण्डल
(4) माइक्रोथर्मल मण्डल
(5) हेकिस्टोथर्मल मण्डल ।

20. पेडिमेंट संरचना के पाश्विक समतलन सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था?

Correct Answer: (c) जी.के. गिल्बर्ट
Solution:

पेडिमेंट संरचना के पाश्विक समतलन सिद्धान्त का प्रतिपादन जी.के. गिल्बर्ट द्वारा किया गया है। इन्होंने स्थलरूपों के निर्माण से सम्बन्धित कई नियमों का प्रतिपादन किया। गिल्बर्ट ने पहली बार 'गतिक सन्तुलन' की संकल्पना का प्रतिपादन किया तथा स्थलरूपों के अध्ययन में 'मात्रात्मक विधि' का प्रयोग किया।

विलियम मोरिस डेविस (1850-1940) ने सर्वप्रथम स्थलरूपों के निर्माण तथा विकास से सम्बन्धित सामान्य सिद्धान्त (भौगोलिक चक्र) का प्रतिपादन किया। वॉन रिचथोफेन की प्रमुख रचना 'चीन का भूगोल' में चीन की यात्राओं पर आधारित अध्ययनों का वर्णन है, जिसका प्रकाशन पाँच खण्डों में 1877 से 1912 तक हुआ था।