Solution:हिन्द महासागर की धाराओं पर स्थलमण्डल तथा मानसूनी हवाओं का पर्याप्त प्रभाव होता है। हिन्द महासागर उत्तर में भारतीय उपमहाद्वीप, पश्चिम अफ्रीका तथा दक्षिण में ऑस्ट्रेलिया से घिरा होने के कारण धाराओं के स्थाई क्रम को जन्म नहीं दे पाता है।
उत्तरी हिन्द महासागर में उत्तर-पूर्व तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून हवाओं के कारण धाराओं की दिशाओं में साल में दो बार परिवर्तन हो जाया करता है। सोमाली धारा हिन्द महासागर की शीत धारा है।
हिन्द महासागर की उत्तरी विषुवतीय धारा अगस्त और सितम्बर के महीने में अदृश्य हो जाती है। दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे दक्षिण से उत्तर दिशा में प्रवाहित होने वाली ठंडी धारा को पेरू धारा या हम्बोल्ट धारा कहते हैं। विषुवत रेखा के उत्तर में समुद्री धाराओं के बनने पर मानसून पवन प्रणाली के बदलते स्वरूप का प्रभाव पड़ता है।
अतः स्पष्ट है कि (C) और (E) सत्य हैं।