Solution:मछलियाँ एक नवीकरणीय संसाधन हैं, जबकि धातु अयस्क, प्राकृतिक गैस तथा ईंधन सेल अनवीकरणीय संसाधन हैं। वे संसाधन जिन्हे भौतिक, रासायनिक या यांत्रिक प्रक्रियाओं द्वारा नवीकृत या पुनः उत्पन्न क्रिया जा सकता है, उन्हें नवीकरण योग्य अथवा पुनः पूर्ति योग्य संसाधन कहा जाता है।
जैसे- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल तथा वन व वन्य जीवन इत्यादि। इसी प्रकार कुछ अन्य परम्परागत तथा गैर-परम्परागत संसाधन हैं-
परम्परागत संसाधन - कोयला, खनिज ईंधन, पेट्रोलियम तथा परमाणु ऊर्जा आदि।
गैर-परम्परागत संसाधन- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा तथा जैव ऊर्जा आदि।