Solution:प्लेट विवर्तनिकी का सिद्धान्त समुद्री धारा, जलवायु क्षेत्र के उद्भव और अवस्थिति की व्याख्या करने में सहायता नहीं करता है, जबकि पर्वत तंत्र, प्रमुख समुद्र अधः स्थल, 'भूकम्प आदि उद्भव एवं अवस्थिति की व्याख्या करता है। प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त का मुख्य आधार टेलर का महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धान्त तथा हेरी हेस की सागरतल प्रसरण सिद्धान्त है।
सन् 1967.में (1970 दशक) मैक्कैन्जी, पारकर और मोरगन ने स्वतन्त्र उपलब्ध विचारों को समन्वित कर 'प्लेट विवर्तनिकी' अवधारणा को प्रस्तुत किया। प्लेट विवर्तनिकी के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थलखण्ड सात मुख्य प्लेट तथा कुछ छोटी प्लेटों में विभक्त किया गया है।
इस सिद्धान्त की सहायता से महाद्वीप की उत्पत्ति एवं उनकी वर्तमान स्थिति, समुद्र अथस्थल का विस्तार, पर्वतों का निर्माण, गहरी समुद्री खाइयों, समुद्री बेसिनों, भूकम्पों, ज्वालामुखीयों तथा भू-पटल पर पाई जाने वाली अन्य कई भू-आकृतियों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हैं।