यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 (इतिहास)

Total Questions: 100

31. मुगल बैलस्टर स्तंभों (baluster columns) के एकमात्र अवशेष के उदाहरण निम्नलिखित में से किस मुगल बादशाह के किला-महलों में मिलते हैं ?

Correct Answer: (c) शाहजहाँ
Solution:

यूरोप के बाहर, मुगल वास्तुकला में बैलस्टर स्तंभ का प्रयोग शाहजहाँ के शासनकाल में दिखाई पड़ता है। शाहजहाँ के समय में तीन किला-महलों में बैलस्टर स्तंभ प्राप्त होते हैं जिससे एक दिल्ली के लाल किले में, दो आगरा के किले में पेश किया गया था।

'मुगल आर्किटेक्चर' नामक अपनी पुस्तक में एब्बा कोच का यह मानना है कि प्राकृतिक तरीके से सजावट करने की प्रेरणा यूरोप से मिली थी। शाहजहाँ ने संगमरमर के भवनों में यूरोपीय मोटिफों का प्रयोग किया था।

इन मोटिफों से बागों का आभास होता है। शाहजहाँ का काल स्थापत्य कला का स्वर्णयुग माना जाता है। शाहजहाँ ने दिल्ली में लाल किला, जामा मस्जिद, दीवाने आम/दीवाने खास, रंगमहल तथा आगरा में दीवाने आम, दीवाने खास, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, नगीना मस्जिद और ताजमहल का निर्माण करवाया था।

अकबर ने आगरा, लाहौर और इलाहाबाद के किले बनवाये थे। फतेहपुर सीकरी के नगर और उसमें अनेक इमारतों का निर्माण किया गया जिसमें लाल बालुआ पत्थर का प्रयोग हुआ था। जहाँगीर के समय में नूरजहाँ ने एतमा उद्दौला का मकबरा बनवाया जिसमें पित्रादुरा शैली का प्रयोग किया गया है। औरंगजेब ने औरंगाबाद में अपनी पत्नी 'राबिया उद दौरानी' का मकबरा बनवाया जिसे दक्षिण का ताजमहल कहा जाता है।

32. निम्नलिखित में से कौन प्राचीन भारतीय राज्य के सात अंगों में सम्मिलित हैं ?

(A) स्वामी
(B) अमात्य
(C) जनपद
(D) युवराज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

कौटिल्य कृत अर्थशास्त्र भारत का सर्वप्रथम ग्रंथ है, जिसमें राज्य को परिभाषित किया गया है। इस पुस्तक में उसने 'सप्तांग सिद्धान्त' राज्य के सात अनिवार्य अंगों की विवेचना करता है। परवर्ती काल में मनुस्मृति तथा महाभारत के शान्तिपर्व में भी 'सप्तांग सिद्धान्त' का वर्णन मिलता है तथा जिसकी तुलना शरीर के विभिन्न अंगों से की गई -
(1) स्वामी (राजा) - शिरोभाग
(2) अमात्य मंत्रिपरिषद् के सदस्य - चक्षु नेत्र
(3) जनपद (जन सम्पदा राजधानी) - भुजा
(4) दुर्ग (सुरक्षित राजधानी) भुजा
(5) कोश (खजाना) - सुख
(6) दण्ड/बल (न्याय व्यवस्था तथा सेना) - मस्तिष्क
(7) मित्र (राज्य से बंधुत्व रखने वाली शक्ति) - कान
अर्थशास्त्र में कुल 18 तीर्थों के प्रधान पदाधिकारियों का उल्लेख है। जिसमें 'युवराज' को राजा का उत्तराधिकारी माना जाता था।

33. निम्नलिखित में से कौन-से ग्रन्थ कश्मीरी कवि क्षेमेन्द्र द्वारा रचित हैं?

(A) कुट्टनीमत
(B) कलाविलास
(C) प्रबोधचन्द्रोदय
(D) समयमातृका
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (B) और (D)
Solution:

कलाविलास, समयमातृका (वेश्या की आत्मकथा), रामायण मंजरी, भारत मंजरी, वृहत्कथामंजरी, दशावतार चरित, अवदान कल्पलता आदि रचनाएँ कश्मीरी कवि क्षेमेन्द्र द्वारा रचित हैं। क्षेमेन्द्र (1000 86 ई.) राजा अनन्त व राजा कलश के समकालीन थे। संस्कृत में जितना साहित्य क्षेमेन्द्र ने लिखा है उतना वेदव्यास के अतिरिक्त किसी और ने नहीं लिखा है।
-कुट्टनीमत/कुटनीमतम (कामशास्त्र पर पुस्तक) यह रचना 7वीं सदी ई. में दामोदर गुप्त द्वारा लिखी गयी थी। - 'प्रबोधचन्द्रोदय' यह रचना कवि कृष्ण मिश्र द्वारा लिखी गई है।

34. निम्नलिखित में से किस महिला समाज सुधारक ने सुल्ताना का सपना (1905) और अवरोधबासिनी (1929) नामक लघु कहानियां लिखीं,जिनमें मुसलमानों में प्रचलित पर्दा प्रथा की आलोचना की गई?

Correct Answer: (d) बेगम रुकैया सखावत हुसैन
Solution:

महिला समाज सुधारक बेगम रूकैया सखावत हुसैन ने मुसलमानों में प्रचलित पर्दा प्रथा की आलोचना अपनी लघु कहानियों के माध्यम से किया है। सुल्ताना का सपना (1905) और अवरोधबासिनी (1929) नामक लघु कहानी इनके द्वारा लिखी गई है। इस कहानी में सुल्ताना नामक एक महिला की कल्पना की गई थी जो लेडीलैंड नामक स्थान पर पहुँचती हैं। लेडीलैंड एक ऐसी जगह है जहाँ पर स्त्रियों को पढ़ने, काम करने और नये अविष्कार करने की स्वतंत्रता थी। इस कहानी में महिलाओं को बादलों से बारिश को नियंत्रित करने और हवाई कारों को उड़ाने जैसे आविष्कार करने की स्वतंत्रता थी। बेगम रूकैया सखावत हुसैन व्यापक रूप से दक्षिण एशिया में महिलाओं की मुक्ति के अग्रदूत के रूप में जानी जाती है। इन्होंने 1910 में कलकत्ता में पहले मुस्लिम लड़कियों के स्कूल की स्थापना की थी।
-कैथरीन मेयो एक अमेरिकी इतिहासकार थीं। इनकी प्रमुख पुस्तक मदर इंडिया (1927) है जो एक विवादस्पद के रूप में जानी जाती है। यह पुस्तक भारतीय समाज, धर्म और संस्कृति पर प्रहार करती है।

35. नासिक गुहा संख्या 10 के अभिलेखानुसार शकसातवाहन काल में अक्षयनिवि पर ब्याज दर थी

Correct Answer: (b) 9 से 12 प्रतिशत
Solution:शक (क्षहरात) शासक नहपान के दामाद उषावदात्त (ऋषभदत्त) का नासिक गुहा संख्या 10 एक मात्र अभिलेख है जिसमें पूँजी निवेश से प्राप्त होने वाले ब्याज दर का स्पष्ट निर्धारण वर्णित है। इस अभिलेख में यह स्पष्ट कहा गया है कि मूलधन पर कभी हाथ नहीं लगाना है, केवल ब्याज का ही उपयोग करना है। इसमें उल्लेख है कि मासिक ब्याज 100 कापण है। दान देने का उद्देश्य बौद्ध भिक्षुओं को परिधान एवं जलपान की व्यवस्था करना था। उषावदात्त ने बुनकरों की दो श्रेणियों (एक के साथ 2000 तथा दूसरे के साथ 1000 कापण) के पास अक्षयनिवि जमा की थी। उसने इन दोनों पर अलग-अलग दर से ब्याज (एक से प्रतिमाह 1% की दर से) लिया था। नासिक गुहा संख्या-10 के अनुसार, शकसातवाहन काल में अक्षयनिवि पर ब्याज दर 9 से 12 प्रतिशत वार्षिक थी। जो कि अर्थशास्त्र एवं स्मृतियों द्वारा निर्धारित मासिक 1¼ प्रतिशत (15% वार्षिक) के आदर्श ब्याज दर से काफी कम हैं

36. शैलेन्द्रवंशीय निम्नलिखित राजाओं में से किनके अपने समकालीन भारतीय राजाओं के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध थे ?

(A) समराग्रवीर
(B) बालपुत्रदेव
(C) चूडामणि वर्मन
(D) श्रीमारविजयत्तुंगवर्मन
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (B), (C) और (D)
Solution:शैलेन्द्र वंश के प्रमुख राजाओं के मैत्रीपूर्ण संबंध समकालीन भारतीय राजाओं के साथ इस प्रकार थे- जावा (यवभूमि) के शैलेन्द्र शासक बालपुत्रदेव ने पाल शासक देवपाल (810 - 850 ई.) के समय नालंदा में एक विहार बनवाया था। इस विहार के रख-रखाव तथा 'धर्मरत्न' के लेखन हेतु देवपाल ने 5 गाँव दान में दिये थे।

1006 ई. में राजराज प्रथम ने समकालीन श्रीविजय के शैलेन्द्र शासक श्रीमारविजयोतुंगवर्मन् या चूडामणि को नागपट्टनम में चूडामणि बौद्ध विहार के निर्माण हेतु प्रेरित किया था। राजराज ने इस विहार के लिए आनैमंगलम् नामक ग्राम दान में दिया था। राजराज के पुत्र राजेन्द्र प्रथम ने इस दान की पुष्टि की थी तथा इसे ताम्रपत्रों पर उत्कीर्ण करवाया था।

समराग्रवीर ने श्रीविजय के राजा धर्मसेतु (775 ई.) की पुत्री तारा से विवाह किया था। उसने श्रीविजय पर शासन किया तथा कंबोडिया को खो दिया था। जावा में बोरोबुदुर का विशाल स्तूप है।

37. निम्नलिखित संगठनों को उनकी स्थापना के वर्ष के अनुसार कालक्रम में रखें :

(A) आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
(B) इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
(C) इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी ऑफ इंडिया (डा. अम्बेडकर)
(D) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A), (D), (C), (B)
Solution:

निम्नलिखित संगठनों की स्थापना वर्ष का कालक्रम इस प्रकार है-

(संगठन)(वर्ष)
आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)-1920
हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन-1928
इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. अम्बेडकर)-1936
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)-1947

नोट-यू.जी.सी./एन.टी.ए. ने अनंनतिम उत्तर कुंजी में इस प्रश्न का उत्तर विकल्प (b) माना है जो की सही नहीं है।

38. निम्नलिखित में से कौन-से सुत्त दीघनिकाय से संबंधित हैं ?

(A) ब्रह्मजालसुत्त
(B) महापदानसुत्त
(C) महापरिनिब्बानुसुत्त
(D) सामफलसुत्त
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A), (B), (C), (D)
Solution:

बौद्ध साहित्य के दीघनिकाय में राज्य तथा राजा की उत्पत्ति का सिद्धान्त मिलता है। दीघनिकाय से सम्बन्धित प्रमुख सुत्त इस प्रकार है-

'ब्रह्मजाल सुत्त' में वर्णित है कि गंगाघाटी में 62 सम्प्रदायों का उल्लेख है। 'महापदानसुत्त' में सात बुद्धों का उल्लेख है जिनमें विपस्सी, सिखी, वेस्सभू, दकुसन्ध, नागमन, कस्सप और गौतम थे।

'महापरिनिब्बानसुत्त' में वर्णित है कि बुद्ध की मृत्यु के बाद उनके अवशेषों को लेकर विवाद उठा जिसके आठ दावेदार थे। 'सामञ्जफलसुत्त' में गौतमबुद्ध के समकालीन प्रभावशाली धर्मसुधारकों की सूची मिलती है।

39. मुंशी प्रेमचंद और उनकी कृतियों के बारे में नीचे दिए कथनों में से कौन-से सही हैं ?

(A) दलितों को स्वतंत्र और पहचान योग्य पात्रों के रूप में चित्रित करने वाले शुरुआती लेखकों में से प्रेमचंद एक थे, जो पात्र की गरीबी भी दर्शाते थेऔर उनकी विशिष्ट समस्याएँ भी।
(B) प्रेमचंद अपने समय के राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के प्रति बिल्कुल संवेदनहीन थे।
(C) प्रेमचंद सामाजिक बुराईयों ओर देश की गुलामीकी स्थितियों - दोनों के लिए चिंतित थे।
(D) उनकी अंतिम और अत्यंत प्रसिद्ध कहानियों में सेएक कफ़न पहल 1935 में हिंदी में प्रकाशित हुईथी और बाद में उर्दू में।
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A) और (C)
Solution:

मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय श्रीवास्तव था। इनका जन्म 31 जुलाई 1880 ई. को बनारस के समीप ग्राम लमही में हुआ था। इन्होंने उर्दू और हिन्दी में अनेक उपन्यास तथा ढेरोंकहानियाँ लिखी थी। मुंशी प्रेमचंद और उनकी कृतियों के बारे मेंसही कथन इस प्रकार हैं-

मुंशी प्रेमचंद दलितों को स्वतंत्र और पहचान योग्य पात्रों के रूप में चित्रित करने वाले शुरूआती लेखकों में से एक थे। इन्होंने अपनी कहानी सद्‌गति के माध्यम से दलितों की गरीबी और उनकी प्रमुख समस्याओं को भी दर्शाया है।

प्रेमचंद सामाजिक बुराइयों और देश की गुलामी की स्थितियों दोनों के लिए चिंतित थे। प्रेमचंद असहयोग आंदोलन के दौरान गांधीजी से बहुत प्रभावित थे।

इन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और स्वतंत्र लेखनी के माध्यम से सरकार की तानाशाही और गरीबों पर किये गये शोषण को अपनी कहानी 'शतरंज के खिलाड़ी' एवं 'सवा सेर गेहूँ' में दर्शाया है। प्रेमचंद अपने समय के राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के प्रति बिल्कुल संवेदनहीन थे।

प्रेमचंद की अंतिम और अत्यंत प्रसिद्ध कहानियों में से एक कफन है जो 1935 ई. में उर्दू में प्रकाशित हुई थी और बाद में हिंदी में प्रकाशित हुई। कफन एक यथार्थवादी कहानी है। इसमें समाज में व्याप्त शोषण व्यवस्था व दुष्परिणामों को सशक्त ढंग से अभिव्यक्त किया गया है।

40. "किसी समय और स्थान पर तब तक सड़कें, गोदी, बंदरगाह, नहरें, सिंचाई की व्यवस्था, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और छापाखाने नहीं होंगे, जब तक सरकार उनका निर्माण नहीं करेगी।

जॉन स्टुअर्ट मिल की पॉलिटिकल इकोनॉमी से लिया गया यह उद्धरण कंपनी सरकार द्वारा अपनाई गई किस नीति की ओर इंगित करता है?

Correct Answer: (b) हस्तक्षेपवाद
Solution:

उपरोक्त कथन 'किसी समय और स्थान पर तब तक सड़के, गोदी, बंदरगाह, नहरें, सिंचाई की व्यवस्था, अस्पताल, स्कूल, कालेज और छापेखानें, नहीं होंगे जब तक सरकार उनका निर्माण नहीं करेगी।

' जॉन स्टुअर्ट मिल की प्रसिद्ध पुस्तक 'पॉलिटिकल इकोनॉमी' से लिया गया है। यह उद्धरण कम्पनी सरकार द्वारा अपनाई गई हस्तक्षेपवाद नीति का परिचायक हैं, क्योंकि सामाजिक विकास के कार्यों में कम्पनी सरकार जब तक सक्रिय रूप से भागीदारी नहीं करेगी।

अर्थात् प्रत्यक्ष तौर पर हस्तक्षेप नहीं करेगी। तब तक ऐसे विकासात्मक कार्य सम्भव नहीं होगें। आर्थिक क्रियाकलापों में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा मुक्त व्यापार (लेसेज फेयर) नीति को अपनाया जाता था।

जिससे वाणिज्यवाद अर्थात् व्यापार-वाणिज्य में वृद्धि होती थी। उदासीनतावाद कम्पनी सरकार की किसी कार्यों के प्रति निष्क्रिय रूचि को दर्शाता है।