यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 (इतिहास)

Total Questions: 100

51. इसमें से ताम्रपाषाण युग का कौन सा स्थल राजस्थान में स्थित है ?

Correct Answer: (d) गणेश्वर
Solution:

जिस काल में ताँबा और पत्थर के हथियारों का प्रयोग एक साथ होता है, उस काल को 'ताम्र पाषाण काल' कहते हैं। यह काल प्राक्-हड़प्पा हड़प्पा तथा उत्तर हड़प्पा काल तक फैली है। गार्डन चाइल्ड ने अपनी पुस्तक 'WHAT HAPPEND IN HISTORY में तांबे के महत्व को बताया है।

उत्तर भारत में पाषाणकालीन संस्कृतियाँ के बाद ताम्र पाषाण कालीन संस्कृति का प्रचलन हुआ, जबकि दक्षिण भारत में पाषाण कालीन संस्कृति के बाद सीधे लौह काल की शुरूआत होती है।

गणेश्वर सभ्यता - यह राजस्थान के सीकर जिले के कांतली नदी के - उदगम स्थल पर स्थित है। यह सभ्यता 2800 ई.पू. में विकसित हुई थी यह ताम्रयुगीन संस्कृतियों में सबसे पुरानी है, इसीलिए इसे ताम्र युगीन संस्कृति की जननी कहा जाता है। इसके प्रमुख स्थल - अहाड़, गिलुंद, मर्मी एवं बालाथल है। इसका उत्खनन 1977 में आर.सी. अग्रवाल और विजय कुमार ने किया था।

सोनगाँव - यह ताम्र पाषाणकालीन स्थल 'जोर्वे संस्कृति' के अन्तर्गत आता है। पुणे में सोनगाँव, इनामगाँव और चंदोली नामक महत्वपूर्ण जोर्व संस्कृति के स्थल हैं। एरण - यह ताम्र पाषाणकालीन स्थल 'कायथा' संस्कृति के अन्तर्गत आता हैं। इसके निम्न क्षेत्र है नागदा, नौवदा, एरण और गुंगेरिया इत्यादि। इसका अध्ययन बी.एस.वाकणकर ने किया था।

52. भारतीय राज्यों के भाषाई पुनर्गठन के संबंध में कौन-से कथन सही हैं ?

(A) 1948 के भाषाई प्रदेश आयोग के प्रमुख सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
(B) 1952 में पोट्टि श्रीरामुल्लू ने पृथक आँध्र प्रदेश के लिए आमरण अनशन किया।
(C) संसद द्वारा राज्य पुनर्गठन कानून काफी बाद में 1968 में पारित किया गया।
(D) पंजाब के मामले में अकाली दल और हिंदू दक्षिण पंथी शाखा ने एक-दूसरे का समर्थन किया।
(E) संविधान का अनुच्छेद 347 भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (B) और (E)
Solution:स्वतंन्त्रता प्राप्ति के साथ ही भाषायी आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग के मद्देनजर संविधान सभा अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 27 नवम्बर 1947 को न्यायमूर्ति एस. के धर की अध्यक्षता में 4 सदस्यी 'भाषायी प्रान्त आयोग' का गठन किया।

आयोग ने 10 दिसम्बर 1948 को प्रस्तुत रिपोर्ट में भाषा की जगह 'प्रशासनिक, भौगोलिक, वित्तीय एवं विकास की सुविधा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन का सुझाव दिया। मद्रास राज्य के तेलुगु भाषियों के लिए भाषा के आधार पर अलग राज्य के गठन की माँग का समर्थन करते हुए 'पोट्टि श्री रामुल्लू' ने आमरण अनशन आरम्भ कर दिया, जिनकी 56 दिनों बाद 15 दिसम्बर 1952 को मृत्यु हो गयी।

जिसके फलस्वरूप प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने तेलुगु भाषियों के लिए पृथक राज्य 'आन्ध्र प्रदेश' का गठन 1 अक्टूबर 1953 को किया। यह भाषायी आधार पर गठित होने वाला प्रथम राज्य था। -न्यायमूर्ति फजल अली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय (के.एम. पनिक्कर तथा हृदयनाथ कुंजरू) ने राज्य पुनर्गठन आयोग गठित किया, तथा इन्होंने 30 दिसम्बर 1955 को अपनी रिपोर्ट केन्द्र को सौंप दी, इसी रिपोर्ट के आधार पर 'राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 पारित हुआ।

इस अधिनियम के अनुसार संविधान में 7वाँ संशोधन हुआ तथा 14 राज्यों 5 केन्द्र शासित प्रदेश का गठन हुआ। अतः C विकल्प गलत है। -अकाली दल के नेताओं ने पंजाब और पेप्सू (PEPSU) के विलय के लिए तथा पंजाबी सूबे के निर्माण के लिए आंदोलन किया, 1966 में इंदिरा गाँधी की सरकार ने पंजाब पुर्नगठन अधिनियम के अनुसार इसे तीन भागों में विभाजित किया गया हरियाणा, हिमांचल प्रदेश पंजाब । तथा चंडीगढ़ को केन्द्र शासित प्रदेश बनाया गया। अनुच्छेद - 347 - किसी राज्य के जनसंख्या के किसी अनुभाग पर बोली जाने वाली भाषा के सम्बन्ध में विशेष उपबन्ध है जो अल्पसंख्यक के अधिकार की रक्षा करता है।

53. मुगल बादशाहों अमीरों द्वारा जारी किए विभिन्न फरमानों विज्ञप्तियों को कालक्रमानुसार रखें :

(A) अकबर का रामदास को जारी फरमान
(B) राजस्व प्रशासन पर राजा टोडरमल की विज्ञप्ति
(C) मुहम्मद हाशिम को जारी फरमान
(D) रसिकदास करोड़ी को जारी फरमान
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A), (B), (D), (C)
Solution:

मुगल बादशाह अकबर ने चौथे सिक्ख गुरु रामदास से 1577 ई. में मिला तथा 500 बीघा भू-क्षेत्र 'मदद-ए-मॉश' के रुप में प्रदान की, जिसमें एक प्राकृतिक तालाब था, यही तालाब कालान्तर में 'अमृत सर' नगर बसा, तथा यही पर स्वर्ण मंदिर का निर्माण करवाया गया।

1580 में अकबर ने टोडरमल को दीवान-ए-असरफ (वित्त मंत्री) बनाया तथा इसका सहायक ख्वाजा मंसूर को बनाया। इसने 1580 में मुगल प्रान्त को 12 भागों में विभाजित किया। 1580 में दस्तूरउल-अमल का निर्माण हो गया तथा इसी के आधार पर 'आइने दहसाला'व्यवस्था लागू किया। पैमाईस की इस प्रणाली और उस पर आधरित आकलन को 'जाब्ती' कहते है।

जब्ती व्यवस्था को राजा टोडरमल से जोड़ा जाता है तथा कभी-कभी इसे टोडरमल की व्यवस्था भी कहते है)। नायब तहसीलदार (NT) का प्रशिक्षण केन्द्र हरदोई (UP) जिले में इन्हीं के नाम पर है। रसिकदास करोड़ी का जारी फरमान (1665-66 ई.) में औरंगजेब ने खालसा भूमि व कृषि पैदावार में आ रही कमी और दमनकारी कराधान तथा भूमि से खेतिहरों के पलायन की समस्या की बात थी।

मुहम्मद हासिम को जारी फरमान (1668-69ई.) इनका पूरा नाम मुहम्मद हाशिम अली खाफ़ी खाँ था। इन्होंने औरगज़ेब के शासन काल में मुगल सेवा में प्रवेश किया। 'मुन्तखब-उल-लुबाब' इनकी रचना है जिसमें औरंगजेब का आलोचनात्मक वर्णन है। बादशाह फर्रुखसियर के शासनकाल में निज़ामुलमुल्क ने उसे 'दीवान' के पद पर नियुक्ति किया था।

54. याज्ञवल्क्य स्मृति के प्रसिद्ध टीकाकार अपरार्क राजा थेः

Correct Answer: (c) शिलाहार राजवंश के
Solution:

स्मृतियों को धर्म शास्त्र की संज्ञा दी जाती है। भारतीय इतिहास में ईसा पूर्व द्वितीय शताब्दी से लेकर मध्यकाल तक विभिन्न स्मृति ग्रन्थों का प्रणयन हुआ है। याज्ञवल्क्य स्मृति (पाँचवी सदी) गुप्तकाल तक की रचनायें हैं, यह श्लोकों में लिखी गयी है तथा इसकी भाषा 'लौकिक संस्कृत' है।

याज्ञवल्क्य स्मृति के टीकाकार विश्वरुप, विज्ञानेश्वर, अपरार्क आदि है, अपरार्क शिलाहार (कोंकण) राजवंश के राजा थे। सेन राजवंश यह वंश 11-12 वीं शताब्दी में बंगाल में हिंदू राजवंश था तथा इसके संस्थापक-सांमत सेन थे। इसके प्रमुख शासक बल्लाल सेन, लक्ष्मण सेन इत्यादि थे।

काकतीय राजवंश यह एक दक्षिण भारतीय राजवंश था, जो कि 12वीं-14वीं शताब्दी में शासन किया। इनकी राजधानी वारंगल थी। काकतीय लोग अपने को चोल करिकाल का वंशज मानते है, इस वंश का प्रतापी राजा गणपति हुआ, बाद में उनकी पुत्री- रूद्राम्बा भी राज्य की शासिका बनी।

1323 ई.में मुहम्मद तुगलक ने इसे अपने राज्य में विलय किया। शैलोद्भव राजवंश यह वंश 6-8वीं शताब्दी के दौरान पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों पर शासन किया, इसके मूल क्षेत्र में कोंगोद मण्डल के रूप में जाना जाता है। इसमें वर्तमान उड़ीसा के गंजाम,खोरथा और पूरी जिले के कुछ हिस्से शामिल हैं। इनकी राजधानी कोंगोद थी। जिसे आधुनिक वाणपुर नाम से पहचाना जाता है।

55. भारत की निम्नलिखित पुरातात्विक संस्कृतियों को उनके कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए -

(A) कोट दीजि संस्कृति
(B) जोरेव संस्कृति
(C) मालवा संस्कृति
(D) कायथा संस्कृति
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A), (D), (C), (B)
Solution:कालक्रम के रूप में इस प्रकार व्यवस्थित हैं।

कोट दीजी - पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में 'खैरपुर' नामक स्थान पर स्थित प्राचीन सैंधव सभ्यता का एक केन्द्र था। इसकी खोज जी.एस. धुर्ये ने 1935 में की तथा खुदाई 1953 में फजल अहमदखान द्वारा की गयी।

कायथा संस्कृति - यह मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले पुरापाषण ताम्र पाषाण स्थल है। यह 2300-2000 ई.पू. का समय है, इसके निम्न क्षेत्र-नागदा, नौवदा, एरण और गुंगेरिया है। इस संस्कृति का अध्ययन-बी.एस.वाकणकर ने किया है।

मालवा संस्कृति- यह ताम्र पाषाणिक स्थल मध्य भारत के मालवा क्षेत्र महाराष्ट्र के दक्कन प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों पर मौजूद है। इस संस्कृति में प्राप्त मृदभाण्ड सभी ताम्र पाषाण कालीन संस्कृतियों में सर्वोच्च था।

जोर्वे संस्कृति - यह एक ताम्र पाषाण कालीन संस्कृति हैं। यह महाराष्ट्र के 2 जिले अहमद नगर और पुणे में विकसित हुई। अनुमानतः इसका काल 1500-900 ई.पू. था। अहमदनगर के तीन महत्वपूर्ण स्थल थे जोर्वे, नेवासा, दयमाबाद।

56. अकबर के निम्नलिखित अभियानों को कालक्रमानुसार रखें:

(A) सिंध
(B) खानदेश
(C) बंगाल
(D) काबुल
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (C), (D), (A), (B)
Solution:जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर (1542-1605 ई.) के विजय अभियान का क्रम -

बंगाल - 1574 में अकबर ने मुनीम खाँ के नेतृत्व में बंगाल में दाऊद के विरुद्ध अभियान पर भेजा तथा स्वयं अकबर भी बंगाल विजय के लिए गया। मुनीम खाँ को बंगाल का सूबेदार नियुक्त किया। 1575 में दाऊद खाँ ने समर्पण कर दिया।

काबुल - काबुल के शासक तथा अकबर के सौतेले भाई मिर्जा मोहम्मद हकीम ने विद्रोहियों के साथ मिलकर भारत का सिंहासन प्राप्त करने का प्रयास किया। अकबर ने शाहजादा मुराद को उसके विरुद्ध नियुक्ति किया, तथा स्वयं 9 अगस्त 1581 ई. का काबुल के किले में प्रवेश किया। मिर्जा हकीम ने क्षमा याचना की, तथा उसे माफ कर दिया। 1585 ई. में मिर्जा हकीम के मृत्यु के बाद मान सिंह को काबुल अधिकार के लिए नियुक्ति किया।
सिन्ध- मिर्जा जानीबेग यहाँ का स्वतन्त्र शासक था, अकबर ने 1590 में अब्दुल रहीम खानखाना को सिन्ध पर विजय के लिए नियुक्त किया, मिर्जा जानी बेग ने अकबर की अधीनता स्वीकार की तथा उसे तीन हजार की मनसब दिया गया।

खानदेश- अकबर ने 1591 ई. में फैजी को अपना दूत बनाकर खानदेश भेजा तथा खानदेश के राजा अली खाँ ने स्वाधीनता स्वीकार कर ली।

57. उड़ीसा के मंदिरों के निम्नलिखित भागों को नीचे से प्रारंभ कर ऊपर के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :

(A) बरंड
(B) बेकी
(C) खपुरी
(D) पाभाग
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (D), (A), (B), (C)
Solution:उड़ीसा के मंदिर शुद्ध नागर शैली का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये मंदिर 7वीं से 13वीं शताब्दी के बीच बनाये गये हैं मंदिर निर्माण का कार्य भुवनेश्वर नगर में हुआ। जिनमें प्रमुख मंदिर-लिंग राज मंदिर, पुरी का जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क का सूर्य मंदिर (13वीं शताब्दी) - इस अर्क (सूर्य) के इस विमान का निर्माण वास्तुकला विद तथा तक्षण शिल्पी की सम्मिलित प्रतिभा का परिमाप है। लिंगराज मंदिर पूर्ण विकसित नागर शैली के सर्वोत्तम उदाहरण है, इसके मुख्य भाग है- गर्भ गृह, जिसे 'देवल' कहते है तथा उसमें जुड़ा दूसरा भाग को 'जगमोहन' कहते है। उड़ीसा के मंदिरों के भागों का नीचे से ऊपर के क्रम पाभाग बरंड बेकी खुपरी ।

58. कल्हण के अनुसार कश्मीर के प्रशासन एवं संस्कृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाली निम्नलिखित रानियों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें -

Correct Answer: (c) (C), (A), (D), (B)
Solution:

सुगन्धा उत्पलवंश में गोपाल वर्मन ने 902 ई. में शासक बना। उसकी माता- 'सुगन्धा' उसकी संरक्षिका बनी, गोपाल वर्मन की हत्या के बाद सुगन्धा स्वतन्त्र शासिका के रूप में 914 ई. तक शासन किया।

दिददा- कश्मीर में यशस्कर का पुत्र क्षेप गुप्त (950-58) का विवाह लोहार वंश की 'दिद्दा' से हुआ। रानी दिदा अपने अल्पवस्यक पुत्र 'अभिमुन्यु' की संरक्षिका के रूप में 958 ई.से 972 ई. तक शासन किया।

सूर्यमती - लोहार वंश के शासक अनन्त की पत्नी सूर्यमती थी। उसने अपनी पत्नी सूर्यमती के प्रभाव में आकार अनेक मंदिरों का निर्माण कराया तथा दान कार्य किए।

रड्डा - कार्कोट वंश का प्रसिद्ध शासक ललितादित्य मुक्तापीड (724-60) था। कल्हण ने इन्हें अरबों पर विजय का श्रेय देता है तथा उसने कर्णाट देश की रानी 'रडडा को हराया था।

59. निम्नलिखित में से कौन सा से कथन सही है हैं ?

(A) तमिल क्षेत्र में दक्षिण हस्त (राइट हैंड) और वामहस्त (लेफ्ट हैंड) समूहों को क्रमशः इ गई और वलंगई के नाम से जाना जाता था।
(B) दक्षिण हस्त और वाम हस्त दोनों समूहों में गैरकृषक जातियाँ जैसे कि शिल्पकार और ऊँची जातियां शामिल थीं।
(C) दक्षिण हस्त और वाम हस्त दोनों समूहों ने अस्पृश्यों, मुख्य रूप से पड़य्यों को अपने समूह से बाहर रखा। नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (B) और (C)
Solution:

वाम - हस्त और दक्षिण हस्त शब्दों का प्रयोग सर्वप्रथम फ्रांसीसी क्रांति के दौरान हुआ। दक्षिण हस्त और वाम हस्त दोनों समूहों में गैर-कृषक जातियाँ शामिल थी। दोनों समूहों ने अस्पृश्यों मुख्य रुप से पड़य्यों को अपने समूह से बाहर रखा।

भारत में तमिल क्षेत्र में दक्षिण हस्त को वलंगई तथा वाम-हस्त को इंडगई कहा जाता था। अतः विकल्प (a) गलत है। प्रश्न में दक्षिणहस्त को इडंगई तथा वाम हस्त का वलंगई लिखा गया है।

60. 'हमारी सामान्य नीति, शक्ति की राजनीति में लिप्त नहीं होने और एक गुट के खिलाफ शक्ति के किसी अन्य गुट के साथ नहीं जुड़ने की है। आज के दो बड़े गुट रूसी ब्लाक और आंग्ल अमेरिकी ब्लाक हैं। हमें दोनों से मैत्रीपूर्ण संबंध रखने चाहिए और किसी में शामिल नहीं होना चाहिए।' उपरोक्त शब्द किस नीति के केन्द्रीय तत्व को स्पष्ट करते हैं ?

Correct Answer: (d) पंचशील
Solution:

द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत विश्व की राजनीति दो ध्रुव में विभाजित हो चुकी थी। ऐसे विश्व परिदृश्य में, भारत ने विश्व राजनीति में अपनी पृथक पहचान एवं स्वतंत्र अस्तित्व बनाये रखने के उद्देश्य से गुटनिरपेक्षता नीति को अपनाया।

गुट निरपेक्षता नीति का केंद्रीय तत्व 'हमारी सामान्य नीति, शक्ति की राजनीति में लिप्त नहीं होने और एक गुट के खिलाफ शक्ति के किसी अन्य गुट के साथ नहीं जुड़ने की है। आज के दो बड़े रुसी ब्लाक और आंग्ल अमेरिकी ब्लाक हैं। हमें दोनों से मैत्रीपूर्ण संबंध रखने चाहिए और किसी में शामिल नहीं होना चाहिए।"

'पंचशील' के सिद्धातों का प्रतिपादन सर्वप्रथम 29 अप्रैल 1954 को तिब्बत के संबंध में भारत और चीन के बीच हुए एक समझौते के अन्तर्गत किया गया था। बगदाद संधि को केन्द्रीय संधि संगठन (CENTO) के नाम से जानते है। इसकी स्थापना 24 फरवरी 1955 में हुई।