यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 (इतिहास)

Total Questions: 100

61. शेरशाह सूरी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं ?

(A) व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए शेरशाह ने अपने पूर्ववर्ती काल के मिश्रित धातु के प्रचलित सिक्कों की जगह चाँदी और तांबे के समान वजन के नए सिक्के ढलवाए।
(B) उसने माप तौल के मानकीकरण के भी कुछ प्रयास किए।
(C) उसके साम्राज्य में माल पर सिर्फ दो बार कर देना होता था - एक प्रवेश के स्थान पर और दूसरा बिक्री के समय।
(D) उसने अनेक सरायें बनवाई जो सिर्फ यात्रियों के आराम के लिए थीं।
नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

शेरशाह सूरी एक अफगान शासक था। शेरशाह एक व्यवस्था सुधारक के रूप में जाना जाता है। इसने व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए मिश्रित धातु की मुद्राएँ बंद कर दी तथा शुद्ध, सोने, चाँदी तथा ताँबे की मुद्राओं का प्रचलन किया जिसका तौल और आकार निश्चित था।

शेरशाह ने सोने के सिक्के अशरफ, चाँदी का रूपया तथा तांबे का दाम नामक सिक्का जारी किया। उसने माप तौल के मानकीकरण का भी प्रयास किया। इसके साम्राज्य में माल पर सिर्फ दो बार कर देना होता था- एक प्रवेश के स्थान पर और दूसरा बिक्री के समय ।

शेरशाह ने सड़कों के किनारे प्रत्येक 4 मील की दूरी पर यात्रियों के ठहरने के लिए 1700 सरायों का निर्माण करवाया। जिसमें हिन्दुओं और मुस्लिमों के अलग-अलग ठहरने की व्यवस्था थी और प्रत्येक सराय पर घोड़ों की व्यवस्था थी, जिसके द्वारा संवाद-वाहक एक स्थान से दूसरे स्थान पर संदेश पहुचाया करते थे। शेरशाह के सरायों में यात्रियों के अलावा अन्य लोग भी थे न कि केवल यात्री ।

62. राष्ट्रकूट राजाओं द्वारा जारी और उनके सचिवों द्वारा अभिलिखित आदेशों को, कहा जाता था?

Correct Answer: (c) राजश्रावितम्
Solution:

राष्ट्रकूट राजाओं द्वारा जारी और उनके सचिवों द्वारा अभिलिखित आदेशों को 'राजश्रावितम्' कहा जाता था। राजा द्वारा दिए गए-मौखिक आदेशों को सुनने वाले तथा बाद में उन्हे सही ढंग से कागज पर लिखकर उसे सम्बन्धित अधिकारी के पास समुचित कार्यवाही के लिए भेजते थे, वे 'रहस्याधिकृत' या वायिल-केटपार कहलाते थे।

झगड़ों के निपटारे के लिए ग्राम कचहरी तथा जातीय और वर्गीय पंचायतों के अतिरिक्त न्याय दिलाने के लिए केन्द्रीय सरकार की ओर से न्यायालयों का प्रबन्ध था, जो अधिकरण अथवा धर्मासन कहलाता था। राजा द्वारा अपने राज्य के शासन प्रशासन को सही ढंग से चलाने के लिए जारी लिखित आदेशों को राजपत्र कहा जाता था।

63. निम्न में से कौन सा कथन सहीं नहीं है?

Correct Answer: (c) अंग्रेज 'फ्री ट्रेडर्स' ने भारत में ईस्ट कंपनी के एकाधिकार का समर्थन किया और कंपनी के खिलाफ बगावत करने वाली देसी रियासतों के राजाओं की आलोचना की।
Solution:सितम्बर 1599 ई.में लन्दन में कुछ व्यापारियों ने लार्ड मेयर की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन किया। लंदन में व्यापरियों ने पूर्व के देशों के साथ व्यापार करने के आशय से 1599 में एक कम्पनी का गठन किया जिसका नाम "गर्वनर एण्ड कम्पनी ऑफ मर्चेन्ट्स ऑफ लन्दन ट्रेडिंग इन टू द ईस्ट इण्डीज" रखा गया।

इंग्लैण्ड की 'महारानी एलिजाबेथ प्रथम' ने 31 दिसम्बर 1600 ई. में एक आज्ञापत्र द्वारा इसे 15 वर्षों के लिए पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया।

अंग्रेज 'फ्री ट्रेडर्स' (स्वतंत्र व्यापरियों) और हिग पार्टी जो सत्ता में आई वह कम्पनी के व्यापारिक एकाधिकार के पक्ष में नहीं थे। स्वतंत्र व्यापारी कंपनी के खिलाफ बगावत करने वाली देशी रियासतों के राजाओं के साथ समन्वय स्थापित करके व्यापार करते थे।

औपनिवेशिक काल में भारतीय समाज में मुख्य अंतर्विरोध अभिजात वर्ग (भारतीय तथा ब्रिटिश दोनों) और निचले स्तर की जनता के बीच था। यही कारण है कि औपनिवेशिक स्रोतों ने 1857 के विद्रोह को सेना की बागवत के रूप में दिखाया। सैय्यद अहमद खान का जन्म 17 अक्टूबर 1817 में दिल्ली की 'सदात यानी सैयद' खानदान में हुआ था। 1857 की क्रांति के समय ईस्ट इंडिया कम्पनी के लिए ही काम करते थे। इन्होंने मुरादाबाद में सन् 1858 में आधुनिक मदरसे की स्थापना की, इनके द्वारा साइटिफिक सोसाइटी की स्थापना की गई, यही कारण है कि सैयद अहमद खान ने 1857 के विद्रोह में ब्रिटिश सत्ता के प्रति मुसलमानों की निष्ठा को दिखाया है।

आर.सी. मजूमदार के अनुसार 1857 के असैनिक विद्रोह को स्वतन्त्रता संग्राम तभी कह सकते हैं, यदि हम लोग इसका अर्थ अंग्रेजों के विरुद्ध एक छोटा-सा संघर्ष मान ले परन्तु उस अवस्था में तो पिण्डारियों के अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष अथवा वहाबियों के सिक्खों के विरुद्ध संघर्ष को भी ऐसा ही स्वीकार करना पड़ेगा। इसी कारण आर.सी. मजूमदार 1857 के विद्रोह को 'आजादी की पहली लड़ाई' मानने से इनकार करते हैं।

64. निम्न में से सत्रहवीं सदी के किन संस्कृत विद्वानों का संबंध मुगल बादशाह शाहजहां से था?

(A) शांति चंद्र
(B) जगन्नाथ पंडितराज
(C) कविन्द्राचार्या सरस्वती
(D) पद्मसुंदरा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (B) और (C)
Solution:

संस्कृत विद्वान जगन्नाथ पंडितराज व कविन्द्राचार्य सरस्वती मुगल-बादशाह शाहजहाँ के दरबारी कवि थे। गंगा लहरी व रस गंगाधर के लेखक पंडित जगन्नाथ को शाहजहाँ ने 'महाकवि' की उपाधि दी थी। शाहजहाँ का शासन काल हिन्दी साहित्य में रीतिकाल के उदय का समय था।

इस काल में हिन्दी कवियों के समक्ष संस्कृत के प्राचीन 'काव्य शास्त्र' की विकसित परम्परा थी। शाहजहाँ के शासन काल में संस्कृत के अनके ग्रंथों का फारसी में अनुवाद किया गया था।

65. दक्कन के बलूतेदारों के बारे में निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) बलूतेदार ग्रामसेवक और शिल्पकार थे।
(B) वतनदार बलूतेदार के पास गाँव में काम करने और पारिश्रमिक प्राप्त करने का स्थायी अधिकार था।
(C) उपरि बलूतेदारों के पास गाँव में स्थायी अधिकार नहीं थे और वे प्रवासी थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A), (B) और (C)
Solution:

बलूतेदार (बालुतदार) दूसरे शब्दों में गाँव के "सेवा प्रदाता" थे। बलूटा अनाज (या कृषि उपज) के हिस्से का प्रतीक हैं। ज्यादातर मामले में इन लोगों को वार्षिक भुगतान किया जाता था। इस बात से यह स्पष्ट हो जाता हैं कि बलूतेदार ग्राम सेवक और शिल्पकार थे। वतनदार बलूतेदार के पास गाँव में काम करने और • पारिश्रमिक प्राप्त करने का स्थायी अधिकार था।

क्योंकि बलूतदारी एक तरह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक संपूर्ण ढाँचा था। उपरि बलूतदार और बड़ा अलुतेदार गाँव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व गाँव की सभी आवश्यकताओं व जरुरतों को पूरा करने के लिए काम करते थे। उन्हें किसानों से खाद्यान्न के रुप में उनकी सेवाओं से परिश्रामिक मिलता था क्योंकि उपरि बलूतेदार के पास में स्थायी अधिकार नहीं थे और वे प्रवासी थे। अतः सभी कथन सही है।

66. निजामुल मुल्क से मराठाओं के संबंध के संदर्भ में निम्न में से कौन से कथन सही है?

(A) 1710 से 1715 के बीच दक्कन के वायसराय के रूप में निजामुल मुल्क के दक्कन के लिए चौथ और सरदेशमुखी के मराठा दावे का प्रतिरोध किया।
(B) सैयदों के खिलाफ अपने सफल विद्रोह के बाद निजामुल मुल्क ने दक्कन का चौथ और सरदेशमुखी मराठाओं को देने के शाही फरमान को सम्मान दिया।
(C) जनवरी 1721 में बाजी राव से उसने पहली मुलाकात की।
(D) मराठाओं और निजामुल मुल्क के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा कर्नाटक था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (B), (C) और (D)
Solution:

1710 से 1715 के बीच दक्कन के वायसराय के रुप में नियुक्त निजामुल-मुल्क ने 23.जून 1724 में शूकरखेड़ा के युद्ध में मराठों की मदद से दक्कन के मुगल सूबेदार 'मुबारिज खाँ' को परास्त करके दक्कन में अपनी स्वतन्त्र सत्ता स्थापित की।

निज़ामुलमुल्क ने अपनी स्थिति मजबूत होने पर पुनः मराठों के खिलाफ कार्यवाही शुरु कर दी तथा चौथ और सरदेशमुखी देने से इन्कार कर दिया, सैयदों के खिलाफ अपने सफल विद्रोह के बाद 1728 ई. में निजामुल-मुल्क 'पालखेड़ा' के युद्ध में बाजीराव से पराजित हुआ, युद्ध में पराजित होने पर निजामुल-मुल्क संधि के लिए बाध्य हुआ।

16 मार्च 1728 में दोनों के बीच 'मुंशी शिवगाँव' की संधि हुई जिसमें निजाम मराठों को चौथ और सरदेशमुखी देना स्वीकार कर लिया था। बाजीराव व निज़ाम की पहली मुलाकात जनवरी 1721 में नहीं हुई थीं अपितु 7 मार्च 1728 को मुंशी शिवगाँव की संधि के समय हुईं मराठों और निज़ामुल-मुल्क के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा कर्नाटक नहीं था। बल्कि साम्राज्य विस्तार की नीति थी।

67. विदेश में भारतीय क्रांतिकारियों और उनके समाचार पत्र के निम्नलिखित में से कौन से युग्म सही नहीं हैं?

(A) तारक नाथ दास - सर्कुलर-ए-आज़ादी
(B) रामनाथ पुरी - फ्री हिन्दुस्तान
(C) श्यामजी कृष्ण वर्मा इंडियन सोशियोलॉजिस्ट
(D) इंदुभूषण डे मजूमदार - गैलिक अमेरिकन
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A), (B) और (D)
Solution:

तारक नाथ दास एक भारतीय क्रांतिकारी थे। उनके द्वारा सम्पादित समाचार पत्र फ्री हिन्दुस्तान था, जबकि रामनाथपुरी द्वारा सम्पादित समाचार पत्र सर्कुलर-ए-आज़ादी था। श्यामजी कृष्ण वर्मा द्वारा सम्पादित समाचार पत्र इंडियन सोशियोलॉजिस्ट था।

इंदुभूषण डे मजूमदार द्वारा लिखित पत्र 'अमेरिका थ्रू हिन्दू आइज' था, जबकि गेलिक अमेरिकन 1903 से 1951 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रकाशित एक आयरिश राष्ट्रवादी समाचार पत्र था जो 'जॉन डेवॉय के स्वामित्व वाले आयरिश राष्ट्र के साथ था। इसे 2021 में एक ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के रुप में फिर से शुरु किया गया था।

68. सूची I के साथ सूची II का मिलान कीजिए:

सूची-I (पुस्तक)सूची-II (विषय-वस्तु)
(A)निजामी-ए-अंजुम(I)तात्कालिक माप-तौल से संबंधित
(B)तोहफ़तुल हिंद(II)हिंदू फलित ज्योतिष
(C)दबिस्तान-ए मज़ा़हिब(III)हिंदू छंदशास्त्र और अलंकार
(D)रिसाला-मिकदारिया(IV)भारत के विभिन्न धर्म और संप्रदाय

नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)IIIIVIII
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIIVI
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है -
सूची-I (पुस्तक)सूची-II (विषय वस्तु)
निजामी-ए-अंजुमहिन्दू फलित ज्योतिष
तुहफ़तुल हिंदहिन्दू छंदशास्त्र और अलंकार
दबिस्तान-ए-मजाहिबभारत के विभिन्न धर्म और संप्रदाय
रिसाला - मिकदारियातात्कालिक माप-तौल से संबंधित

69. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A) : जब ऑल इंडिया वीमेंस कांफ्रेंस ने चाइल्ड मैरिज रेस्ट्रेंट बिल (1929) के समर्थन में अपना अभियान शुरू किया, तो सिस्टर सुब्बालक्ष्मी ने जोशी समिति के सामने अल्पायु में विवाह के नुकसान के साक्ष्य प्रस्तुत किए।

कारण (R) : सामाजिक कार्यकर्ता मि बेन पेटिट ने गरीबों के बीच सेवा कार्य करने के लिए सेवा मंदिर का संगठन किया। वे बाद में महत्वपूर्ण ट्रेड यूनियन नेता भी बनीं।

उपरोक्त कथन के आलोक, नीचे दिए गए विकल्पों मेंसे सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (A) is true but (R) is false (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
Solution:ऑल इंडिया वीमेंस कांफ्रेंस की स्थापना 1927 में मारग्रेट एलिजाबेथ कजिंस ने पुणे में की थी। 1927 में महारानी चीमाना बाई-गायकवाड़ कांफ्रेंस की प्रथम अध्यक्ष बनी, ऑल इंडिया वीमेंस कांफ्रेंस ने चाइल्ड मैरिज रेस्ट्रेंट बिल (1929) के समर्थन में अपना अभियान शुरू किया तो सिस्टर सुब्बालक्ष्मी ने जोशी समिति के सामने अल्पायु में विवाह के नुकसान के साक्ष्य प्रस्तुत किए।

जबकि सामाजिक कार्यकर्ता मिठूबेन पेटिट ने गरीबों के बीच सेवा कार्य करने के लिए “कस्तूरबा वनातशाला" नामक आश्रम की स्थापना की थी ना कि सेवा मंदिर की स्थापना की थी।

अतः अभिकथन (A) सत्य हैं, जबकि कारण (R) असत्य है।

70. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I सिख गुरुसूची-II उप-जाति
(A)गुरु नानक(I)भल्ला
(B)गुरु अमर दास(II)बेदी
(C)गुरु राम दास(III)त्रेहन
(D)गुरु अंगद(IV)सोधी

नीचे दिए गएविकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए

ABCD
(a)IIIIIIVI
(b)IIIIVIII
(c)IVIIIIII
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेल है -
सूची - I (सिख गुरू)सूची - II (उपजाति)
गुरु नानकबेदी
गुरु अमर दासभल्ला
गुरु राम दाससोधी
गुरु अंगदत्रेहन