Solution:समुद्री जल का घनत्व तापमान, दबाव और लवणता पर निर्भर करता है। तापमान तथा घनत्व में सामान्यतया विपरीत संबंध होता है, अर्थात् अधिक तापमान होने पर कम घनत्व तथा कम तापमान होने पर अधिक घनत्व होता है। वही सागरीय जल की लवणता, दबाव एवं घनत्व में सीधा संबंध होता है। अतः कथन (A) सत्य है। घनत्व पर जल की अभिसारिता का प्रभाव पड़ता है,
क्योंकि जल की अभिसारिता से समुद्री जल का घनत्व बढ़ता है। अतः कथन (B) असत्य है। तापमान के बढ़ने घटने से जल के ऊष्मीय विस्तार में परिवर्तन होता है। अतः यह कथन सत्य है। मध्य अक्षांशों में अत्यधिक वर्षा के कारण घनत्व कम होता है न कि अधिक होता है। अतः यह कथन असत्य है। अतः स्पष्ट है कि विकल्प (b) सत्य है।
महासागरीय जल का घनत्व किसी न किसी रूप में निम्न 3 कारकों से सम्बन्धित हैं-
(1) तापमान → तापीय प्रसार (2) दबाव → सम्पीडनात्मक (3) लवणता → घुले तत्वों का योग
शुद्ध जल का घनत्व 1.00 g/cm³ होता है (40 सेण्टीग्रेड तापमान पर) जबकि महासागरीय जल का औसत घनत्व 1.0278 g/cm होता है, जो कि शुद्ध जल के घनत्व से से 3 प्रतिशत अधिक है (4° सेण्टीग्रेड तापमान पर)।