यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020/जून 2021 (भूगोल-Shift-II)

Total Questions: 100

41. ओजोन की माप से सम्बद्ध पारिभाषिक शब्दों की • पहचान करें-

(A) डॉबसन
(B) स्पेक्ट्रोफोटोमीटर
(C) पाइरानोमीटर
(D) प्लानीमीटर
(E) एनिमोमीटर
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये -

Correct Answer: (a) केवल (A) और (B)
Solution:

ओजोन की माप से सम्बद्ध शब्द डॉब्सन तथा स्पेक्ट्रोफोमीटर मीटर है। ओजोन परत पृथ्वी के वायुमण्डल में प्राकृतिक ओजोन गैस की एक मेखला है, जो सूर्य द्वारा उत्सर्जित हानिकारक पराबैंगनी किरणों से रक्षा के लिए कवच का कार्य करता है। कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण उपकरण इस प्रकार हैं-

यंत्रविवरण
प्लानीमीटरयह मानचित्र पर क्षेत्रफल मापने का एक यंत्र है।
ओपिसोमीटरयह मानचित्र पर दूरी मापने का एक यंत्र है।
बैरोमीटरयह वायुदाब मापने का एक यंत्र है।
एनिमोमीटरइससे वायु के प्रवाहित होने वाली दिशा का निर्धारण किया जाता है।
पाइरानोमीटरयह उच्च तापमान को मापने का एक यंत्र है।
साइनोमीटरइस उपकरण द्वारा आकाश का नीलापन ज्ञात किया जाता है।

42. वह शब्द जो वर्णित 'करता है कि जनन दर में गिरावट के बाद भी, जनसंख्या में वृद्धि होती रहेगी, वह कहलाता है-

Correct Answer: (a) जनसांख्यिकीय गति
Solution:

जनसांख्यिकीय गति वर्णित करता है कि जनन दर में गिरावट के बाद भी जनसंख्या में वृद्धि होती रहेगी। जनांकिकीय संक्रमण का सिद्धान्त का प्रतिपादन डब्ल्यू.एस. थाम्पसन (1929) एवं एफ. डब्ल्यू. नोटस्टीन (1945) द्वारा किया गया। इन्होंने जनांकिकीय संक्रमण तीन अवस्थाएँ बतायी तथा कोलिन क्लार्क महोदय ने इस सिद्धान्त का समर्थन करते हुए पाँचवीं अवस्था की परिकल्पना की, जो इस प्रकार है-

क्रमअवस्थाविवरण
(1)प्रथम अवस्थाजन्मदर और मृत्युदर दोनों ही उच्च अवस्था में पायी जाती हैं।
(2)द्वितीय अवस्थाजन्मदर उच्च तथा मृत्युदर कम।
(3)तीसरी अवस्थाजन्मदर एवं मृत्युदर में प्रशंसनीय कमी।
(4)चौथी अवस्थाजन्मदर एवं मृत्युदर दोनों ही कम होते हैं।
(5)पाँचवीं अवस्थाऋणात्मक वृद्धि की अवस्था।

43. जी आई एस आधारित मानचित्र को निम्नलिखित में से क्या किया जा सकता है?

(A) अद्यतन ' (B) सम्पादित (C) प्रदर्शित (D) गुगल वेब पोर्टल पर देखा जा सकता है।
नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये -

Correct Answer: (d) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:

क्लार्क के अनुसार- 'किसी विशेष संगठन के अन्तर्गत धरातलीय आँकड़ों का अधिग्रहण, पुनप्राप्ति, विश्लेषण तथा प्रदर्शन करने वाली कम्प्यूटर सहायता प्राप्त प्रणाली' के जी आई.एस. कहते हैं।'

भौगोलिक सूचना तंत्र के माध्यम से अद्यतन, सम्पादित, प्रदर्शित तथा गूगल वेब पोर्टल पर देखा जा सकता है। यह एक स्थानिक सूचना विज्ञान है, जो आँकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण से सम्बन्ध स्थापित करता है। इस प्रकार विभिन्न प्रतिमानों द्वारा स्थानिक सूचनाओं का कम्प्यूटर आधारित चित्रण किया जाता है।

44. निम्नलिखित में से किस विद्वान ने कृषि उत्पादकता स्तर मापने हेतु सूत्र PI = (Y/Yₙ) /(T/Tₙ) का प्रयोग किया है| जहाँ PI = कृषि उत्पादकता सूचकांक; Y = इकाई क्षेत्र में चुनिन्दा फसलों का कुल उत्पादन, Yₙ उन्हीं चुनिन्दा फसलों का देश में कुल उत्पादन; T = इकाई क्षेत्र में कुल क्षेत्रफल जहाँ फसलें लगाई गई, Tₙ = देश में कुल क्षेत्रफल जहाँ फसलें लगाई गई।

Correct Answer: (d) शफी
Solution:

शफी द्वारा कृषि उत्पादकता स्तर मापने हेतु निम्न सूत्र PI = (Y/Yₙ) /(T/Tₙ)  का प्रयोग किया है, जहाँ PI = कृषि उत्पादकता सूचकांक, Yₙ = इकाई क्षेत्र में चुनिन्दा फसलों का कुल उत्पादन, = उन्हीं चुनिन्दा फसलों का देश में कुल उत्पादन, T = इकाई क्षेत्र में कुल क्षेत्रफल जहाँ फसलें लगाई गई, Tₙ = देश में कुल क्षेत्रफल जहाँ फसलें लगाई गईं। इसी प्रकार शस्य संयोजन विधि में वीवर, के.दोई, थामस, रफीउल्लाह तथा जॉनसन आदि विद्वानों का भी महत्त्वपूर्ण योगदान है।

45. निम्नलिखित में कौन भूगोल को मानचित्र बनाने के विज्ञान के रूप में व्याख्या किया?

Correct Answer: (d) क्लाडियस टॉलमी
Solution:

क्लाडियस टालमी ने 'भूगोल को मानचित्र बनाने के विज्ञान के रूप में व्याख्या किया। टालमी एक महान खगोलशास्त्री थे, जिन्होंने खगोल शास्त्र की प्रसिद्ध पुस्तक 'अलमाजेस्ट' की रेचना की थी। प्रेक्षण, अन्वेषण तथा लेखन द्वारा टालमी ने गणितीय भूगोल, मानचित्र कला और सामान्य भूगोल के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। टालमी की अन्य प्रमुख पुस्तकें हैं-

'ज्योग्राफिया', 'ग्रहीय परिकल्पना' और 'एनेलिमा' आदि। स्ट्रबो ने संसार के वर्णन को 17 खण्डों वाले भौगोलिक विश्वकोष में संकलित किया था, जिसका नाम 'ज्योग्राफिया' रखा तथा हिकैटियस की प्रसिद्ध पुस्तक 'पीरिओडस' दो खण्डों में 520 ई.पू. में प्रकाशित हुई थी। इसका अर्थ है 'पृथ्वी का वर्णन । प्रसिद्ध दार्शनिक और गणितज्ञ थेल्स एजियन सागर के पूर्वी तट पर स्थित मिलेटस नगर के निवासी थे।

46. क्योटो प्रोटोकॉल, 1997 समझौते का क्या परिणाम था?

(A) कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 5.2% कटौती
(B)  समझौते को अमान्य नहीं किया जा सकता है
(C) यह प्रोटोकॉल 1997 से प्रभावी होना था।
(D) यह प्रोटोकॉल 1999 से प्रभावी होना था।
नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये-

Correct Answer: (c) केवल (A) और (D)
Solution:

क्योटो प्रोटोकॉल UNFCCC से जुड़ा एक अन्तर्राष्ट्रीय समझौता है, जो अन्तर्राष्ट्रीय रूप से बाध्यकारी उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों को पार्टियों हेतु प्रतिबद्ध करता है। यह प्रोटोकॉल जापान के क्योटो में 11 दिसम्बर, 1997 को अपनाया गया।

यह प्रोटोकाल 1999 से प्रभावी होना था, लेकिन यह 16 फरवरी, 2005 से कार्यशील हुआ। क्योटो प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन से सम्बन्धित विस्तृत नियम को मराकेश (मोरक्को) 2001 के COP-7 में अपनाया गया था,

अतः इसे 'मराकेश समझौता' भी कहते हैं। क्योटो प्रोटोकॉल के अन्तर्गत एनेक्स 1 के देशों को 2008-2012 के बीच अपने हरित गृह गैसों के उत्सर्जन में 1990 के स्तर से 5.2% की कटौती करनी थी। अतः विकल्प (c) सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन है।

47. निम्नलिखित में से कौन वायुमण्डलीय गैस सही प्रतीक द्वारा नहीं दर्शाया गया है-

(A) नियोन एन ई (Ne)
(B) हिलियम एच ई (He)
(C) नाइट्स ऑक्साइड-एन ओ (NO)
(D) क्रिपटन के आर (KR)
नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिये -

Correct Answer: (c) केवल (C) और (D)
Solution:

वायुमण्डलीय गैसों का सही प्रतीक चिह्न नियॉन-Ne, हिलियम- He, नाइट्स ऑक्साइड N₂O, क्रिप्टान Kr तथा नाइट्रिक ऑक्साइड No आदि हैं। वायुमण्डल की कुछ महत्त्वपूर्ण स्थायी गैसें इस प्रकार हैं

गैस का नाममात्रा (प्रतिशत में)
नाइट्रोजन (N₂)78.8%
ऑक्सीजन (O₂)20.95%
आर्गन (Ar)0.93%
कार्बन डाई ऑक्साइड (CO₂)0.036%
नियॉन (Ne)0.002%
हिलियम (He)0.0005%
क्रिप्टान (Kr)0.001%
जेनन (Xe)0.00009%
हाइड्रोजन (H₂)0.00005%

अतः विकल्प (c) सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन है।

48. गुणात्मक शोध के प्रमाणीकरण को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीति उपयुक्त नहीं है?

Correct Answer: (d) देयकार्य का यादृच्छिक प्रमाणीकरण
Solution:

गुणात्मक शोध के प्रमाणीकरण को बढ़ावा देने के लिए देयकार्य का यादृच्छिक प्रमाणीकरण उपयुक्त नहीं है, जबकि समकक्षी समीक्षा, त्रिभुजन पद्धति और विस्तारित क्षेत्रकार्य गुणात्मक शोध के लिए उपयुक्त है।

प्रतिदर्श इकाइयों का चयन मुख्यतः दो प्रकार से किया जाता है-(1) प्रायिकता प्रतिचयन, (2) अप्रायिकता प्रतिचयन । प्रायिकता प्रतिचयन प्रारूपों में सरल यादृच्छिक, क्रमबद्ध, स्तरित, गुच्छ, बहुआयामी एवं द्विपक्षीय प्रतिचयन का प्रमुख महत्त्व है तथा अप्रायिकता प्रतिचयन के अंतर्गत सोद्देश्य प्रतिचयन, कोटा प्रतिचयन तथा स्नोबाल प्रतिचयन इत्यादि विधियों का महत्त्वपूर्ण योगदान हैं।

49. उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में सूचना और प्रौद्योगिकी उद्योग की तीव्र वृद्धि का निम्नलिखित में से कौन एक व्याख्या करता है?

(A) सुशासन
(B) अच्छी अवसंरचना और नेटवर्क सुलभता
(C) उच्च तकनीकी संस्थानों की अधिक संख्या
(D) निम्न श्रम लागत
(E) विनिर्माण कामगारों का उच्च अनुपात
नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिये-

Correct Answer: (c) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में सूचना और प्रौद्योगिकी उद्योग की तीव्र वृद्धि सुशासन, अच्छी अवसंरचना और नेटवर्क सुलभता तथा उच्च तकनीकी संस्थानों की अधिक संख्या के कारण हुई हैं।

वर्तमान में बंगलुरू, हैदराबाद, मुम्बई, पुणे, चेन्नई, दिल्ली-नोयडा- गुडगाँव पेटी, चण्डीगढ़ तथा तिरूवनन्तपुरम सूचना प्रौद्योगिकी के महत्त्वपूर्ण केन्द्र हैं तथा यूनाइटेड नेशन्स द्वारा बंगलुरू को चौथा सर्वोत्तम "प्राविधिक नवाचारों का ग्लोबीय केन्द्र" घोषित किया गया है।

यहाँ साफ्टवेयर कम्पनियों की संख्या सर्वाधिक (300 से अधिक) हैं, जिसमें 50 बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ हैं। इसे भारत की 'सिलिकॉन घाटी' भी कहा जाता है। अतः विकल्प (c) सही उत्तर का चयन है।

50. 'एन्थापोजियोग्राफिक' शब्द की रचना रेटजेल द्वारा उनके किस लेखन में की गयी?

Correct Answer: (a) मनुष्य और प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण पारस्परिक सम्बन्ध का अध्ययन
Solution:

'एन्थ्रापोजियोग्राफिक' 'शब्द की रचना रेटजेल द्वारा मनुष्य और प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण पारस्परिक सम्बन्ध के अध्ययन के रूप में की गयी है तथा उन्होंने भूगोल में भौतिक पक्षों के एकाधिकार या अत्यधिक बल दिये जाने की प्रवृत्ति को कम करके भूगोल का एक संतुलित दृष्टिकोण स्थापित किया था।

रेटजेल की विचारधारा के प्रमुख पक्ष नियतिवाद, पार्थिव एकता का सिद्धान्त, राज्य का जैविक सिद्धान्त तथा सांस्कृतिक भूदृश्य की संकल्पना आदि रहे हैं तथा उनके प्रमुख पुस्तकें इस प्रकार हैं-
(1) राजनीतिक भूगोल (2) मानवजाति का इतिहास (3) भूमध्य सागरीय तट के जीव (4) जर्मनी का प्रादेशिक भूगोल