Solution:नदी तंत्र जल के मौसमी प्रवाह का प्रतिरूप है तथा जलवायु सम्बन्धी स्थितियों के कारण नदी तंत्रों में अन्तर होता है। जल-संभर क्षेत्र के आकार के आधार पर भारतीय अपवाह द्रोणियों को तीन भागों में बाँटा गया है-
(1) प्रमुख नदी द्रोणी, जिनका अपवाह क्षेत्र 20000 वर्ग किमी. से अधिक है। इसमें 14 नदी द्रोणियाँ शामिल हैं, जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, तापी, नर्मदा, माही, पेन्नार, साबरमती आदि।
(2) मध्यम नदी द्रोणी जिनका अपवाह क्षेत्र 2000 से 20000 वर्ग किमी. है। इसमें 44 नदी द्रोणियाँ हैं, जैसे- कालिंदी, पेरियार, मेघना आदि।
(3) लघु नदी द्रोणी, जिनका अपवाह क्षेत्र 2000 वर्ग किमी. से कम है। इसमें न्यून वर्षा के क्षेत्रों में बहने वाली बहुत-सी नदियाँ शामिल हैं। अतः विकल्प (a) सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन है।