Solution:प्रसिद्ध जर्मन अर्थशास्त्री वान थ्यूनेन ने सर्वप्रथम 1826 ई. में कृषि के स्थानीकरण के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। वान थ्यूनेन का सिद्धांत तुलनात्मक लाभ के सिद्धान्त पर आधारित है।
उनके अनुसार बाजार (मांग क्षेत्र) से दूरी बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक अधिशेष या लगान (economic rent) में हास होता जाता है जिसके कारण भूमि उपयोग में अन्तर पाया जाता है।
वान थ्यूनेन मॉडल के अनुसार विलग प्रदेश में केन्द्रीय नगर के चारों ओर कृषि भूमि उपयोग की छः संकेन्द्रीय पेटियाँ पायी जाती हैं जिनका क्रम नगर के केन्द्र से बाहर की ओर निम्नवत् पाया जाता है-
प्रथम पेटी - शीघ्र नष्ट होने वाले पदार्थ जिसमें फल, शाक सब्जी तथा दूध का उत्पादन ।
द्वितीय पेटी - ईंधन की लकड़ी और काष्ठकर्तन उत्पाद।
तृतीय पेटी - गहन कृषि द्वारा अन्न का उत्पादन।
चतुर्थ पेटी - अन्न की खेती, कुछ परती भूमि एवं कुछ भूमि पर चारागाह ।
पाँचवीं पेटी - परती और चारागाह की अधिकता, पेटी में त्रिक्षेत्र (three field) व्यवस्था ।
छठीं पेटी - सबसे बाहरी पेटी जिस पर पशुपालन किया जाता है।
अतः विकल्प (d) सही उत्तर का चयन है।