Solution:8 अगस्त, 1942 को काँग्रेस कार्यसमिति ने भारत छोड़ो आंदोलन प्रस्ताव पास किया था। 9 अगस्त, 1942 को 'ऑपरेशन जीरो ऑवर' के तहत गाँधी जी समेत सभी प्रमुख नेताओं जैसे सरोजनी नायडू, भूला भाई देसाई, गोविन्द वल्लभ पंत, जे.एल. नेहरू आदि को गिरफ्तार कर लिया गया था। गाँधी जी, कस्तूरबा गाँधी, सरोजनी नायडू और भूला भाई देसाई को गिरफ्तार करके पूना के आगा खाँ पैलेस में नजरबंद कर दिया गया था।
यहीं पर गाँधी जी ने सरकारी दमन के विरोध में 10 फरवरी, 1943 को 21 दिन के उपवास की घोषणा की। जिसके कारण जनता में ब्रिटिश सरकार के प्रति आक्रोश फैल गया। इसी समय गाँधी जी को जेल से छोड़ने के प्रश्न पर वायसराय की कार्यकारी परिषद के तीन भारतीय सदस्यों एम.एस. एनी, एन. आर. सरकार तथा एच.पी. मोदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
नोट: एन. आर. जयकर एक इंजीनियर थे। उन्हें 1927 में 'रोड़ डेवलपमेंट कमेटी' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अतः कोई भी विकल्प सत्य नहीं है।