यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

1. मुगलों के शासन के निम्नलिखित कार्यों (पेन्टिंग्स) को कालक्रमानुसार सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए :

(A) राजकुमार का जन्म
(B) मुज्महिल जादूगर के रूप में
(C) अकबर ने बाघ की हत्या की
(D) ट्री हाउस में अनवरी एवं उनकी साथी
(E) इनायत खान की मृत्यु
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (B), (D), (C), (A) और (E)
Solution:

मुगल काल में चित्रकला की नींव हुमायूँ ने रखा था तथा अकबर एवं जहाँगीर के समय इसका पूर्ण विकास हुआ। सर्वप्रथम अकबर ने अब्दुस्समद के नेतृत्व में एक 'चित्रकला विभाग' की स्थापना की थी। जिसमें प्रथम चित्रित पुस्तक 'हम्जानामा' था जिसे मुगल कला का उद्गम ग्रंथ माना जाता है। इसके पश्चात अकबरनामा में बसावन एवं मिस्किीन जैसे कलाकारों ने आखेट एवं अभियान सम्बन्धी चित्रों का निरूपण किया। इसमें अकबर द्वारा बाघ की हत्या करते हुए उसे चित्रित किया गया है। मुगल शासन में पेंटिंग्स का निम्न क्रम हैं-
1. मुज्महिल जादूगर के रूप में (हम्जानामा में चित्रित)
2. ट्री हाउस में अनवरी एवं उनकी साथी (हम्जानामा में चित्रित)
3. अकबर ने बाघ की हत्या की (अकबरनामा में चित्रित)
4. राजकुमार का जन्म (अकबरनामा में चित्रित)
5. इनायत खान की मृत्यु (जहाँगीर ने 1618 ई. में इनायत खान की मृत्यु के पश्चात चित्रकारों को चित्र बनाने का आदेश दिया था।)

2. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए :

सूची-I (पुस्तकें)सूची-II (लेखक)
(A) मुगल गवर्नमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेशन(I) एम.एस. गोलवलकर
(B) द हिस्ट्री एंड कल्चर ऑफ द इंडियन पीपुल (संपादन)(II) श्री राम शर्मा
(C) वी और अवर नेशनहुड डिफाइंड(III) आर.सी. मजूमदार
(D) डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार(IV) राकेश सिन्हा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

OptionABCD
(a)(II)(III)(I)(IV)
(b)(I)(II)(III)(IV)
(c)(II)(III)(IV)(I)
(d)(IV)(II)(I)(III)
Correct Answer: (a)
Solution:

सही सुमेलित इस प्रकार है-

सूची-I (लेखक)सूची-II (पुस्तक)
(A) मुगल गवर्नमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेशनश्री राम शर्मा
(B) द हिस्ट्री एंड कल्चर ऑफ द इंडियन पीपुल (संपादन)आर.सी. मजूमदार
(C) वी और अवर नेशनहुड डिफाइंडएम.एस. गोलवलकर
(D) डॉ. केशव बलिराम हेडगेवारराकेश सिन्हा

3. मापिकी निम्नलिखित में से किसका अध्ययन है?

Correct Answer: (c) सिक्कों का भार अनुसार माप और क्रम
Solution:

मेट्रोलॉजी (Metrology-मापिकी) की परिभाषा अंतर्राष्ट्रीय भार और माप ब्यूरो (BIPM) के अनुसार, 'मापिकी, माप का विज्ञान है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी स्तर पर प्रयोगात्मक और सैद्धान्तिक निर्धारण दोनों को अपनाता है।' व्यापार-वाणिज्य बढ़ने के साथ ही सिक्कों की उपयोगिता बढ़ी तथा सिक्कों के द्वारा ही क्रय-विक्रय किया जाने लगा। प्राचीन कालीन सिक्कों का मापिकी के माध्यम से एक निश्चित भार अनुसार माप एवं क्रम निर्धारित किया गया। वर्तमान में प्रचलित सिक्कों का भार एवं आकार मापिकी के माध्यम से ही सुनिश्चित किया गया है।

4. इनमें से फरवरी, 1943 में, वायसराय की कार्यकारी परिषद के किन भारतीय सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था?

(A) एम.एस. एनी
(B) एन. आर. जयकर
(C) एच.पी. मोदी
(D) तेज बहादुर सप्रु
(E) सुचेता कृपलानी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (*)
Solution:

8 अगस्त, 1942 को काँग्रेस कार्यसमिति ने भारत छोड़ो आंदोलन प्रस्ताव पास किया था। 9 अगस्त, 1942 को 'ऑपरेशन जीरो ऑवर' के तहत गाँधी जी समेत सभी प्रमुख नेताओं जैसे सरोजनी नायडू, भूला भाई देसाई, गोविन्द वल्लभ पंत, जे.एल. नेहरू आदि को गिरफ्तार कर लिया गया था। गाँधी जी, कस्तूरबा गाँधी, सरोजनी नायडू और भूला भाई देसाई को गिरफ्तार करके पूना के आगा खाँ पैलेस में नजरबंद कर दिया गया था।

यहीं पर गाँधी जी ने सरकारी दमन के विरोध में 10 फरवरी, 1943 को 21 दिन के उपवास की घोषणा की। जिसके कारण जनता में ब्रिटिश सरकार के प्रति आक्रोश फैल गया। इसी समय गाँधी जी को जेल से छोड़ने के प्रश्न पर वायसराय की कार्यकारी परिषद के तीन भारतीय सदस्यों एम.एस. एनी, एन. आर. सरकार तथा एच.पी. मोदी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

नोट: एन. आर. जयकर एक इंजीनियर थे। उन्हें 1927 में 'रोड़ डेवलपमेंट कमेटी' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अतः कोई भी विकल्प सत्य नहीं है।

5. भारतीय तर्कशास्त्र की कौन सी पुस्तक भारतीय दर्शन में नव्य न्याय प्रणाली प्रस्तुत करती है?

Correct Answer: (c) तत्त्वचिंतामणि
Solution:

तत्त्वचिन्तामणि भारतीय तर्कशास्त्र की प्रसिद्ध पुस्तक है। इसमें भारतीय दर्शन की 'नव्य-न्याय प्रणाली' का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इसकी रचना गंगेश उपाध्याय ने किया था। इसके पञ्चात् जितने भी न्यायग्रंथ लिखे गये वे सभी नव्य न्याय के रूप में प्रसिद्ध हैं जैसे गौतम द्वारा रचित न्यायसूत्र। तत्त्वचिन्तामणि पर सर्वाधिक टीकाएँ लिखी गयी है, जिनमें से पक्षधर मिश्र, रूद्रदत्त, वासुदेव सार्वभौम, रघुनाथ शिरोमणि आदि प्रसिद्ध टीकाकार थे।

6. 19वीं सदी में किसने औपनिवेशिक शासन के दौरान वि-औद्योगिकरण को अस्वीकृत किया और एक महत्त्वपूर्ण आर्थिक उन्नति का दावा किया?

Correct Answer: (c) मोरिस डेविस मोरिस
Solution:

19वीं सदी में मोरिस डेविस मोरिस ने औपनिवेशिक शासन के दौरान वि-औद्योगीकरण को अस्वीकृत किया और एक महत्वपूर्ण आर्थिक उन्नति का दावा किया था।

वे मूलतः भारत के अमेरिकी आर्थिक इतिहासकार थे। उनका मानना था कि साम्म्राज्यीय शासन से 'सम्भवतः उन आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला जैसा कि भारत में इससे पूर्व कभी सम्भव नहीं हुआ था।'.

7. निम्नलिखित घटनाओं को सर्वप्रथम से शुरू कर कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

(A) इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी को रॉयल चार्टर प्रदान किया जाना
(B) मुगल शहंशाह अकबर की मृत्यु
(C) गोवा पर पुर्तगालियों का कब्जा
(D) फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना
(E)   डच ईस्ट इंडिया कंपनी (वीओसी) की स्थापना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (C), (A), (E), (B) और (D)
Solution:

निम्नलिखित घटनाओं का क्रम-
1. गोवा पर पुर्तगालियों का कब्जा पुर्तगाली गवर्नर अल्फांसो-डी-अल्बुकर्क ने 1510 ई. में गोवा पर अधिकार कर लिया। यह बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिलशाह के अधिकार में था।
2. इंग्लिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी को रॉयल चार्टर प्रदान किया जाना 31 दिसम्बर, 1600 ई. को ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ ने ईस्ट इण्डिया कंपनी को 15 वर्षों के लिए पूर्व के देशों के साथ व्यापार करने की अनुमति प्रदान की। इसे ही रॉयल चार्टर अधिनियम कहा जाता है।
3. डच ईस्ट इण्डिया कंपनी की स्थापना डच हॉलैण्ड या नीदरलैण्ड के निवासी थे। डच संसद द्वारा पारित प्रस्ताव के अधीन 'वेरेनिग्दें ओस्त इंडिसे' कंपनी की स्थापना 1602 ई. में किया गया था।
4. मुगल बादशाह अकबर की मृत्यु 1605 ई. को अकबर की मृत्यु पेचिश नामक बीमारी के कारण हुआ था। उसका मकबरा सिकन्दरा (आगरा) में है।
5. फ्रांसीसी ईस्ट इण्डिया कंपनी की स्थापना मंत्री कोल्बर्ट के प्रयास के कारण 1664 ई. में फ्रेंच ईस्ट इण्डिया कम्पनी की स्थापना हुई। इस कंपनी पर फ्रांसीसी सरकार का प्रत्यक्ष एवं पूर्ण नियंत्रण था।

8. इन कथनों में से कौन से सही हैं?

(A) महापाषाण स्थल वितरण एवं विनिमय के केंद्र थे।
(B)  कई महापाषाण स्थल महत्त्वपूर्ण मार्गों पर अवस्थित थे।
(C)  पाण्डिचेरी के निकट अरिकामेडु जैसे पत्तन महापाषाणीय कार्यकलापों द्वारा हिन्टरलैण्ड से जुड़े हुए थे।
(D) अरिकामेडु के उत्खनन में शीशों और बर्तन-भाण्ड के रूप में रोम की वस्तुओं की श्रृंखला प्रकाशित हुई।
(E) एम्फोरा रोम के शासकों के बड़े सिक्के थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:नव पाषाण युग की समाप्ति के पश्चात् दक्षिण भारत में महापाषाण संस्कृति (मेगालिथ) का उदय हुआ। कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश की ग्रेनाइट चट्टानों वाले प्रदेश में पाये जाने वाले वृहत्पाषाण लौहयुगीन है। इसकी निम्न विशेषताएँ हैं-
1. महापाषाण स्थल (जैसे ब्रह्मगिरि, मास्की, पुदुकोट्ट, वाराणसी, मिर्जापुर आदि) वितरण एवं विनिमय के केन्द्र थे।
2. ये स्मारक निवासित बस्तियों तथा महत्वपूर्ण मार्गो के समीप ही बनाये जाते थे।
3. इसके निर्माता कृषि कार्य, पशुपालन से परिचित थे। वे कृषि कार्य के लिए लौह उपकरणों का प्रयोग करते थे।
4. पाण्डिचेरी के समीप स्थित बन्दरगाह अरिकामेडु था। यह महापाषाणीय कार्यकलापों (व्यापार-वाणिज्य) द्वारा हिन्टरलैण्ड (समुद्री तट) से जुड़ा हुआ था।

5. मिट्टी के अतिरिक्त ताम्र तथा कांस्य निर्मित बर्तन प्रयोग किया जाता था।

6. एम्फोरा बर्तन मदिरा पीने के लिए रोम के शासकों द्वारा प्रयुक्त किया जाता था।

नोट: अरिकामेडु से फ्रांसीसी जे. डुब्रील ने 1937 ई. में रोमन उत्पत्ति के मनके तथा बर्तन प्राप्त किया था। यहाँ से रोमन बर्तन, मिट्टी के दीप, काँच के कटोरे, शीशे के मनके, लाल रंग के चमकीले मृदभाण्ड (एरेटाइन), दो हत्था वाला जार (एम्फोरा), मेज पर रखे जाने वाले सजावटी मिट्टी के बर्तन (Table Ware) आदि पुरावस्तुएँ प्राप्त हुयी है। यहाँ से प्राप्त एक मनके पर रोमन सम्राट ऑगस्टस (ई.पू. 27-14) का चित्र प्राप्त होता है।

9. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची-I (उपकरण)सूची-II (संदर्भ)
(a) ढाल धनुष(I) राउजत-उस-शफा
(b) तालिका-यंत्र-चक्र(II) सीरत-ए-फिरोजशाही
(c) भांड माला के साथ रहट का पहिया(III) भविष्य पुराण
(d) रेतघड़ी(IV) मिफ्ताहुल फुजल

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(IV)(III)(I)(II)
(b)(IV)(III)(II)(I)
(c)(II)(III)(I)(IV)
(d)(II)(III)(IV)(I)
Correct Answer: (b)
Solution:

सही सुमेलित इस प्रकार है-

सूची-I (उपकरण)सूची-II (संदर्भ)
(A) ढाल धनुष– मिफ्ताहुल फुजल
(B) तालिका-यंत्र-चक्र– भविष्य पुराण
(C) भांड माला के साथ रहट का पहिया– सीरत-ए-फिरोजशाही
(D) रेतघड़ी– राउजत-उस-शफा

10. निम्नलिखित में से किस पालि धर्मग्रंथ में गौतम बुद्ध गौ संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हैं?

Correct Answer: (a) सुत्तनिपात
Solution:

पालि ग्रंथ सुत्तनिपात में गौतम बुद्ध ने सर्वप्रथम गौ संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि प्राचीन काल से ही गाय की पूजा की जाती थी। उन्होंने गौ हत्या का विरोध करते हुए गौ पालन पर विशेष जोर दिया।