Solution:यदुनाथ सरकार ने शिवाजी एंड हिज टाइम्स और ए.आर कुलकर्णी ने स्टडीज इन मराठा हिस्ट्री क्रमशः अपनी पुस्तक में शिवाजी के नागरिक प्रशासन की भाँति ही सैन्य प्रशासन का वर्णन किया है। शिवाजी ने अपनी स्थायी सेना बनायी थी और उन्होंने जीवन भर मराठा राज्य की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था।
शिवाजी की घुड़सवार सेना दो श्रेणियों में विभाजित थी (क) बरगीर वे घुड़सवार सैनिक होते थे जिन्हें राज्य की ओर से घोड़े और शस्त्र दिए जाते थे तथा (ख) सिलेदार वे स्वतंत्र सैनिक होते थे, जिन्हें अस्त्र-शस्त्र की व्यवस्था अपने आप करनी पड़ती थी।
घुड़सवार सेना की छोटी इकाई में 25 जवान होते थे, जिनके ऊपर एक हवलदार होता था। पाँच हवलदारों का एक जुमला होता था जिसके ऊपर क जुमलादार होता था। दस जुमलादारों की हजारी होती थी। वह सर-ए-नौबत के अंतर्गत आता था। प्रत्येक 25 टुकड़ियों के लिए राज्य की ओर से एक नाविक और एक भिश्ती दिया जाता था।