यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

91. क्या हम शुतुरमुर्ग की तरह अपने सिर को धरती में गाड़े रहेंगे और मराठी भाषा में उपलब्ध इस मूल समकालीन पाठ्य सामग्री को अनदेखा कर देंगे और अपने निष्कर्षों को दूरस्थ ब्रिटिश और डच व्यापारियों की कृतियों (लेखों) पर आधारित करेंगे जिनके व्यापार को शिवाजी द्वारा अपने स्वदेश की मुक्ति के लिए विद्रोह के माध्यम से अस्त-व्यस्त कर दिया गया था अथवा उन मुस्लिम वृत्तान्तों पर आधारित करेंगे जिसके प्रत्येक वाक्य में हिंदू बगावत के प्रति विद्वेष भरा हुआ रहा हो? विसेंट स्मिथ और उनके अनुगामी मराठा प्रशासन के बारे में जैसा कि यह उनके स्वदेश में मिलता है उससे विकृत प्रकार के विचार को प्रस्तुत किया है। विंसेट स्मिथ शाखा (स्कूल) लेखन अभिधारणाओं को चुनौती देने और सही संदभों को प्रस्तुत करने का समय आ गया है?

निम्नलिखित गद्यांश के लेखक हैं?

Correct Answer: (d) आर.सी. मजूमदार
Solution:

क्या हम शुतुरमुर्ग की .. प्रस्तुत करने का समय आ गया है।" गंद्याश का अवतरण आर.सी. मजूमदार की पुस्तक 'द मराठा सुप्रीमेसी' से लिया गया है। इस पुस्तक में मराठों की गृहभूमि महाराष्ट्र की भू-भौतिकीय क्षेत्र एंव जलवायुवीय स्थिति के बारे में दिया गया है जिसने मराठों के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। महाराष्ट्र ने अपने निवासियों को बाहरी आक्रमण से सामान्य परिस्थितियों में प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान की थी।

92. मराठा इतिहास में वृतांत जो एक महत्वपूर्ण प्राथमिक स्त्रोत का संघटन हैं, उसे इस रूप में जाना जाता है :-

Correct Answer: (d) बाखर
Solution:

मराठा इतिहास का वृतांत एक गुमनाम इतिहासकार द्वारा लिखित तारिख-ए-शिवाजी (1777) जो बाखर नामक मराठी देशी स्रोतों/प्राथमिक स्रोतों पर आधारित है।
विशेष तथ्य
मराठा साम्राज्य में इतिहास रचना के वर्णात्मक साधन 'बखर' कहे जाते थे। इन्हें मराठा क्षेत्र के इतिहास के चित्रण करने के लिए मूल्यवान संसाधन माना जाता है।

93. मराठा सेना के संगठन में परिवर्तन के बारे में देशी स्त्रोतों का व्यापक स्तर पर उपयोग किसके द्वारा हुआ है?

Correct Answer: (a) यदुनाथ सरकार और ए. आर. कुलकर्णी
Solution:

यदुनाथ सरकार ने शिवाजी एंड हिज टाइम्स और ए.आर कुलकर्णी ने स्टडीज इन मराठा हिस्ट्री क्रमशः अपनी पुस्तक में शिवाजी के नागरिक प्रशासन की भाँति ही सैन्य प्रशासन का वर्णन किया है। शिवाजी ने अपनी स्थायी सेना बनायी थी और उन्होंने जीवन भर मराठा राज्य की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था।

शिवाजी की घुड़सवार सेना दो श्रेणियों में विभाजित थी (क) बरगीर वे घुड़सवार सैनिक होते थे जिन्हें राज्य की ओर से घोड़े और शस्त्र दिए जाते थे तथा (ख) सिलेदार वे स्वतंत्र सैनिक होते थे, जिन्हें अस्त्र-शस्त्र की व्यवस्था अपने आप करनी पड़ती थी।

घुड़सवार सेना की छोटी इकाई में 25 जवान होते थे, जिनके ऊपर एक हवलदार होता था। पाँच हवलदारों का एक जुमला होता था जिसके ऊपर क जुमलादार होता था। दस जुमलादारों की हजारी होती थी। वह सर-ए-नौबत के अंतर्गत आता था। प्रत्येक 25 टुकड़ियों के लिए राज्य की ओर से एक नाविक और एक भिश्ती दिया जाता था।

94. पेशवा डायरियों और पेशवा दफ्तरों से चयनितों द्वारा संपूरित मराठा इतिहास के स्त्रोतों का व्यापक स्तर पर किसके द्वारा उपयोग किया गया है।

Correct Answer: (b) जी.एस. सरदेसाई और वाड
Solution:

पेशवा डायरियों और पेशवा दफ्तरों से चयनितों द्वारा संपूरित मराठा इतिहास के स्रोतों का व्यापक स्तर पर प्रयोग जी.एस. सरदेसाई एवं वाड द्वारा किया गया है। जी. एस. सरदेसाई ने लिखा है कि "सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और बदहाल कर दिए जाने के कारण आत्मा की कड़वाहट में क्रुद्ध होकर शंभाजी ने जीवनदान के प्रस्ताव को औरंगजेब को गाली देते हुए अस्वीकार कर दिया।

आरम्भ में पेशवा शिवाजी के अष्टप्रधान समिति का सदस्य होता था। परन्तु बालाजी विश्वनाथ सातवें पेशवा थे और उन्होंने अपनी योग्यता तथा राजमर्मज्ञता से पेशवा के पद को वंशानुगत बनाया। बालाजी वाजीराव की प्रशासनिक योग्यता की सबसे बड़ी विशेषता अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित करने, राज्य की आय के साधन को बढ़ाने तथा उन साधनों को राज्य के हित में अधिकाधिक प्रयोग करने में थी। इस कार्य में नए पेशवा को उल्लेखनीय सफलता मिली थीं।

95. निम्नलिखित में से किसने दुर्भावनापूर्ण तरीके से विचार दिया कि "मराठे लुटेरों के स्तर से ऊपर उठने में विफल रहें"

Correct Answer: (d) विंसेंट स्मिथ और पर्सिवल स्पीयर
Solution:

स्मिथ एक साम्राज्यवादी इतिहासकार है। इनके इतिहास लेखन कार्य में पक्षपातरहित और न्यायसंगत दृष्टिकोण का अभाव दिखायी देता है। प्राचीन भारतीय इतिहास से वे, जो राजनैतिक मूल्य ग्रहण करते हैं, वो पूरी तरह साम्राज्यवादी है, विसेंट स्मिथ और पर्सिवल स्पीयर ने लिखा है कि जिस तरह इंग्लैण्ड में देश प्रेम और राष्ट्र पेम की भावना वहाँ के नागरिकों में प्रतीत होती है, वैसी भावना भारत क्षेत्र में मराठा के मूल निवासियों में नहीं प्रतीत होता है। मराठा के क्षत्रप जो होते थे वे गोरिल्ला युद्ध के माध्यम से लूटेरे की भाँति मुगल प्रशासन व अन्य क्षेत्रीय प्रशासन को हड़पना चाहते थे।

96. कलिंग विजय पर ईश्वर के परमप्रिय को पश्चाताप हुआ। एक स्वतंत्र देश पर विजय प्राप्त करने के लिए लोगों की हत्या, मृत्यु और निर्वासन ईश्वर के परमप्रिय को अत्यन्त पीड़ा देती है और उसके मन पर गहरा प्रभाव डालती है। जो बात ईश्वर के परमप्रिय के लिए और अधिक खेदजनक है वह यह कि जो वहाँ निवास करते हैं चाहे वह ब्राह्मण, श्रमण अथवा अन्य संप्रदायों के लोग अथवा गृहस्थ जो अपने शिक्षकों के प्रति आदर भाव और अच्छा व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। और अपने मित्रों, परिचितों, सहकर्मियों, संबंधियों, दासों और नौकरों के प्रति समर्पित भाव रखते हैं, वे सभी हिंसा, हत्या और अपने प्रियजनों से अलगाव का दंश झेलते हैं...। आज यदि मारे गये अथवा मरे अथवा विस्थापित लोगों का सौवाँ अथवा हजारवाँ भाग भी कलिंग विजय से उसी तरह से प्रभावित हुआ, तो यह ईश्वर के परमप्रिय के मन पर बहुत गहरा प्रभाव डालेगा। ईश्वर के परमप्रिय धम्म द्वारा प्राप्त विजय को सर्वश्रेष्ठ विजय मानते हैं।

किस प्रमुख शिलालेख में अशोक ने धम्म का वर्णन किया है?

Correct Answer: (d) वृहद् शिलालेख XI
Solution:

वृहदशिलालेख (Major Rock Edict-XI) में अशोक के धम्म का वर्णन किया गया है। इसमें कहा गया है कि धम्मदान-साधारण दान से उत्तम है, साधारण मित्रता में धम्म-मित्रता उत्तम है, साधारण सम्बन्धों से धम्म सम्बन्ध उत्तम है और दासों, सेवकों के प्रति उचित व्यवहार, माता-पिता की सेवा, मित्रों परिचितों, ब्राह्मणों तथा श्रमणों के प्रति उदारता व अहिंसा ही धम्मदान है।

97. अशोक के शासनकाल के दौरान कलिंग क्षेत्र किस प्रान्त के अंतर्गत आता था?

Correct Answer: (b) तोसली
Solution:

अशोक के शासनकाल के दौरान कलिंग क्षेत्र की राजधानी तोंसली थी।
विशेष तथ्य
मौर्य साम्राज्य प्रान्तों में विभाजित था। चन्द्रगुप्त मौर्य के समय सम्भवतः 4 तथा अशोक के समय 5 प्रांत विद्यमान थे। प्रांतों को चक्र कहा जाता था। अशोक के अभिलेखों से निम्न प्रान्तों के नाम ज्ञात होते है

प्रांतराजधानी
उत्तरापथतक्षशिला
दक्षिणापथसुवर्णगिरि
अवन्तिउज्जैन
प्राच्य/प्रासी (मध्य देश)पाटलिपुत्र
कलिंगतोसली

98. उपरोक्त वर्णित अशोक के कलिंग विजय से संबंधित अवतरण किस शिलालेख से संबंधित है?

Correct Answer: (c) 13वीं वृहद् शिलालेख
Solution:

अशोक के कलिंग विजय का उल्लेख 13वें वृहद् शिलालेख में किया गया है। यह अशोक का सबसे बड़ा लेख है। इसमें अशोक धम्म विजय को सर्वश्रेष्ठ बताता है और कहता है कि "600 योजन (1500 मील) तक की धम्म विजय है जिसमें 5 यवन राजा तथा दक्षिण की ओर चोल, पाण्ड्य एवं ताम्रपर्णि प्रमुख है। इस शिलालेख में अशोक आटविक जनजातियों को धमकी भी - देता है कि वे धम्म का मार्ग धरें अन्यथा परिणाम बुरा होगा।"

99. अशोक ने अपनी वैयक्तिक आस्था के रूप में बौद्धधर्म अंगीकार किया, जिसका वर्णन है-

Correct Answer: (c) भन्नु-बैराठ शिला लेख
Solution:राजस्थान के जयपुर में भ्राबु या बैराठ शिलालेख बीजक की पहाड़ी से 1837 में कैप्टन बर्ट ने अशोक के 2 प्रस्तर लेखों की खोज की। कनिंघम ने इसे कलकत्ता संग्रहालय में रखवाया। इसमें बौद्ध धर्म की शिक्षाओं तथा त्रिरत्नों (बुद्ध, धम्म, संघ) का उल्लेख और 7 महत्वपूर्ण बौद्ध ग्रंथों की सूची मिलती है संभवतः यह लेख पुरोहितों को सम्बोधित है। अशोक के व्यक्तिगत रूप से बौद्ध धर्म में आस्था का सबसे सबल प्रमाण इसी शिलालेख में उत्कीर्ण किया गया है।

100. अशोक ने सांस्कृतिक विजय के पक्ष में भौतिक कब्जे की नीति को त्याग दिया, इन दोनों को कहा जाता है

Correct Answer: (b) भेरीघोष और धम्मघोष
Solution:

अशोक ने सांस्कृतिक विजय के पक्ष में भौतिक कब्जे की नीति को त्याग दिया था उस नीति को भेरीघोष और धम्मघोष का नाम दिया गया है। अशोक ने चतुर्थ वृहद् शिलालेख में उत्कीर्ण करवाया है कि उसकी धम्मनीति के कारण धर्मानुशासन बढ़ गया है। जो पहले भेरीघोष था वह अब धम्मघोष में बदल गया है। धर्मानुशासन ही अच्छा काम है और इसके लिए व्यक्ति का शीलवान होना जरूरी है। इस धर्मानुशासन का ह्रास न हो अपितु इसमें सदैव वृद्धि हो।