यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

11. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

(A)  अरबिन्द घोष ने 'न्यू लैप्स फॉर ओल्ड' लिखी।
(B)  'न्यू लैप्स फॉर ओल्ड' में कांग्रेस का सर्वहास से संपर्क न होने के रूप में वर्णन किया गया था।
(C) 'न्यू लैप्स फॉर ओल्ड' में कांग्रेस को अराष्ट्रीय (अननेशनल) के रूप में चित्रित किया गया था।
(D) अरबिन्द घोष के विचार में कांग्रेस अतिशयवाद से मर रही थी।
(E)' रानाडे ने 'एसेज इन यूरोपियन इकोनॉमिक्स' लिखी।
दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:

अरबिन्दो घोष का जन्म कलकत्ता में 15 अगस्त, 1872 को हुआ था। 7 वर्ष की उम्र में शिक्षा प्राप्त करने के लिए, इनके पिता ने इन्हें इंग्लैण्ड भेज दिया। उन्होंने 18 वर्ष की उम्र में आई.सी.एस. की परीक्षा पास की, किन्तु देश-प्रेम से प्रेरित होकर उन्होंने राष्ट्र सेवा करना उचित समझा। उन्होंने कभी भी राष्ट्रवाद को संकीर्ण पंथ के रूप में व्याख्यायित नहीं किया। उनका मानना था कि पाँच भारतीय मूल्य अर्थात् धर्म, तपस्या, जगनम्, ब्रह्मचर्य तथा शक्ति उत्प्रेरक बल के रूप में राष्ट्रवादी आंदोलनकारियों को जीवंत करते हैं।

उन्होंने 1916 में पाण्डिचेरी में 'ओरविले आश्रम' की स्थापना की। इन पर अलीपुर षड्यन्त्र केस चलाया गया किन्तु देशबंधु चितरंजन दास की दलिलों के कारण इन्हें रिहा कर दिया गया। अरबिन्दो घोष ने 'न्यू लैप्स फॉर ओल्ड' में काँग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि काँग्रेस के उद्देश्य दोषपूर्ण हैं। वह ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रहा क्योंकि उसके अपनाये गये तरीके अनुचित थे। उसने अपनी नीतियों के चलते सर्वहारा वर्ग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

यह एक मध्यमवर्गीय पार्टी थी जिसने सिर्फ ब्रिटिश शासन से आशीर्वाद माँगा। इस प्रकार काँगेस अतिशयवाद से मर रही थी। उन्होंने काँग्रेस को अ-राष्ट्रीय पार्टी के रूप में प्रदर्शित किया। अरबिन्दो घोष ने वंदेमातरम् तथा कर्मयोगी नामक पत्रिकाओं का प्रकाशन किया था। उनकी प्रसिद्ध कृति एसेज ऑन गीता, डिवाइन लाइफ, सावित्री आदि प्रमुख है।

नोट: एस्सेज इन यूरोपियन इकोनॉमिक्स के लेखक लुइस सोमर (Louise Sommer) है।

12. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन (I): हड़प्पावासी जीवात्मवाद में विश्वास नहीं करते थे।
कथन (II) : किसी भी हड़प्पा स्थल से किसी मंदिर का साक्ष्य नहीं प्राप्त होता।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उतर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) कथन (I) असत्य है, लेकिन कथन (II) सत्य है
Solution:

हड़प्पा सभ्यता की खोज प्रसिद्ध पुरातत्वशास्त्री दयाराम साहनी तथा राखालदास बनर्जी ने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो से प्राप्त पुरावस्तुओं के आधार पर की। पिग्गट महोदय ने दोनों को 'एक विस्तृत साम्राज्य की जुड़वा राजधानियाँ' कहा है। इसके अतिरिक्त के. एन. दीक्षित, मैके, ऑरेल स्टाइन, ए. घोष, जे.पी. जोशी आदि पुरातत्वशास्त्रियों ने इस सभ्यता के विस्तृत खोज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्राप्त पुरावस्तुओं जैसे मुहरे, मृदभाण्ड, मूर्तियाँ आदि से हड़प्पा सभ्यता की सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

सैंधव नगरों के उत्खनन से किसी भी प्रकार के मंदिर या समाधि के साक्ष्य प्राप्त नहीं होते हैं। सैंधव वासियों के धार्मिक ज्ञान के लिए हमें मुद्राओं, मूर्तियों, पाषाण प्रतिमाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है। हड़प्पा से प्राप्त एक मुहर पर मानव बलि का चित्र बना हुआ है तो दूसरी मुहर पर पीपल वृक्ष के नीचे एक मनुष्य बलि के लिए एक बकरा लेकर खड़ा है।

मातृदेवी तथा शिव पूजा के अतिरिक्त सैन्धववासी पशुओं (जैसे-गैंडा, बैल, कूबड़दार बैल, भैंसा आदि), पक्षियों, 'वृक्षों आदि की उपासना करते थे। सम्भवतः यह हड़प्पा वासियों का जीवात्मवाद में विश्वास ही था। कालान्तर में विभिन्न पशु-पक्षियों को हिन्दू देवी-देवताओं के वाहन के रूप में स्वीकार कर लिया गया। अतः कथन (I) असत्य है लेकिन कथन (II) सत्य है।

13. अहोम की सेना 'गोट्स द्वारा 'पाइको' के संगठन से शक्ति प्राप्त करती थी जिसका प्रत्येक सदस्य सम्मिलित रूप से कम से कम कितने महीने की सैन्य सेवा के लिए उत्तरदायी था?

Correct Answer: (b) 12 माह
Solution:

अहोम असम में रहने वाली एक प्राचीन जनजाति है। जो चीन के ताई परिवार से सम्बन्धित थी। 13वीं शताब्दी में छोलुंग सुकफा ने असम में अहोम राज्य की स्थापना की। अहोम राज्य बंधुआ मजदूरों पर आधारित था, जिसे 'पाइक' कहते है। इन्हीं में से सेना का गठन किया गया था। पाइक के आधार पर गठित सेना में प्रत्येक सदस्य की अनिवार्य भागीदारी होती थी, जो सम्मिलित रूप से 12 माह की सैन्य सेवा देते थे। राजा के द्वारा गठित प्रशिक्षित सेना को 'मिलिशिया' कहते हैं।

पाइक्स ने पहले चार तथा बाद में तीन के समूह में सेना का गठन किया जिसे 'गोट्स' कहते हैं। लचित बोड़फुकन अहोम सेना का प्रधान सेनापति था, जिसने 1671 ई. में सराईघाट के युद्ध में मुगलों को पराजित किया था। सन् 1826 ई. में यांडाबू की संधि के पश्चात् अहोम राज्य पर ब्रिटिश नियंत्रण स्थापित हो गया।

14. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची-I (पुस्तकें)सूची-II (घटनाओं का विवरण)
(A) किताब फुतुलाल बुल्दान(I) अश्वों को भुने जौ, मक्खन और गाय का दूध देने की भारतीय प्रथा
(B) तज्यातु-ल-अमसरवा तरियातु-ल-असर(II) रजिया का महिला होना दरबारी सरदारों द्वारा उसे सुलतान के रूप में स्वीकार करने में अवरोध था।
(C) तबकात-ई-नासिरी(III) अरबों द्वारा 712 ई. में सिन्ध पर आक्रमण
(D) मरूजु-अल-जहाब(IV) भारत के बल्हारा राजा के रूप में राष्ट्रकूट की महानता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(I)(IV)(III)(II)
(b)(III)(IV)(II)(I)
(c)(III)(I)(II)(IV)
(d)(I)(III)(II)(IV)
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित इस प्रकार है-
सूची-I (पुस्तकें)सूची-II (घटनाओं का विवरण)
(A) किताब फुतुलाल बुल्दान (लेखक- अबु अल-अब्बास अल बलाधुरी)– अरबों द्वारा 712 ई. में सिन्ध पर आक्रमण
(B) तज्यातु-ल-अमसरवा तरियातु-ल-असर– अश्वों को भुने जौ, मक्खन और गाय का दूध देने की भारतीय प्रथा
(C) तबकात-ई-नासिरी (लेखक-मिन्हाज-उस-सिराज)– रजिया का महिला होना दरबारी सरदारों द्वारा उसे सुल्तान के रूप में स्वीकार करने में अवरोध था।
(D) मरूजु-अल-जहाब (लेखक-अल मसूदी)– भारत के बल्हारा राजा के रूप में राष्ट्रकूट की महानता

15. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) बसीन की संधि(I) 1799
(B) वेल्लोर गदर(II) 1802
(C) नाना फड़नविस की मृत्यु(III) 1806
(D) रंजीत सिंह का लाहौर पर कब्जा(IV) 1800

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(III)(II)(IV)(I)
(b)(II)(III)(I)(IV)
(c)(II)(III)(IV)(I)
(d)(I)(II)(III)(IV)
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
(A) बसीन की सन्धि- बाजीराव द्वितीय ने 1802 ई. में अंग्रेजों से बसीन की संधि की।
(B) वेल्लोर गदर- 1806 (प्रथम सिपाही विद्रोह)
(C) नाना फडनवीस की मृत्यु- 1800 ई. में
(D) रंजीत सिंह का लाहौर पर कब्जा- 1799 ई. में

16. किस स्थान पर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (एच आर ए) ने अपना हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एच एस आर ए) के रूप में परिवर्तित कर लिया?

Correct Answer: (c) फिरोज शाह कोटला मैदान, दिल्ली
Solution:

1928 ई. में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चन्द्रशेखर आजाद ने 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (H.S.R.A.) की स्थापना की। इसमें शिव वर्मा, बटुकेश्वर दत्त, अजय घोष, यतीन्द्रनाथ, राजगुरू, सुखदेव, भगतसिंह आदि भी शामिल थे।

H.S.R.A. की पहली क्रान्तिकारी गतिविधि 17 दिसम्बर, 1928 को भगतसिंह, शिवराम, राजगुरू और चन्द्रशेखर द्वारा लाहौर के सहायक पुलिस अधीक्षक सांडर्स की हत्या थी। H.S.R.A. का उद्देश्य भारत में समाजवादी गणतन्त्रात्मक राज्य की स्थापना करना था।

17. भारत में निम्नलिखित कौन-सी पहाड़ियों जैन गुफाओं के लिए प्रसिद्ध हैं?

(A) बराबर पहाड़ी
(B) खण्डगिरि पहाड़ी
(C) उदयगिरि पहाड़ी
(D) पदना पहाड़ी
(E) रामशिला पहाड़ी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (B) और (C)
Solution:

उड़ीसा राज्य के पुरी जिले स्थित खण्डगिरि पहाड़ी तथा उदयगिरि पहाड़ी में सबसे प्राचीन 35 जैन गुफाएँ मिली है, जो ई.पू. के दूसरी शताब्दी के आसपास की है। काठियावाड़ (गुजरात) की गिरनार एवं पालिताना पहाड़ियों पर भी कई जैन मंदिर मिले हैं। इनमें गिरनार स्थित नेमिनाथ का मन्दिर सबसे प्रसिद्ध है। गिरनार का सम्बंध जैन साहित्य में तीर्थंकर नेमिनाथ से बताया गया है।

नोट: उदयगिरि की बाघ गुफा मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है। यहाँ से कुमारगुप्त प्रथम के समय का एक लेख मिला है, जिसके अनुसार शंकर नामक एक व्यक्ति ने जैन तीर्थंकर की मूर्ति का निर्माण करवाया।

18. हीनयान और महायान नामक दो बौद्ध सम्प्रदायों को निम्नलिखित में से किसने मान्यता दी थी?

Correct Answer: (b) कश्मीर में चतुर्थ बौद्ध परिषद
Solution:

कुषाण शासक कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर के कुण्डलवन में प्रथम शताब्दी ई. में वसुमित्र की अध्यक्षता में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था। इसी संगीति में बौद्ध धर्म का दो सम्प्रदायों हीनयान तथा महायान में विभाजन हो गया।

इस प्रकार स्थविर (थेरवादी) हीनयानी तथा महासांघिक (सर्वास्तिवादी) महायानी कहलायें। चतुर्थ बौद्ध संगीति में महासांधिको (महायान) का ही प्रभाव था। इस संगीति में 500 भिक्षुओं ने भाग लिया था।

नोट: इस संगीति के उपाध्यक्ष अश्वघोष थे तथा इसी संगीति में 'विभाषाशास्त्र' नामक ग्रंथ को संकलित किया गया था। विभाषाशास्त्र के लेखक वसुमित्र है।

19. 1927 में, भारतीय चलचित्र समिति के अध्यक्ष के तौर पर किसे नियुक्त किया गया?

Correct Answer: (d) टी. रंगाचारियर
Solution:

1927 ई. में भारतीय चलचित्र समिति के अध्यक्ष के तौर पर टी. रंगाचारियर को नियुक्त किया गया था। भारतीय सिनेमैटोग्राफ समिति की स्थापना के पीछे ब्रिटिश राज द्वारा सेंसरशिप की पर्याप्तता और सिनेमैटोग्राफ फिल्मों के कथित अनैतिक प्रभाव की जाँच करने के लिए की गई थी।

उस समय विभिन्न अमेरिकी फिल्म विषयों जैसे-रोमांस, पश्चिमी कॉमेडी, गैंगेस्टर और अपराध कहानियों द्वारा बनाई गई प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों के माध्यम से दिखाया जा रहा था जबकि भारतीय बाजार ज्यादातर पौराणिक कहानियों पर जीवित थे।

20. निम्नलिखित घटनाओं को सबसे पहली से शुरू कर कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिएः

(A)  पंजाब में कूका आन्दोलन
(B)  सुरेन्द्र नाथ बनर्जी को आई.सी.एस. से आयोग्य घोषित किया गया
(C)  पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना
(D) कलकत्ता में इंडिया लीग की स्थापना
(E)  स्वामी दयानंद सरस्वती ने बंबई में आर्य समाज की नींव रखी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (C), (B), (A), (E) और (D)
Solution:निम्नलिखित घटनाओं का कालक्रमानुसार इस प्रकार है-
(I) पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना 1870
(II) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को आई.सी.एस. से 1871 अयोग्य घोषित किया गया
(III) पंजाब में कूका आंदोलन 1872
(IV) स्वामी दयानंद सरस्वती ने बंबई में 10 अप्रैल 1875 आर्य समाज की नींव रखी
(V) कलकत्ता में इंडिया लीग की स्थापना सितम्बर 1875