Solution:दादा भाई नौरोजी का जन्म 1825 ई. में महाराष्ट्र में एक निर्धन पारसी परिवार में हुआ था। जीवन के आरम्भिक काल से दादा भाई देश के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय थे। 1852 में 'बम्बई एसोसिएशन', जो बम्बई की पहली राजनीतिक संस्था थी, की स्थापना की।
उन्होंने अपने लन्दन प्रवास (1855-69) के दिनों में अंग्रेजों को भारतीय समस्याओं से अवगत कराने का प्रयत्न किया और इन दिनों 'लन्दन इण्डियन एसोसिएशन' और फिर 'ईस्ट इण्डिया एसोसिएशन' इत्यादि संस्थाएं स्थापित की।
1871 ई. में दादा भाई नौरोजी ने कहा था कि "मेरे विचार से इंग्लैण्ड के भारत से चले जाने और उसके स्वयं के हाल पर छोड़ देने से बड़ा संकट भारत के लिए कुछ और नहीं होगा" राजनैतिक विचारों से दादा भाई नौरोजी पूर्व राजभक्त थे, वह समझते थे कि भारत में अंग्रेजी राज्य से बहुत लाभ हुए हैं और वह इस साहचर्य के लिए सदा बने रहने में अभिरुचि रखते थे।