यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

51. उस संत का नाम बताइये जिसने "खड़ी बोली मुक्तकों" की रचना की?

Correct Answer: (b) दादू दयाल
Solution:

दादू दयाल का जन्म 1544 ई. में अहमदाबाद में हुआ था। दादू कबीर के सर्वश्रेष्ठ शिष्यों में से एक थे। दादू का प्रारम्भिक नाम महाबली था। दादू कबीरपंथी थे एवं अकबर के समकालीन थे। दादू की रचनाओं में खड़ी बोली में लिखित 'पद्य' (मुक्तक) प्रमुख हैं।

दादू की रचनाओं का संग्रह उनके दो शिष्यों संतदास और जगनदास ने 'हरडेवाणी' नाम से किया था। दादू के उपदेश 'दादूवाणी' में संग्रहीत है। जिनमें लगभग 5000 छन्द है। दादू के शिष्य रज्जव जी ने उनकी वाणी का संकलन 'अंग बधू' नाम किया है। दादू ने मूर्ति पूजा, जाति प्रथा व कर्मकाण्ड का विरोध किया था।

नोटः कबीर की रचना साखी, सबद, रमैनी, रेख्ता इत्यादि है। रहीम की रचनाओं में रत्नावली, कवितावली, रहीम विलास, रहिमन चन्द्रिका इत्यादि शामिल हैं। धन्ना की रचनाओं में 'गोपाल तेरा आरता, हरि गुण गाइरे आदि प्रमुख हैं।

52. प्राचीन भारत के पवित्र स्थानों के इतिहास का वर्णन करने वाले संस्कृत ग्रंथों को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?

Correct Answer: (d) स्थलपुराण
Solution:

स्थलपुराण संस्कृत शब्द में स्थल का अर्थ 'स्थान' एवं पुराण का अर्थ 'इतिहास' से है। प्राचीन भारत के पवित्र स्थानों के इतिहास का वर्णन करने वाले संस्कृत ग्रन्थों को 'स्थलपुराण' कहा जाता है। उपनिषद् वह विधा है जिसमें शिष्य गुरू के समीप बैठकर एकान्त में ब्रह्म विद्या प्राप्त करता है। उपनिषद् में आत्मा, परमात्मा, जन्म, पुनर्जन्म, मोक्ष इत्यादि विषयों पर चर्चा की गयी है। जैन साहित्य को 'आगम' (सिद्धान्त) कहा जाता है। आगम के अन्तर्गत 12 अंग, 12 उपांग, 10 प्रकीर्ण, 6 छेद सूत्र, 4 मूल सूत्र एवं अनुयोग सूत्र आते हैं।

नोटः काव्य का शाब्दिक अर्थ है- काव्यात्मक रचना या कवि की कृति, जो छन्दों की श्रृंखलाओं में विधिवत बाँधी जाती है।

53. आर्य समाज के बारे में कौन-सा/से सही हैं?

(A) इसकी स्थापना मूलशंकर ने की थी।
(B) इसकी स्थापना 1873 में की थी।
(C) आर्यसमाज की प्रथम इकाई बम्बई में संगठित की गयी।
(D)  वेद सत्य ज्ञान के ग्रंथ हैं।
(E)  ईश्वर सभी सत्य ज्ञान हेतु प्राथमिक स्रोत है।
नीचे दिए गए विकल्यों में से सही उतर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A), (C), (D) और (E)
Solution:

स्वामी दयानन्द सरस्वती का जन्म गुजरात के टंकारा नामक स्थान पर एक ब्राहाण परिवार में 1824 ई. में हुआ था। इनके बचपन का नाम मूलशंकर था। स्वामी पूर्णानन्द से उन्होंने संन्यास की दीक्षा ली और अर्थ वे दयानन्द सरस्वती कहलाने लगे। अप्रैल 1875 में आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानन्द ने बम्बई में की।

बाद में आर्य समाज का मुख्यालय 1877 ई. में लाहौर में स्थापित किया गया। इनका मुख्य उद्देश्यं वैदिक धर्म के शुद्ध रूप को स्थापना करना था। उन्होंने वेदों को शाश्वत, अपरिवर्तनीय धर्मातीत तथा दैवी माना। आर्य समाज में ईश्वर, को सभी सत्य ज्ञान हेतु प्राथमिक स्त्रोत के रूप में स्वीकार किया गया है तथा इन्होंने 'वेदों की ओर लौटों' का नारा दिया और 1882 में 'गी रक्षिणी सभा' की स्थापना की।

54. मनसबदारों को निम्नलिखित के बदले 'मशरुत' नियम किये गये थेः

Correct Answer: (d) सशर्त रैंक
Solution:

मुगल शासक औरंगजेब ने मनसबदार के सवार पद में मशरूत (सशर्त रैंक) का एक नया पद जोड़ा था। नया पद परिस्थितियों के अनुसार तब दिया जाता था जब मनसबदार को किलेदार का कोई पद दिया जाता था तब इसमें मनसबदार की सवार रैंक में वृद्धि कर दी जाती थी जिससे वह अधिक घुड़सवार, रख सकता था।

यह अस्थायी वृद्धि मशरूत कहलाती थी। नोटः- अकबर ने अपने शासनकाल के 19वें वर्ष (1575 ई.) में मनसबदारी व्यवस्था शुरू की थी अकबर की मनसबदारी व्यवस्था मंगोलों के दशमलव प्रणाली पर आधारित थी।

55. चोलों के शासन के अन्तर्गत पदिकावलं कुली क्या था?

Correct Answer: (d) पुलिस कर
Solution:

चोल साम्राज्य में ग्राम शासन के सामान्य कार्यों में नियुक्त कर्मचारियों के अतिरिक्त कुछ खास क्षेत्रों में शान्ति व्यवस्था कायम करने के निमित्त शक्तिशाली सामन्तों अथवा सरदारों को नियुक्त किया जाता था सुरक्षा के बदले में गाँववासी उन्हें 'पडिकावल कुली' नामक कर देते थे जिसे पुलिस कर कहा जाता था। चोलं शासन में भू-राजस्व को 'कदम' कहा जाता था। भूमिकर, को 'पुरवुवीर' कहा जाता था। ओलुक्कुनीर पातम पशु व पानी के साधनों, तालाब आदि का कर था।

56. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची Iसूची II
(A) भगवती सूत्र(I) सुनह शेष की कहानी
(B) वरुण सूक्त(II) 16 महाजनपदों का वर्णन मिलता है
(C) सभा पर्व(III) प्रशासन के बारे में वर्णन मिलता है।
(D) शांति पर्व(IV) राजधर्म के बारे में वर्णन मिलता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(II)(I)(III)(IV)
(b)(I)(II)(IV)(III)
(c)(II)(IV)(III)(I)
(d)(IV)(I)(III)(II)
Correct Answer: (a)
Solution:

सही सुमेलित इस प्रकार है-

सूची-Iसूची-II
(A) भगवती सूत्र16 महाजनपदों का वर्णन मिलता है।
(B) वरुण सूक्तसुनह शेष की कहानी
(C) सभा पर्वप्रशासन के बारे में वर्णन मिलता है।
(D) शान्ति पर्वराजधर्म के बारे में वर्णन मिलता है।

57. निम्नलिखित घटनाओं को सबसे पहले शुरू कर कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :

(A) सूरत संधि
(B) बड़गांव कन्वेंशन
(C)  मंगलौर संघि
(D) पुरंधर संधि
(E) सालबाई संधि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A), (D), (B), (E), (C)
Solution:दिये गये घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है-

(I) सूरत की संधि 7 मार्च, 1775 ई. में अंग्रेजी सरकार और रघुनाथ राय (रापोवा) के बीच हुई थी।

(II) पुरन्दर की सन्धि मार्च, 1776 ई. में नाना फड़नवीस और कलकत्ता सरकार के दूत कर्नल अप्टन के मध्य सम्पन्न हुई थी।

(III) बड़गाँव की सन्धि अंग्रेजों एवं मराठों के बीच बड़गाँव के युद्ध के बाद जनवरी, 1779 ई. में यह सन्धि हुई थी।

(IV) सालबाई की सन्धि यह सन्धि सिन्धिया के मध्यस्थ बन जाने के कारण पूना दरबार और अंग्रेजों के बीच 17 मई, 1782 को सम्पन्न हुई। (V) मंगलौर की सन्धि यह सन्धि द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1780-84) के बाद मद्रास के गवर्नर लॉर्ड मैकार्टनी और टीपू के बीच मार्च, 1784 ई. में सम्पन्न हुई थी।

58. हिन्दू साहित्य परंपरा में कौन से ग्रंथ प्रस्थानत्रयी के समुच्चय का निर्माण करते हैं:

(A) ब्राह्मण ग्रंथ
(B) रामायण
(C) ब्रह्मसूत्र
(D) उपनिषद्
(E) कल्पसूत्र
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (C) और (D)
Solution:

हिन्दू साहित्य परम्परा के अन्थों में ब्रह्मसूत्र, उपनिषद् एवं श्रीमदभगवद्‌गीता प्रस्थानत्रयी के समुच्चय का निर्माण करते हैं। ब्रह्मसूत्र भारतीय षड्दर्शन में शामिल मीमांसा दर्शन के उपभाग उत्तरमीमांसा के प्रवर्तक बादरायण द्वारा रचित ग्रन्थ हैं।

ब्रह्मसूत्र में उपनिषदों के दार्शनिक एवं आध्यात्मिक विचारों को साररूप में एकीकृत किया गया है। प्रस्थानत्रयी के सन्दर्भ में उपनिषदों को श्रुति प्रस्थान गीता को स्मृति प्रस्थान तथा ब्रह्मसूत्रों को न्याय प्रस्थान कहा गया हैं।

नोटः- रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी। इसमें 24000 श्लोक हैं। कल्पसूत्र (जैन धर्म) की रचना भद्रबाहु द्वारा संस्कृत भाषा में की गई थी। वेदों की सरल व्याख्या हेतु ब्राह्मण ग्रन्थों की रचना गद्य में की गयी थी।

59. ज्योतिबा फुले ने अपनी पुस्तक "गुलामगीरी" किस समर्पित की?

Correct Answer: (b) युनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के अच्छे लोगों के लिए
Solution:

ज्योतिबा फुले बचपन से ही अत्यंत प्रतिभाशाली थे। स्कॉटिश मिशन स्कूल में पढ़ते हुए उन्होंने मानव अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। वे शिवाजी और जॉर्ज वाशिंगटन के जीवन से प्रेरित थे। 1872 ई. में उन्होंने एक पुस्तक 'गुलामगिरी' लिखी। यह पुस्तक गुलामों को मुक्त करने के लिए अमेरिकी आन्दोलन को समर्पित किया गया था।

नोट:- ज्योतिबा फुले ने 1873 ई. में सत्यशोधक समाज की स्थापना पुणे (महाराष्ट्र) में की थी। ज्योतिबा जी के प्रकाशित पुस्तकों में धर्म तृतीय रत्न, शिवाजी का जीवन, सार्वजनिक सत्यधर्म आदि महत्वपूर्ण है।

60. बरनी द्वारा तारीख-ए-फिरोजशाही में दी गए मुहम्मद बिन तुगलक की योजना का सही क्रम चिन्हित कीजिए:

(A)  खुरासान का प्रस्तावित अभियान
(B) राजधानी परिवर्तन
(C) दोआब में करारोपण
(D) टोकन मुद्रा
(E) कराचिल अभियान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) (C), (B), (D), (A), (E) only केवल (C), (B), (D), (A) और (E)
Solution:

बरनी द्वारा तारीख-ए-फिरोजशाही में दी गयी मुहम्मद बिन तुगलक की योजनाओं का सही कालक्रम इस प्रकार है-

घटनाएँकालक्रम
(1)दोआब में करारोपण– 1325 ई.
(2)राजधानी परिवर्तन– 1326-27 ई.
(3)टोकन मुद्रा– 1329 ई.
(4)खुरासान का प्रस्तावित अभियान– 1333 ई.
(5)कराचिल अभियान– 1333 ई.