यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

71. किस निम्नलिखित राजवंश ने कोहिनूर हीरा को प्रथमतया एक मन्दिर में प्रतिष्ठापित किया?

Correct Answer: (d) काकतीय वंश
Solution:

काकतीय प्रारम्भ में कल्याणी के चालुक्यों के सामन्त थे। चालुक्य सोमेश्वर प्रथम के विरूद्ध सामन्ती विद्रोहों को दबाने में अहम भूमिका निभाने के कारण प्रोल प्रथम नामक व्यक्ति को 'अंमकोण्ड विषम (वारंगल में हनुमकुण्ड)' की जागीर प्राप्त हुई थी, जो आगे चलकर एक विशाल काकतीय राज्य में परिवर्तित हुई। चालुक्य विक्रमादित्य षष्ठ के समय के सामन्त बेत द्वितीय (प्रोल का पुत्र) के सर्वप्रथम दो अभिलेख प्राप्त होते हैं।

चालुक्य सोमेश्वर तृतीय तथा कृष्णा-गोदावरी के मध्य के भू-भाग पर अधिकार जमा लिया तथा काकतीय वंश के आन्ध्र में एक स्वतन्त्र सत्ता की स्थापना में सफलता पाई। वास्तविक रूप में स्वतंत्र काकतीय सत्ता का संस्थापक रूद्रदेव प्रथम (1162-1196 ई.) को माना जाता है। गणपति देव काकतीय वंश का महानतम् शासक था, उसका 63 वर्षों का लम्बा शासनकाल काकतीय इतिहास के सर्वोत्तम युगों में से एक था। गणपति के बाद उसकी पुत्री रूद्राम्बा काकतीय राज्य की शासिका बनी। यादव वंशी महादेव ने उसे पराजित किया था। इसके बाद प्रतापरूद्र शासक हुए।

उसने काकतीय वंश की शक्ति तथा प्रतिष्ठा का पुनरुद्धार किया। परन्तु 1309-10 ई. के लगभग मलिक काफूर ने वारंगल पर चढ़ाई की तथा राजधानी पर घेरा डाला। प्रतापरूद्र वीरतापूर्वक लड़ता रहा और पराजित हुआ। उसने मलिक काफूर को हाथी, घोड़े तथा अमूल्य रत्न दिये। सम्भवतः उन्हीं रत्नों में कोहिनूर नामक हीरा भी शामिल था। इसी कोहिनूर हीरा को प्रथमतया काकतीय वंश के शासकों ने एक मन्दिर में प्रतिष्ठापित करवाया था।

72. दक्षिण भारत में स्त्री शिक्षा के बारे में निम्नलिखित कथन किस यात्री ने दिया:

"हनौर में मैंने तेरह स्कूल लड़कियों एवं तेइस स्कूल लड़कों के निर्देश के लिए देखे, ऐसी चीज मैने इसके अलावा कहीं नहीं देखी?"

Correct Answer: (a) इब्न बतूता
Solution:

इब्नबतूता का मूल नाम शेख फतह अबू अब्दुल्लाह था जो मोरक्को (अफ्रीका) का मूल निवासी था। 1333 ई. में मुहम्मद बिन तुगलक के कार्यकाल में भारत आया तथा 14 वर्षों तक भारत में रहा। मुहम्मद तुगलक ने उसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया, जो आठ वर्षों तक इस पर पर रहा। 1342 ई. में मुहम्मद तुगलक ने उसे अपना दूत बनाकर चीन भेजा था।

इब्नबतूता ने अरबी भाषा में रेहला नामक अपनी पुस्तक की रचना की जो उसका यात्रा वृतान्त है इस ग्रन्थ में भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक की गुप्तचर व्यवस्था, डाक व्यवस्था और उसकी मृत्यु की परिस्थितियों का वर्णन है।

इब्नबतूता दक्षिण भारत की स्वी शिक्षा के बारे में लिखता है-"हनौर में मैंने तेरह स्कूल लड़कियों एवं तेइस स्कूल लड़कों के निर्देश के लिए देखे, ऐसी चीज मैंने इसके अलावा कहीं नहीं देखी?" इसके अतिरिक्त रेहला में मुहम्मद बिन तुगलक के व्यक्तिगत जीवन, उसके विचार और प्रशासनिक योजनाएँ, राजदरबार की स्थिति तया सामाजिक एवं आर्थिक जीवन की झलकियाँ मिलती है जो अत्यन्त मनोरंजक और मूल्यवान हैं।

73. भगत सिंह ने लगभग छः माह तक किस छद्म नाम से 'प्रताप' नामक हिंदी पत्रिका में लिखा ?

Correct Answer: (c) बलवंत
Solution:

भगत सिंह का जन्म 1907 ई. में पंजाब में हुआ था, इनके पिता किशन सिंह तथा माता विद्यावती कौर थी। भगत सिंह 'नौजवान भारत सभा' के संस्थापक होने के साथ-साथ क्रान्तिकारी संगठन 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' तथा 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' के सक्रिय सदस्य भी थे।

भगत सिंह ने राजगुरू के साथ मिलकर 1928 ई. में पुलिक अधीक्षक जे.पी. सांडर्स की हत्या कर दी। तत्पश्चात क्रान्तिकारी बटुकेश्वर के साथ सेन्ट्रल असेम्बली दिल्ली में बम एवं पर्चे फेंककर अपनी गिरफ्तारी दी। भगत सिंह ने लगभग छः माह तक 'बलवंत' सिंह (छद्म नाम) नाम से 'प्रताप' नामक हिन्दी पत्रिका में लेख लिखतें रहे। भगत सिंह पर 'लाहौर षडयंत्र केस' चलाकर 23 मार्च 1931 ई. को लाहौर जेल में फाँसी दे दी गयी।

74. भारतीय इतिहास में अशोक के 13वें शैल धर्मादेश को महत्त्वपूर्ण माना जाता है?

Correct Answer: (c) इसमें यूनानी राजाओं के नामों का उल्लेख है।
Solution:

अशोक के 13वें शिलालेख में कलिंग युद्ध तथा पश्चाताप का वर्णन किया गया है। उसका मानना था कि धम्म विजय साधारण विजय से अधिक कल्याणकारी होता है। इस शिलालेख में अशोक कहता है कि 600 योजन तक धम्म विजय-जिसमें 5 विदेशी यवन (यूनानी) राजा होता है (एण्डियोकस, टोलमी, एण्टीगोनस, मैगस, अलेक्जेण्डर) दक्षिण के सीमान्त राज्यों (चोल, पाण्ड्य, ताम्रपर्णि) साम्राज्य के अन्तर्गत विद्यमान, यवन, कम्बोज, नाभक, नाभपंकितयों, भोजक-पितिनिक (भोज), आन्ध्रों, पुलिन्दों में हर जगह मेरे धम्म के आदेशों का पालन होता है।

देवानांप्रिय प्रियदर्शी को विश्वास है कि जो लोग गलती करते हैं, उन्हें जहाँ तक सम्भव हो माफ कर देना चाहिए। आटविक जनजातियों (गाजीपुर तथा जबलपुर के मध्य जंगली जातियाँ) को, जो अपराध करती है, क्षमा करने का आश्वासन दिया गया है तथा धम्म का अनुसरण न करने पर दण्ड देने की चेतावनी दी गयी है।

75. निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A)  वी.डी. सावरकर फर्ग्यूसन कालेज से स्नातक थे।
(B)  वी.डी. सावरकर ने कृष्ण वर्मा के छात्रवृत्ति की पेशकश को स्वीकार किया और जून 1906 में लंदन चले गए।
(C)  वी.डी. सावरकर ने नासिक में मित्र मेला की स्थापना किया।
(D)  वी.डी. सावरकर ने "द इण्डियन वार ऑफ इंडिपेंडेस, 1857" नामक पुस्तक लिखी।
(E) वी.डी. सावरकर इंडिया हाऊस के सदस्य बने।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करके:

Correct Answer: (c) केवल (A), (B), (C), (D) और (E)
Solution:विनायक दामोदर सावरकर (1883-1966 ई.): इनका जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुआ था। इन्हें प्रायः 'स्वातंत्र्यवीर' एवं वीर सावरकर' के नाम से संबोधित किया जाता है। यह स्वाधीनता संग्राम के एक सेनानी के साथ-साथ महान क्रान्तिकारी, चिन्तक, सिद्धहस्त लेखक, कवि, ओजस्वी वक्ता, दूरदर्शी राजनेता तथा इतिहासकार थे। उन्होंने '1905 ई. के स्वदेशी आन्दोलन' में अग्रणी भूमिका निभायी थी।

इनके लेख 'इण्डियन सोशियोलॉजिस्ट' और 'तलवार' नामक पत्रिकाओं में प्रकाशित होते थे, जो बाद में कलकत्ता के 'युगान्तर' पत्र में भी छपे। 1907 ई. में इन्होंने 'इण्डिया हाउस' लन्दन में प्रथम भारतीय स्वतन्वता संग्राम की स्वर्ण जयन्ती, मनायी और 1857 ई. के संग्राम को "भारत का प्रथम स्वतन्यता संग्राम" सिद्ध किया। इन्होंने 1908 ई. में मराठी में एक पुस्तक की रचना की जिसका बाद में अंग्रेजी भाषा में अनुवाद किया गया। वी.डी. सावरकर जी के विषय में कुछ अन्य बातें जो निम्नलिखित है-

(A) वी.डी. सावरकर फर्ग्युसन कालेज से स्नातक थे।

(B) वी.डी. सावरकर ने कृष्ण वर्मा, के छात्रवृत्ति की पेशकश को स्वीकार किया और जून 1906 ई. में लन्दन चले गए।

(C) वी.डी. सावरकर ने नासिक में मित्र मेला की स्थापना 1899 में तरुण इटली के आधार पर किया था बाद में इसे अभिनव भारत समाज (1904 ई.) नाम दिया।

(D) वी.डी. सावरकर ने 'द इण्डियन वार ऑफ इंडिपेंडेस, 1857' नामक पुस्तक लिखी थी।

(E) वी.डी. सावरकर इण्डिया हाउस के सदस्य बने।

Note:- वी.डी. सावरकर रूसी क्रान्तिकारियों से अत्यधिक प्रभावित थे। इन्हें अपने जीवन में 24 दिसम्बर, 1910 ई. तथा 31 जनवरी, 1911 ई. को अर्थात् दो बार आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। जो विश्व के इतिहास में अनोखी सजा थी।

76. हाथीगुम्फा शिलालेख निम्नलिखित कारणों से जाना जाता है :

(A) बौद्ध स्तूप
(B) जिन मूर्ति
(C) राजा खारवेल
(D) बौद्ध विहार
(E) अग्रहार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (B) और (C)
Solution:

उड़ीसा प्रान्त के पुरी जिले में भुवनेश्वर मन्दिर से तीन मील पश्चिम की ओर उदयगिरि-खण्डगिरि की पहाड़ियाँ स्थित है। जिनमें प्राचीन जैन गुफायें खोदी गयी है। इनमें जिन मूर्तियां स्थापित की गई थी। इन्हीं गुफाओं में से एक का नाम हाथीगुम्फा है। यहीं पर सत्रह पंक्तियों में ब्राह्मी लिपि में एक लेख खुदा हुआ है जिसकी भाषा प्राकृत है जो पालि से मिलती-जुलती है।

इस लेख में कोई तिथि नहीं दी गयी है। लिपिशास्त्र के आधार पर इसे ईसा पूर्व पहली शताब्दी का माना जाता है। इसके रचयिता का नाम भी अज्ञात है। हाथीगुम्फा लेख एक प्रशास्ति के रूप में है जिसका मुख्य उद्देश्य खारवेल के जीवन तथा उपलब्धियों का विवरण सुरक्षित रखना है। सर्वप्रथम 1825 ई. में इस लेख की खोज बिशप स्टर्लिंग ने की थी।

इसके बाद प्रिंसेप ने इसका वाचन किया, लेकिन वह शुद्ध नहीं था। 1880 ई. में राजेन्द्र लाल मित्र ने इसका दूसरा पाठ और अर्थ प्रकाशित किया लेकिन वह भी अपूर्ण ही रहा। 1877 ई. में जनरल कनिंघम तथा 1885 में भगवान लाल इन्द्र जी द्वारा इसका शुद्ध पाठ प्रस्तुत किया गया और राजा का नाम 'खारवेल' सही ढंग से पढ़ा गया।

नोट: 'महाराज' की उपाधि धारण करने वाला प्रथम भारतीय शासक खारवेल था। हाथिगुम्फा अभिलेख में यह उल्लेखित है कि खारवेल अपने शासन के पाँचवे वर्ष 'तनसुलि' से एक नहर के जल को अपनी राजधानी ले गया, जिसमें । लाख मुद्राओं का व्यय हुआ। इस नहर का निर्माण 300 वर्ष पूर्व नन्द राजा ने करवाया था।

77. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची-I लेखकसूची-II कृति
(A) हुसैन अली शाह फुरशी(I) मासिरी-ई-आलमगिरी
(B) बरनी(II) निस्बत नामा ई शहरीयारी
(C) मुस्तैद खान(III) बहारिस्तान
(D) मिर्जा नाथन(IV) सना-ई-मुहम्मदी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(II)(IV)(I)(III)
(b)(III)(IV)(I)(II)
(c)(I)(IV)(II)(III)
(d)(IV)(II)(III)(I)
Correct Answer: (a)
Solution:
सूची-I (लेखक)सूची-II (कृति)
(A) हुसैन अली शाह फुरशीनिसबत नामा ई शहरीयारी
(B) बरनीसना-ई-मुहम्मदी
(C) मुस्तैद खानमासिरी-ई-आलमगिरी
(D) मिर्जा नाथनबहारिस्तान

78. निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A)  रवीन्द्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1913 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया।
(B) मुंशी प्रेमचंद्र ने शोज-ए-वतन पुस्तक लिखी।
(C) उपन्यास जलवा-ए-इसार में विवेकानंद के कृत्यों पर आधारित अपना प्रमुख पात्र (हीरो) गढ़ा।
(D) जार्ज पंचम ने दिल्ली दरबार के समय पर बंगाल के विभाजन को रद्द करने की घोषणा की।
(E)  गदर आंदोलन वर्ष 1913 में न्यूयॉर्क में प्रारंभ हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:सही है-
a. रविन्द्रनाथ टैगोर भारत ही नहीं एशिया के प्रथम व्यक्ति थे, जिन्हें उनकी रचना गीतांजली के लिए 1913 ई. में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
b. 1908 ई. में प्रेमचन्द का पहला कहानी संग्रह 'सोजे-वतन' अर्थात राष्ट्र का विलाप नाम से प्रकाशित हुआ। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होने के कारण इस पर अंग्रेजी सरकार ने रोक लगा दी और इस पुस्तक की सारी प्रतियाँ जब्त कर जला दी गई।
c. प्रेमचन्द ने उर्दू में 'रूठी रानी' और 'जलवा-ए-इसार' नामक उपन्यास भी लिखा। 'जलवा-ए-इसार' ही 1920 ई. में हिन्दी में 'वरदान' शीर्षक से प्रकाशित हुआ था। जलवा-ए-इसार में विवेकानन्द के कृत्यों पर आधारित अपना प्रमुख पात्र (हिरो) गढ़ा।
d. जार्ज पंचम ने दिल्ली दरबार के समय पर बंगाल के विभाजन को रद्द करने की घोषणा की थी।
नोट : गदर आन्दोलन वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में प्रारम्भ हुआ था, इसके संस्थापक लाला हरदयाल थे।

79. वर्ष 1831 में, भारत में रेलवे के निर्माण का आरंभिक सुझाव किस स्थान पर दिया गया?

Correct Answer: (c) मद्रास
Solution:

रेल इतिहासकार नलिनाक्ष सान्याल का कहना है कि भारत में रेलवे लाइन बनाने का सबसे पहला विचार 1831 में मद्रास के लिए आया था। इस योजना में कावेरी नदी तटबन्ध के साथ एक लाइन बनाने का विचार था। 150 मील लंबी यह रेल लाइन 'कावेरीपट्टनम' और 'करूर' के बीच 8,000 रुपये प्रति मील की लागत से बनाया जाना था।

यह प्रस्ताव ईस्ट इण्डिया कम्पनी की संसदीय चयन समिति के समक्ष रखा गया था। इसके बाद मद्रास प्रेसीडेंसी के एक सिविल इंजीनियर कैप्टन एवी कॉटन द्वारा मद्रास और बॉम्बे के बीच 862 मील की रेल लाइन बिछाने का 1836 में एक प्रस्ताव रखा गया। सान्याल लिखते हैं कि मद्रास प्रेसीडेंसी को अपनी पहली रेल लाइन खोलने के पहले प्रस्ताव से 25 साल से अधिक का समय लगा।

फिर भारत में रेलवे के निर्माण का प्रस्ताव आया, जिसे 1843-44 में सर मैकडोनाल्ड स्टीफेंसन की अध्यक्षता वाली कम्पनी के प्रमोटरों ने अपनी पुस्तक 'रेलवे पॉलिसी इन इण्डिया' में होरेस बेल के अनुसार रखा था। ब्रिटिश इतिहासकार 'जॉन क्लार्क मॉर्शमैन लिखते हैं कि 1843 में, सर मैकडोनॉल्ड स्टीफेंसन भारत में रेल लाइनों के निर्माण के महत्व पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद से कलकत्ता गए थे। तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड एलनबरों ने पूरी परियोजना को 'चाँदनी' घोषित किया था।

80. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
(A) अशोक का वृहद्-शिलालेख-V(I) राजत्व का सिद्धांत
(B) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VI(II) अशोक की धार्मिक यात्राएँ
(C) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VII(III) धम्ममहामात्रों की नियुक्ति
(D) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VIII(IV) अन्य संप्रदायों के प्रति धार्मिक सहिष्णुता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(I)(II)(III)(IV)
(b)(III)(I)(II)(IV)
(c)(III)(I)(IV)(II)
(d)(II)(IV)(I)(III)
Correct Answer: (c)
Solution:
सूची-Iसूची-II
(A) अशोक का वृहद्-शिलालेख-Vधम्ममहामात्रों की नियुक्ति
(B) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VIराजत्व का सिद्धांत
(C) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VIIअन्य संप्रदायों के प्रति धार्मिक सहिष्णुता
(D) अशोक का वृहद्-शिलालेख-VIIIअशोक की धार्मिक यात्राएँ