यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift- I

Total Questions: 100

81. कश्मीर के निम्नलिखित शासकों में से किसने महमूद गजनी का सामना किया?

Correct Answer: (b) संग्रामराज.
Solution:

कश्मीर के लोहार वंश के संस्थापक राजा संग्रामराज (1003-1028 ई.) ने 'महमूद गजनवी' का सामना किया था। उसने अपने मंत्री तुंग को भटिण्डा के शाही शासक त्रिलोचनपाल की ओर से महमूद गजनवी से लड़ने के लिए भेजा, परन्तु उसे सफलता नहीं मिली।

इस पराजय के कारण कश्मीर वापस आने पर तुंग की हत्या कर दी गयी। संग्रामराज के बाद अनन्त शक्तिशाली राजा हुआ। उसने सामन्तों के विद्रोह को दबाया तथा दर्दो एवं मुसलमानों के आक्रमण का सफलतापूर्वक प्रतिरोध किया था। उसकी धर्मनिष्ठा रानी सूर्यमती ने प्रशासन को सुधारने में उसकी सहायता की थी। अनन्त का उत्तराधिकारी कलश हुआ।

82. पौमाचरियम निम्नलिखित में से किस कथा का जैन रूपांतर है?

Correct Answer: (d) रामायण
Solution:

पौमाचरियम/पउमचरिउ को महाकवि स्वयंभू (अँप्रभंश का वाल्मीकि) ने अप्रभंश भाषा में 8वीं शताब्दी में लिखा था। यह राम कथा (रामायण) का सरस काव्य ग्रंथ है प्राचीन जैन साहित्य में राम को पद्म कहा गया है पउमचरिठ का अर्थ पदम् चरित है। यह अप्रभंश का प्रबन्ध काव्य है।
विशेष तथ्य
(1) विमलसूरी द्वारा प्राकृत भाषा में पउमचरिउ ग्रंथ लिखा गया है। जो स्वयंभू द्वारा रचित पउमचरिउ ग्रंथ से अनेक शताब्दी पहले लिखा गया था।

(2) रामायण एक प्राचीन महाकाव्य है जो कोसल के राजकुमार प्रभु श्री राम के जीवन प्रसंग के बारे में है एवं इसकी रचना संस्कृत भाषा में वाल्मीकि ने किया है।

83. निम्नलिखित में से कौन से सही हैं?

(A)  जैन संघ विश्व का सबसे प्राचीन धार्मिक संप्रदाय है।
(B) स्यादवाद बौद्ध धर्म का केंद्रीय दर्शन है।
(C)  कौटिल्य का अर्थशास्त्र केवल धन उत्पादन की नीतियों से संबंधित है।
(D) शिशुपाल की कथा महाभारत के सभापर्व में पायी जाती है।
(E) अल्लामा प्रभु रामानुजाचार्य के शिक्षक थे।
नीचे दिए गए विकल्पों, में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A) और (D)
Solution:
 महावीर स्वामी ने पावा में जैन संघ की स्थापना की थी, जिसमें 11 प्रमुख अनुयायी शामिल थे जो गणधर (गन्धर्व) कहलाए। ये सभी गणधर मगध क्षेत्र के 11 ब्राह्मण थे जिनको पावा में ही दीक्षित किया गया था
इन्द्रभूमि (ये प्रथम गणधर थे), अग्निभूति, वायुभूति, आर्यव्यक्त, सुधर्मन, मण्डिकपुत्र, मौर्यपुत्र, अकम्पित, अचल भ्रात्र, मैत्रेय तथा प्रभास। यही महावीर स्वामी के सर्वप्रथम अनुयायी थे। महाभारत के सभापर्व में शिशुपाल के मुँह से ऐसी बातें कहलवायी गयी है। जिससे कृष्ण क्रोधित हो जाते है और उसकी हत्या कर देते हैं।
विशेष तथ्य
(1) स्याद्वाद बौद्ध धर्म का केन्द्रीय दर्शन नहीं है। गौतम बुद्ध के समान महावीर स्वामी ने भी वेदों की अपौरुषेयता स्वीकार करने से इंकार कर दिया तथा धार्मिक एवं सामाजिक रूढ़ियों और पाखण्डों का विरोध किया। उन्होंने आत्मवादियों तथा नास्तिकों के एकान्तिक मतों को छोड़कर बीच का मार्ग अपनाया जिसे अनेकान्तवाद अथवा स्याद्वाद अथवा सप्तभंगी नय कहा गया है इस सिद्धांत को जैन दर्शन की आधारशिला तथा प्राण कहा जाता है। स्याद्वाद ज्ञान के सापेक्षता का सिद्धांत है।
(2) कौटिल्य राजनीतिशास्त्र का प्रकाश पंडित था और उसने राजशासन के ऊपर अर्थशास्त्र नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना लिखी। यह हिन्दू राजशासन के ऊपर प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ है।
(3) रामानुजाचार्य (1017 ई.-1137 ई.) पूर्व मध्यकालीन भारत में भक्ति आंदोलन के सर्वप्रथम प्रणेता थे इनका जन्म श्री श्रीपेरूम्बुदुर (काँचीपुरम) में हुआ था। इनके माता-पिता का नाम क्रमशः कान्तीमती व सोमैया (केशव) था। इन्होंने काँचीपुरम में अपना गुरू "यादव प्रकाश" को बनाया और उनसे वेदान्त की शिक्षा ग्रहण की थी। किन्तु छान्दोग्य उपनिषद् की व्याख्या को लेकर इनका गुरू से मतभेद हो गया और इसके बाद इनका सम्पर्क काँचीपुरम के मठाधीश आचार्य काँचीपूर्ण से हुआ। उन्होंने इनका दीक्षा संस्कार कोदण्ड राम मंदिर (वेकंटाचल तिरूपति) में सम्पन्न करवाया। यहाँ से रामानुज को यतिराज की उपाधि प्राप्त हुई। उन्होंने अंतिम रूप से श्रीरंगम मठ के यमुनाचार्य को अपना गुरू बनाया था।

84. भगवत गीता का पहला मलयालम संस्करण निम्नलिखित में से किसने लिखा ?

Correct Answer: (a) माधव पाणिक्कर
Solution:

माधव पाणिक्कर ने किसी भी भारतीय भाषा में संभवतः पहली बार भगवत्गीता का मलयालम भाषा में अनुवाद किया था। चार्ल्स विल्किंसन ने 1784 में संस्कृत से अंग्रेजी में पहले प्रत्यक्ष अनुवाद के रूप में भगवद्‌गीता का अनुवाद किया था।
विशेष तथ्य

क्र.सं.लेखकपुस्तक (मलयालम भाषा में)
1.शंकर पाणिक्करभारतमाला, श्रीकृष्ण विजय
2.राम पाणिक्कररामायण, महाभारत, महाभागवत शिवरात्रि महात्मयम
3.चेरुस्सेरीकृष्णगाथा

85. निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं :

(A) गहपति पद का यथार्थ सामाजिक शब्दावली में आशय समृद्ध गृहस्थ है।
(B)  गहपति की संपदा उसकी स्वामित्व वाली भूमि और धनी व्यापारी के रूप में आती है।
(C) व्यापारी के रूप में गहपति द्वारा संपदा अर्जित करने की अवस्था में उसे सेठी-गहपति कहा जाता था।
(D) ब्राह्मण गहपति का वर्णन ब्राह्मण के रूप में मिलता है जिसे भूमि का दान प्राप्त हुआ हो।
(E)  गहपति सेना में भी सम्मिलित थे।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उतर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A), (B), (C) और (D)
Solution:

वैदिक ग्रंथों में गहपति/गृहपति का उल्लेख एक परिवार के मुखिया के रूप में किया गया था। पालि ग्रंथों में इसके लिए गिहि, गहट्ठ तथा अज्झवसति का प्रयोग किया गया और गहपति का अर्थ इस समय बदल गया। उमा चक्रवती ने सुझाव दिया है कि अब गहपति शब्द का प्रयोग घर के मुखिया के साथ-साथ धनाढ्य भूमिपति और कृषि संपति के उत्पादन कर्त्ताओं के लिए होने लगा था।

पालि ग्रंथों में समाज के तीन श्रेणियों की चर्चा होती है- क्षत्रिय, ब्राह्मण और गहपति जो तीनों अलग-अलग क्षेत्रों से आते थे। अंगुतर निकाय के अनुसार क्षत्रिय-शक्ति और क्षेत्र से संबंधित है और भूमि उनका आदर्श है। ब्राह्मण मंत्र और यज्ञ से जुड़े हैं, ब्रह्मलोक जिनका आदर्श है। जबकि गहपति कृषि और शिल्प से जुड़े हैं तथा स्वयं के परिणाम की पूर्ति अथवा उससे मिलने वाला मुनाफा ही उनका आदर्श है।

ब्राह्मण गहपतियों का भी उल्लेख है जो ब्राह्मण गाँवों में निवास करते थे। गहपतियों के राजनीतिक महत्त्व का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि एक चक्रवर्ती सम्राट के सात धरोहरों में इसकी गिनती होती है। गहपति सेना में सम्मिलित नहीं होते थे।

86. सूची-I के साथ सूची-II सूची का मिलान कीजिए:

सूची- Iसूची- II
(A) शिमला सम्मेलन(I) फरवरी, 1946
(B) बंबई में नौसैनिक विद्रोह(II) जून, 1945
(C) कैबिनेट मिशन का भारत आगमन(III) जुलाई, 1946
(D) संवैधानिक सभा हेतु चुनाव सम्पन्न हुए(IV) मार्च-जून, 1946

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

ABCD
(a)(II)(I)(III)(IV)
(b)(II)(I)(IV)(III)
(c)(I)(II)(III)(IV)
(d)(II)(IV)(I)(III)
Correct Answer: (b)
Solution:
सूची- Iसूची- II
(A) शिमला सम्मेलनजून, 1945
(B) बंबई में नौसैनिक विद्रोहफरवरी, 1946
(C) कैबिनेट मिशन का भारत आगमनमार्च-जून, 1946
(D) संवैधानिक सभा हेतु चुनाव सम्पन्न हुएजुलाई, 1946

87. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में;

अभिकथन (A): जेम्स मिल ने भारतीय इतिहास के प्राचीन काल को हिन्दू काल और मध्यकाल को मुस्लिम काल के रूप में चित्रित किया है।
तर्क (R) : उसने आधुनिक काल को ईसाई काल नहीं कहा।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

जेम्स मिल पहले इतिहासकार थे जिन्होंने भारतीय इतिहास का विभाजन धर्म के आधार पर क्रमशः हिन्दू काल, मुस्लिम काल और ब्रिटिश काल के रूप में किया था। जेम्स मिल ने अंग्रेजी शासन को ईसाई काल न कह कर ब्रिटिश काल के रूप में व्यक्त किया था। भारतीय इतिहास लेखन में सांप्रदायिक पूर्वाग्रह का बीजारोपण जेम्स मिल के कारण ही हुआ।

जेम्स मिल ने भारतीय संस्कृति की अनावश्यक आलोचना करते हुए यह मान लिया था कि समकालीन भारत के साथ-साथ प्राचीन भारत भी बर्बर और नासमझ था। जेम्स मिल ने अपने इतिहास लेखन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को पिछड़ा हुआ, प्रगति विरोधी और अतार्किक माना था।

88. निम्नलिखित में से कौन सा लेखक चंदेल वंश के जीवनचरित्र संबंधी विवरण प्रदान करता है?

Correct Answer: (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Solution:निम्नलिखित राजवंश के प्रसिद्ध लेखकों का वर्णन इस प्रकार है-
क्र. सं.विद्वानराजवंशसमकालीन शासकपुस्तक
1कृष्ण मिश्रजेजाक भुक्ति के चंदेलकीर्तिवर्मन (1060-1100)प्रबोध चन्द्रोदय
2बाण भट्टथानेश्वर का वर्धन वंशहर्षवर्धन (606-647)हर्षचरित कादम्बरी चण्डीशतक काव्य
3कल्हणकश्मीर के हिन्दू वंशजयसिंह (1127-59)राजतरंगिणी
4विल्हणकल्याणी के चालुक्यविक्रमादित्य (1076-1126)विक्रमांकदेव चरित

89. निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही नहीं हैं?

(A) फिल्म 'सवकारी पाश' (भारतीय शाइलॉक, मूक, 1925) सूदखोरों के हाथों 'भारतीय किसानों' के शोषण से संबंधित पहली फिल्म थी।
(B) फिल्म संत तुकाराम, 1934 को वेनिस फिल्म उत्सव की तीन सर्वोत्तम फिल्मों में से एक माना गया।
(C)  फिल्म 'नया संसार' (1943) में एक निडर पत्रकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करते दिखाया गया था।
(D) फिल्म 'डॉक्टर कोटनीस की अमर कहानी' (1946) जापान भेजे गए भारतीय चिकित्सा मिशन के कार्यों के बारे में है।
(E) 'दूर हटो ऐ दुनिया वालों, हिंदुस्तान हमारा है' गीत किस्मत' (1943) फिल्म से था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (e) (*)
Solution:
कालजयी परम्परा के क्रम में भारत की स्वतंत्रता के पूर्व सर्वाधिक लोकप्रिय ओजपूर्ण गीतों में 1943 में प्रदर्शित फिल्म किस्मत का गीत 'आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है, दूर हटो ऐ दुनिया वालों, हिन्दुस्तान हमारा है' वास्तव में भारत छोड़ो आंदोलन की ही एक सशक्त अभिव्यक्ति थी।
इस समूह गान की अपार लोकप्रियता ने कवि प्रदीप को एक देश भक्त कवि के रूप में स्थापित किया और साथ ही पहले से ही स्थापित और प्रसिद्ध संगीतकार अनिल बिस्वास को भी तब जन-जन का प्यारा बना दिया। वी शातांराम ने युद्धग्रस्त चीन में काम करते हुए अपनी जान न्योछावर कर देने वाले भारतीय डॉक्टर की सच्ची कहानी के आधार पर डॉ. कोटनिस की अमर कहानी (1946) का निर्माण किया।
डॉ. कोटनिस की बायोपिक इतिहास के उस अविश्वसनीय युग को दर्शाती है जब एक मानवीय विचार से प्रेरित भारतीय डॉक्टरों की एक टोली स्वेच्छा से चिकित्सा सहायता के लिए द्वितीय विश्वयुद्ध में युद्धग्रस्त लोगों के लिए चीन की यात्रा की थी प्रभात फिल्म कंपनी की स्थापना वी शांताराम ने डामले और फत्तेलाल के साथ मिलकर की थी। इस कंपनी ने कथानक, चित्रण, अभिनय और संगीत की दृष्टि से नए प्रयोग अपनाये तथा एक साथ दो भाषाओं- मराठी और हिंदी में फिल्म बनाने की बिल्कुल नई प्रथा शुरू की।
इस प्रथा के अन्तर्गत प्रसिद्ध संत कवि तुकाराम के जीवन पर आधारित फिल्म संत तुकाराम को 1937 में वेनिस फिल्म समारोह में अत्यधिक सराहना मिली। बाबूराव पेंटर की महाराष्ट्र फिल्म कंपनी ने तथ्यपरक विषयों को चुनकर कई फिल्में बनाई। जिनमें उनकी सवकारी पाश 1925 फिल्म प्रचलित सामाजिक बुराईयों को दर्शाने वाली पहली फिल्म मानी जाती है। इसमें साहूकारों के शोषण को आधार बनाया गया था।
फिल्म नया संसार (1941) में एक निडर पत्रकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए दिखाया गया था। नोट:- प्रश्नगत विकल्पों में से केवल (A) (C) और (E) सही है जबकि विकल्प (B) और (D) गलत है। यू.जी.सी. ने इस प्रश्न का उत्तर अंतिम उत्तर कुंजी में विकल्प (c) माना है जो कि सही नहीं है।

90. 'मूषिक वंश' की रचना किसने की?

Correct Answer: (b) अतुल
Solution:

'मूषिक वंश' की ग्यारहवीं शताब्दी में कवि अतुल द्वारा लिखा गया था। इसमें उत्तरी केरल पर शासन करने वाले मुशिका वंश का विवरण मिलता है। संध्याकार नंदी रचित रामचरित में कैवर्त किसानों और पालवंश के राजकुमार रामपाल के' बीच हुए संघर्ष की कहानी का वर्णन है, जिसमें रामपाल की जीत हुई। बिल्हण के विक्रमांकदेवचरित में उनके संरक्षक, कल्याणी के चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI (1076-1127) की उपलब्धियों का वर्णन है। इसमें 12-13 वीं शताब्दी के लगभग गुजरात के कुछ व्यापारियों की जीवनी भी लिखी गई थी। प्राचीनतम ऐतिहासिक लेखन का सबसे बेहतरीन उदाहरण 12वीं शताब्दी में कल्हण रचित राजतंरगिणी या द स्ट्रीम ऑफ किंग्स है। यह कश्मीर के राजाओं की आत्मकथाओं की एक श्रृंखला है।