Solution:दक्षिण भारत में भागवत धर्म के उपासक अलवार कहे जाते हैं। प्रमुख अलवार संतों में तिरूमंगाई, पेरिय अलवार एवं नम्नालवार थे। तमिलनाडु के भक्त कवियों में नम्नालवार का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। नम्नालवार ने वैष्णव संत के रूप में अनेक धर्मग्रंथों की रचना किया था। तमिल में नम्मा का अर्थ 'हमारा' होता है।
भगवान की कृपा से नम्नालवार ने पुरूषत्व प्राप्त किया,था। नोट : भागवत धर्म के संस्थापक वृष्णि वंश (यदुवंशी) के वासुदेव कृष्ण थे। इनके भक्त भागवत कहलाये इसमें नौ प्रकार की भक्ति का उल्लेख है। श्री कृष्ण का प्रथम उल्लेख छान्दोग्य उपनिषद में मिलता है।