यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift-II

Total Questions: 100

21. बीना दास, एक महिला क्रांतिकारी जिन्होंने बंगाल के गवर्नर सर स्टेनले जैकसन पर कलकत्ता विश्वविद्यालय के दीक्षांत समोह के दौरान गोली चलायी, वह किस कॉलेज से संबंधित थी?

Correct Answer: (b) डायोसेश महिला कॉलेज
Solution:

बीना दास (1911-1986 ई.) बंगाल की भारतीय क्रांतिकारी और राष्ट्रवादी महिला थी। बीना दास डायोसेशन महिला कॉलेज की छात्रा थी जब उन्होंने 6 फरवरी 1932 ई. को कलकत्ता विश्वविद्यालय के एक दीक्षान्त समारोह में बंगाल के गवर्नर स्टेनली जैक्सन के ऊपर गोली चलाकर हत्या का प्रयास किया था।

ये बंगाल में महिलाओं के 'छात्री संगठन' की सदस्य भी थी इन्होंने साइमन कमीशन (1928) के बहिष्कार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। बंगाल में क्रांतिकारी आंदोलन के दौरान ही 1931 ई. में दो अन्य छात्राओं शांति घोष और सुनीति चौधरी ने भी एक जिलाधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

22. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :

A.  मान सिंह की बिहार विजय
B.  जय सिंह की शिवाजी से भेंट
C. राजा बिहारमल की अकबर भेंट
D. कछावा पर जय सिंह का अधिमिलन
E.  युसुफजई कुल के विरुद्ध मान सिंह का अभियान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) C, E, A, D, B
Solution:

व्यवस्थित कालानुक्रम इस प्रकार है-
(1) राजा बिहारमल/बिहारीमला की अकबर से भेंट- 1562 ई.
(2) युसुफजई कुल के विरूद्ध मानसिंह का अभियान 1585 ई.
(3) मानसिंह की बिहार विजय 1587-90 ई.
(4) कछवाहा पर जयसिंह का अधिमिलन 1630 का दशक
(5) जयसिंह की शिवाजी से भेंट - 1665 ई.

23. किसके नेतृत्व में लोक सेवा आयोग गठित किया गया जिसने परीक्षा हेतु अधिकतम आयु - सीमा बढ़ाने हेतु अनुशंसा किया?

Correct Answer: (b) चार्ल्स एचिसन
Solution:

1886 में लॉर्ड डफरिन ने भारत में सिविल सेवाओं की समस्याओं के जाँच के लिए सर चार्ल्स एचिसन की अध्यक्षता में एक 'लोक सेवा आयोग' की स्थापना की थी। इस आयोग ने अनुबंधित सेवा के लिए एक साथ परीक्षा का विरोध किया और अनिवार्य सिविल सेवा को समाप्त करने की वकालत की एवं इसने एक प्रांतीय सिविल सेवा की स्थापना का प्रस्ताव रखा इसने खुली सिविल सेवा परीक्षा हेतु भारतीयों के लिए उम्र सीमा 19 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने की अनुशंसा भी किया।

24. मुगलों के अधीन ग्राम्य व्यवस्था के राजस्व अधिकारियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) अकबर ने राजस्व संग्रह के एक प्रतिशत कमीशन के स्थान पर कानूनगो को जागीर बांटी।
(B)  कानूनगो से अपेक्षा की जाती थी कि वह अपने नियत क्षेत्र में राजस्व संग्रहण के दौरान कानून और व्यवस्था को सुनिश्चित करेगा।
(C) अमीनों द्वारा बनाई गई कबूलियत पर चौधरी और मुकद्दम के साथ कानूनगो के हस्ताक्षर होते थे।
(D) कानूनगो से आशा की जाती थी कि वह अमील द्वारा राजस्व की अवैध उगाही की सूचना राज्य अधिकारियों को देगा।
(E) कानूनगो अपने अधीन क्षेत्र में राजस्व अभिलेखों से संबंधित सूचना का स्थायी अभिलेखपाल था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, C, D और E
Solution:मुगलकालीन अर्थ व्यवस्था मूलतः कृषि पर आधारित था। कृषि यहाँ के लोगों का मुख्य व्यवसाय था। राज्य की आय का मुख्य स्रोत भू-राजस्व था। अकबर ने राजस्व संग्रह के एक प्रतिशत कमीशन के स्थान पर कानूनगो को जागीर बाँटी थी। कानूनगो वस्तुतः मध्यस्थ जमींदार हुआ करते थे।

इनका कार्य सिर्फ राजस्व संग्रहण का था न कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने का। अमीनों द्वारा निर्मित कबूलियत पत्र पर चौधरी, मुकद्दम के साथ कानूनगो के भी हस्ताक्षर होते थे। कानूनगो, अमीन द्वारा राजस्व की अवैध उगाही करने की सूचना राज्य को उपलब्ध कराता था जिससे भ्रष्टाचार एवं शोषण को नियंत्रित किया जा सके। यह अपने अधीन क्षेत्रों का राजस्व अभिलेखों से सम्बंधित स्थायी अभिलेखपाल भी होता था।

25. सूची- I के साथ सूची II का मिलान कीजिए:

सूची- Iसूची- II
घटनावर्ष
A. पेशवा के रूप में बालाजी बाजीराव की नियुक्तिI. 1746
B. डूप्ले की पांडिचेरी के फ्रांसीसी गवर्नर के रूप में नियुक्तिII. 1748
C. मारीशस के फ्रांसीसी गवर्नर, ला बोर्डोनाइस द्वारा मद्रास पर कब्जाIII. 1742
D. एक्स-ला-चैपेल की संधि और मद्रास का इंग्लिश कंपनी को पुनः सौंपा जानाIV. 1740

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-I, D-II
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची-I (घटना)सूची-II (वर्ष)
(A) पेशवा के रूप में बालाजी बाजीराव की नियुक्ति– 1740
(B) डूप्ले की पांडिचेरी के फ्रांसीसी गवर्नर के रूप में नियुक्ति– 1742
(C) मारीशस के फ्रांसीसी गवर्नर ला बोर्डोनाइस द्वारा मद्रास पर कब्जा– 1746
(D) एक्स-ला-चैपेल की संधि और मद्रास का इंग्लिश कम्पनी को पुनः सौंपा जाना– 1748

26. दिल्ली सुल्तानों के शासन काल के संबंध में निम्नलिखित ऐतिहासिक मसनवियों के सही अनुक्रम को चुनिएः

(A) देवल रानी खिज्रखान
(B) किरानुस सादेन
(C) तुगलकनामा
(D) मिफ्ता-उल-फितुह
(E) नुह सिपहर
नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) B, D, A, E, C
Solution:दिल्ली सुल्तानों के शासन काल के संबंध में अमीर खुसरो ने निम्नलिखित मसनवियों को क्रमानुसार लिखा था-
(1) किरान उस सादैन (किरानुस सादेन)
(2) मिफ्ता-उल-फितुह (विजयों की कुंजी)
(3) देवल रानी खिजखान (अशिका या खिज्रनाम)
(4) नुह सिपहर (नौ आसमान)
(5) तुगलकनामा (अपनी मृत्यु से कुछ दिन पूिर्व लिखा था।)

27. एहोल शिलालेख में लेखक रविकीर्ति निम्नलिखित में से किसके साथ स्वयं की तुलना करते हैं?

Correct Answer: (*)
Solution:एहोल शिलालेख में लेखक रविकीर्ति ने कालिदास और भारवि के साथ स्वयं की तुलना करते हैं। यह शिलालेख बादामी के चालुक्य वंश के इतिहास के प्रमाणिक साक्ष्य माने जाते हैं तथा पुलकेशिन के समकालीन लाट, मालवा, गुर्जर आदि देशों के शासको के विषय में ज्ञात करते हैं। यद्यपि इसमें मुख्य रूप से पुलकेशिन द्वितीय की उपलब्धियों का वर्णन है। एहोल अभिलेख आधुनिक कर्नाटक प्रान्त के बीजापुर जिले में स्थित है। इसमें शक-संवत 556 अर्थात 634 ई. की तिथि अंकित है। यह लेख एक प्रशस्ति के रूप में है तथा इसकी भाषा संस्कृत और लिपि दक्षिणी ब्राह्मी हैं।

रविकीर्ति ने जिनेन्द्र का मंदिर बनवाया जिसे मेगुती का जैन मंदिर भी कहा जाता है। इस अभिलेख में हर्षवर्धन के साथ पुलकेशिन-II के युद्ध पर भी प्रकाश डाला जाता है। साहित्य की दृष्टि से इसका महत्त्व है। इसकी रचना कालिदास तथा भारवि के काव्य शैली पर की गई है। प्रशस्ति के अन्त में लेखक ने यह दावा किया है उसने इसे लिखकर कालिदास तथा भारवि के समान यश प्राप्त कर लिया है। नोट : NTA ने इसका उत्तर- (a) कालिदास और भास माना है जो कि गलत है।

28. निम्नलिखित में से किसे तमिल का पाँचवा वेद माना जाता है और सर्व धर्मग्रंथसंग्रह की बारहवीं पुस्तक भी है?

Correct Answer: (d) तिरुत्तुन्डर पुराणम
Solution:तिरुत्तुन्डर पुराणम को तमिल का पाँचवा वेद माना जाता है। इसे सर्व-धर्म ग्रंथ संग्रह की बारहवीं पुस्तक भी मानते हैं। संगम साहित्य तमिल भाषा में लिखे गये हैं। तीनों संगमों में रचित रचनाओं को तीन भागों में बाँटा गया है-
(1) पत्तुत्पात - 10 गीतों का संग्रह
(2) इत्युथोकै - 8 कविताओं का संग्रह
(3) पदिनेनकीलकन्क्कु- 18 लघु कविताओं का संग्रह
जिसमें तिरुवल्लवुर की 'कुरल' सर्वश्रेष्ठ है। कुरल को तमिल साहित्य का आधार ग्रन्थ माना जाता है। इसकी गणना साहित्यिक त्रिवर्ग (धर्म, अर्थ, काम) के अन्तर्गत की जाती है। इसमें दार्शनिक विचारधाराएँ भी मिलती हैं। इसीलिए इसे तमिल साहित्य का बाइबिल एवं पंचम वेद भी कहते हैं।

29. नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

सूची I (घटना)सूची II (वर्ष)
A. सोसायटी ऑफ ट्रेड का गठनI. 1769
B. वेरलेस्ट के उत्तराधिकारी जॉन कर्टियर बनेII. 1775
C. दीवानी एवं फौजदारी अदालतों की स्थापनाIII. 1765
D. नंदकुमार को फाँसीIV. 1772

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:सही मिलान इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
(A) सोसायटी ऑफ ट्रेड का गठन– 1765
(B) वेरलेस्ट के उत्तराधिकारी जॉन कर्टियर बने– 1769
(C) दीवानी एवं फौजदारी अदालतों की स्थापना– 1772
(D) नंदकुमार को फाँसी– 1775

30. निम्नलिखित में से किस स्थल पर उत्तर-हड़प्पाई और गेरूक मृदभांड चरण के बीच अतिव्यापन का पता लगाया जा सकता है?

Correct Answer: (d) बड़गांव और अंबाखेड़ी
Solution:

बड़गाँव और अम्बाखेड़ी स्थल से उत्तर हड़प्पाई और गेरुक मृदभांड चरण के बीच अतिव्यापन का पता चलता है। गेरुक मृदभाण्डों की खोज सर्वप्रथम पुराविद् बी.बी. लाल ने 1949 ई. में बिसौली (बदायूँ) तथा राजपुरपरसू (बिजनौर) के पुरास्थलों की खुदाई के दौरान किया था। अम्बाखेड़ी से प्राप्त कतिपय गैरिक मृदभाण्ड प्रागहड़प्पाकालीन मृदभाण्डों जैसे है, एक भाण्ड पर कूबड़दार वृषभ का अंकन है, जो हड़प्पावासियों का पवित्र पशु था।

अम्बाखेड़ी से मिट्टी के बने कूबड़दार वृषभ, गाड़ी के पहिए तथा मृत्पिण्ड भी मिलते हैं जो हड़प्पा जैसे हैं। यज्ञदत्त शर्मा व कृष्णदेव जैसे पुरातत्व इतिहासकारों की मान्यता है कि गेरुक मृदभाण्ड उन लोगों की कृतियाँ हो सकती हैं जो हड़प्पा सभ्यता के पतनोपरान्त उस क्षेत्र में बसे थे। आलमगीरपुर तथा बड़गाँव से प्राप्त मृदभाण्ड जो परवर्ती हड़प्पा संस्कृति के मृदभांडों से प्रभावित हैं। अधिकांश पुराविद इन मृदभाण्डों का समय ईसापूर्व 1300-1200 निर्धारित किया है।