Solution:निम्नलिखित में सही कालक्रमानुसार इस प्रकार हैं-
D. उत्तर वैदिक परम्पराएं (1000-600 ई.पू.) - इस काल की प्रमुख विशेषताएँ थी, कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था, कबायली संरचना में दरार का पड़ना और वर्ण व्यवस्था का जन्म तथा क्षेत्रगत साम्राज्यों का उदय ।
C. आरंभिक उपनिषद- 600 ई.पू. के आस-पास उपनिषदों का संकलन हुआ। उपनिषदों को 'वेदान्त' की संज्ञा दी जाती है। उपनिषद शब्द 'उप' तथा 'नि' उपसर्ग पूर्वक 'सद् धातु से बनता है। जिसका अर्थ गुरु के समीप बैठकर ज्ञान प्राप्त करना। छान्दोग्य तथा बृहदाण्यक सर्वप्रथम आरंभिक उपनिषद है।
B. प्रथम स्तूप महात्मा बुद्ध ने 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में शरीर त्याग दिया। इसे बौद्ध ग्रन्थों में 'महापरिनिर्वाण' कहा जाता है। उनके शरीर धातु के आठ भाग पर स्तूप बनवाये गये। सम्राट अशोक ने 84000 स्तूपो का निर्माण करवाया जिसमें साँची व पिपरहवा महत्वपूर्ण स्तूप है। जिनका निर्माण तीसरी ई.पू. में हुआ था।
E. महायान बौद्ध सम्प्रदाय का विकास प्रथम शताब्दी ई. में कनिष्क के शासन में चतुर्थ बौद्ध संगीति में हुई जिसमें कनिष्क महायान सम्प्रदाय का महान समर्थक था। इसकी अध्यक्षता- वसुमित्र द्वारा की गयी थी तथा इसके उपाध्यक्ष-अश्वघोष थे।
A. सर्वाधिक आरंभिक मंदिर- 5वीं शताब्दी ई. से गुप्तकालीन मंदिर के साक्ष्य मिलने लगते हैं। गुप्त युगीन वास्तुकला के सर्वोत्तम उदाहरण मंदिर है। जिनमें प्रमुख है- साँची का मंदिर तिगवां का विष्णु मंदिर, देवगढ़ का दशावतार मंदिर, नचना- कुठार का पार्वती मंदिर, भीतरगाँव का मन्दिर।