Solution:अनुसंधान गतिविधियों में, प्राथमिक स्रोत ऐतिहासिक दस्तावेजों, साहित्यिक ग्रंथों, कलात्मक कार्यों, प्रयोगों, सर्वेक्षणों और साक्षात्कार जैसे स्रोतों से पहले एकत्र की गयी जानकारी को संदर्भित करता है। इसे 'प्राथमिक डाटा' भी कहते हैं। इसके अन्तर्गत - समाचार पत्र, सरकारी आँकड़े, ऐतिहासिक प्रलेख अन्य अप्रकाशित रिकार्ड आदि आते हैं। इस प्रकार प्राथमिक स्रोत वे साक्ष्य हैं जो अध्ययन अधीन घटनाओं में भाग लेने वाले या उन पर टिप्पणी करने वाले समकालिक के अभिलेख होते हैं तथा इनकी रचना अन्वेषण अधीन काल में किया जाता है।
द्वितीयक स्रोत प्राथमिक स्रोत की व्याख्या या मूल्यांकन करते है। ये प्राथमिक स्रोत से अटूट रूप से जुड़े होते हैं, इनमें कोई भिन्नता नहीं होती है। इन स्रोतों में प्राथमिक स्रोतों को अक्सर वर्णित, सामान्यीकृत और संश्लेषित किया जाता है। जर्नल लेख, पाठ्य पुस्तक, विश्वकोश आदि द्वितीयक स्रोत के उदाहरण है।