Solution:1. मधुर विजयम् (Madhur Vijayam) की रचना रानी गंगादेवी ने किया था। इसका अर्थ है 'मदुरै की विजय' । इसका अन्य नाम 'वीरा कम्पराय चरितम्' भी मिलता है।2. विजयनगर शासकों ने संस्कृत, तेलुगू, तमिल और कन्नड़ साहित्य को संरक्षण दिया था। इसी समय वेदों के प्रसिद्ध टीकाकार सायण तथा माधव विद्यारण्य हुए। बुक्का प्रथम ने तेलुगू-साहित्य को प्रोत्साहन दिया था। कृष्णदेवराय ने तेलुगू को संस्कृत के प्रभाव से मुक्त करके 'प्रबन्ध' नामक तेलुगू की स्वतंत्र रचनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया। उनकी प्रसिद्ध रचनायें 'आमुक्त माल्यद' (तेलुगू), जाम्बवती कल्याणम् (संस्कृत), उषापरिणय आदि है।
3. वरादंबिका परिणयम् की रचना तिरूमलाम्बा ने अच्युतदेव राय के समय किया था।
4. माधवाचार्य विद्यारण्य ने विजयनगर शासन के दौरान पाराशर माधवीय, पाराशर स्मृति व्याख्यान, सर्वदर्शन संग्रह जैसे आदि ग्रंथों की रचना की।
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