यूजीसी NTA नेट/जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2021/जून 2022 (इतिहास) Shift-II

Total Questions: 100

81. महात्मा गाँधी ने किसको यह सलाह दी कि: मैने आपको संदेश भेजे हैं कि आपको भूमिगत रहकर अपनी ऊर्जा नहीं नष्ट करनी चाहिए। आप कंकाल बनकर रह गए हैं। बाहर आइए और आत्मसमर्पण कीजिए और अपनी गिरफ्तारी के लिए घोषित ईनाम राशि को अर्जित कीजिए।"

Correct Answer: (a) अरुणा आसफ अली
Solution:

अरूणा आसफ अली भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। अरूणा जी का जन्म 1909 में बंगाली परिवार में हरियाणा वर्तमान पंजाब में हुआ था। अरूणा जी की शादी स्वतन्त्रता सेनानी आसफ अली से हुई। जिससे इनका नाम अरूणा आसफ अली पड़ा। 1942 ई. में भारत छोड़ो आन्दोलन के दौरान भूमिगत रहकर सरकार को खुली चुनौती देने वाली वे प्रमुख महिलाओं में से एक थीं।

1946 में जब उन्हें पुलिस पकड़ नहीं पायी उनकी सारी सम्पत्ति जब्त कर ली जिसके पश्चात महात्मा गाँधी ने अरूणा जी को यह सलाह दीकि 'मैंने आपको संदेश भेजा है कि आपको भूमिगत रहकर अपनी ऊर्जा नष्ट नहीं करनी चाहिए। आप कंकाल बनकर रह गई हैं। बाहर आइए और आत्मसमर्पण कीजिए और अपनी गिरफ्तारी के लिए घोषित ईनाम राशि को अर्जित कीजिए।'

82. निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?

A.  इतिहास हमें हमारी स्वयं की पहचान का भाव देती है।
B. इतिहास हमें अतीत को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है
C.  इतिहास अनेक अन्य विषयों के लिए बुनियादी पृष्ठभूमि नहीं प्रदान करता है।
D. इतिहास हमें मनुष्यों, सामाजिक संस्थाओं और मानव स्थितियों की प्रवृत्तियों को समझने योग्य बनाता है।
E.  इतिहास का सावधानीपूर्वक अध्ययन हमें अनेक महत्वपूर्ण कौशल सिखाता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A, B, D और E
Solution:इतिहास मानव अतीत का अध्ययन है। इतिहास पृथ्वी के धरातल पर घटित सभी घटनाओं का द्योतक है, चाहे वह राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक अथवा सांस्कृतिक हो। इतिहास हमें हमारे वर्तमान और भूतकाल को समझने में मदद करता है, इतिहास हमें हमारी स्वयं की पहचान का भाव देती है।

इतिहास हमें बाकी विषयों को समझने में मदद करता है। इतिहास हमारी सोचने की क्षमता को मजबूती प्रदान करता है और हमें मनुष्यों, के सामाजिक संस्थाओं और मानव-स्थितियों की प्रवृत्तियों को समझने योग्य बनाता है। इतिहास का सावधानीपूर्वक अध्ययन हमें अनेक महत्वपूर्ण कौशल सिखाता है।

83. सूची- I के साथ सूची-II मिलान कीजिए

सूची - Iसूची - II
A. एस्सेज ऑन द गीताI. ए.के. कुमारस्वामी
B. रिलीजन एंड सोसाइटीII. श्री अरविन्दो
C. हिस्ट्री ऑफ धर्मशास्त्रIII. एस. राधाकृष्णन
D. हिंदुइज्म एंड बुद्धिज्मIV. पी.वी. काने

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:सही सुमेलित इस प्रकार है-
सूची-Iसूची-II
(A) एस्सेज ऑन द गीता– श्री अरविन्दो
(B) रिलीजन एंड सोसाइटी– एस. राधाकृष्णन
(C) हिस्ट्री ऑफ धर्मशास्त्र– पी.वी. काने
(D) हिंदुइज्म एंड बुद्धिज्म– ए.के. कुमारस्वामी

84. कौन-सी पुस्तक इस उत्तेजक शुरुआती कथन के साथ प्रारंभ होती है:- "भारतीय राष्ट्रवादी इतिहास लेखन लंबे समय काल से अभिजात्यवाद से प्रभावित रहा है"

Correct Answer: (b) सबाल्टर्न स्टडीज वाल्यूम
Solution:सबाल्टर्न अध्ययन, औपनिवेशिक कालखण्ड में अभिजात्य, आधिकारिक स्रोत से इतर जनता द्वारा, जनता के लिए जनता का इतिहास विनिर्मित करने की प्रविधि है। सबाल्टर्न इतिहासकारों ने यह धारणा प्रस्तुत की है। कि औपनिवेशिक दासता से ग्रस्त या उबर चुके राष्ट्र में राष्ट्रवादी इतिहास का लिखा जाना जातीय गौरव का प्रतीक बन जाता है।

राष्ट्रवादी इतिहासकारों द्वारा उपनिवेश विरोधी चेतना के निर्माण हेतु समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने का ही प्रयास किया जाता है। इस विचारधारा ने जातीयता और राष्ट्र की मूलभूत अवधारणा पर प्रश्नचिह्न लगा दिया। इन्होंने समस्त राष्ट्रवादी इतिहास लेखन को अभिजनवादी कहकर अपर्याप्त घोषित कर दिया, साथ ही स्वातंत्र्योत्तर भारत के इतिहासकारों के समक्ष चुनौती रखी कि वे औपनिवेशिक भारत और स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास को सबाल्टर्न इतिहास के रूप में अर्थात उस साधारण जनता के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें जिनकी राष्ट्रीय चेतना और प्रतिरोध का नेतृत्व हमेशा अभिजात प्रभावशाली राष्ट्रीय नेताओं द्वारा किया गया।

नोट - प्रमुख सबाल्टर्न इतिहासकार - रणजीत गुहा, पार्थ चटर्जी, गौतम भद्र, डेविड अर्नाल्ड, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, डेविड हार्डिमन, सुसी थारू, गायत्री चक्रवर्ती स्पीवाल, शाहिद अमीन, सुदीप्त, कविराज, ज्ञान प्रकाश, सुमित सरकार (बाद में समूह से असहमत) हैं।

85. किस वायसराय को उसके अपने देशवासियों ने उसके नाम के साथ 'राज्यक्षमा' (क्लीमेंसी) जैसा उपहासपूर्ण विशेषक प्रदान किया?

Correct Answer: (a) लॉर्ड कैनिंग
Solution:

लॉर्ड कैनिंग (1856-62 ई.)- कम्पनी के शासन के अधीन नियुक्त अन्तिम गवर्नर जनरल तथा ब्रिटिश क्राउन के तहत नियुक्त प्रथम वायसराय था। इसके शासन काल की सर्वप्रमुख घटना 1857 का विद्रोह' था। यह विद्रोह, भारत में ब्रिटिश उपनिवेश और ब्रिटिश नीति पर लम्बे समय से चल रहे तनाव का परिणाम था।

इस विद्रोह से उत्पन्न समस्या से तैयार न होने के बावजूद कैनिंग ने इस अवसर पर उठे तूफान से बचने के लिए निर्णय लिया तथा त्वरित कार्यवाही करते हुए ब्रिटिश भारत के औपनिवेशिक पकड़ को बनाए रखा। जब विद्रोह को दबा दिया गया तो, उसने नरमी की नीति अपनाई, जबकि उस समय ब्रिटिश विचारधारा स्थानीय आबादी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की पक्षधर थी।

कैनिंग को ऐसी आज्ञा मिलने पर भी उसने विद्रोही सिपाहियों एवं अन्य पर 'कठोर दण्डनात्मक कार्यवाही नहीं की। ऐसा न करने के कारण कैनिंग को उसके अपने देशवासियों (ब्रिटिश लोग) ने उसके नाम के साथ 'राज्यक्षमा' (क्लीमेंसी) जैसा उपहासपूर्ण विशेषण प्रदान किया।
नोट - कैनिंग के समय की प्रमुख घटनाएँ-
1. 1857 का विद्रोह
2. 1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम
3. 1858 का एक्ट
4. महारानी विक्टोरिया भारत की साम्राज्ञी घोषित
5. बम्बई, मद्रास तथा कलकत्ता में विश्वविद्यालयों की स्थापना (1857)
6. 1861 का भारतीय परिषद अधिनियम
7. भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम 1861 के अन्तर्गत कलकत्ता, बम्बई तथा मद्रास में एक-एक उच्च न्यायालयों की स्थापना।
8. भारतीय दण्ड संहिता (1860)
9. सिविल दण्ड प्रक्रिया संहिता (1859) 10. विभागीय प्रणाली की शुरूआत की गयी।

86. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

A. इल्तुतमिश ने अपने मृत पुत्र के लिए 'सुल्तानगढ़ी' बनवाया।
B. कुतुबमीनार की मूल योजना पाँच मंजिला थी।
C. खलजी शासन के अंतर्गत वर्गाकार मकबरा प्रचलित हुआ।
D.  अटाला मस्जिद (जौनपुर) में मेहराबदार किनारे तुगलक शैली से प्रभावित है।
E.  सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे की तिरछी दीवारें इल्बरी शैली से प्रभावित दिखाई पड़ती हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल Aऔर D
Solution:

सुल्तानगढ़ी- यह इल्तुतमिश के ज्येष्ठ पुत्र नासिरूद्दीन का मकबरा है। इसका निर्माण इल्तुतमिश ने 1231 ई.में दिल्ली स्थित कुतुबमीनार से तीन मील दूर मलकापुर में गढ़ की भाँति ऊँचे चबूतरे पर करवाया था। इसका बाहरी भाग भूरे ग्रेनाइट पत्थर तथा संगमरमर से बना हुआ है। आन्तरिक भाग अष्टमुखी आकार का है। इसकी छत को सुन्दर खम्भों से सहारा दिया गया है। इस मकबरे के निर्माण के साथ ही इल्तुतमिश ने भारत में मकबरों के निर्माण का श्रीगणेश किया। इल्तुतमिश को मकबरा शैली का जन्मदाता कहा जाता है।

अटाला मस्जिद- इस मस्जिद का निर्माण सुल्तान फिरोज तुगलक ने प्रारम्भ करवाया तथा 1408 ई. इब्राहीम शाह शक ने पूर्ण करवाया था। मस्जिद के अन्दर एक वर्गाकार आँगन है जिसका व्यास 177 फिट है। आँगन के उत्तर-दक्षिण व पूर्व में विहार तथा पश्चिम में इबादतखाना स्थित है। इसमें तीन प्रवेश द्वार हैं जिनमें उत्तर तथा दक्षिण के प्रवेश द्वारों के ऊपर दो गुम्बद स्थित है। अतः अटाला मस्जिद (जौनपुर) के मेहराबदार किनारे तुगलक शैली से प्रभावित है।
नोट -
(1) कुतुबमीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने प्रारम्भ करवाया था। किन्तु वह एक मंजिला ही बनवा पाया। इसके पश्चात इल्तुतमिश ने तीन मंजिला तक इसे विस्तृत किया था किन्तु 1368 ई.में फिरोजशाह तुगलक ने 5वीं और अंतिम मंजिला तक इसे विस्तृत किया। इस प्रकार कुतुबमीनार की मूल्य योजना अनिश्चित थी।

(2) बलबन के समय निर्मित मकबरा का कक्ष वर्गाकार था। जबकि तुगलक काल में वर्गाकार मकबरा बनना शुरू हुआ था।

(3) सुल्तान गयासुद्दीन के मकबरे की तिरछी दीवारें मिश्र के पिरामिड से प्रभावित थी।

87. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए

A.रेख्ता लेखन की एक शैली है जिसमें हिन्दी और फारसी दोनों के वाक्यांश एवं शब्दावलियाँ सम्मिलित हैं।
B.  भक्ति संतों ने नागरी लिपि में रेख्ता को विकसित किया
C.  सूफी फारसी लिपि में रेख्ता लिखते थे
D. अठारवीं शताब्दी के पूर्व संगीत की शब्दावलियाँ भी रेख्ता से संबंधित थी।
E.  रेख्ता भी मुगलों के संरक्षण में विकसित हुई।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) A, B, C, D और E
Solution:

रेखता लेखन की एक शैली है जिसमें हिन्दी और फारसी दोनों के वाक्यांश एवं शब्दावलियाँ सम्मिलित हैं। रेख्ता शैली कविता (मिश्रित, उर्दू भाषा का उपयोग करके कविता) आज भी उर्दू वक्ताओं द्वारा लिखी जाती है, और वास्तव में उर्दू भाषा में कविता लिखने का सबसे आम भाषायी रूप है।

रेख्ता का इस्तेमाल मसनवी, मर्सिया, कसीदाह, ठुमरी, जिक्री, गीत, चौपाई और कबित्त जैसे कविता के रूपों के लिए भी किया जाता था। भक्ति संतों ने नागरी लिपि में रेख्ता को विकसित किया तथा सूफी सन्तों ने फारसी लिपि में रेख्ता लिखने का कार्य किया। अठारहवीं शताब्दी के पूर्व संगीत की शब्दावलियाँ भी रेख्ता से सम्बन्धित थी। रेख्ता शैली का विकास मुगलों के संरक्षण में ही पूर्ण हुआ था।

88. निम्नलिखित मे से कौन से कथन सही है?

A.  कनिष्क का सत्तारोहण- 58 ई.
B.  मकदूनिया के सिकंदर का आक्रमण 327-325 ई.पू.
C.  सातवाहनों द्वारा भूमि अनुदान का सर्वाधिक आरंभिक शिलालेख साक्ष्य 100-200 ई.
D.  मौर्य शासन का अंत 185 ई.पू.
E.  मगध क्षेत्र में धान रोपाई का आरंभ 400 ई.
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:

मेसीडोनिया (मकदूनिया) के शासक फिलिप II के पुत्र सिकन्दर का आक्रमण भारत पर 327-25 ई.पू. में हुआ था। 185 ई.पू. के लगभग अंतिम मौर्य सम्राट वृहद्रथ की हत्या इसके अपने ही सेनापति पुष्यमित्र शुंग द्वारा कर दी जाती है। कुषाण वंश का महानतम शासक कनिष्क 78 ई. में गद्दी पर बैठा और देवपुत्र की उपाधि धारण किया।

सातवाहनों द्वारा भूमि अनुदान का सर्वाधिक आरम्भिक शिलालेखीय साक्ष्य 100-200 ई. के आस-पास गौतमीपुत्र शातकर्णी द्वारा लिखवाया गया नासिक लेख है। मगध क्षेत्र, में धान की रोपाई का प्रारम्भ छठीं शताब्दी ई.पू. में हो गया था। 58 ई.पू. में उज्जैन के शासक विक्रमादित्य का राज्यारोहरण हुआ था। उन्होंने 57 ई.पू. में शकों को पराजित करके विक्रम संवत् प्रारम्भ किया था।

89. 1937 में जस्टिस पार्टी का अध्यक्ष किसे चुना गया?

Correct Answer: (b) रामास्वामी नायकर
Solution:

पी. त्यागराज चेट्टी चेटिया, सी.एन. मुदालियार, टी.एम. नायर ने 1917 में भारतीय उदारवादी संघ की स्थापना की जिसे बाद में मद्रास में जस्टिस पार्टी या न्याय दल कहा जाने लगा। यह आन्दोलन पूर्णतया ब्राह्मणवादी प्रभुत्व के विरूद्ध था।

1937 ई. में रामास्वामी नायकर जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष चुने गये। नायकर ने कहा कि कुछ ऐसे तत्व होते हैं। जिनका सुधार नहीं हो सकता, उनका केवल अन्त ही करना होता है। ब्राह्मणीय हिन्दू धर्म एक ऐसा ही तत्व है। इन्होंने मूर्तियों और देवी देवताओं का विरोध किया था।

90. निम्नलिखित कथनों में से कौन कथन सही है?

A.  इतिहास समाज में कार्यरत मनुष्यों से संबंधित है।
B.  इतिहास समय के साथ परिवर्तन से संबंधित है।
C.  इतिहास समय के साथ परिवर्तन से संबंधित नहीं है।
D. इतिहास ठोस और विशिष्ट से संबंधित है।
E. इतिहास समाज में कार्यरत मनुष्यों से संबंधित नहीं है।
नीचे दिए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B और D
Solution:

इतिहास अतीत के मानवीय क्रिया कलापों और सामाजिक सम्बन्धों को समझने की कोशिश है। इतिहास का सृजन करने वाला व्यक्ति केवल बीते हुए समय और समाज की एक तस्वीर एक झलक ही शब्दों के माध्यम से बनाने की कोशिश करता है। इतिहास ठोस और विशिष्ट से तथा समाज में कार्यरत मनुष्यों से संबंधित होता है। इतिहास समय के साथ परिवर्तन से सम्बन्धित होता है।