यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढिएः

यद्यपि भारत विश्व में सर्वाधिक शहरी जनसंख्या वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है और यहां मलिन बस्तियों में रहने वालो की जनसंख्या भी काफी बड़ी है, तथापि मलिन बस्तियों संबंधी आंकड़े 2001 जनगणना में उपलब्ध नहीं हैं। भारत के महा पंजीयक ने भारत में सर्वप्रथम 2001 में देश में मलिन बस्ती जनसंख्या की गणना कराई और वह भी मात्र 743 नगरों और शहरों में। 2001 में कुल 5161 नगरों में से केवल 640 नगरों और शहरों में मलिन बस्ती होने की सूचना दी। 2011 की जनगणना में 4041 शहरों और नगरों से मलिन बस्तियों के संबंध में आंकड़े एकत्र किए गए और केवल 2542 ने मलिन बस्ती होने की सूचना दी और मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या केवल 680 लाख थी। योजना आयोग द्वारा 2010 में गठित प्रणव सेन समिति में मलिन बस्तियों में रहने वालों की संख्या 930 लाख होने का आकलन किया है। दूसरी ओर यू एन हैबिटेट (2006) ने इस संख्या के 1700 लाख होने का आकलन किया है। उपर्युक्त गद्यांश में वर्णित तथ्यों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

मलिन बस्तियों संबंधी आंकड़े सर्वप्रथम किस जनगणना वर्ष में एकत्र किए गए थे?

Correct Answer: (c) 2001
Solution:मलिन बस्तियों संबंधी आंकड़े सर्वप्रथम जनगणना 2001 में एकत्र किए गए थे।

92. 2001 में कितने नगरों शहरों का सर्वेक्षण किया गया और कितनों ने मलिन बस्ती जनसंख्या की सूचना दी?

A. 740
B. 743
C. 540
D. 640

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) B और D
Solution:वर्ष 2001 में 743 नगरों/ शहरों का सर्वेक्षण किया गया और 640 मलिन बस्ती जनसंख्या की सूचना दी गई।

93. जनगणना 2001 के अनुसार नगरों शहरों की कुल संख्या में से मलिन बस्ती जनसंख्या वाले नगरों शहरों के प्रतिशत की गणना कीजिए।

Correct Answer: (b) 12.3%
Solution:जनगणना 2001 के अनुसार नगरों शहरों की कुल संख्या में से मलिन बस्ती जनसंख्या वाले नगरों शहरों का प्रतिशत 12.3 था।

94. 2011 की जनगणना में कितने नगरो शहरों में मलिन बस्तियां पाई गई थी?

Correct Answer: (b) 2542
Solution:वर्ष 2011 की जनगणना में 2542 नगरों शहरों मलिन बस्तियां पाई गयी थीं।

95. प्रणब सेन समिति के अनुसार मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या क्या थी?

Correct Answer: (b) 930 लाख
Solution:योजना आयोग द्वारा वर्ष 2010 में गठित प्रणब सेन समिति के अनुसार मलिन बस्तियों की कुल जनसंख्या 930 लाख थी।

96. निम्नलिखित गद्यांश को सावधानीपूर्वक पढिएः

मानव विज्ञान के क्षेत्र में अंतः विषयी शोध दो भिन्न परन्तु अंतःसंबंधित आवश्यकताओं का परिणाम हो सकता है। प्रथम है 'सूचना की आवश्यकता' और अधिक आंकड़े और दूसरा है अधिक सामूहिक संरचनाओं अथवा विश्लेषणात्मक समाकलन की आवश्यकता। पहले स्तर पर अंतः विषयी सहकार में या तो बहुत थोड़ी समस्या होती है या कोई समस्या नहीं होती है। इसमें इस विश्वास के साथ संबंधित विषयों में सूचना विनिमय अंतर्ग्रस्त होती है कि यह विनियम अध्यधीन परिघटना के बारे में उस विषय की समझदारी को समृद्ध बनाता है। सूचना अथवा आंकड़ों के स्तर पर अंतः विषयी संपर्कों द्वारा व्याख्यात्मक सदर्भों में किसी विषय की सीमाओं और कभी-कभी संबंधित विषयों द्वारा एक समान विधियों को अपनाया जा सकता है, जिससे विश्लेषण अथवा परिप्रेक्ष्य अथवा व्याख्यात्मक योजना के स्तर पर संभव समाकलन का मार्ग खुल सकता है। सामूहिक संरचना की इस दूसरी आवश्यकता की पूर्ति, या जिसे हमने विश्लेषणात्मक समाकलन कहा है, के मार्ग में अनेक कठिनाईयां हैं। प्राकृतिक विज्ञान के विपरीत, समाज विज्ञान में 'घटती सामान्यता' और 'बढ़ती जटिलता' के बीच विज्ञान का कोई एक रेखीय क्रम नहीं होता है। इसके विपरीत, कतिपय समाज विज्ञानों में, विविध सामाजिक परिघटनाओं की व्याख्याओं को घटाकर उस विज्ञान के लिए विशिष्ट एकल परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने की स्पष्ट प्रवृत्ति है। समाजशास्त्रियों पर बहुधा प्रत्येक वस्तु को समाज शास्त्र तक सीमित करने का आरोप लगाया जाता है और उनके इस अपचयवाद को बहुधा अवमानसूचक रूप से 'समाजशास्त्रीय साम्राज्यवाद' का नाम दिया जाता है। इसी प्रकार की प्रवृत्तियां डिग्री के अन्तर के साथ, अर्थशास्त्रियों, राजनीति विद्वानों भाषाविद्, मनोवैज्ञानिकों और इसी प्रकार के अन्य विद्वानों में दिखाई देती हैं। उपर्युक्त गंद्याश में वर्णित तथ्यों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

मानव विज्ञान में अंतः विषयी शोध किन आवश्यकताओं का परिणाम हो सकता है?

Correct Answer: (d) दो भिन्न परन्तु अंतः संबन्धित आवश्यकताओं से
Solution:मानव विज्ञान में अन्तः विषयी शोध दो भित्र परन्तु अंतःसंबंधित आवश्यकताओं का परिणाम हो सकता है।

97. अंतः विषयी सहकार प्राथ क्या समावेश करता है?

Correct Answer: (c) संबंधित विषयों द्वारा एक समान विधि को अपनाना
Solution:अंतः विषयी सहकार्य व्याख्यात्मक संदर्भों में संबंधित विषयों द्वारा एक समान विधियों को अपनाया जा सकता है।

98. विश्लेषणात्मक समाकल में कठिनाईयां.... फलस्वरूप होती /होता है

Correct Answer: (a) सामाजिक विज्ञान में रेखिए क्रम नहीं होने के
Solution:विश्लेषणात्मक समाकलन में कठिनाईयाँ सामाजिक विज्ञान में कोई एक रेखीय क्रम नहीं होने के फलस्वरूप होती हैं।

99. समाज विज्ञानों की सामान्यतया क्या प्रवृति है?

Correct Answer: (c) विभिन्न परिघटनाओं की व्याख्या को एक परिप्रेक्ष्य में सीमित करना
Solution:समाज विज्ञानों में सामान्यतया विभिन्न परिघटनाओं की व्याख्या को एकलपरिप्रेक्ष्य में सीमित करने की प्रवृत्ति है।

100. समाजशास्त्रीय साम्राज्यवाद किससे जुड़ा है..........

Correct Answer: (c) समाजशास्त्रीय अपचयवाद
Solution:समाजशास्त्रीय साम्राज्यवाद समाजशास्त्रीय अपचयवाद से जुड़ा है।