यूजीसी NTA नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2020 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

31. भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के अपने तुलनात्मक अध्ययन में 34. किसने सर्वप्रथम व्यक्तिक सामग्री का प्रयोग किया?

Correct Answer: (c) हरबर्ट स्पेंसर
Solution:भिन्न-भिन्न संस्कृतियों के अपने तुलनात्मक अध्ययन में सर्वप्रथम व्यक्तिक सामग्री (Case materials) का प्रयोग हरबर्ट स्पेंसर ने किया। पश्चिमी संस्कृति में उनके कई विचारों का प्रवेश रूढ़िवादी बुद्धि और रूढ़िवादी पूर्वाग्रहों के रूप में हुआ है। स्पेन्सर ने मानव समाज की एक ऐसे जीवित, निरंतर बढ़ते हुए सावयव के रूप में व्याख्या की जो धीरे-धीरे सरल से एक जटिल व्यवस्था का रूप ले लेता है।

32. दक्षता, प्रतिनिधित्व, विश्वसनीयता और लचीलेपन की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले प्रतिदर्श को कहा जाता है............

Correct Answer: (b) श्रेष्ठ प्रतिदर्श
Solution:दक्षता, प्रतिनिधित्व, विश्वसनीयता और लचीलेपन की आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाले प्रतिदर्श (Sample) को श्रेष्ठ प्रतिदर्श (Optimum Sample) कहा जाता है। यह काफी छोटा होना चाहिए ताकि अनावश्यक खर्च न हो और बड़े शोधकर्ता को सहिष्णुता की सीमा से परे प्रतिदर्श त्रुटि से बचने में मदद मिल सके।

33. अकृष्कीकरण का मूल अर्थ है:

Correct Answer: (a) कृषकों के पेशे या भूमि के लघु उत्पादकों के आकार में संकुचन
Solution:अकृष्कीकरण का मूल अर्थ कृषकों के पेशे या भूमि के लघु उत्पादकों के आकार में संकुचन है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है। जिसमें कृषक परम्पराओं का ह्रास होने लगता है।

34. सहयोग तथा अंतर निर्भरता के रूप में निम्नलिखित में से कौन स्तरित समाज में विभिन्न स्तरों के बीच संबंधों को देखता है?

Correct Answer: (b) प्रकार्यवादी
Solution:स्तरित समाज में विभिन्न स्तरों के बीच संबंधों को प्रकार्यवादी सहयोग तथा अन्तर निर्भरता के रूप में देखता है। दुखम को समाजशास्त्र में 'प्रकार्यवादी परिप्रेक्ष्य' की शुरूआत करने का श्रेय दिया जाता है। यद्यपि इनके पहले 'प्रकार्य' की अवधारणा का प्रयोग हरबर्ट स्पेन्सर की कृतियों में हुआ है। अपनी पुस्तक 'समाजशास्त्रीय पद्धति के नियम' (1895) में दुखम ने लिखा है कि, “घटनाओं को एक स्वतंत्र इकाई के संदर्भ में देखे जाने की अपेक्षा उन्हें किसी कार्य -प्रणाली के अन्तर्संबंधित भागों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।" पारसन्स और मर्टन ने भी संरचनात्मक प्रकार्यात्मक संदर्भ में अपना विश्लेषण प्रस्तुत किया है।

35. भारत में भूदान आन्दोलन शुरू करने के लिए विनोबा भाबे को निम्न में से किस घटना ने प्रेरित किया?

Correct Answer: (a) नालगोंडा घटना
Solution:भारत में भूदान आन्दोलन शुरू करने के लिए विनोबा भावे को नालगोंडा घटना ने प्रेरित किया। इसकी शुरूआत 18 अप्रैल, 1951 को हुई। वर्ष 1951 में जब विनोबा भावे आंध्रप्रदेश (अब तेलंगाना) के हिंसाग्रस्त क्षेत्र की यात्रा पर थे, तब नालगोंडा के पोचमपल्ली गाँव के हरिजनों ने उनसे भेंट की और उनसे लगभग 80 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। यहीं से विनोबा भावे का भूदान आंदोलन शुरू हुआ। इस आंदोलन के माध्यम से उन्होंने गरीबों के लिए 44 लाख एकड़ भूमि दान के रूप में प्राप्त किया।

36. निम्नलिखित में से तमिलनाडू में किसने स्वाभिमान आन्दोलन की शुरूआत की?

Correct Answer: (a) ई.वी. रामास्वामी नाइकर
Solution:तमिलनाडु में स्वाभिमान आन्दोलन की शुरूआत वर्ष 1920 में ई. वी. रामास्वामी नाइकरद्वारा की गई। इन्हे 'पेरियार' के नाम से जाना जाता था। इन्होंने हरिजनों को सहयोग दिया और वायकोम सत्याग्रह का नेतृत्व किया। वर्ष 1925 में अपना एक समाचार पत्र 'कुदी अरासु' निकाला और एक उग्र समाजसुधारक के रूप में जाने गये। पेरियार ने धर्म के साथ-साथ ब्राह्मणों के आधिपत्य और जाति प्रथा पर भी प्रहार किया। विधवा विवाह और परिवार नियोजन जैसे मुद्दों पर बल दिया।

37. आधुनिकीकरण के साथ नकारात्मक रूप से निम्न में से कौन सा तत्व सहसंबंधित है?

Correct Answer: (d) धार्मिकता
Solution:आधुनिकीकरण के साथ धार्मिकता नकारात्मक रूप से सम्बन्धित है। जहाँ आधुनिकता धार्मिक रूढ़ियों एवं अंधविश्वासों से मुक्ति दिलाती है और वैज्ञानिक जीवन दृष्टि देती है वहीं धार्मिकता जनसामान्य में प्रचलित तमाम अंधविश्वासों एवं विकृतियों से बाहर नहीं आने देती।

38. समाज शास्त्रीय शोध में "आकस्मिकता (सेरेन्डीपिटी) " शब्द का प्रयोग किसने किया है?

Correct Answer: (a) आर. के. मर्टन
Solution:समाजशास्त्रीय शोध में 'आकस्मिकता' (Serendipity) शब्द का प्रयोग आर. के. मर्टन ने किया है। उन्होंने संरचनात्मक प्रकार्यात्मक विश्लेषण का एक 'पेराडाइम' प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने प्रमुख रूप में प्रकार्य और दुष्प्रकार्य, व्यक्त (प्रत्यक्ष) और अव्यक्त (अन्तर्निहित) प्रकार्य, बहु प्रकार्य, अकार्य, प्रकार्यात्मक विकल्प अथवा संरचनात्मक समानार्थी, अप्रत्याशित परिणाम आदि बातों को सम्मिलित किया है।

39. जेनेट काटन द्वारा "संबद्धत्ता की संस्कृति' ............. का अध्ययन है।

Correct Answer: (a) लंकावी आइलैंडर्स
Solution:जेनेट कान ने अपनी पुस्तक 'Cultures of Relatedness: New Approaches to the Study of Kinship' में मलेशिया के लंकावी आइलैंडर्स का अध्ययन किया है, जिसमें परिवार और रिश्तेदारी के अध्ययन का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।

40. संबोधन (टैक नो निमी) का निषेध व्यवहार निम्नलिखित में पाया जाता है.......

Correct Answer: (b) खासी में
Solution:संबोधन (Teknonymy) का निषेध व्यवहार खासी में पाया जाता है। यह मातृवंशीय जनजाति है।