यूजीसी NTA नेट जे/आरएफ परीक्षा, जून-2023 योग (YOGA)

Total Questions: 100

41. पातंजलि योग सूत्र के अनुसार किस पर संयम करने पर शरीर की ऊर्ध्वगति संभव है?

Correct Answer: (c) उदान प्राण पर
Solution:

उदान नामक प्राण गले से ऊपर के अंगो मुह, दांत नाक, आंख, कान, माथा, मस्तिष्क आदि का संचालन करता है। प्राण गले से लेकर हृदय तक के अंगों एवं स्वर तंत्र, श्वसन तंत्र, भोजन नली, श्वसन नली, फेफड़े-हृदय आदि को स्वस्थ रखता है अपान प्राण मल-मूल त्याग, प्रसव आदि क्रियाओं को संचालित करता है।

42. गुदा को विस्तृत कर उसमें आधी अंगुली अंतः स्थापित कर इसे तब तक गोलाकार घुमाना चाहिए जब तक कि गुदा संधारिका विश्रांत न हो जाए। यह अभ्यास कहलाता है-

Correct Answer: (c) चक्रीकर्म
Solution:गुदा को विस्तृत कर उसमें आधी अंगुली स्थापित कर इसे तब तक गोलाकार घुमाना चाहिए जब तक कि गुदा संधारिका विश्रांत न हो जाए।

43. प्रत्यूर्जताप्रवण (एलर्जिक) नासाशोथ रोगियों हेतु पाचन तंत्र से मृत श्लेष्मा अवशिष्ट को हटाने के लिए सर्वोत्तम योगाभ्यास निम्नलिखित में से कौन सा है?

Correct Answer: (a) धौति
Solution:

धौति तीन इंच चौड़े और सात मीटर लम्बे मलमल के कपड़े नमक वाले पानी में मिगो कर धीरे-धीरे अंदर निगल जाने और फिर उसे बाहर निकाल लेने की क्रिया को धौति क्रिया कहते है। इस कपड़े की पट्टी को इस्तमाल करने से पहले गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लेना चाहिए।

44. शिव संहिता में शिव एवं शक्ति के लिए किन शब्दों का प्रयोग किया गया है?

Correct Answer: (c) बिंदु एवं रज
Solution:शिव संहिता में शिव और शक्ति के लिए बिन्दु एवं रज शब्दों को प्रयोग किया गया है।

45. पर्याप्त दृश्य क्षमता के बावजूद चेहरे का पहचानने की अक्षमता कहलाती है :

Correct Answer: (c) प्रोसोपेग्नोसिया
Solution:प्रोसोपेग्नोसिया (जिसे फेस ब्लाइंडनेस सा फेशियल एग्नोसिया के रूप में भी जाना जाता है) एक न्यूरोलॉजिकल विकार है जो चेहरे को पहचानने में असमर्थता की विशेषता है। यह शब्द ग्रीक शब्द चेहरा और 'ज्ञान की कमी' से आया है।

46. बौद्ध मत के आर्य अष्टांगिक मार्ग को निम्न भागों में बांटा गया है-

A. यम
B. प्रज्ञा
C. नियम
D. शील
E. समाधि

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल B, D और E
Solution:बौद्ध मत के आर्य अष्टागिक मार्ग को प्रज्ञा, शील और समाधि में बाटां गया है।

47. पिण्डोत्पत्ति की अवधारणा किस ग्रन्थ में है?

Correct Answer: (b) सिद्ध सिद्धांत पद्धति
Solution:पिण्डोत्पत्ति की अवधारणा सिद्ध सिद्धांत पद्धति ग्रन्थ है। सिद्ध सिद्धांत पद्धति के लेखक गुरू गोरखनाथ है।

48. घेरण्ड संहिता में वस्त्र धौति की लम्बाई कितनी बताई गई है?

Correct Answer: (e) *
Solution:घेरण्ड संहिता में वस्त्र धौति की लम्बाई 19 से 25 हस्त (22.6 फीट) था 7 मीटर बताई गयी है और चौडाई तीन इंच । नोट- NTA ने इस प्रश्न को मूल्यांकन से बाहर कर दिया।

49. निम्नलिखित में से उस क्रिया का नाम बताइये जिसका अभ्यास आभूषण पेटी (हाटक पेटकम्) की तरह गुप्त स्थान पर करना चाहिए तथा इसे गुप्त रखना चाहिए

Correct Answer: (d) त्राटक
Solution:

त्राटक का सामान्य अर्थ है 'किसी विशेष दृष्य को टकटकी लगाकर देखना। मन की चलचलता को शान्त करने के लिए साधक इसे करता है। यह ध्यान की एक विधि है जिसमे किसी वाह्य वस्तु (मोमवन्ती) को एकान्त रूम में टकटकी लगाकर देखा जाता है।

50. नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन A: प्राणायाम के अभ्यास से सभी रोगों का क्षय हो जाता है।
कारण R : श्वास प्रश्वास की गति का विच्छेद करना प्राणायाम है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) (A) और दोनों सहीं हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

कथन A सत्य है परन्तु कारण R असत्य है क्यो कि श्वास और प्रश्वास की गति का विच्छेदन करना प्राणायाम नहीं है। प्राणायाम प्राण और आयाम का योग है मतलव कि श्वसन को लम्बा करना या श्वास और प्रश्वास को जोड़ना ही प्राणायाम है।