यूजीसी NTA नेट जे/आरएफ परीक्षा, जून-2023 योग (YOGA)

Total Questions: 100

61. श्रीमद्भागवद्गीता के अनुसार इन्द्रियों से परे मन है, मन से भी परे बुद्धि है और बुद्धि से भी अत्यंत परे है-

Correct Answer: (d) आत्मा
Solution:श्रीमद्भागवद्गीता के अनुसार इन्द्रियों से परे मन है, मन से भी परे बुद्धि है और बुद्धि से भी अत्यंत परे 'आत्मा' है।

62. करुणा निम्नलिखित में से किसके द्वारा बाधाओं के निवारण में सहायक होती है।

A. वस्तु के साथ लगाव एवं एकात्मभाव
B. दया या करुणा का भाव
C. अन्य व्यक्तियों द्वारा किये गये उत्तर कार्य पर हर्षानुभूति
D. मुक्ति के लिए करुणा एवं समर्पण भाव से कार्य करना
E. पापाचारी व्यक्ति के साथ विद्वेष या घृणा का भाव

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:

करुणा निम्नलिखित में से किसके द्वारा बाधाओं के निवारण में सहायक होती है-

1. दया या करुणा का भाव
2. दुःख एवं कष्ट से मुक्ति के लिए करुणा एवं समर्पण भाव से कार्य करना

63. 'टीचिंग मेथड्स फॉर योगिक प्रेक्टिसेज' पुस्तक के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सी विधि गैरप्रतिस्पर्धी प्रकार के निष्पादन में कौशल एवं आकृति पर बल देने से संबंधित हैं?

Correct Answer: (d) प्रदर्शन विधि
Solution:प्रदर्शन विधि एक शिक्षण विधि है जिसका उपयोग फ्लिप चार्ट प्वाइंट इत्यादि जैसे दृश्यों की सहायता से किसी विचार को संप्रेषित करने के लिए किया जाता है एक प्रदर्शन किसी को चरण-दर-चरण में कुछ बनाना या करना सिखाने की प्रक्रिया है।

64. 'टीचिंग मेथड्स फॉर यौगिक प्रैक्टिस' पुस्तक के अनुसार छात्र :

A. अधिगम अनुभव का आयोजन एवं संचालन करते हैं
B. कतिपय अनुभव का मार्गदर्शन करते हैं।
C. नवीन ज्ञान के साथ समायोजन के इच्छुक होते हैं
D. अधिगम को बढ़ावा देते हैं
E. कर्म के माध्यम से स्वयं को संतुलित करते हैं

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल C और E
Solution:

'टीचिंग मेथड्स फॉर यौगिक प्रैक्टिस' पुस्तक के अनुसार छात्र -

1.नवीन ज्ञान के साथ समायोजन के इच्छुक होते है।
2. कर्म के माध्यम से स्वयं को सन्तुलित करते है।

65. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए:

योगकुण्डली उपनिषद् के अनुसार योग साधना के विघ्न

सूची-I सूची-II
(A) ज्यादा नींद लेना(I) चौथा विघ्न
(B) प्रमत्तता(II) दूसरा विघ्न
(C) आलस्य(III) पांचवा विघ्न
(D) साधना पर शंका(IV) तीसरा विघ्न
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IVIIIIII
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (d)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I सूची-II
(A) ज्यादा नींद लेना(III) पांचवा विघ्न
(B) प्रमत्तता(IV) तीसरा विघ्न
(C) आलस्य(I) चौथा विघ्न
(D) साधना पर शंका(II) दूसरा विघ्न

66. हठप्रदीपिका के अनुसार शीतली प्रणायाम किनमें लाभ पहुँचाता है -

A. ज्वर
B. कफ विकार
C. पित्त विकार
D. भूख प्यास
E. तन्द्रा

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:

हठप्रदीपिका के अनुसार शीतली प्रणायाम के निम्न लाभ पहुँचाता है-

1. ज्वार में
2. पिन्ट विकार में
3. भूख - प्यास में

67. योगकुण्डल्युपनिषद् के अनुसार चार कुम्भकों के भेद में सम्मिलित नहीं है-

Correct Answer: (c) चन्द्रभेदी
Solution:

योगकुण्डल्युपनिषद् के अनुसार चार कुम्भकों के भेद में सम्मिलित है- 1. उज्जायी 2. सूर्यभेदी 3. सीतकारी 4. शीतली

नोट: चन्द्रभेदी इन चार कुम्भकों के भेद में सामिल नहीं है।

68. वेशिष्ठ संहिता में जिन कुम्भकों का वर्णन है वे हैं

A. उज्जायी
B. केवल
C. भ्रामरी
D. सहित
E. मूर्च्छा

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:वशिष्ठ संहिता में जिन कुम्भकों का वर्णन है वे हैं- 1. केवल 2. सहित

69. विवक्षित (इम्प्लीसिट) स्मृति कहलाती है :

Correct Answer: (a) गैर-घोषणात्मक स्मृति
Solution:

अंतर्निहत स्मृति को अचेतन या स्वाचालित स्मृति के रूप में भी जाना जाता है, जो उस जानकारी को संदर्भित करती है। जिसे हम जान बूझकर संग्रहित नही करते और अनचाने में याद की जाती है, हम सचेतन रूप से उस स्मृति को जागरूकता में नहीं ला सकते है।

70. जत्रुकीय श्वसन के अभ्यास हेतु, चरणों को व्यवस्थित कीजिए -

A. स्कंध और कॉलर अस्थि शनैः शनैः ऊपर की ओर उठाना।
B. धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अधो ग्रीवा को ढीला छोड़ना ।
C. शवासन में लेटना।
D. सांस छोडे और ऊर्ध्व-छाती और पसली पिंजर को आराम की मुद्रा में छोड़ना
E. सांस लें, पसली पिंजर को विस्तार (वर्धन) देना।

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) C, E, A, B, D
Solution:

सांस लेने में इस्तेमाल होने वाली एक और क्लेविकुलर मसल है जो हमारी कॉलर बोन के ठीक नीचे होती है। अगर आप इस मसल के पर हाथ रखकर छाती से ऊपर की ओर सांस लेगे, तो इसे फूलता हुआ महसूस करेगे।

इसके अभ्यास हेतु निम्नलिखित चरण का अनुसरण होगा-

1. शवासन में लेटना
2. सांस ले, पसली पिंजर को विस्तार देना।
3. स्कंध और कॉलर अस्थि शनैः शनैः ऊपर की ओर उठाना
4. धीरे-धीरे और ऊर्ध्व-छाती और पसली पिंजर को आराम की मुद्रा में छोड़ना।