A. स्कंध और कॉलर अस्थि शनैः शनैः ऊपर की ओर उठाना।
B. धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अधो ग्रीवा को ढीला छोड़ना ।
C. शवासन में लेटना।
D. सांस छोडे और ऊर्ध्व-छाती और पसली पिंजर को आराम की मुद्रा में छोड़ना
E. सांस लें, पसली पिंजर को विस्तार (वर्धन) देना।
नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।
Correct Answer: (b) C, E, A, B, D
Solution:सांस लेने में इस्तेमाल होने वाली एक और क्लेविकुलर मसल है जो हमारी कॉलर बोन के ठीक नीचे होती है। अगर आप इस मसल के पर हाथ रखकर छाती से ऊपर की ओर सांस लेगे, तो इसे फूलता हुआ महसूस करेगे।
इसके अभ्यास हेतु निम्नलिखित चरण का अनुसरण होगा-
1. शवासन में लेटना
2. सांस ले, पसली पिंजर को विस्तार देना।
3. स्कंध और कॉलर अस्थि शनैः शनैः ऊपर की ओर उठाना
4. धीरे-धीरे और ऊर्ध्व-छाती और पसली पिंजर को आराम की मुद्रा में छोड़ना।