यूजीसी NTA नेट जे/आरएफ परीक्षा, जून-2023 योग (YOGA)

Total Questions: 100

81. याज्ञवल्यक स्मृति के आचाराध्याय के अंतर्गत निम्न में से कौन सा प्रकरण है :

A. विवाह प्रकरण
B.  ऋणादान प्रकरण
C. उपनिधि प्रकरण
D. स्नातक धर्म प्रकरण
E. गृहशांति प्रकरण

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, D और E
Solution:याज्ञवल्यक स्मृति के आचाराध्याय के अंतर्गत निम्न प्रकरण है- 1. विवाह प्रकरण 2. स्नातक धर्म प्रकरण 3. गृहशांति प्रकरण

82. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए

सूची-I सूची-II
(A) समाधिपाद(I) द्रष्टश्योपरक्तं चित्तं सर्वार्थम्
(B) साधनापाद(II) मूर्धज्योतिषि सिद्धदर्शनम
(C) विभूतिपाद(III) निर्विचारवैशा ध्यात्मप्रसादः
(D) कैवल्यपाद(IV) द्रष्टदृश्ययोः संयोगोहेयहेतुः
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIVIII
(b)IIIIIIIV
(c)IIVIIIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (a)
Solution:सूची का सही सुमेलन निम्नवत है-
सूची-I सूची-II
(A) समाधिपाद(III) निर्विचारवैशा ध्यात्मप्रसादः
(B) साधनापाद(IV) द्रष्टदृश्ययोः संयोगोहेयहेतुः
(C) विभूतिपाद(II) मूर्धज्योतिषि सिद्धदर्शनम
(D) कैवल्यपाद(I) द्रष्टश्योपरक्तं चित्तं सर्वार्थम्

83. भगवद्गीता के अनुसार अधिगम की विधियों में ये निम्नलिखित शामिल होते हैं:

A. शिक्षण का छिद्रान्वेष्ण
B. सतत प्रश्नशील रहना
C. निरंतर तर्क
D. श्रद्धा प्रदर्शन
E. गुरु के प्रति सेवाशील

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B, D और E
Solution:भगवद्गीता के अनुसार अधिगम की विधियाँ निम्नलिखित विधियां शामिल है-

1. सतत प्रशनशील रहना
2. श्रद्धा प्रदर्शन
3. गुरू के प्रति सेवाशक्ति

84. 'हान्मेषां क्लेशवदुक्तम्' संबंधित हैः

Correct Answer: (a) संस्कारों से
Solution:'हान्मेषां क्लेशवदुक्तम्' संस्कारों से संबंधित है

85. 'न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्यो' कहा गया है:

Correct Answer: (b) कठोपनिषद् में
Solution:कठोपनिषद् में 'न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्यो' अर्थात - मनुष्य धन की इच्छा से कभी तृपत नहीं होता, उसका लालच बढ़ता जाता है।

86. वर्धित प्लीहा एवं चरम विकारों के निवारण हेतु उचित अभ्यास किसके अंतर्गत है-

Correct Answer: (c) हृदयधौति
Solution:हृदय धौति, छाती की सफाई, दंड धौति वामन धौति और वस्त्र धौति में विभाजित किया गया हैं

87. श्वेताश्वतर उपनिषद् में परमेश्वर के विषय में कहा गया है कि वह -

A. काल-अकाल
B. गुणेशः
C. कालकालः
D. प्रधानक्षेत्रज्ञपतिः
E. गुणी

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B, C, D और E
Solution:श्वेताश्वतर उपनिषद् में परमेश्वर के विषय में कहा गया है। कि वह 1. गणेशः 2. कालकालः 3. प्रधानक्षेत्रज्ञपतिः 4. गुणी है।

88. हठप्रदीपिका के श्लोक के अनुसार योगी के भोजन क्रम को निश्चित करें।

A. स्निग्ध
B. गव्यं
C. मनोभिलषित
D. सुमधुरं
E. पुष्टं

नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) E, D, A, B, C
Solution:हठप्रदीपिका के श्लोक के अनुसार योगी के भोजन निम्न प्रकार होने चाहिए। 1. पुष्ट 2. समधुर 3. स्निग्ध 4. गत्यं 5. मनाभिलषितं

89. कृकल उपप्राण के कार्य से संबंधित है:

Correct Answer: (a) द्रव्यों को नासिका मार्ग में जाने से रोकता है तथा ग्रासनली/गले में भेजता है
Solution:कृकल उपप्राण के कार्य के कार्य द्रव्यो को नासिका मार्ग में जाने से रोकता है तथा ग्रासनली/गले में भेजता है।

90. योगतत्वोपनिषद् के अनुसार योगाभ्यास सिद्ध होने के क्रम में शारीरिक लक्षण हैं

Correct Answer: (d) स्वल्पनिद्रा
Solution:योगतत्वोपनिषद् के अनुसार योगाभ्यास सिद्ध होने के क्रम में शारीरिक लक्षण 'स्वल्पनिद्रा' है।