यू.जी.सी. एनटीए नेट/ जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2024 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

1. प्रसंस्करण स्तर सिद्धांत के अनुसार निम्नलिखित में से प्रसंस्करण का कौन सा स्तर सर्वोत्तम स्मरण उत्पन्न करता है?

A. ध्वन्यात्मक स्तर
B. शब्दार्थ स्तर
C. संरचनात्मक
D. रखरखाव रिहर्सल
E. विस्तृत पूर्वाभ्यास

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B और E
Solution:शब्दार्थ स्तर, विस्तृत पूर्वाभ्यास यह दोनों सर्वोत्तम स्मरण उत्पन्न करते हैं। प्रसंस्करण स्तर सिद्धांत Craik और Lockhart द्वारा प्रस्तावित, यह बताता है कि जानकारी को जितने गहरे स्तर पर प्रोसेस किया जाता है, उसका स्मरण उतना ही बेहतर होता है।
(B) शब्दार्थ स्तर : गहरा स्तर है सर्वोत्तम स्मरण
(E) विस्तृत पूर्वाभ्यास जानकारी को अर्थ और संदर्भ से जोड़ता है → गहरा प्रोसेसिंग बेहतर स्मरण
(A) ध्वन्यात्मक स्तर : सतही स्तर की प्रोसेसिंग होती है कम स्मरण
(C) संरचनात्मक स्तर: सबसे सतही प्रोसेसिंग (जैसे कि शब्द कैसा दिखता है) कम स्मरण
(D) रखरखाव रिहर्सल केवल दोहराव, गहरी प्रोसेसिंग नहीं करता → कम स्मरण

2. फेस्टिंगर के अनुसार संज्ञानात्मक असंगति को कम करने के लिए लोग तीन बुनियादी चीजें कर सकते हैं:

(A) उनके परस्पर विरोधी व्यवहार को बदलकर उसे उनके दृष्टिकोण से मेल खाने लायक बनाएँ।
(B) विश्वसनीय संदेश के प्रति उनके विरोधाभासी रवैयें को बदलें।
(C) अपने व्यवहार को उचित ठहराने के लिए अपने वर्तमान परस्पर विरोधी संज्ञान को बदलें।
(D) अपने व्यवहार को उचित ठहराने के लिए नई संज्ञान का निर्माण करें।
(E) सूचना प्रसंस्करण परिधीय मार्ग का उपयोग करे।

Correct Answer: (d) केवल A, C और D
Solution:फेस्टिंग के अनुसार संज्ञानात्मक असंगति को कम करने के लिए लोग तीन बुनियादी चीजें कर सकते है:
1. उनके परस्पर विरोधी व्यवहार को बदलकर उसे उनके दृष्टिकोण से मेल खाने लायक बनाएँ → यह फेस्टिंगर द्वारा सुझाया गया एक तरीका है- व्यवहार को बदलना।
2. अपने व्यवहार को उचित ठहराने के लिए अपने वर्तमान परस्पर विरोधी संज्ञान को बदलें-
→ यह संज्ञान का परिवर्तन है- व्यक्ति अपने विचारों में बदलाव लाकर असंगति कम करता है।
3. अपने व्यवहार को उचित ठहराने के लिए नई संज्ञान का निर्माण करें-
→ यह भी सही है। नई जानकारी या तर्क जोड़कर व्यक्ति असंगति को कम करता है।
4.विश्वसनीय संदेश के प्रति उनके विरोधाभासी खैये को बदलें-
→ यह अवइयंभावी रूप से संज्ञानात्मक असंगति को कम करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह बाहरी संदेश की स्वीकार्यता से जुड़ा है, जो अवधारणात्मक परिवर्तन या मन परिवर्तन से अधिक मेल खाता है।
5. सूचना प्रसंस्करण परिधीय मार्ग का उपयोग करें-
→ यह "एल्म मॉडल से संबंधित है, न कि संज्ञानात्मक उसंगति सिद्धांत से।

3. नीचे दिए गए उदाहरणों के माध्यम से भाषा के विकास को व्यवस्थित करें:

(a) स्वर में व्यंजन ध्वनि जोड़ना ।
(b) स्वर जैसी ध्वनियाँ बनाना।
(e) किसी संज्ञा की तरह एक शब्द का भाषण।
(d) व्याकरणिक शब्दों का प्रयोग और वाक्य की लंबाई में वृद्धि ।
(e) संज्ञा, क्रिया और विशेषण का उपयोग करके सरल वाक्य

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) B. A, C, E, D
Solution:भाषा विकास के क्रम में बच्चे साधारण से जटिल की ओर बढ़ते हैं। इस प्रक्रिया में ध्वनि निर्माण से लेकर व्याकरणिक जटिलता तक धीरे-धीरे प्रगति होती है। दिए गए विकल्पों का सही क्रम यह दर्शाता है कि बच्चा किस क्रम मे भाषा कौशल अर्जित करता है:

(1) (B) स्वर जैसी ध्वनियाँ बनाना सबसे पहले बच्चा "आ" "ऊ”, जैसी ध्वनियाँ निकालता है।
(2) (A) स्वर मे व्यंजन ध्वनि जोड़ना फिर बच्चा व्यंजन स्वर मिलाकर "बा", "मा" जैसी ध्वनियाँ बनाता है।
(3) (C) किसी संज्ञा की तरह एक शब्द का भाषण अब बच्चा एक-एक शब्द (जैसे मम्मी, दूध) कहना शुरू करता है।
(4) (E) संज्ञा, क्रिया और विशेषण का उपयोग करके सरल वाक्यइसके बाद वह छोट-छोटे सरल वाक्य बनाता है (जैसे- "मम्मी पानी दो")।
(5) (D)व्याकरणिक शब्दों का प्रयोग और वाक्य की लंबाई में वृद्धि → अंत में व्याकरणिक शब्द (जैसे है, और, को) से जोड़कर वाक्य जटिल और लंबे बनने लगते हैं।

4. लिंग संबंधी मुद्दों में कई अलग-अलग दृष्टिकोण शामिल है, जो महिला अनुभवों के एक अलग पहलु पर ध्यान केंद्रित करते हैं, सभी नारीवादी सिद्धांत निम्नलिखित की वकालत करते हैं। सिवाय

Correct Answer: (b) लिंग एक जैविक रचना है।
Solution:लिंग एक जैविक रचना है- यह विचार नारीवादी दृष्टिकोण के विरोध में है, क्योंकि यह लिंग भेद को प्राकृतिक और अपरिवर्तनीय मानता है, न कि सामाजिक रूप से निर्मित। इसलिए यह नारीवादी सिद्धांतों की वकालत नहीं करता।
•अधिकांश नारीवादी सिद्धांत यह मानते हैं कि
• लिंग एक सामाजिक रूप से निर्मित संरचना है, जैविक नहीं।
• वे यह मानते हैं कि समाज ने पुरूषों और महिलाओं की भूमिकाएं तय की हैं।
• और यह कि महिलाओं की समस्याएं केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और संरचनात्मक कारणों से उत्पन्न होती है।

5. सूची -I का सूची -II से मिलान करें:

सूची-Iसूची-II
A. नैतिक सिद्धांतI. वंशानुगत और पर्यावरण के बीच लगातार द्विदिश आदान-प्रदान के परिणाम
B. पारिस्थितिक सिद्धांतII. अनुकूलन और अस्तित्व सबसे योग्य
C. विकासवादी मनोविज्ञानIII. विकास पर्यावरणीय प्रणाली से प्रभावित होता है
D. एपिजेनेटिक के रूपIV. महत्वपूर्ण अवधि और छाप द्वारा विशेषता

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:(A) नैतिक सिद्धांत (iv) महत्वपूर्ण अवधि और छाप द्वारा विशेषता
(B) पारिस्थितिक सिद्धांत (iii)विकास पर्यावरण प्रणालियों से प्रभावित होता है
(C) विकासवादी मनोविज्ञान (ii) अनुकूलन और अस्तित्व सबसे योग्य आकार व्यवहार
(D) एपिजेनेटिक दृश्य (i) आनुवंशिकता और पर्यावरण के बीच द्विदिशीय आदान-प्रदान
A. नैतिक सिद्धांत यह सिद्धांत विकास में जैविक और विकासात्मक दृष्टिकोण को महत्व देता है, खासकर यह कि कुछ व्यवहारों का विकास महत्वपूर्ण समय अवधि में होता है।
B. पारिस्थितिक सिद्धांत बाल विकास को कई पर्यावरणीय स्तरों से प्रभावित माना गया है- जैसे परिवार विद्यालय, समुदाय, संस्कृति
C. विकासवादी मनोविज्ञान मनुष्य का व्यवहार जैविक विकास का परिणाम है।
D. यह सिद्धांत मानता है कि मनोवैज्ञानिक विशेषताएँ अनुकूलन के रूप में विकसित हुई ताकि जीव जीवित रह सके। एपिजेनेटिक यह मानता है कि जीन और पर्यावरण एकदूसरे पर लगातार प्रभाव डालते है-न तो केवल जीन और न ही केवल पर्यावरण अकेले विकास को नियंत्रित करता है।

6. किसी विवाद की स्थिति के निराकरण हेतु समझौता वार्ता के चरणों को उनके सही क्रम में सजाएं

A. सौदा
B. तैयारी
C. सूचना आदान-प्रदान तथा विधि मान्यकरण
D. कार्यान्वयन
E. समापन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) B, C, A, E, D
Solution:किसी विवाद की स्थिति को निराकरण हेतु समझौता वार्ता के चरणों का सही क्रम है।
1. तैयारी
2. सूचना आदान-प्रदान तथ्या विधि मान्यकरण
3. सौदा
4. समापन
5. कार्यान्वयन
1. तैयारी विवाद, लक्ष्यों, संभावनाओं और रणनीतियों की पूर्व योजना बनाना।
2. सूचना आदान-प्रदान तथा विधि मान्यकरण दोनों पक्षों द्वारा आवश्यक जानकारी साझा करना और अपने दावों को वैध ठहराना ।
3. सौदा आपसी प्रस्ताव, रियायतों और समझौतें के माध्यम से समाधान की दिशा में वार्ता करना।
4. समापन सहमति प्राप्त कर समझौते को अंतिम रूप देना और उसे स्पष्ट करना।
5. कार्यान्वयन सहमति के अनुसार वास्तविक कार्रवाई करना और निष्पादन की निगरानी करना।

7. खेलों में मनोविज्ञान के क्षेत्र में व्यावसायिक विकास के संदर्भ में स्थापना के वर्ष के आधार पर कालानुक्रमिक क्रम में निम्नलिखित को सूचीबद्ध करें।

(A) इंडियन साइकोलॉजिकल एसेसिएशन
(B) राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस)
(C) रक्षा विज्ञान संगठन
(D) इंडियन एकेडमी ऑफ एप्लाइड साइकोलॉजी (आइएएपी IAAP )
(E) राष्ट्रीय मनोविज्ञान अकादमी (NAOP)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A, C, B, D, E
Solution:इन संस्थानों को स्थापना वर्ष के कालानुक्रमिक क्रम में लगाएंगे
(A) इंडियन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन
(C) रक्षा विज्ञान संगठन
(B) राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान निमहांस
(D) इंडियन एकेडमी ऑफ एप्लाइड साइकोलॉजी (IAAP)
(E) नेशनल एकेडमी ऑफ साइकोलॉजिकल (NAOP)
(A) इंडियन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन यह भारत में मनोविज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए स्थापित सबसे पुराना संगठन है, जिसकी स्थापना 1924 में हुई थी। इसका उद्देश्य अनुसंधान, शिक्षा और व्यवहारिक मनोविज्ञान को बढ़ावा देना है।
(B) राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस)
यह भारत सरकार के अधीन एक प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है, जिसकी स्थापना 1954 में हुई थी। यह मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और इलाज प्रदान करता है।
(C) रक्षा विज्ञान संगठन यह भारत में रक्षा से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान का एक प्रारंभिक संगठन था, जिसकी स्थापना 1948 में हुई। बाद में यह संगठन विकसित होकर DRDO बन गया।
(D) इंडियन एकेडमी ऑफ एप्लाइड साइकोलॉजी यह संस्था 1962 में स्थापित हुई थी और इसका उद्देश्य अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और अभ्यास को बढ़ावा देना है। (E) नेशनल एकेडमी ऑफ साइकोलॉजी (NAOP) यह संस्था 1989 में स्थापित की गई थी और इसका उद्देश्य भारत में मनोविज्ञान के क्षेत्र में उन्नत शोध शिक्षा और नीति निर्माण को बढ़ावा देता है।

8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें

सूची-Iसूची-II
A.  लोकस कोरूलियसI. एसिटाइलकोलाइन
B.  रैफे नाभिकII. डोपामाइन
C. काला पदार्थIII. सेरोटोनिन
D.  बेसल अग्रप्रमस्तिष्कIV. नॉरएपिनेफ्रिन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:सही मिलान है।
a. लोकस कोलस
b. रैपे नाभिक
c. काला पदार्थ
d. बेसल अग्रमस्तिष्क
v. एसिटाइलकोलाइन
• लोकस को यूलस मुख्य रूप से नॉरपेनेफ्रिन का उत्पादन करता है।
•  रैपे नाभिक मुख्य रूप से सेरोटोनिन का स्त्रोत होता है।
• काला पदार्थ डोपामाइन उत्पन्न करता है, खासकर मस्तिष्क के मोटर नियंत्रण में महत्वपूर्ण।
• बेसल अग्रमस्तिष्क का प्रमुख स्त्रोत है।

9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें:

सूची-Iसूची-II
A.  लुरिना नेब्रास्काI. गैर-चित्रात्मक प्रक्षेपण परीक्षण
B.  मायर्स-ब्रिग्स प्रकार सूचकII.  बुद्धि का अशाब्दिक प्रदर्शन
C.  पोर्टियस भूलभुलैया परीक्षणIII.  न्यूरोसाइकोलॉजिकल बैटरी
D.  शब्द एसोसिएशन टेस्टIV.  औद्योगिक और व्यावसायिक सेटिंग में परीक्षण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:मिलान का स्पष्टीकरण
सूची-Iसूची-II
A. लुरिया नेब्रास्काiii. न्यूरोसाइकोलॉजिकल बैटरी
B. मायर्स-ब्रिग्स प्रकार सूचकiv. औद्योगिक और व्यावसायिक सेटिंग में परीक्षण
C. पोर्टियस भूलभुलैया परीक्षणv. बुद्धि का अशाब्दिक प्रदर्शन
D. वर्ड एसोसिएशन टेस्टiv. गैर-चित्रात्मक प्रक्षेपण परीक्षण

A. लूरिया-नेब्रास्का बैटरी मस्तिष्क कार्यों की जांच के लिए न्यूरोसाइकलॉजिकल परीक्षण क समूह ।
B. मायर्स ब्रिग्स प्रकार सूचक व्यक्तित्व परीक्षण, जो 16 प्रकारो में वर्गीकृत करता है, नौकरी व करियर में उपयोग।
C. पोर्टियस भूलभुलैया परीक्षण अशाब्दिक बुद्धि परीक्षण, जो व्यक्ति की योजना और सोचने की क्षमता मापता है।
D. वर्ड एसोसिएशन टेस्ट प्रक्षेप्य तकनीक जिसमें शब्दों की प्रतिक्रियाओं से मानसिक अवस्था जानी जाती है।

10. मेटाकॉग्निटिव ज्ञान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

Correct Answer: (c) यह समस्या समाधान के दौरान प्रगति की निगरानी को रोकता है।
Solution:यह समस्या समाधान के दौरान प्रगति की निगरानी को रोकता है- मेटाकॉग्निटिव ज्ञान के संबंध में यह कथन गलत है। मेटाकॉग्निटिव ज्ञान का अर्थ है "सोचने के बारे में सोचना" या "सीखने के बारे में जानना" इसमें यह शामिल होती है कि हम कैसे सीखते सोचते, और समस्याओं को हल करते है।