यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा,दिसम्बर 2019 (विधि)

Total Questions: 100

61. "अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय वस्तुतः अंतः राज्य संबंध में 'विधि का शासन' की स्थापना के लिए अनिवार्य शर्त है।" यह निम्नलिखित में से किसका कथन है?

Correct Answer: (b) न्यायाधीश नागेन्द्र सिंह
Solution:न्यायाधीश नागेन्द्र सिंह अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश थे। इनके अनुसार - "अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय वस्तुतः अंतः राज्य सम्बन्ध में 'विधि का शासन' की स्थापना के लिए अनिवार्य शर्त है।

62. सुमेलित करें:

सूची-Iसूची-II
A. उदाहरणात्मक क्षतिपूर्ति1.  एम.सी. कामलनाथ
B.  विभिन्न ईंधनों की स्वच्छता का मूल्यांकन2.  स्टरलाइट इंडस्ट्रीज
C. जनता का विश्वास सिद्धांत3. अंतरपीढ़ी समता
D.  पिछली पीढ़ी से लाभ प्राप्त करने का प्रत्येक पीढ़ी का, और भविष्य के लिए विरासत को सुरक्षित रखने का अधिकार4.  भुरेलाल कमेटी
ABCD
(a)1234
(b)2413
(c)4213
(d)4312
Correct Answer: (b)
Solution:सही सुमेलन निम्न है-
A. उदाहरणात्मक क्षतिपूर्तिस्टरलाइट इंडस्ट्रीज
B. विभिन्न ईंधनों की स्वच्छता का मूल्यांकनभुरेलाल कमेटी
C. जनता का विश्वास सिद्धांतएम.सी. मेहता बनाम कमलनाथ
D. पिछली पीढ़ी से लाभ प्राप्त करने का प्रत्येक पीढ़ी का, और भविष्य के लिए विरासत को सुरक्षित रखने का अधिकारअंतरपीढ़ी समता

63. कोई परिद्वेषी कृत्य जिससे ऐसा संक्रमण अथवा रोग फैलने की आशंका हो जो जीवन के लिए हानिकर है और जिसके परिणाम स्वरूप वातावरण स्वास्थ्य के लिए विषाक्तपूर्ण हो जाए, पर्यावरणीय संरक्षण के विभिन्न दण्डनीय अपराध है, किन्तु उपबंधित प्रावधान उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपर्याप्त है। इस तरह के अल्प दण्ड का उपबंध निम्नलिखित में से किस विधि में किया गया है?

Correct Answer: (b) भारतीय दण्ड संहिता
Solution:भारतीय दण्ड संहिता की धारा 270 में परिद्वेषपूर्ण कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य हो,के लिए अल्पदण्ड का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत जो कोई ऐसा परिद्वेषपूर्ण कार्य करेगा, वह 2 वर्ष तक के कारावास से या जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जायेगा।

64. अपकार्य से संबंधित निम्नलिखित निर्णय को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

1.  ऐश्वी बनाम ह्वाइट
2. एम सी मेहता बनाम भारत संघ
3. रेलैंडस बनाम फ्लेचर
4. डोनोघ बनाम स्टीवेसन

सही विकल्प चुनिएः 

Correct Answer: (b) 1, 3, 4, 2
Solution:अपकृत्य से सम्बन्धित विर्णय कालक्रमानुसार निम्नलिखित होगें-

1- एश्वी बनाम ह्वाइट 1703 ई.
2- रेलैंडस बनाम फ्लेचर 1863 ई.
3- डोनोघ बनाम स्टीवेंसन 1932 ई.
4- एम सी महता बनाम भारत संघ 1987 ई.

65. प्रो. डाइसी ने 'विधि का शासन' के तीन अभिप्राय बताए थेः

1. यादृच्छिक / शक्ति का अभाव अथवा विधि की सर्वोच्चता
2. विधि के समक्ष समानता
3. संविधान देश की सामान्य विधि की परिणति है।

उपर्युक्त में से कौन से पहलू भारतीय तंत्र मेंप्रयोज्य है:

Correct Answer: (a) केवल 1 और 2
Solution:प्रोफेसर डायसी ने विधि के शासन के तीन अभिप्राय बताए थे। जिनमें से निम्नलिखित भारतीय तन्त्र में प्रयोज्य है-

(1) यादृच्छिक शक्ति का अभाव (Absence of Arbitrary power)
(2) विधि की सर्वोच्चता (Supremacy of the law)
(3) विधि के समक्ष समानता (Equality before law)

66. निम्नलिखित में से किस वाद में यह अभिर्निधारित किया गया था कि 'मान्य अधिकारी के किसी आंतरिक कार्य को मान्यता प्रदान करने में तथ्यतः मान्यता तथा विधितः मान्यता में कोई अंतर नहीं है।

Correct Answer: (a) लूथर बनाम सागर
Solution:लूथर बनाम सागर (1921) 3 KB 532 के मामलें में न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि मान्य प्राधिकारी के किसी आन्तरिक कार्य को मान्यता प्रदान करने में तथ्यतः मान्यता तथा विधितः मान्यता में कोई अंतर नहीं होता है।

67. सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A.  अनुच्छेद 1531.  राज्यपाल की नियुक्ति
B. अनुच्छेद 1542. राज्यों में राज्यपाल
C. अनुच्छेद 1553. Tराज्यपाल का कार्यकाल
D.  अनुच्छेद 1564.  राज्य की कार्यकारी शक्ति

नीचे दिए गए विकल्पमें से सही उत्तर चुनिएः 

ABCD
(a)2143
(b)2413
(c)3412
(d)4321
Correct Answer: (b)
Solution:सुमेलित सूची
सूची-Iसूची-II
A. अनुच्छेद 1531. राज्यों में राज्यपाल
B. अनुच्छेद 1542.  राज्य की कार्यकारी शक्ति
C. अनुच्छेद 1553.  राज्यपाल की नियुक्ति
D. अनुच्छेद 1564. राज्यपाल का कार्यकाल

68. स्वामित्व हो सकता है:

1.  विधिक और निहित स्वामित्व
2.  विधिक और साम्यिक स्वामित्व
3.  पूर्ण और सीमित स्वामित्व
4.  न्यास और लाभकारी स्वामित्व

सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल 2, 3 और 4
Solution:स्वामित्व के सम्बन्ध में निम्नलिखित सही कथन है-

1- स्वामित्व, विधिक और साम्यिक स्वामित्व हो सकता है।
2- स्वामित्व, पूर्ण और सीमित स्वामित्व हो सकता है।
3- स्वामित्व, न्यास और लाभकारी स्वामित्व हो सकता है।

69. संविदा नैराशय से निम्नलिखित में से क्या अभिप्रेत है:

Correct Answer: (d) संविदा की विषय वस्तु के गायब हो जाने अथवा उद्देश्य पूरा नहीं होने के कारण वास्ताविक असंभाव्यता
Solution:संविदा नैराशय का अभिप्राय है संविदा की विषय-वस्तु के गायब हो जाने अथवा उद्देश्य पूरा नहीं होने के कारण वास्तविक असंभाव्यता से है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 56 का सम्बन्ध इसी सिद्धान्त से है। इसके अनुसार असम्भव कार्य करने का करार या उस कार्य को करने की संविदा जो बाद में असम्भव या विधिविरुद्ध हो जाए शून्य है। टेलर बनाम कोल्डवेल का मामला इसी से सम्बन्धित है।

70. निम्नलिखित में से किस दशा में अर्द्ध संविदा सिद्धांत प्रयोज्य नहीं होता है?

Correct Answer: (a) किसी औपचारिक संविदा के अंतर्गत परिदान की गई वस्तु अथवा प्रदत्त सेवा के बदले संदायगी के बारे में विवाद
Solution:अर्द्ध संविदा (Quasi Contract) से संबंधित प्रावधान संविदा अधिनियम के अध्याय 5 में दिया गया है। अर्द्धसंविदा या संविदा कल्प का संबंध विधि द्वारा सृजित किया जाता है, जबकि औपचारिक संविदा का संबंध पक्षकारों के कृत्य द्वारा सृजित होता है।

अतः अर्द्ध-संविदा सिद्धांत किसी औपचारिक संविदा के अंतर्गत परिदान की गई वस्तु अथवा प्रदत्त सेवा के बदले सदांयगी के बारे में विवाद की स्थिति में प्रयोज्य नहीं होता है।