यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020/जून-2021 (विधि)

Total Questions: 100

11. भारत के संविधान के अंतर्गत सही कथन का चयन करें :

(1) अनुच्छेद 61 राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया से संबंधित है।
(2) अनुच्छेद 142 उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर आबद्धकर होने से संबंधित है।
(3)  अनुच्छेद 122 न्यायालयों द्वारा संसद की कार्यवाहियों को जांच न किए जाने से संबंधित है।
(4) अनुच्छेद 163 राज्य की कार्यपालिका शक्ति की सीमा से संबंधित है।

नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (1) और (3)
Solution:भारतीय संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत सही विकल्प निम्न है-

(1) अनु. 61- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया।
(2) अनु. 122- न्यायालायों द्वारा संसद की कार्यवाहियों की जांच न किया जाना।
(3) अनु. 142 - उच्चतम न्यायालय की डिक्रियो और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के बार में आदेश ।
(4)अनु. 163- राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद ।

12. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. संविधान का अनुच्छेद 326(I) मुख्य निर्वाचन आयुक्त,निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा।
B. संविधान का अनुच्छेद 324(3)(II) न्यायालयों द्वारा निर्वाचन मामलों में हस्तक्षेप पर प्रतिबंध
C. संविधान का अनुच्छेद 328(III) वयस्क मनाधिकार के आधार पर चुनाव करवाए जाएंगे।
D. संविधान का अनुच्छेद 329(IV) किसी राज्य के विधानमण्डल के निर्वाचन के संबंध में प्रावधान करने की उस राज्य के विधानमण्डल की शक्ति

नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (A)-(III), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(II)
Solution:अनुच्छेद 326 लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार पर होना। अनुच्छेद 324(3) मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा।

अनुच्छेद 328-किसी राज्य के विधानमण्डल के निर्वाचन के सम्बन्ध में प्रावधान करने की उस राज्य के विधानमण्डल की शक्ति अनुच्छेद 329-न्यायालयों द्वारा निर्वाचन मामलों में हस्तक्षेप पर प्रतिबन्ध ।

13. राज्य सभा की विशेष शक्तियों के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन से संकल्प सिर्फ राज्य सभा से उठाए जा सकते हैं :

(1) उप राष्ट्रपति से हटाए जाने के अनुरोध संबंधी संकल्प
(2) एक अथवा अधिक अखिल भारतीय सेवा के सृजन के अनुरोध संबंधी संकल्प
(3) राज्य सूची के विषय पर विधान बनाने संबंधी संकल्प
(4) धन विधेयक प्रस्तुत करना

नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (1), (2), (3)
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 67 (b) के अनुसार उपराष्ट्रपति, राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगा जिसे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत ने पारित किया है और जिससे लोकसभा सहमत है।

संविधान के अनुच्छेद 312(1) में अनुसार, यदि राज्य सभा ने उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों में से कम-से-कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित संकल्प द्वारा यह घोषित किया है कि राष्ट्रीय हित में एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन आवश्यक हैं, तो संसद विधि द्वारा इसका सृजन कर सकती है।

अनुच्छेद 249 (1) के अन्तर्गत, राज्य सभा, उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो तिहाई सदस्यों द्वारा पारित संकल्प से, राज्य सूची में के विषय के सम्बन्ध में राष्ट्रीय हित में विधि बनाने की शक्ति संसद को प्रदान कर सकती है। अनुच्छेद 109 (1) के अनुसार, धन विधेयक राज्य सभा में पुरः स्थापित नहीं किया जाएगा।

14. दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और तत्पश्चात् इस पर आधारित प्रश्न सेः

किसी व्यक्ति की निजता उसकी प्रतिष्ठा का आवश्यक पक्ष है। प्रतिष्ठा में तात्विक और सहायक दोनों प्रकार के मूल्य होते हैं। तात्विक मूल्य के रूप में मानव की प्रतिष्ठा एक हकदारी या अपने आप में संवैधानिक रूप से संरक्षित हित है।

अपने सहायक पक्ष के रूप में प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता परस्पर अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं, और दोनों एक दूसरे को प्राप्त करने के लिए सुकरकर्ता उपकरण है। व्यक्ति की उसके निजता क्षेत्र को संरक्षित करने की योग्यता उसे जीवन और स्वतंत्रता के सभी मूल्यों को मूर्त रूप देने के योग्य बनाती है।

स्वतंत्रता का अर्थ व्यापक होता है। जिसमें निजता गौणसेट है। सभी स्वतंत्रताओं का प्रयोग निजता में नहीं किया जा सकता। तथापि निजता की गुंजाइश होने पर ही दूसरी स्वतंत्रताओं को पूरा किया जा सकता है।

निजता, व्यक्ति को शरीर और मस्तिष्क की स्वायत्तता बनाए रखने के योग्य बनाती है। जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय लेने की योग्यता व्यक्ति की स्वायत्तता होती है।

निजता को स्वतंत्र मौलिक अधिकार के रूप में व्यक्त नहीं किया गया परंतु इससे इसे प्राप्त संवैधानिक संरक्षण में कमी नहीं आती जब निजता की वास्तविक प्रकृति और स्पष्ट रूप से संरक्षित मौलिक अधिकारों के साथ इसके संबंध को समझ लिया जाता है। निजता संरक्षित स्वतंत्रताओं के स्पेक्ट्रम में निहित होती है।

संदर्भित पैराग्राफ निम्नलिखित मुकदमें में उच्चतम न्यायालय के निर्णय से लिया गया है: 

Correct Answer: (d) न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी (सेवानिवृत्त) और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य
Solution:उपरोक्त कथन उच्चतम न्यायालय द्वारा, न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टास्वामी (सेवानिवृत्त) और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य (2017 SC) के वाद में किया गया। इस मामले में 9 न्यायाधीशों की पीठ ने निजता के अधिकार को अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत मूल अधिकार माना है।

मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य (1992 SC) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि शिक्षा पाने का अधिकार अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है।

मेनका गाँधी बनाम भारत संघ (1978 SC) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने दैहिक स्वतंत्रता के क्षेत्र को अत्यन्त विस्तृत कर दिया तथा अब अनुच्छेद 21 कार्यपालिका और विधायिका दोनों के विरूद्ध संरक्षण प्रदान करता है।

एण्डी०एम० जबलपुर बनाम एस. शुक्ला (1976 SC) के वाद में उच्चतम न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया था कि अनुच्छेद 359 (1) में राष्ट्रीय आपात के समय प्रत्येक मूलाधिकार निलम्बित रहेंगे।

15. निम्नलिखित किस मुकदमें में यह निर्णय दिया गया था कि निजता के अधिकार को संविधान के अन्तर्गत मूल अधिकार के रूप में संरक्षण प्राप्त नहीं है?

Correct Answer: (a) एम.पी.शर्मा बनाम सतीश चन्द्र, जिलाधिकारी, दिल्ली
Solution:एम.पी. शर्मा बनाम सतीश चन्द्र (1954 SC) के वाद में उच्चतम न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि निजता का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित नहीं है। परन्तु न्यायाधीश के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017 SC) के वाद में उच्चतम न्यायालय ने इस निर्णय को उलट दिया।

गोविन्द बनाम मध्य प्रदेश (1994 SC) के मामले में यह  अभिनिर्धारित किया गया है कि अनुच्छेद 21 के अधीन 'निजता का अधिकार' भी शामिल है।

आर. राजगोपाल बनाम तमिलनाडु राज्य (1994 SC) के मामले में अदालत ने समझाया कि प्रेस की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण हैं।

16. निम्नलिखित कौन सा कथन सत्य है?

Correct Answer: (b) संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत निजता के अधिकार को मूल अधिकार के रूप में संरक्षण प्राप्त है।
Solution:यायाधीश के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017) के वाद में उच्चतम न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की पीठ ने यह अभिधारित किया कि 'निजता का अधिकार' अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत मूल अधिकार है।

17. संदर्भित पैराग्राफ निम्नलिखित न्यायाधीश द्वारा दिए गए निर्णय का भाग है :

Correct Answer: (b) न्यायमूर्ति डी.वाई. चन्द्रचूड़
Solution:उपरोक्त कथन न्यायमूर्ति डी.वाई.चन्द्रचूड़ द्वारा दिए गए निर्णय का भाग है, जो कि के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ (2017 SC) के मामले में दिया गया।

18. निम्नलिखित किस मुकदमें में यह निर्णय दिया गया था कि विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का अर्थ है कि प्रक्रिया न्यायसंगत, निष्पक्ष और तर्कसंगत होगी?

Correct Answer: (c) मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
Solution:मेनका गाँधी बनाम भारत संघ (1978 SC) के मामले में यह अभिनिर्धारित किया गया कि 'विधि' और 'प्रक्रिया' दोनों को उचित, ऋजु और युक्तियुक्त होना चाहिये। कोई प्रक्रिया सम्यक है या नहीं इसके लिए यह भी आवश्यक है कि उसमें नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त निहित हो।

खरक सिंह बनाम उत्तर प्रदेश (1963 SC) के वाद में अभिधारित किया गया कि किसी विधिक प्राधिकार के बिना किसी व्यक्ति की दैहिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना वैयक्तिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करना है।

ए.के.गोपालन के मामले (1950 SC) में उच्चतम न्यायालय ने मत व्यक्त किया था कि अनुच्छेद 21 केवल कार्यपालिका के कृत्यों के विरूद्ध संरक्षण प्रदान करता है। परन्तु मेनका गाँधी बनाम भारत संघ (1978 SC) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने इसे उलट दिया।

गोविन्द बनाम मध्य प्रदेश (1975 SC) में यह अभिनिर्धारित किया गया कि अनुच्छेद 21 के अधीन निजता का अधिकार भी शामिल है।

19. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 प्रवृत्त हुआ है :

Correct Answer: (e) *
Solution:लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 को 1 जनवरी 2014 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई तथा 16 जनवरी 2014 से प्रवृत्त हुआ। नोट-NTA UGC ने इस प्रश्न का विकल्प (c) को माना है।

20. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 162(I) वाणिज्यिक अभिकर्ता द्वारा गिरवी करना
B. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 178(II) उपनिहित वस्तुओं में कमी निकालने के लिए उपनिधाता की ड्यूटी
C. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 214(III) मृत्यु द्वारा निःशुल्क उपनिधान का समापन
D. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 150(IV) भालिक के साथ संप्रेषण करने की अभिकर्ता की ड्यूटी

नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A)-(III), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(II)
Solution:भारतीय संविदा अधिनियम 1872 के प्रावधानों के अन्तर्गत सूची-1 के साथ सूची-1 का मिलान निम्न है-
(A) धारा 102- आनुग्रहिक (निःशुल्क) उपनिधान का मृत्यु से पर्यवसान
(B) धारा 170 - वाणिज्यिक अभिकर्ता द्वारा गिरवी।
(C) धारा 214- मालिक से सम्पर्क रखने का अभिकर्ता का कर्तव्य ।
(D) धारा 150- उपनिहित माल की त्रुटियों को प्रकट करने का उपनिधाता का कर्तव्य ।