यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020/जून-2021 (विधि)

Total Questions: 100

51. निम्नलिखित में से कौन अधिक गंभीर अपराध है ओर इस प्रकार यह अत्यधिक दण्डनीय है?

Correct Answer: (b) बलवा करना
Solution:बल्वा को भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 146 में परिभाषित किया गया है। धारा 147 में इसके लिए दण्ड का प्रावधान है। इसके अनुसार, जो कोई बल्वा करने का दोषी होगा,

वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा। भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 141 में विधि विरूद्ध जमाव को परिभाषित किया गया है। धारा 159 में दंगा को परिभाषित किया गया है।

तथा धारा 160 में इसके लिए दण्ड का प्रावधान है, जिसमें एक मास तक का कारावास या एक सौ रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। धारा 351 में हमला (Assault) को परिभाषित किया गया है।

धारा 352 में गंभीर प्रकोपन होने से अन्यथा हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड का प्रावधान है, जिसमें तीन मास तक का कारावास या पाँच सौ रूपये तक का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

52. मोटर या संशोधन अधिनियम, 2019 में पूर्ववर्ती मोटर यान अधिनियम, 1988 को निम्नलिखित रूप में निर्दिष्ट किया गया है :

Correct Answer: (d) प्रमुख अधिनियम
Solution:मोटर यान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-2 के अनुसार, पूर्ववर्ती मोटर यान अधिनियम, 1988 को मूल अधिनियम (Principal Act) के रूप में निर्दिष्ट किया गया है।

53. नीचे दो कथन दिए गए है।

अधिष्ठायी स्थिति से अभिप्राय है कि किसी उद्यम द्वारा भारत के संगत बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का लाभ उठाना है,

जिससे इसे प्रचालनात्मक शक्तियों से स्वतंत्र रूप से प्रचालन करने में सहायता मिल सके  तथा प्रतिस्पर्धा एवं उपभोक्ताओं का इस पर सकारात्मक प्रभाव हो।

कोई भी उद्यम अपनी अधिष्ठायी स्थिति का दुरूपयोग नहीं करेगा।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सत्य है।
Solution:प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 3(1) के अनुसार कोई उद्यम या उद्यमो का संगम या व्यक्ति या व्यक्तियों का संगम, ऐसे माल के उत्पादन, प्रदाय, वितरण, भण्डारण, अर्जन या नियंत्रण या सेवाओं की व्यवस्था के सम्बन्ध में कोई ऐसा करार नहीं करेगा

जिससे भारत के भीतर प्रतिस्पर्धा पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो या पड़ने की सम्भावना हो। धारा 4(1) के अनुसार, कोई उद्यम या समूह अपनी प्रधानस्थिति (Dominant Position) का दुरूपयोग नहीं करेगा।

धारा 4(2) के अनुसार, उपधारा (1) के अधीन, प्रधानस्थिति का दुरूपयोग होगा, यदि कोई उद्यम या कोई समूह-
(A) (i) माल के क्रय या विक्रय में या सेवा की व्यवस्था में, या (ii) माल या सेवाओं की क्रय या विक्रय कीमत में, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः अनुचित या विभेदकारी शर्ते अधिरोपित करता है।
(B) (i) माल के उत्पादन या सेवा की व्यवस्था करने या उसके बाजार को, या (ii) उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए माल या सेवाओं के सम्बन्ध में तकनीकि और वैज्ञानिक विकास को, परिसीमित या निर्बन्धित करता है। अतः कथन I और II दोनों सत्य है।

54. संगत भौगोलिक बाजार निर्धारण में, प्रतिस्पर्धा आयोग निम्नलिखित में से किन कारकों का ध्यान रखेगा:-

(A) विनियामक व्यापार, अवरोध एवं राष्ट्रीय खरीद नीतियाँ
(B) भाषा एवं स्थानीय विनिर्दिष्ट आवश्यकताएँ
(C) उपभोक्ता अधिमानताएँ और सतत् आपूर्ति तथा ब्रिकी उपरांत सेवा
(D) परिवहन तथा वितरण सुविधाएँ

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (A), (B), (C) और (D)
Solution:प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 19(6) के अनुसार, प्रतिस्पर्धा आयोग, “सुसंगत भौगोलिक बाजार" का अवधारण करते समय निम्नलिखित सभी या किन्हीं बातों का सम्यक् ध्यान रखेगा,
अर्थात् :- (क) विनियामक व्यापार अवरोध
(ख) स्थानीय विनिर्देश अपेक्षाएँ
(ग) राष्ट्रीय उपापन नीतियाँ
(घ) पर्याप्त वितरण सुविधाएँ
(ङ) परिवहन लागत
(च) भाषा
(छ) उपभोक्ता अधिमान
(ज) नियमित आपूर्ति या विक्रयोपरांत त्वरित सेवाओं को सुनिश्चित करने की आवश्यकता।

55. भौगोलिक संकेतक विशिष्टि चिह्न अथवा लक्षण है जो किसी सामान की पहचान करते हैं:-

(1) पेरिस अभिसमय, 1967 के अंतर्गत अनुचित प्रतियोगिता का कार्य
(2) एक विशिष्ट क्षेत्र में आरम्भ होना
(3) नकारात्मक अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए भ्रामक परीक्षण का प्रतिपादन
(4)  विशिष्ट गुण, ख्याति और लक्षण
(5)  विशेषतया मूल को समर्पित

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल (2), (4), (5)
Solution:जियोग्राफिकल इंडिकेशन्स ऑफ गुड्स (रजिस्ट्रेशन एण्ड प्रोटेक्शन) एक्ट, 1999 की धारा 2 (e) के अनुसार, माल के सम्बन्ध में, "भौगोलिक संकेतक (उपदर्शन)” से वह संकेतक अभिप्रेत है

जिससे ऐसे माल की कृषि माल, प्राकृतिक माल या विनिर्मित माल के रूप में ऐसे पहचान होती है कि उसका उद्भव या विनिर्माण किसी देश के राज्यक्षेत्र में या उस राज्य क्षेत्र के किसी क्षेत्र या परिक्षेत्र में हुआ है,

जिसमें ऐसे माल की दी गई क्वालिटी, प्रतिष्ठा या अन्य लक्षण आवश्यक रूप से उसके भौगोलिक मूल से तात्पर्थित है, और किसी ऐसी दशा में जिसमें ऐसा माल विनिर्मित माल है, सम्बन्धित माल के उत्पादन या प्रसंस्करण या तैयार करने के क्रियाकलापो में से कोई, यथास्थिति, ऐसे राज्य क्षेत्र, क्षेत्र या परिक्षेत्र में होता है।

56. निम्नलिखित में से किसे मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा "अपराध करने और उसकी तैयारी के बीच पतली लकीर होती है"?

Correct Answer: (b) अभयानंद मिश्रा बनाम बिहार राज्य
Solution:अभयानन्द मिश्र बनाम बिहार राज्य, (1961 SC) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि, किसी अपराध की तैयारी और उसे करने के प्रयास के बीच एक पतली रेखा होती है। निःसंदेह, अपराधी पहले अपराध करने का इरादा रखता है,

फिर उसे करने की तैयारी करता है और उसके बाद अपराध करने का प्रयास करता है। यदि प्रयास सफल होता है, तो उसने अपराध किया है। यदि यह उसके नियंत्रण से बाहर के कारणों से विफल हो जाता है, तो कहा जाता है कि उसने अपराध करने का प्रयास किया है।

महाराष्ट्र राज्य बनाम मोहम्मद याकूब, (1980 SC) के मामले में न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि केवल तैयारी करना अपराध नहीं है जब तक कि इसे पूरा या प्रयास नहीं किया जाता है।

मलकियत सिंह बनाम पंजाब राज्य, (1968 SC) में न्यायालय ने टिप्पणी की कि तैयारी में अपराध शुरू करने के लिए आवश्यक साधनों की व्यवस्था करना शामिल है। दूसरी ओर प्रयास तैयारी के बाद अपराध की ओर एक सीधा कृत्य है।

ओम प्रकाश बनाम पंजाब राज्य, (1962 SC) के मामले में न्यायालय ने कहा कि “प्रयास की शुरूआत अपने आप में एक प्रयास है।" (Beginning of attempt is in itself an attempt)

57. विधिशास्त्र की निम्नलिखित पुस्तकों को उनके प्रकाशन के कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :

(1) जेम्स एल्मस द्वारा रचित 'अ प्रैक्टिकल ट्रीटीज ऑफ आर्किटेक्चरल जुरिसप्रुडेन्स'
(2) रॉस्को पाउण्ड द्वारा रचित 'दि स्पिरिट ऑफ कॉमन लॉ
(3) थॉमस पोगे द्वारा रचित 'वर्ल्ड पॉवर्टी एण्ड ह्युमन राइट्स'
(4) रोनाल्ड ड्रवेर्किन द्वारा रचित 'टेकिंग राइट्स सीरियसली'
(5) बेंजामिन एन. कार्डोजो द्वारा रचित 'दि ग्रोथ ऑफ द लॉ'

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (1), (2), (5), (4), (3)
Solution:विधिशास्त्र की पुस्तकों का प्रकाशन के अनुसार कालक्रम निम्न है-

(1) जेम्स एल्यूस द्वारा रचित 'अ प्रैक्टिकल ट्रीटाइज ऑफ ऑर्किटेक्चरल ज्युरिसप्रुडेन्स' - 1827 में प्रकाशित
(2) रास्को पाउण्ड द्वारा रचित 'दि स्पिरिट ऑफ कॉमन ला'- 1921 में प्रकाशित
(3) बेजामिन एन. कार्डोजो द्वारा रचित 'दि ग्रोथ आफ द लॉ - 1924 में प्रकाशित ।
(4) रोनाल्ड डवेर्किन द्वारा रचित 'टेकिंग राइट्स सीरियसली'- 1971 में प्रकाशित ।
(5) थामस येगे द्वारा रचित 'वर्ल्ड पावर्टी एण्ड ह्यूमन राइट्स'- 2002 में प्रकाशित ।

58. निम्नलिखित को कालाक्रमानुसार व्यवस्थित करें:-

(1) मानव पर्यावरण संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
(2) संधारणीय विकास संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
(3) पर्यावरण और विकास संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
(4) पर्यावरण और विकास संबंधी विश्व आयोग
(5) संयुक्त राष्ट्र सतत विकास

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (1), (4), (3), (2), (5)
Solution:सम्मेलनों का कालाक्रमानुसार व्यवस्था निम्न है-

(1) मानव पर्यावरण संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन-1972
(2) पर्यावरण और विकास संबंधी विश्व आयोग - 1983
(3) पर्यावरण ओर विकास सम्बंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन-1972
(4) संधारणीय विकास संबंधी संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन- 2012
(5) संयुक्त राष्ट्र सतत विकास कार्यक्रम - 2015

59. उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निम्नलिखित मामलों के निर्णय का वर्ष के कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :

(1) तमिलनाडु राज्य बनाम बी. बालकृष्ण
(2) मंगेश बनाम महाराष्ट्र राज्य
(3) राम कुमार बनाम मध्य प्रदेश राज्य
(4) के.एम. नानावटी बनाम महाराष्ट्र राज्य
(5)  महेश चन्दर बनाम दिल्ली राज्य

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) *
Solution:उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णित मामलों का कालक्रम निम्न है-

(1) के. एम. नानाव बनाम महाराष्ट्र राज्य (1962 SC)
(2) तमिलनाडु राज्य बनाम वी. बालकृष्ण (1994 SC)
(3) रामकुमार बनाम मध्य प्रदेश राज्य (1997 SC)
(4)मंगेश बनाम महाराष्ट्र राज्य (2011 SC)
(5) महेश चन्दर बनाम दिल्ली राज्य (2011 SC) नोट-NTA UGC ने इस प्रश्न का विकल्प (c) माना है।

60. समूह-वाद' की सुसंगता का परीक्षण करें और सही उत्तर चुनेंः

(A) समूह-वाद' पर्यावरणीय मामलों के समाधान में परिमाणगत सहायक होगा
(B) पर्यावरणीय मामलों में अपकृत्यकर्ता से धनीय बसूली मात्र वाद के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है।
(C)  समूह-वाद' को अपेक्षा 'रिट प्रक्रिया' अधिक तर्कसंगत प्रतीत होती है।
(D)  समूह-वाद' का सर्वाधिक सुस्पष्ट उपयोग भोपाल त्रास्दी जैसी व्यापक आपदा में हो सकता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C)
Solution:एक 'समूह-वाद' (Class action suit) एक कानूनी कार्यवाही है जिसमें एक या कई वादी एक बड़े समूह की ओर से मुकदमा लाते हैं, जिसे वर्ग के रूप में जाना जाता है।

मुकदमें से उत्पन्न होने के लिए सहमत निर्णय या समझौता समूह या वर्ग के सभी सदस्यों को शामिल करता है, जहाँ प्रतिवादी द्वारा भुगतान किए गए दण्ड को वर्ग के सदस्यों के बीच विभाजित किया जाता है।

समूह-वाद (Class action suit) के कुछ सामान्य लाभ है-

- कम मुकदमेंबाजी लागत
-वादी के लिए छोटी राशि के लिए राहत प्राप्त करने का अवसर
-अधिक न्यायिक दक्षता -प्रतिवादियों के लिए अधिक एकरूपता
-सभी वादी को क्षति प्राप्त करने का अवसर यूनियन कारबाइड कम्पनी बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया (1992)SC के वाद में भारत सरकार को गैस पीड़ितों की ओर से 750 करोड़ का मुआवजा मिला