Solution:अभयानन्द मिश्र बनाम बिहार राज्य, (1961 SC) के मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि, किसी अपराध की तैयारी और उसे करने के प्रयास के बीच एक पतली रेखा होती है। निःसंदेह, अपराधी पहले अपराध करने का इरादा रखता है,फिर उसे करने की तैयारी करता है और उसके बाद अपराध करने का प्रयास करता है। यदि प्रयास सफल होता है, तो उसने अपराध किया है। यदि यह उसके नियंत्रण से बाहर के कारणों से विफल हो जाता है, तो कहा जाता है कि उसने अपराध करने का प्रयास किया है।
महाराष्ट्र राज्य बनाम मोहम्मद याकूब, (1980 SC) के मामले में न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि केवल तैयारी करना अपराध नहीं है जब तक कि इसे पूरा या प्रयास नहीं किया जाता है।
मलकियत सिंह बनाम पंजाब राज्य, (1968 SC) में न्यायालय ने टिप्पणी की कि तैयारी में अपराध शुरू करने के लिए आवश्यक साधनों की व्यवस्था करना शामिल है। दूसरी ओर प्रयास तैयारी के बाद अपराध की ओर एक सीधा कृत्य है।
ओम प्रकाश बनाम पंजाब राज्य, (1962 SC) के मामले में न्यायालय ने कहा कि “प्रयास की शुरूआत अपने आप में एक प्रयास है।" (Beginning of attempt is in itself an attempt)