यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2020/जून-2021 (विधि)

Total Questions: 100

81. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(1) विधितः मान्यता अंतिम होती है जबकि वस्तुतः मान्यता अनंतिम होती है।
(2) वस्तुतः मान्यता को वापिस लिया जा सकता है जबकि विधितः मान्यता को वापिस नहीं लिया जा सकता है।
(3) वस्तुतः मान्यता और विधितः मान्यता दोनों भूतलक्षी प्रभाव से लागू होती हैं।
(4) मान्यता प्राप्त प्राधिकारी के आंतरिक कार्यों की प्रभावशीलता के उद्देश्य से विधितः एवं वस्तुतः मान्यताओं में कोई अन्तर नहीं है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (1), (2), (4)
Solution:केल्सन के शब्दों में, "विधितः मान्यता (De-Jure) अंतिम है, जबकि वस्तुतः मान्यता (De Facto) अनंतिम है और इसे वापस लिया जा सकता है। प्रो. ओपेनहीम के अनुसार, जहाँ तक मान्यता प्राप्त राज्य के विधायी और अन्य आंतरिक कृत्यों का सम्बन्ध है, वहाँ विधितः और वस्तुतः मान्यता के बीच शायद ही कोई अंतर है।

82. जब फर्म द्वारा, व्यापार के सामान्य अनुक्रम में, अन्य पार्टी से प्राप्त राशि एक भागीदार द्वारा अपने स्वयं के उपयोग हेतु दुष्प्रयुक्त कर दी जाती है, तो :

Correct Answer: (c) इसके लिए फर्म दायित्वाधीन है।
Solution:भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 की धारा 27 के अनुसार, जहाँ कि

(a) भागीदार अपने दृश्यमान प्राधिकार के अन्दर कार्य करते हुए किसी पर व्यक्ति से धन या सम्पत्ति प्राप्त करता है और उसका दुरूपयोजन करता है,अथवा
(b) फर्म अपने कारबार के अनुक्रम में किसी पर व्यक्ति से धन या सम्पत्ति प्राप्त करती है और भागीदारों में से कोई उस धन या सम्पत्ति का, जब वह फर्म की अभिरक्षा में है, दुरूपयोजन करता है, वहाँ फर्म हानि की क्षतिपूर्ति करने के लिए दायी है।

83. निम्नलिखित में से कौन सा कार्य मानवाधिकार परिषद् का नहीं है?

Correct Answer: (b) महासभा को कोई अनुशंसा किए बगैर मुद्दों पर निर्णय लेना
Solution:संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् (UNHRC) के निम्नलिखित कार्य है:-

(a) यह मानवाधिकार शिक्षा और अध्ययन के साथ सलाहकार सेवाओं, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा।
(b) यह सभी मानवाधिकार मुद्दों पर संवाद के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
(c) यह मानवाधिकारों के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय कानून के आगे विकास के लिए महासभा को सिफारिश करेगा।
(d) यह संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनों द्वारा, राज्यों द्वारा, मानवाधिकार दायित्वों के पालन, प्रचार और संरक्षण से सम्बन्धित कार्य करेगा।
(e) यह राज्यों की आवधिक समीक्षा करेगा, जो सभी राज्यों के सम्बन्ध में सार्वभौमिक और समान उपचार सुनिश्चित करता है।
(f) यह संवाद और सहयोग के माध्यम से योगदान देगा, मानवाधिकारों के उल्लंघन की रोकथाम और मानवाधिकारों की आपात स्थितियों पर तुरंत प्रक्रिया देगा।
(g) यह मानवाधिकारों के क्षेत्र में सरकार, क्षेत्रीय संगठनों, राष्ट्रीय संस्थाओं और नागरिक समाज के साथ निकट सहयोग में काम करेगा।
(h) यह मानवाधिकारों की सुरक्षा की उन्नति के सम्बन्ध में सिफारिशें करेगा
(i) परिषद् महासभा को एक वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी
(i) परिषद् संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायोग के कार्यालय के कार्य से सम्बन्धित मानव अधिकार आयोग की भूमिका और उत्तरदायित्व ग्रहण करेगी।

84. म्नलिखित पैरा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अनुवर्ती प्रश्नों के उत्तर दें :

अंतरराष्ट्रीय विधि को विधि के रूप में स्वीकार किया जाना इसकी बाध्यकारिक शक्तियों को स्पष्ट करने में समस्या उत्पन्न करता है और इसके फलस्वरूप सभी विधियों की प्राधिकारिता पर प्रश्न चिह्न लग जाता है।

कुछ लेखकों ने, अंतरराष्ट्रीय विधि की बाध्यकारी प्रवृत्ति प्राकृतिक विधि से व्युत्पत्तित होती है, के द्वारा इस दर्शाने का प्रयास किया है। किन्तु हमने देखा है कि प्राकृतिक विधि नैतिकता से अधिक कुछ भी नहीं है

और नैतिक नियमों की विद्यमानता सदृश विधिक नियमों की विद्यमानता की कोई गारंटी नहीं है। इस प्रकार का तर्क अधिक से अधिक यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय विधि के नियम नैतिक रूप से बाध्यकारी हैं,

न कि विधिक रूप से बाध्यकारी । तथापि बहुत से विधिक नियम नैतिक रूप से विरक्त है, नैतिकता में कतिपय नियम आदर्शवादिता से परे भी हो सकते हैं। इसी प्रकार का मामला वसीयत, संविदा और हस्तातरण पत्र इत्यादि राष्ट्रीय विधियों संबंधी औपचारिकताओं के मामले में है,

और अंतरराष्ट्रीय विधि में सीमाक्षेत्र का टाइटल और कार्यक्षेत्र की सीमा संबंधी कतिपय नियमों में भी है। इस प्रकार के नियमों की बाध्यकारिता का शायद ही किसी नैतिक 647 मानदण्ड पर गुणारोपित किया जा सकता है।

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? 

Correct Answer: (d) अंतरराष्ट्रीय विधि में बहुत से नियम संधि पर आधारित होते हैं, न कि प्रथा पर।
Solution:प्रत्यक्षवादियों (Positivistis) के अनुसार, उपयुक्त विधायी प्राधिकरण द्वारा अधिनियमित कानून बाध्यकारी है। प्रत्यक्षवादी अपने विचारों को राज्यों के वास्तविक व्यवहार पर आधारित करते हैं, उनके विचार में संधियाँ (Treaty) और रीति- रिवाज (Custom) अन्तर्राष्ट्रीय कानून के मुख्य स्रोत है।

85. निम्नलिखित में से किन्होंने विधि को समाज के भीतर मानव व्यवहार हेतु नियमों का समूह, जो इस समाज की आम सहमति के द्वारा बाह्य शक्तियों द्वारा लागू होगी, के रूप में परिभाषित किया है?

Correct Answer: (a) ओपनहीम
Solution:प्रो. ओपेनहेम ने बताया है एक नियम नैतिकता का नियम है, समुदाय की आम सहमति (common consent) से यह केवल अंतः करण और विवेक पर लागू होता है। जबकि, दूसरी ओर एक नियम कानून का नियम है, सामान्य रूप से समुदाय की सहमति से इसे अंततः बाहरी शक्ति द्वारा लागू किया जाएगा।

86. प्रो. लोन एल फुल्लर के अनुसार :

(A) विधि मनुष्य के व्यवहारों को नियम के शासन के अंतर्गत लाने का उद्यम है।
(B) विधिक नैतिकता के दो पहलू होते हैं- बाह्य और आंतरिक
(C)  'बाह्य नैतिकता उन अपेक्षाओं, आदर्शों की नैतिकता है जिनसे प्राकृतिक विधि का प्राक्रियात्मक रूप' हासिल करना संभव होता है।
(D) विधि की 'आंतरिक नैतिकता' 'प्राकृतिक विधि' का मुख्य रूप है।

नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (A) और (B)
Solution:प्रो. लोन एल. फुलर के अनुसार विधि एक प्रयोजनमूलक पद्धति है जो नियमों द्वारा मानव आचरण को नियंत्रित करती है। फुलर ने प्रत्येक विधि-प्रणाली में निम्नलिखित तत्वों का होना आवश्यक मानाः-

1. विधि के नियम निश्चित होने चाहिये
2. इन नियमों का पर्याप्त प्रचार-प्रसार
3. पूर्ववर्ती विधायन का दुरूपयोग नहीं होना,
4. नियम बोधगम्य एवं सरल हो
5.किसी प्रवर्तमान विधि के प्रतिकूल या असंगत न हो,
6. विधि के नियम व्यवहारिक होने चाहिये
7. इसमें बार-बार परिवर्तन को टाला जान
8.विधि, वास्तविक प्रवर्तन तथा प्रशासन में तारतम्य होना।

फुलर ने इन्हें विधि की आन्तरिक नैतिकता माना है।

87. निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकार के विभिन्न रूपों और उनके सहसंबंधियों के बारे में सही नहीं है?

Correct Answer: (c) शक्ति स्वतंत्रता
Solution:हॉहफेल्ड के विधिक अधिकार सम्बन्धी विचार

88. एकल निगम का मुख्य प्रयोजन है:

Correct Answer: (d) कार्यालय पद की निरंतरता बनाये रखना।
Solution:कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 (11) में निगम या निगमित निकाय को परिभाषित किया गया है। एकल निगम एक अकेला व्यक्ति होता है जो कुछ समय के लिए स्थायी कार्यालय या आधिकारिक पद का धारक होता है।

उदाहरणार्थ, इंग्लैण्ड के राजा या क्राउन या बिशप एकल निगम है। एकल निगम कार्यालय पद की निरन्तरता बनाये रखता है, भले ही मनुष्य बदलते रहें।

89. उपभोक्ता मध्यस्थता प्रकोष्ठ निम्नलिखित में से कौन से दस्तावेजों का धारक होगा?

(1) पैनलबद्ध मध्यस्थों की सूची
(2) प्रकोष्ठ द्वारा किए गए सभी मामलों की सूची
(3) सभी कार्यवाहियों का अभिलेख
(4) विनियमन द्वारा विनिर्दिष्ट जानकारी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (1), (2), (3) और (4)
Solution:उपभोक्त संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 74 (4) के अनुसार, प्रत्येक उपभोक्ता मध्यस्थता सेल-

(a) पैनलीकृत मध्यस्थों की सूची रखेगा
(b) सेल द्वारा निपटाए गए मामलों की सूची
(c) कार्यवाही का अभिलेख
(d) कोई अन्य जानकारी, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए दैनिक आधार पर डाटा रखेगा और यथास्थिति, राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार को मासिक आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

90. सूची - I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए

सूची–Iसूची–II
A.  अनुच्छेद–V(I)  राष्ट्रपति चुनाव, नवम्बर 7, 2012
B. अनुच्छेद–III(II)  राष्ट्रपति चुनाव की पूर्वसंध्या पर कांग्रेस
C.  अनुच्छेद–V(III) अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक शक्ति
D.  अनुच्छेद–IV(IV)  संविधान का संशोधन

नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) (A)-(IV), (B)-(III), (C)-(II), (D)-(1)
Solution:अमेरिकन संविधान के सुसंगत प्रावधान निम्न हैं-

(a) अनुच्छेद v-संविधान का संशोधन ।
(b) अनुच्छेद III -अमेरिकन सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक शक्ति ।
(c) अध्याय V - प्रेसिडेंशीयल चुनाव की पूर्वसंध्या पर कांग्रेस
(d) अध्याय IV प्रेसिडेंशियल चुनाव,नवम्बर 7, 2012