यू.जी.सी. एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून-2022 (विधि)Total Questions: 7151. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertaion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप मेंअभिकथन A: हिन्दू विधि के अन्तर्गत द्विविवाही विवाह शून्य हैकारण R: शून्य विवाह से उत्पन्न बच्चा अपने माता- पिता का धर्मज संतान है।उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:(a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है(b) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R. Aकी सही व्याख्या नहीं है(c) A सत्य है, लेकिन R असत्य है(d) A असत्य है, लेकिन R सत्य हैCorrect Answer: (b) A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R. Aकी सही व्याख्या नहीं हैSolution:हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 11 में प्रावधान किया गया है कि कोई भी विवाह यदि वह धारा 5 (1) (द्विविवाह) का उल्लंघन करता है तो अकृत और शून्य होगा। अधिनियम की धारा 16 शून्य और शून्यकरणीय विवाह से उत्पन्न संतानों को धर्मजता प्रदान करता है।52. निम्नलिखित में से कौन सी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है :(a) नजरबंदी, बाहर भेजना (एक्सटर्नमेंट) और प्रत्यावर्तन(b) चयन समिति की कार्रवाई(c) तथ्यों का पता लगाने की कार्रवाई(d) वस्तुपरक समाधान के बारे में राय बनानाCorrect Answer: (d) वस्तुपरक समाधान के बारे में राय बनानाSolution:प्रशासनिक कार्रवाई वह कार्रवाई है जो प्रकृति में न तो विधायी और न ही न्यायिक है बल्कि केवल किसी विशेष स्थिति के विश्लेषण और उपचार से संबंधित है। इसमें साक्ष्य एकत्र करने और तर्को को तौलने की कोई प्रक्रिया नहीं है बल्कि केवल व्यक्तिपरक संतुष्टि पर आधारित है।अतः उपरोक्त परिभाषा के आधार पर नजरबंदी, बाहर भेजना, प्रत्यावर्तन, चयन समिति की कार्रवाई तथा तथ्यों का पता लगाने की कार्रवाई प्रशासनिक कार्रवाई है तथा वस्तुपरक समाधान के बारे में राय बनाना प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है।53. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:सूची–Iसूची–IIA. न्यायिक पुनरीक्षणI. I इंदिरा गांधी बनाम राज नारायणB. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावII. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्यC. संविधान के भाग-III और भाग-IV के बीच संतुलनIII. एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघD. धर्म निरपेक्षताIV. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघनीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :(a) A- I, В - III, С - IV, D - II(b) A - II, B - I, C- IV, D - III(c) A- IV, B - I, C- III, D - II(d) A - III, B - IV, C - I, D - IICorrect Answer: (b) A - II, B - I, C- IV, D - IIISolution:सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान निम्न है-(A) न्यायिक पुनरीक्षण केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (B) स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण (C) संविधान के भाग-III और भाग-IV के बीच संतुलन - मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (D) धर्म निरपेक्षता एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ54. निम्नलिखित में से कौन से कठोर देयताओं के सिद्धांत के अपवाद हैं?(a) दैवीय कार्य (b) वादी की सहमति (c) प्रतिवादी का इरादा (d) तीसरे पक्ष का कार्य (d) अल्पसंख्यकनीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :(a) केवल A और B(b) केवल A, B और D(c) केवल A, C और D(d) केवल B और ECorrect Answer: (b) केवल A, B और DSolution:कठोर दायित्व का नियम सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में हाउस ऑफ लार्ड्स द्वारा रायलैण्ड्स बनाम फ्लैचर (1868) के वाद में सृजित किया गया। कठोर दायित्व नियम के तहत प्रतिवादी के दोषयुक्त आचरण के बिना ही उसका दायित्व उत्पन्न होता है। रायलैण्ड्स बनाम फ्लैचर और कुछ पश्चात्वत निर्णयों द्वारा कठोर दायित्व के निम्न अपवाद मान्य किये गये हैं-(1) वादी का स्वयं का दोष (2) दैव कृत (3) वादी की सम्मति (4) तृतीय पक्षकार का कार्य (5) सांविधिक प्राधिकार55. दंड विधि (संशोधन) अधिनियम, 2013 के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?(a) आई.पी.सी.की धारा-375 में बलात्कार शब्द को यौन हमले से प्रतिस्थापित किया गया है(b) बलात्कार अब लिंग निरपेक्ष अपराध है(c) इस संशोधन ने पारस्परिक यौन संबंध के लिए 16 वर्ष की आयु निर्धारित की है(d) इस संशोधन ने पारस्परिक यौन संबंध के लिए 18 वर्ष की आयु निर्धारित की है।Correct Answer: (d) इस संशोधन ने पारस्परिक यौन संबंध के लिए 18 वर्ष की आयु निर्धारित की है।Solution:दण्ड विधि (संशोधन) अधिनियम 2013 द्वारा पारस्परिक यौन संबंध के लिए 18 वर्ष की आयु निर्धारित किया गया है। भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 375 में प्रावधान किया गया है कि मनुष्य बलात्संग करता है, यदि वह उस स्त्री की सम्मति से या बिना सम्मति के जबकि वह 18 वर्ष से कम आयु की है।56. नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :(A) व्यापार, वाणिज्य एवं समागम की स्वतंत्रता अनुच्छेद 301 के अंतर्गत आती है (B) व्यापार एवं वाणिज्य से संबंधित संघ एवं राज्य की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन अनुच्छेद 302 के अन्तर्गत आते हैं (C) व्यापार, वाणिज्य एवं समागम पर निर्बंधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति अनुच्छेद 302 के अन्तर्गत आती है (D) राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य एवं समागम पर निर्बंधन अनुच्छेद 304 के अन्तर्गत आता है (E) अनुच्छेद 301-304 के उद्देश्य के संचालन हेतु प्राधिकारी की नियुक्ति अनुच्छेद 306 में है(a) केवल A, B और C(b) केवल B,C और D(c) केवल A, C और D(d) केवल B, D और ECorrect Answer: (c) केवल A, C और DSolution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 301 में प्रावधान किया गया है कि भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र व्यापार, वाणिज्य और समागम अबाध होगा। अनुच्छेद 302 के तहत संसद विधि द्वारा व्यापार वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन अधिरोपित कर सकती है।अनुच्छेद 303 के तहत व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन का प्रावधान है। अनुच्छेद 304 के तहत राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन का प्रावधान है।अनुच्छेद 307 के तहत अनुच्छेद 301 से 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति का उपबंध है।57. नीचे दो कथन दिए गए हैं:कथन I: विधि निर्माण की शक्ति में प्रत्यायोजन की शक्ति अन्तर्निहित है और जब तक विधायिका इसका पूर्णतया त्याग अथवा निरसन नहीं करती तब तक विधायी शक्तियों के प्रत्यायोजन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।कथन II : संसद एक समानान्तर निकाय सृजित करके अपनी सत्ता का अधित्याग अथवा निरसन कर सकती है।उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए(a) कथन I और II दोनों सही हैं(b) कथन I और II दोनों गलत हैं(c) कथन । सही है, लेकिन कथन II गलत है(d) कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही हैCorrect Answer: (c) कथन । सही है, लेकिन कथन II गलत हैSolution:भारतीय संविधान के अधीन दो अनुच्छेद 245 तथा 246 यह उपबंधित करते हैं कि विधायी शक्ति केवल संसद तथा राज्य विधायिका में ही निहित होगी। अतः संसद तथा विधायिका एक समानान्तर निकाय सृजित करके अपने विधायी सत्ता का अधित्याग नहीं कर सकते हैं।संविधान के अनुच्छेद 245 के अधीन विधि निर्माण का अधिकार संसद तथा विधायिका को प्रदान किया गया है। लेकिन कहीं भी शक्ति प्रत्यायोजन को मना नहीं किया गया है। अतः यह कह सकते हैं कि विधि निर्माण की शक्ति में प्रत्यायोजन की शक्ति अन्तर्निहित है।58. निम्नलिखित में से कौन-सा गलत है:(a) विधि द्वारा अप्रवर्तनीय करार शून्यकरणीय कहलाता है(b) विधि द्वारा प्रवर्तनीय करार संविदा है(c) एक-दूसरे के प्रतिफलार्थ निर्मित प्रत्येक वचन और वचनों का प्रत्येक समुच्चय करार है(d) विधि द्वारा अप्रवर्तनीय करार शून्य कहलाता हैCorrect Answer: (a) विधि द्वारा अप्रवर्तनीय करार शून्यकरणीय कहलाता हैSolution:भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 2(g) के अनुसार, वह करार जो विधितः प्रवर्तनीय न हो, शून्य कहलाता है।धारा 2(h) - वह करार जो विधितः प्रवर्तनीय हो संविदा है। धारा 2(e) - एक-दूसरे के प्रतिफलार्थ निर्मित प्रत्येक वचन और वचनों का प्रत्येक समुच्चय करार है।59. पूर्व से आरंभ करते हुए नवीनतम तक के न्यायविदों का कालक्रम के अनुसार सही क्रम को चुनिए:(A) ऑस्टिन, बैथम, पाउंड, होम्स (B) बैंथम, होम्स, ऑस्टिन, पाउंड (C) बैंथम, ऑस्टिन, पाउंड, होम्स, (D) होम्स, ऑस्टिन, बैंथम, पाउंड (E) बैंथम, होम्स, पाउंड, ऑस्टिननीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:(c) केवल C(a) केवल B(b) A या B(d) केवल ECorrect Answer: (c) केवल CSolution:न्यायविदों का कालक्रम के अनुसार सही क्रम निम्न है-60. निम्नलिखित में से कौन-सा हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत पति या पत्नी के अभित्यजन (त्यागना) के बारे में सही है?(A) अलगावता तथ्यात्मक आधार (B) एनिमस डेसेरेनडाइ (अभित्यजन (त्यागना) का इरादा) (C) याचिका प्रस्तुत करने से पूर्व 2 वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी होनी चाहिए (D) समुचित कारण से (E) याचिकाकर्ता की सहमति के बिनानीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :(a) केवल A, C, D और E(b) केवल B,C और D(c) केवल A, B, C और E(d) केवल A, B और DCorrect Answer: (c) केवल A, B, C और ESolution:हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13 के तहत अभित्यजन तलाक का एक आधार है जिससे सम्बन्धित निम्नलिखित कथन सही हैं। (1) तथ्यात्मक अलगाव (2) अभित्यजन का आशय (3) याचिका प्रस्तुत करने से पूर्व 2 वर्ष की निर्धारित अवधि का पूरा होना। (4) अभित्यजन याचिकाकर्ता की सहमति के बिना होना।Submit Quiz« Previous12345678Next »