यू.जी.सी. एनटीए नेट /जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून-2022 (विधि)

Total Questions: 100

81. किसी साझेदारी फर्म का प्रत्येक साझेदार फर्म द्वारा किए गए सभी कार्यों का तब तक दायी है, जब तक वह एक साझेदार है। यह सिद्धांत कहलाता है।

Correct Answer: (a) व्यपदेशन सिद्धांत
Solution:भारतीय भागीदारी अधिनियम 1932 के अनुसार किसी साझेदारी फर्म का प्रत्येक भागीदार फर्म द्वारा किए गये कार्यों के लिए तभी दायी होगा जब तक वह एक साझेदार है। यह सिद्धान्त व्यपदेशन का सिद्धान्त कहलाता है। व्यपदेशन का सिद्धान्त धारा 28 में दिया गया है।

82. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची – I सूची – II
A. अल्पकता और सार सिद्धांतI.  प्रत्यक्ष रूप से न किए जाने वाले कार्य को अप्रत्यक्ष रूप से नहीं किया जा सकता है
B. आनुषंगिक अतिक्रमण सिद्धांतII.  विधि का वह भाग, जो बुरा है, उसे शेष से पृथक किया जा सकता है
C. विच्छेदन सिद्धांतIII. कोई भी विधि अवैधमान्य नहीं है, भले ही आनुषंगिक रूप से अन्य सूची में डाल दी जाए
D.  दिखावटी विधान सिद्धांतIV.  विधान की सही प्रकृति और चरित्र

नीचे दिये गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) A - IV, В - III, C - II, D - I
Solution:सूची-1 का सूची-11 के साथ सही मिलान निम्न है-

(a) सार एवं तत्व का सिद्धान्त विधान की सही प्रकृति और चरित्र
(b) आनुषंगिक अतिक्रमण का सिद्धान्त कोई भी विधि अविधिमान्य नहीं है भले ही आनुषांगिक रूप से अन्य सूची में डाल दी जाए।
(c) दुःसाध्यता सिद्धान्त संविधि का वह भाग जो बुरा है उसे शेष से पृथक किया जा सकता है।
(d) दिखावटी विधान सिद्धान्त प्रत्यक्ष रूप से न किए जाने वाले कार्य को अप्रत्यक्ष रूप से नहीं किया जा सकता है।

83. नीचे दो कथन दिए गए हैं:

कथन-I: सी के बैंक में एक प्रबंधक के रूप में ए, बी के आचरण के लिए सी का प्रतिभू (श्योरिटी) बनता है। इसके बाद, ए की सहमति के बिना बी और सी संविदा करते हैं कि बी के वेतन में वृद्धि की जाएगी और वह ओवरड्राफ्ट पर हानि के लिए एक चौथाई दायी होगा। बी एक ग्राहक को अध्यादान (अधिक धनराशि लेना) करता है और बैंक को एक धनराशि की हानि होती है।
कथन - II: ए हानि की पूर्ति के लिए दायी है क्योंकि वह बी के आचरण के लिए सी का प्रतिभू है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) कथन I सत्य हैं, लेकिन कथन II असत्य हैं
Solution::भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 133 के दृष्टांत (a) के अनुसार कथन-1 सही है परन्तु कथन-II गलत है। धारा 133 मे उपबंध किया गया है कि जो भी फेरफार मूल ऋणी और लेनदार के बीच की संविदा के निबन्धनों में प्रतिभू की सम्मति के बिना किया जाये, वह उस फेरफार के पश्चातवर्ती संव्यवहारों के बारे में प्रतिभू का उन्मोचन कर देता है।

84. एक कार अपने 'यथा स्थिति' के आधार पर बिना किसी वारंटी अथवा गारंटी के बेची गयी। संविदा के 5 दिन उपरांत, कार के इंजन में विस्फोट हो गया। विक्रेता की देयता पर विचार कीजिए।

Correct Answer: (a) संविदा के मानक स्वरूप के मौलिक उल्लंघन के सिद्धांत के कारण विक्रेता क्षति पूर्ति हेतु जिम्मेदार है।
Solution:प्रस्तुत समस्या में कार मानक संविदा के आधार पर बिना किसी वारंटी या गारंटी के बेची गयी है। तथा संविदा के 5 दिन बाद कार के इंजन में विस्फोट हो जाना मानक संविदा का उल्लंघन है तथा इसके लिए विक्रेता क्षतिपूर्ति हेतु दायी होगा।

संविदा का मानक स्वरूप संविदा का मानक रूप एक प्रकार का अनुबंध है जहां बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं होती है। यह अक्सर एक अनुबंध होता है जो असमान सौदेबाजी करने वाले भागीदारों के बीच किया जाता है।

85. उत्पादक संघ की स्थापना के लिए, यह आवश्यक नहीं है कि:

Correct Answer: (a) एक समझौता होना चाहिए
Solution:उत्पादक संघ की स्थापना के लिए आवश्यक है-

(1) एक समझौता
(2) समझौता उत्पादक संघों, विक्रेताओं, वितरकों, व्यापारियों या सेवा प्रदाताओं के बीच किया जाना चाहिए।
(3) इसका उद्देश्य वस्तुओं या सेवाओं में उत्पाद के वितरण, विक्रय या उसका मूल्य या व्यापार का नियन्त्रण सीमित करने या नियन्त्रण का प्रयास होना चाहिए।

86. नीचे दो कथन किए गए हैं:

कथन I: एक संविदा, जो विधि के अनुसार अमान्य होकर प्रवर्तनीय नहीं रहती है, जब यह प्रवर्तनीय होना समाप्त हो जाती है।
कथन II : एक समझौता व्यापार के अवरोध में शून्यकरणीय होता है।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) कथन । सत्य है, लेकिन कथन II असत्य है
Solution:भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 20j) अनुसार, जो संविदा विधितः प्रवर्तनीय नहीं रह जाती वह तब शून्य हो जाती है जब वह प्रवर्तनीय नहीं रह जाती। धारा 27 के अनुसार व्यापार अवरोधक करार शून्य होता है, न कि शून्यकरणीय।

87. सर्वोच्च न्यायालय ने निम्नलिखित में से किसमें रेसइप्सा लॉक्यूटर (स्वयं प्रमाण) सिद्धांत प्रयुक्त किया थाः

Correct Answer: (c) दिल्ली नगर निगम बनाम सुभागवंती
Solution:दिल्ली नगर निगम बनाम सुभागवंती के मामले में उच्चतम न्यायालय ने रेस-इप्सा लॉक्यूटर (स्वयं प्रमाण) सिद्धान्त को लागू किया था।

88. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 किस वर्ष अस्तित्व में आया?

Correct Answer: (d) 18 अक्टूबर 2010
Solution:राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम 2000, 18 अक्टूबर 2010 को अस्तित्व में आया था।

89. एजेंसी के समापन की विधियों में निम्नलिखित में से एक नहीं है:

Correct Answer: (c) सामान्य धारणाधिकार (लियन)
Solution:भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 201-210 में एजेंसी के समापन से सम्बन्धित विधि का वर्णन किया गया है। ऋण शोधन की अक्षमता, मुखिया या एजेंट की मृत्यु तथा प्रतिसंहरण की स्थिति में एजेंसी समाप्त हो जाती है।

90. विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए

(A) सी.ओ.पी. 26 : ग्लासगो जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(B)  सी.ओ.पी. 25: लीमा जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(C) सी.ओ.पी. 24: मारकिश जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(D) सी.ओ.पी. 22 : काटोवीस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(E) सी.ओ.पी. 21: पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A और E
Solution:सही उत्तर निम्न है-

(a) COP 26 - ग्लासगो जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(b) COP 25 - मैड्रिड जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(c) COP 24 - कोटोवीक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(d) COP 22 - मार्गकेश जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
(e)COP 21 - पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन