यू.जी.सी./एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिस. 2020-जून 2021 (मनोविज्ञान)

Total Questions: 100

91. एक मनौवैज्ञानिक एच. एस. एस. सी. विद्यार्थियों के लिए अंग्रजी भाषा प्रयोग परीक्षण बनाना चाहता है। उसने भाषा प्रयोग में विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित 120 प्रश्न बनाएं। प्रत्येक प्रश्न के पांच उत्तर विकल्प दिए जिनमें से एक सही था। परीक्षण के प्रारूप संस्करण को 200 विद्यार्थियों के एक प्रतिदर्श पर दिया गया।

परीक्षण के मदों का दो प्रकार से विश्लेषण किया गया। एक मद-बाकी मद सह-सम्बन्ध तथा दूसरा मद विभेदीकरण सूचकांक। मद-विभेदीकरण सूचकांक प्राप्त करने के लिए उसने 27 से नीचे वालों को नित्न अंकगणक तथा 73 से ऊपर वालों को उच्च अंकगणक विषयी (पी. 27 तथा पी. 73 के मूल्य पूरी संख्या में हो)।

विभेदीकरण सूचकांक की सांख्यिकी सार्थकता का निर्धारण किया गया। अन्ततः मद विश्लेषण में 90 मद रखे गए। फिर इस नयें संस्करण को नये 400 विषयियों के प्रतिदर्श पर प्रशासित किया गया। क्रोनबैक एल्फा का निर्धारण किया

परन्तु उसने यह भी सोचा कि परीक्षण की के. आर. विश्वसनीयता की भी जांच की जाए क्योंकि क्रोनबैक एल्फा उच्च 947 था तथा परीक्षण काफी लम्बा है तो उसने परीक्षण के दो समानान्तर प्रारूप तैयार करने का निर्णय लिया जिसमें प्रत्येक में 45 मद होंगे प्रारूप (A) और (B) में यादृच्छित रूप से 45-45 मद रखें।

प्रत्येक प्रारूप के लिए उसने औसत अन्तमद सहसम्बन्ध, मध्यमान, मानक विचलन तथा क्रोनबैक एल्फा की गणना की गई। दोनों प्रारूपों ने समानान्तर प्रारूप के आधारभूत मानदण्ड प्राप्त किए।

निम्न गणक समूह में 30 विद्यार्थियों ने प्रथम मद पास किया तथा उच्चगणक समूह में 56 विद्यार्थियों ने पास किया। इस आधार पर मद न. I का विभेदीकरण सूचकांक क्या होगा? 

Correct Answer: (b) 0.481
Solution:

निम्न गणक समूह में 30 विद्यार्थियों ने प्रथम मद पास किया तथा उच्चगणक समूह में 56 विषयियों ने पास किया। इस आधार पर मद नं.-1 का विभेदीकरण सूचकांक 0.481 होगा।

92. विभेदीकरण सूचकांक की सांख्यिकिए सार्थकता मापने के लिए निम्न परीक्षणों में से किसका उपयोग किया जा सकता है?

Correct Answer: (a) काई, सूक्येर परीक्षण
Solution:

विभेदीकरण सूचकांक की सांख्यिकीय सार्थकता मापने के लिए काई-स्कावयर परीक्षण का उपयोग किया जाता है। काईस्क्वाय परीक्षण , जिसे परीक्षण के रूप में भी लिखा जाता है, एक सांख्यिकीय परिकल्पना परीक्षण है, जो कि प्रदर्शन करने के लिए मान्य है।

93. प्रारूप A का सम्भावित क्रोनबेक एल्फा क्या होगा?

Correct Answer: (b) .899
Solution:

प्रारूप A का सम्भावित क्रोन बैक एल्फा 0.899 है। क्यों कि क्रोनबैक एल्फा ने प्रत्येक प्रारूप के लिए Aव B मद रखे। जिसमें उसने औसत अन्तमद सह-सम्बन्ध, मध्यमान, मानक विचलन तथा क्रोनबैक उल्फा की गणना की गई। दोनों प्रारूपों ने समानान्तर प्रारूप के आधार भूत मानदण्ड प्राप्त किए।

94. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखिते है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A) : उपरोक्त परीक्षण में के. आर. विश्वसनीयता का परिकलन सम्भव नहीं क्योंकि प्रत्येक मद के पाँच विकल्प हैं।
कारण (R): के. आर. विश्वसनीयता केवल तब ही परिकल्पित की जा सकती है जब मदों का अंकन दो अंकों में किया जाता हो।
उपरोक्त कथन के अलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) (A) सही हैं नहीं लेकिन (R) सही हैं।
Solution:

कुडर- रिचर्डसन विश्वसनीयता (K-R reliability) चर के साथ एक परीक्षण के लिए एक विश्वसनीयता है। विश्वसनीयता से तात्पर्य है कि परीक्षण के परिणाम कितने सुसंगत हैं या परीक्षण वास्तव में कितना अच्छा है, जो आप इसे मापना चाहते हैं। तथा के. आर. विश्वसनीयता केवल तब ही परिकलित की जा सकती है, जब मदों का अंकन दो अंको में किया जाता है।

अतः अभिकथन (A) सही नहीं है, परन्तु कारण (R) सही है।

95. अर्न्तमद सह-सम्बन्ध की गणना के लिए निम्न में से कौन सा उपयुक्त है?

Correct Answer: (d) फाई सहसम्बन्ध गुणांक
Solution:

अन्तर्मद सह सम्बन्ध की गणना के लिए फाईसहसम्बन्ध गुणांक उपयुक्त है। फाई सहसम्बन्ध गुणांक चतुष्कोष्ठि r के समान गुणन आधूर्ण विधि का एक विशेष प्रकार है। अन्तर केवल इतना है कि चतुष्कोष्ठि में rd चरों का विभाजन अवास्तविक होता है।

96. एक प्रायोगिक मनोवैज्ञानिक दो परिकल्पनाओं का परीक्षण करना चाहते थे। पहली परिकल्पना में प्रस्वावित था कि सामग्री का प्रकार (निरर्थक बनाम सार्थक) से दबाब का प्रभाव संयमित होगा। उस मनोवैज्ञानिक ने दबाव (A) को तीन स्तरों पर (न्यून, मध्यम और उच्च) और सामग्री की प्रकार (B) को दो स्तरों पर जोड़ तोड़ करके छः समूह बनाया।

आरंभिक विषयी में से प्रयोज्य व्यक्तियों को यादृच्छिक रूप से इन समहों में समनुदिष्ट किया गया। 15 सीवीसी ट्राईग्राम की सूची में निरर्थक सामग्री थी और 15 त्रिवर्णीय सार्थक शब्दों की सूची में सार्थक सामग्री शामिल थी।

सूची के अधिगम के लिए अपेक्षित विचारण की संख्या (प्रदतः) आश्रित परिवर्त थी। प्राप्त प्रदतः का विश्लेषण प्रसरण के उपयुक्त विश्लेषण द्वारा किया गया। चयनित निष्कर्ष निम्नलिखित है:

1. छह समूहों के लिए बृहत्तर से लघुत्तम मानक विचलन का अनुपात एक के उचित सामीप्य में था।
2. त्रुटि प्रसरण के लिए स्वतंत्रता की सीमा 135 थी।
3. दबाव के प्रभाव के लिए F अनुपात 0.95 था।
4. प्रत्येक प्रभाव के लिए प्रभाव आकार का परिकलन एटा वर्ग और आंशिक एटा वर्ग दोनों प्राप्त करके किया गया।
उपयुक्त अभिकल्प की सर्वोत्तम व्याख्या निम्नलिखित में से किस रूप में की जा सकती है?

Correct Answer: (c) यादृच्छिक 3×2 असंतुलित कारक अभिकल्प
Solution:

अभिकल्प की सर्वोत्तम व्याख्या यादृच्छिक 3×2 असंतुलित कारक अभिकल्प के रूप में की जाती है। यादृच्छिक 3×2 असंतुलित कारक अभिकल्प एक प्रयोगात्मक डिजाइन है।

जो शोधकर्ताओं को एक आक्षित चर पर दो स्वतन्त्र के प्रभावों को समझने की अनुमति देता है। इस प्रकार के डिजाइन में, एक स्वतन्त्र चर के दो स्तर होते हैं और दूसरे स्वतन्त्र चर के तीन स्तर होते हैं।

97. उपर्युक्त उपात्त (प्रदःत) से पता चलता है:

Correct Answer: (a) कि प्रसरण समजातीयता की पूर्वधारणा पूरी होती है
Solution:

उपर्युक्त उपात्त (प्रदःत) से पता चलता है कि प्रसरण की समजातीयता की पूर्वधारणा पूरी होती है। क्योंकि प्रसरण की समजातीयता और प्रतिगमन मॉडल में समरूपता की धारणा महत्वपूर्ण है।

एनोवा में, जब भिन्नता की एकरूपता का उल्लंघन होता है तो शून्य परिकल्पना को गलत तरीके से खारिज करने की अधिक सम्भावना होती है।

98. उपर्युक्त परिणामों से पता चलता है किः

Correct Answer: (b) पहली परिकल्पना अस्वीकृत है
Solution:

उपर्युक्त परिणामों से पता चलता है कि पहली परिकल्पना अस्वीकृत है। क्योंकि किसी घटना की व्याख्या करने वाला कोई सुझाव या अलग-अलग प्रतीत होने वाली बहुत सी घटनाओं के आपसी सम्बन्ध की व्याख्या करने वाला कोई तर्क पूर्ण सुझाव परिकल्पना (hypothesis) कहलाता है। वैज्ञानिक विधि के के नियमानुसार आवश्यक है कि कोई भी परिकल्पना परीक्षणीय होनी चाहिए।

99. दूसरी परिकल्पना के मूल्यांकन के लिए निम्नलिखित में से किस F अनुपात का प्रयोग किया जाएगा?

Correct Answer: (c)
Solution:

दूसरी परिकल्पना के मूल्यांकन के लिए निम्नलिखित में से F अनुपात का उपयोग किया जाता है। जहाँ

100. उपर्युक्त परिणामों से पता चलता है कि अतदर्थ तुलनात्मक अध्ययनः

Correct Answer: (d) न तो दबाव के प्रभाव के लिए न ही सामग्री के प्रकार के लिए आवश्यक है
Solution:

उपर्युक्त परिणामों से पता चलता है कि अतदर्थ तुलनात्मक अध्ययन न तो दबाव के प्रभाव के लिए और न ही सामग्री के प्रकार के लिए आवश्यक है

क्योंकि अतदर्थ तुलनात्मक अध्ययन परीक्षणों का उपयोग तीन या अधिक समूह साधनों के बीच विशिष्ट अन्तरों को उजागर करने के लिए किया जाता है।